You need to enable JavaScript to run this app.
कंटेंट पर जाएं
मेन्यू पर जाएं
डीडब्ल्यू की अन्य साइट देखें
वीडियो
क्षेत्र
भारत
एशिया
जर्मनी
यूरोप
विषय
समानता
सेहत
मानवाधिकार
आप्रवासन
श्रेणी
राजनीति
अर्थव्यवस्था
विज्ञान और तकनीक
पर्यावरण
दुनिया रंग बिरंगी
विशेष
ईरान-युद्ध
वीडियो
लाइव टीवी
विज्ञापन
सेहत
समझिए सेहत से जुड़े हर पहलु को.
इस विषय पर सारी सामग्री को स्किप करें
इस विषय पर सारी सामग्री
ब्रेस्ट कैंसर के खतरे को पांच साल पहले पकड़ने वाला एआई
एक नए एआई मॉडल की मदद से स्तन कैंसर की जांच और स्क्रीनिंग प्रक्रिया पहले से कहीं ज्यादा प्रभावी होने की उम्मीद है.
बिहार: आखिर मां के दूध में कैसे पहुंचा यूरेनियम?
बिहार में स्तनपान करा रही महिलाओं के दूध में यूरेनियम की मौजूदगी ने प्रदूषण पर बहस को और तेज कर दिया है.
महिला मेडिकल स्टाफ के लिए अलग शौचालय क्यों जरूरी
अगस्त 2024 में एक ट्रेनी डॉक्टर के बलात्कार और हत्या के बाद से पश्चिम बंगाल में डॉक्टर लगातार रोष जता रहे हैं.
खुद से गर्भपात की कोशिश कर रही हैं अमेरिका की औरतें
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के गर्भपात पर फैसले के पहले और बाद हुए एक सर्वे में इसका पता चला है.
पुरुषों वाला कैंसर
शुगर का स्तर बढ़ने से गुर्दे और नसें खराब हो जाती हैं, जिससे दिल का दौरा भी पड़ सकता है. ये सब ना हो, इसलिए पैंक्रियाज दिन रात काम में लगा रहता है.
ऐसे याद रहेगा पूरा सिलेबस
दिमाग की सीखने की क्षमता कभी खत्म नहीं होती. दिमाग अपना काम सही से करता रहे, इसके लिए उसे विटामिन भी चाहिए होते हैं.
टॉन्सिल क्यों परेशान करता है
टॉन्सिल में सूजन की वजह से खाना खाने में, पानी पीने में और कुछ लोगों को तो सांस तक लेने में दिक्कत आने लगती है. अगर लगातार इंफेक्शन रहे, तो ये पूरे शरीर में भी फैल सकती है. इसलिए सबसे आसान तरीका होता है टॉन्सिल को निकलवा देना. समस्या को जड़ से ही उखाड़ दिया जाता है. बताया जाता है कि भारत में आज से तीन हजार साल पहले भी ये सर्जरी की जा रही थी.
अच्छे बालों के लिए क्या खाएं
क्या आपने ध्यान दिया है कि बाल कब कब अधिक झड़ते हैं? क्या पीरियड्स के दौरान आपके बाल ज्यादा गिरते हैं? क्या आपके बालों का आपकी monthly cycle से कोई लेना देना है? और क्या सही वक्त पर सही खाना खा कर आप बालों का झड़ना रोक सकते हैं?
कैंसर को ऐसे पहचानें
आप घर पर ही तरह तरह के कैंसर की पहचान कर सकते हैं. सेहत टॉक के इस वीडियो में समझें कि नहाते समय महिलाएं अपनी ब्रेस्ट की और पुरुष अपनी टेस्टीस की कैसे जांच कर सकते हैं. साथ ही बच्चों को और खुद को स्किन कैंसर से बचाने के लिए किस तरह का सन स्क्रीन लगाना चाहिए, ये जानकारी भी.
दर्द, मासपेशियां, प्रोटीन
कहते हैं मर्द को दर्द नहीं होता. लेकिन दर्द तो सबको होता है. क्या मर्दों को औरतों से कम दर्द महसूस होता है? और जिन लोगों को अकसर पीठ और टांगों में दर्द रहता है, क्या वो किसी बीमारी का शिकार हैं? क्या मांसपेशियों का ध्यान रखने से दर्द को कम किया जा सकता है? क्या प्रोटीन शेक लेने से मांसपेशियों को फायदा हो सकता है? जानिए, इन सब सवालों के जवाब.
मल का रंग देख कर समझें बीमारी को
मल के जरिए आपकी आंत आपको संदेश देने की कोशिश कर रही है. अगर मल का रंग काला है, तो वजह कोलन कैंसर हो सकता है. ये ऐसा कैंसर है जिसकी पहचान बहुत देर में होती है. इसलिए अपने मल की ओर ध्यान देना आपकी जान बचा सकता है. मल में अगर खून दिखे तो डॉक्टर के पास जाने में देर ना करें.
मेरे अंदर दो दो दिमाग?
हम अकसर कहते हैं कि पेट खराब है, पेट में दर्द है, पेट में मरोड़ उठ रही है, गुड़गुड़ हो रही है. अगर मैं आपको बताऊं कि ये सब दरअसल पेट में नहीं, कहीं और होता है, तो? अंग्रेज़ी में कहते हैं gut feeling. यानी जब कुछ बुरा होने वाला होता है, तो अंदर से एक अहसास होता है, एक आवाज आती है. कहां से आती है वो आवाज?
ये प्यार कैसे होता है?
किसी से प्यार हो जाने पर आप उसके बारे में सोचना बंद ही नहीं कर पाते. आपको लगता है ऐसा उस इंसान की वजह से हो रहा है. लेकिन दरअसल ऐसा दिमाग में चल रहे केमिकल लोचे की वजह से हो रहा होता है. जब आपको किसी से प्यार होता है तो आपके दिमाग में हॉर्मोन्स का ऐसा खेल शुरू होता है जिस पर आपका कोई बस नहीं चलता.
फोन से नुकसान
दिन भर फोन पर लगे रहने से आप अपना अंगूठा खराब कर रहे हैं. जल्द ही आपका अंगूठा smartphone thumb बन जाएगा. ये एक बीमारी है, जिसे WhatsAppitis भी कहा जाता है. शुरुआत होती है अंगूठे में दर्द या सूजन से. पहले पचास से अधिक उम्र के लोगों में ही ऐसा देखने को मिलता था. लेकिन अब जवान लोग भी इसका शिकार होने लगे हैं. अगर समस्या गंभीर हो जाए, तो बात मांसपेशियों की सर्जरी तक पहुंच जाती है.
बुखार होने पर बच्चे को ब्रांडी?
सर्दी के मौसम में या फिर बुखार या ज़ुकाम होने पर अकसर छोटे बच्चों को दूध में दो बूंद ब्रांडी मिला कर देने की हिदायत दी जाती है. ब्रांडी में ऐसा क्या होता है कि बच्चे की तबियत ठीक करने में मदद करती है? क्या दो बूंद देना काफी है? ऐसी और कौन कौन सी चीजें हैं जो बच्चों को दी जाती हैं लेकिन जिनके बारे में ठीक से कुछ पता नहीं है. क्या शराब हमें फायदा भी पहुंच सकती है?
गुस्सा आने पर क्या होता है?
क्या आपको कभी इतना गुस्सा आया है कि आपको लगा हो, जैसे आपके अंदर कोई ज्वालामुखी फट रहा है? सबसे अधिक गुस्सा लोगों को सड़क पर गाड़ी चलाते हुए आता है. कभी बत्ती के लाल हो जाने पर गुस्सा, तो कभी जाम लग जाने पर. सवाल यह उठता है कि गुस्सा आखिर आता ही क्यों है? गुस्सा आने पर शरीर के अंदर क्या सब चल रहा होता है? और क्या इस गुस्से को ऐसी दिशा दी जा सकती है जिससे इसके नुकसान को फायदे में बदल दिया जाए?
भूलता क्यों है दिमाग?
क्या आपको अपना पहला जन्मदिन याद है? नहीं ना. ना ही वो दिन जब आप पहली बार ज़ू गए थे या फिर जब पहली बार दादा जी का चेहरा देखा था. विज्ञान की भाषा में इसे Childhood Amnesia कहा जाता है. पहली बार साल 1893 में इसके बारे में पता चला था. आज सौ साल बाद भी यह पहेली बना हुआ है. बच्चे वैसे तो चीज़ें याद रखते हैं. उन्हें चेहरे भी याद रहते हैं, कौनसी चीज़ कहां रखी है, ये भी.
कितना नमक खाना चाहिए?
थायरॉइड देखने में कुछ-कुछ तितली जैसा होता है. चुपचाप हमारे गले में बैठा रहता है. थायरॉइड सभी अंगों का राजा माना जाता है. और इसे इसकी ताकत मिलती है हॉर्मोन्स से. ये हॉर्मोन्स इस बात का ध्यान रखते हैं कि आपका दिल ठीक से काम करे, आप ठीक से सांस ले सकें, खाना अच्छे से पचा सकें, शरीर का तापमान सही रहे, दिमाग अच्छे से काम करे. थायरॉइड आपके पीरियड्स और कामुकता पर भी असर डालता है.
सेक्स के दौरान शरीर में क्या होता है?
सेक्स के दौरान कुछ बातों का ख्याल ना रखा जाए, तो कुछ पलों की खुशी लंबे वक्त का गम बन सकती है. STD के आधे मामलों में लक्षण ना के बराबर होते हैं. इसलिए क्योंकि लोगों को खुद ही नहीं पता होता है कि वो संक्रमित हैं, तो वो अपने पार्टनर को भी संक्रमित कर देते हैं. STD की ओर लोगों का ध्यान अक्सर तब ही जाता है जब तकलीफ बहुत बढ़ जाती है. और फिर जब अहसास होता है, तब तक बहुत देर हो चुकी होती है.
प्रेग्नेंसी के लिए कॉन्डम
पहले के जमाने में बहुत कम ही सुनने को मिलता था कि किसी महिला को मां बनने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा हो. आज यह बहुत सामान्य हो चुका है. इसकी सबसे बड़ी वजह तो मॉडर्न लाइफस्टाइल में मौजूद स्ट्रेस है. लेकिन इसके अलावा और भी बहुत कुछ है, जिस पर अगर ध्यान दिया जाए, तो मां बनने की मुश्किलें कम की जा सकती हैं. जानिए कुछ टिप्स सेहत टॉक के इस एपिसोड में.
चार घंटे की नींद काफी है?
कुछ लोग चार घंटे सो कर भी फिट रहते हैं, तो कुछ आठ घंटे की नींद के बाद भी थका हुआ महसूस करते हैं. कुछ लोग बिस्तर में लेटते ही सो जाते हैं, तो कुछ देर रात तक करवटें बदलते रहते हैं. ऐसा क्यों होता है? क्या अच्छी नींद का कोई फॉर्मूला होता है? क्या बच्चों को फटाफट सुलाने की कोई तरकीब होती है? जानिए सेहत टॉक के इस एपिसोड में.
ब्लड ग्रुप कितने तरह के होते हैं
ब्लड ग्रुप कितने तरह के होते हैं? किसी को खून देते हुए किन बातों का ख्याल रखना चाहिए? ब्लड ग्रुप में पॉजिटिव और नेगेटिव क्या होता है? कोख में पल रहे बच्चे का ब्लड ग्रुप मां के ब्लड ग्रुप से अलग हो तो? जानिए इन सब सवालों के जवाब सेहत टॉक के नए सीजन के पहले वीडियो में.
दूध पिएं या ना पिएं
हमें बचपन से बताया गया है कि दूध संपूर्ण आहार है. कुदरत ने इस बात का ख्याल रखा है कि बच्चे को दुनिया में आते ही उसका खाना मिल जाए, मां के दूध की शक्ल में. इसमें विटामिन, मिनरल, कैल्शियम, फैट, प्रोटीन, वो सब होता है जो शिशु के विकास के लिए अहम होता है. लेकिन जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है दूध में मौजूद लैक्टोज को पचाने की हमारी क्षमता खत्म होती जाती है. दुनिया भर में 65 फीसदी व्यस्क lactose intolerant हैं.
सूंघ कर खोजते हैं हम अपना पार्टनर
गंध हमारी नाक से दिमाग के उस हिस्से में पहुंचती है जहां हमारी यादें और जज्बात मौजूद होते हैं. अमूमन महिलाओं की नाक पुरुषों से ज्यादा तेज होती है. प्रेग्नेंसी के दौरान तो सूंघने की ये क्षमता अलग ही लेवल पर पहुंच जाती है. महिला को अपने बच्चे को हर तरह के खतरे से बचाना होता है, अगर कोई खाना बच्चे के लिए अच्छा ना हो, तो उसे सूंघते ही गर्भवती महिला का उल्टी करने का मन करने लगता है.
टीएनजर्स के काम की बातें
हमारी नींद के चार चरण होते हैं. पहले नींद आने में कुछ मिनट लगते हैं, फिर हल्की नींद, उसके बाद गहरी नींद और आखिर में REM यानी रैपिड आय मूवमेंट. इस चरण में हमें सपने आते हैं. और पुरुषों में इस दौरान इरेक्शन भी होता है. क्योंकि इस वक्त जननांगों में अधिक खून पहुंचता है. ऐसे में कभी-कभी जो अतिरिक्त स्पर्म बने होते हैं, वो बाहर आ जाते हैं.
पुरुषों वाला हॉर्मोन
टेस्टोस्टेरोन महिलाओं और पुरुषों दोनों में होता है. बस, महिलाओं में ये कम बनता है. आप महिला हों या पुरुष टेस्टोस्टेरोन आपकी बोन डेंसिटी के लिए अहम होता है. लड़कों में प्यूबर्टी के दौरान टेस्टोस्टेरोन की मात्रा काफी बढ़ जाती है. इसी कारण दाढ़ी मूंछ आने लगती है, आवाज भारी होने लगती है और टेस्टोस्टेरोन स्पर्म प्रोडक्शन को बढ़ा देता है. यानी ये वो हॉर्मोन है जो पुरुषों की लैंगिकता के साथ जुड़ा हुआ है.
स्पर्म कैसे बनते हैं?
गुप्तांगों का काम है शुक्राणु बनाना ताकि आप बच्चे पैदा कर सकें. और ये बनते हैं अंडाशय में. बाकी स्तनपाइयों की तरह इंसानों में भी दो टेस्टिकल होते हैं. ये लिंग के ठीक नीचे स्क्रोटम नाम के थैलीनुमा अंगों में मौजूद होते हैं. एक सेकंड में ये टेस्टिकल 1500 शुक्राणु बना सकते हैं. यानी एक दिन में कुछ दस करोड़. और इन करोड़ों में से एक खुशकिस्मत स्पर्म अंडे के साथ फर्टिलाइज कर पाता है.
पुरुष जननांग की संरचना
महिलाओं और पुरुषों के शरीर में सबसे बड़ा अंतर होता है जननांगों का. जिन अंगों के कारण जीवन बनता है, उन पर कोई खुल कर बात नहीं करता. यहां तक कि जब जननांगों में कोई बीमारी हो जाए तो लोग डॉक्टर को ठीक से समझा भी नहीं पाते कि उन्हें परेशानी कहां है क्योंकि वे अपने शरीर की संरचना को समझते ही नहीं है.
बवासीर, एसिडिटी की वजह
खाने को पचाने के लिए बहुत स्ट्रॉन्ग एसिड की जरूरत पड़ती है. जब आप तला हुआ या बहुत मसालेदार खाना खाते हैं, तो शरीर ज्यादा गैस्ट्रिक एसिड बनाता है. कॉफी और शराब से भी यही होता है. अगर आप लगातार इसी तरह का खाना खा रहे हैं, तो आपके पेट का एसिड रेगुलेशन हमेशा के लिए खराब हो जाता है. ऐसे में आपको लगातार एसिडिटी और गैस की समस्या रहती है. इसीलिए आपको खट्टी डकार आती हैं, सीने में जलन होती है.
इतनी खूबसूरत कैसे?
पिछले सालों में कॉस्मेटिक सर्जरी की मांग खूब बढ़ी है. जिसके पास सर्जरी कराने के पैसे ना हों, उसके पास मेकअप और कपड़ों का विकल्प तो है ही. जिस देश में खूबसूरती की जो परिभाषा होती है, कंपनियां उस हिसाब से अपने प्रोडक्ट बदल लेती हैं. जैसे पश्चिमी देशों में जहां लोग जन्म से गोरे होते हैं, उन्हें ब्राउन स्किन का शौक होता है. इसके उलट भारत और आसपास के देशों में गोरा होना ही सुंदर होना कहलाता है.
हड्डियां खोखली होती जाती हैं और पता भी नहीं चलता
एक रोग है ऑस्टियोपोरोसिस, जिसमें इंसान की हड्डियां खोखली और कमजोर होती चली जाती हैं और इसका पता भी नहीं चलता.
पुरुषों से ज्यादा क्यों जीती हैं महिलाएं
पुरुषों और महिलाओं का जीवन काल अलग-अलग होता है. अमेरिका में इसमें अंतर बढ़ रहा है और यूरोप में कम हो रहा है.
शोध: नींद की कमी से महिलाओं में बढ़ता है मधुमेह का खतरा
एक शोध के मुताबिक महिलाओं में खासकर मेनोपॉज के बाद पर्याप्त नींद नहीं लेने से मधुमेह का खतरा हो सकता है.
हर छह में से एक व्यक्ति प्रजनन क्षमता में कमी से प्रभावित
विश्व भर में औसतन हर छह में से एक व्यक्ति प्रजनन क्षमता में कमी से प्रभावित है.
नेपाल में गर्भवती महिलाओं की इतनी बुरी हालत की वजह क्या है?
हेल्थ सिस्टम खराब होने के साथ-साथ और भी कई वजहें हैं, जिनके चलते गर्भवती महिलाओं को जान का खतरा बना रहता है.
PCOD होता है तो क्या होता है?
पीसीओडी एक हॉर्मोनल डिसऑर्डर है जिसमें महिला के शरीर में पुरुषों वाले हॉर्मोन अधिक बनने लगते हैं. इसके चलते पीरियड्स रेगुलर नहीं होते. ऐसा भी हो सकता है कि महीनों तक पीरियड्स ना हों. इस वजह से ऑव्यूलेशन भी ठीक से नहीं होता. ऐसे में कंसीव करना बहुत मुश्किल हो जाता है. कई महिलाओं के शरीर पर ज्यादा बाल भी आने लगते हैं, कुछ को मुहांसे आने लगते हैं, तो कुछ के बाल ज्यादा झड़ने लगते हैं.
थायरॉइड में टी3 और टी4 का चक्कर क्या है?
प्रेगनेंसी में अगर थॉयराइड ठीक से काम ना करे तो इससे एनीमिया यानी खून की कमी हो सकती है. कुछ मामलों में मिसकैरेज भी हो सकता है. या फिर बच्चा होने के बाद खूब ब्लीडिंग और बच्चा होने से पहले प्लसैंटा के खराब होने का खतरा बढ़ जाता है. इसलिए प्रेगनेंसी के शुरुआती तीन महीनों में मां के थॉयराइड ग्लैंड का ठीक से काम करना बहुत जरूरी होता है.
आत्महत्या के ख्याल क्यों आते हैं?
कोई बात हमें इतना खुश कर देती है कि हमें लगता है जैसे हम आसमान में उड़ने लगेंगे, तो कोई बात हमें इतना हताश कर देती है कि हमें उसकी वजह से बुखार आ जाता है, हमारी तबियत खराब हो जाती है या कई बार हम अपनी जान लेने पर मजबूर हो जाते हैं. हम इतने एक्स्ट्रीम रिएक्शन क्यों देते हैं?
तनाव से छुटकारा पाएं
आधुनिक जीवनशैली भले ही पहले के जमाने से आसान दिखे लेकिन इसने हमें खूब तनाव भी दिया है. आज की भागदौड़ वाली जिंदगी में स्ट्रेस से दूर रहना मुश्किल ही नहीं, नामुमकिन हो चुका है. ये स्ट्रेस हमें लगातार बीमार कर रहा है. तनाव का ही नतीजा है कि आज इतनी बड़ी संख्या में लोग दिल की बीमारियों, पीठ दर्द और पेट की दिक्कतों का सामना कर रहे हैं.
वजाइनल इंफेक्शन और यूटीआई में फर्क समझें
जब महिलाओं को इंफेक्शन होता है और वो डॉक्टर के पास जाती हैं, तो उन्हें ही समझ में नहीं आ रहा होता कि कहना क्या है, किन शब्दों में समझाएं कि हुआ क्या है. UTI महिलाओं और पुरुषों दोनों को ही हो सकता है क्योंकि यूरिनरी सिस्टम तो दोनों के ही पास है. लेकिन महिलाओं में ये ज्यादा होता है. पता है क्यों?
पीरियड्स से पहले मूड स्विंग्स क्यों होते हैं?
अकसर पीरियड्स शुरू होने से एक दो दिन पहले ही अहसास हो जाता है कि अब टाइम आ गया है. हल्का हल्का दर्द होने लगता है, थोड़ी बेचैनी सी होती है. लेकिन कुछ लड़कियों को सिर्फ एक दो दिन नहीं, बल्कि पांच सात दिन पहले से ही घबराहट होनी शुरू हो जाती है. वो थका हुई महसूस करती हैं, चिड़चिड़ी हो जाती हैं, बात बात पर गुस्सा आने लगता है. इसे PMS यानी प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम कहते हैं.
10,000 कदम चलना जरूरी नहीं
हाल में हुई रिसर्च दिखाती है कि रोज के साढ़े सात हजार कदम से ज्यादा चलने से सेहत को कोई खास फायदा नहीं होता है. चलने को आप चल सकते हैं लेकिन शरीर को इसकी कोई जरूरत नहीं है. यहां तक कि रोज के दो-चार हजार कदम चल कर भी आपको फायदा मिल सकता है. तो फिर ये 10,000 स्टेप्स का फितूर आखिर आया कहां से?
स्टीरियोटाइप्स से कैसे जीतते हैं, यह फातिमा से सीख सकते हैं
महिलाओं की फिटनेस पर कई समाज रूढ़िवादी सोच से निकल नहीं पाते. पर एक लड़की इसके लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है.
पेट दर्द की वजह
अचानक से पेट में दर्द उठना.. दिल के दौरे का संकेत भी हो सकता है.. खास कर महिलाओं में. अगर महिला के शरीर में खून का बहाव ठीक ना हो, दिल खून को ठीक से पंप ना कर पा रहा हो तो पेट में मरोड़ उठने लगती है. पेट आपका दुखे या बच्चे का, इसे नजरअंदाज मत कीजिए.
बाल क्यों झड़ते हैं?
हम जितना भी संतुलित आहार क्यों ना लें, हर रोज थोड़े बहुत बालों का गिरना नॉर्मल है. दिन भर में 50 से लेकर 100 बाल झड़ते ही हैं. अगर इससे ज्यादा गिर रहे हैं तो इसकी कई वजह हो सकती हैं.
कैसे बनती हैं दवाएं?
जब भी बाजार में कोई नई दवा आती है तो एक उम्मीद जगती है कि लाखों लोगों को इसका फायदा पहुंचेगा. लेकिन क्या आपको पता है कि आपके घर तक दवा को पहुंचने में कई बार बारह साल तक का वक्त लग जाता है. दस हजार दवाओं में से सिर्फ एक दवा को बाजार में आने की मंजूरी मिलती है.
सांसें क्यों फूलती हैं?
एक मिनट में हम 15 बार सांस लेते हैं. यानी एक बार सांस अंदर लेने में हमें दो सेकंड लगते हैं. फिर सांस छोड़ते हुए फिर दो सेकंड लगते हैं. और ये सब इतनी आराम से हो रहा होता है कि हमें इसका अहसास ही नहीं होता. लेकिन एक मिनट के लिए अगर सांस रुक जाए, तो क्या होगा..
लिवर कैसे खराब होता है?
दिमाग का काम है सोचना. दिल का काम है खून को पंप करना. पेट और आंतों का खाने को पचाना. लेकिन लिवर का काम क्या है? लिवर दरअसल ऑफिस के उस employee जैसा है जिसके बारे में कोई ठीक से नहीं जानता कि वो करता क्या है लेकिन जिस दिन वो बीमार पड़ता है तो ऑफिस का सारा काम धरा का धरा रह जाता है.
प्रेग्नेंसी में क्या ना खाएं?
जैसे ही लोगों को पता चलता है कि आप प्रेग्नेंट हैं, आप पर नसीहतों की बरसात हो जाती है. हर कोई बताने लगता है कि आपको क्या खाना चाहिए और क्या नहीं. क्या प्रेग्नेंसी में पपीता खाना वाकई खतरनाक है? क्या प्रेग्नेंसी में दो के लिए खाना खाना सच में जरूरी है? जानिए, प्रेग्नेंसी में किन खानों से बचना चाहिए और कितना वजन बढ़ना चाहिए.
बच्चे के लिए इतनी नसीहतें क्यों?
रोते हुए बच्चे को चुप कैसे कराएं? कैसे पता चलेगा कि बच्चा भूख की वजह से रो रहा है या दर्द की वजह से? जब बच्चा दुनिया में आता है, तो अपने साथ कई अनसुलझे सवाल भी ले कर आता है. नए नए मां बाप के पास अकसर इन सवालों के जवाब नहीं होते. और उन्हें लोगों से इतनी अलग अलग तरह की नसीहतें मिलती हैं कि समझ में ही नहीं आता कि क्या सही है और क्या गलत.
पिछला पेज
कुल 2 में से पेज 1
अगला पेज