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तस्वीर: Ghorfa
समाज

जर्मनी में राजदूत होंगे लेबनान के नए प्रधानमंत्री

३१ अगस्त २०२०

जर्मनी में लेबनान के राजदूत मुस्तफा अदीब को सोमवार को देश का नया प्रधानमंत्री नामित किया जाएगा. नई सरकार बनाने के लिए उन्हें प्रमुख दलों का समर्थन भी हासिल है. धमाके के बाद हसन दियाब ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था.

https://www.dw.com/hi/lebanese-ambassador-adib-poised-to-be-designated-pm/a-54765273

जर्मनी में लेबनान के राजदूत मुस्तफा अदीब सोमवार को देश के नए प्रधानमंत्री नामित किए जाने वाले हैं. उन्हें मुख्य दलों का समर्थन नई सरकार बनाने के लिए मिला है. बेरूत धमाके के बाद लेबनान गंभीर आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहा है. ताजा राजनीतिक घटनाक्रम फ्रांस के राष्ट्रपति इमानुएल माक्रों के पिछले 48 घंटों में हुई कोशिशों का परिणाम है. लेबनानी अधिकारियों का कहना है कि माक्रों ने लेबनानी नेताओं से किसी एक उम्मीदवार पर सहमत होने का आग्रह किया था. इसी हफ्ते माक्रों लेबनान की यात्रा पर जाने वाले हैं.

लेबनान में विभाजित राजनीतिक नेताओं को एक उम्मीदवार पर सहमति बनाने की वैश्विक को कोशिश के हिस्से के रूप में काम कर रहे थे. बेरूत में 4 अगस्त को बंदरगाह पर हुए धमाके के बाद देश की तबाह अर्थव्यवस्था और वित्तीय संकट को दूर करने के लिए उठाया जा सके. बेरूत धमाके में 190 लोगों की मौत हुए गई थी.

फ्रांस के राष्ट्रपति के एक सूत्र ने बताया कि माक्रों ने शनिवार और रविवार को अदीब से फोन पर संपर्क में थे. सूत्र के मुताबिक, "राष्ट्रपति ने उन्हें बेरूत में चल रही वार्ता के बारे में जानकारी दी." पिछले हफ्ते लेबनान के नए प्रधानमंत्री के नाम पर सहमति नहीं बन पाई थी. लेबनान में एक प्रमुख सूत्र ने कहा कि अदीब के नाम पर सहमति बनाने में माक्रों की भूमिका बहुत अहम रही.

हसन दियाब की नेतृत्व वाली पिछली सरकार ने बेरुत में धमाके के बाद 10 अगस्त को इस्तीफा दे दिया था. इस विस्फोट के बाद राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन हुए और जनता के दबाव के बाद हसन दियाब ने इस्तीफा की घोषणा कर दी थी.

कौन हैं अदीब

मुस्तफा अदीब ने कानून और राजनीति विज्ञान में डॉक्टरेट की पढ़ाई की हैं और पूर्व प्रधानमंत्री नजीब मिकाती के सलाहकार के रूप में भी काम किया है, वे 2013 से जर्मनी में लेबनान के राजदूत के रूप में सेवारत हैं. गौरतलब है कि लेबनान की राजनीतिक और संप्रदाय व्यवस्था के तहत केवल एक सुन्नी मुसलमान ही प्रधानमंत्री का पद संभाल सकता है. रविवार की बैठकों में, अदीब को कई पूर्व प्रधानमंत्रियों का समर्थन हासिल हुआ, जिसमें साद अल-हरीरी की पार्टी भी शामिल थी, जो कि लेबनान का सबसे बड़ा सुन्नी राजनीतिक दल है.

राष्ट्रपति माइकल आउन नए प्रधानमंत्री को नामित करने के लिए सोमनार को औपचारिक सलाह करेंगे. राष्ट्रपति को ऐसे उम्मीदवार को मनोनीत करना होता है जिसे संसद के अधिकांश सदस्यों का समर्थन प्राप्त हो. शिया दलों के सूत्रों का कहना है कि हिज्बुल्लाह, अमल मूवमेंट और संसद के स्पीकर नबी बारी के नेतृत्व एक नए प्रधानमंत्री के परामर्श के दौरान मुस्तफा अदीब का समर्थन भी करेंगे.

एए/सीके (रॉयटर्स)

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