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अमेरिका–ईरान बातचीत: पाकिस्तान ने दूसरा दौर सुझाया

आमिर अंसारी रॉयटर्स, एएनआई, आईएएनएएस | निखिल रंजन एपी, डीपीए, एएफपी, रॉयटर्स
प्रकाशित १४ अप्रैल २०२६आखिरी अपडेट १४ अप्रैल २०२६

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Pakistan Islamabad 2026 | JD Vance bei Pressekonferenz zu Friedensgesprächen mit Iran
तस्वीर: Akhtar Soomro/REUTERS
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आपके लिए अहम जानकारी

हिज्बुल्लाह के नेता ने इस्राएल के साथ लेबनान की बातचीत रद्द करने की मांग की

जर्मनी के समुद्र तट पर फंसी व्हेल की हालत बिगड़ी

नोएडा हिंसक प्रदर्शन के बाद यूपी सरकार ने बढ़ाई न्यूनतम मजदूरी

मध्य पूर्व की जंग पर चर्चा के लिए रूसी विदेश मंत्री चीन पहुंचे

सीएम पद से इस्तीफा देंगे नीतीश कुमार, बीजेपी के हाथ में पहली बार कमान

कथित यौन उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन पर टीसीएस ने अपनाया कड़ा रुख

जर्मनी में लुफ्थांसा के पायलटों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी, सैकड़ों उड़ानें रद्द

आईएमडी का पूर्वानुमान: 2026 में सामान्य से कम रह सकता है मानसून

मध्यपूर्व युद्ध का असर, एशिया में ईवी की मांग बढ़ी

तेल के निर्यात से रूस को मार्च महीने में बंपर कमाई

कोलंबिया में कई दर्जन हिप्पो मारे जाएंगे

पाकिस्तान ने अमेरिका ईरान को दूसरे दौर की बातचीत का प्रस्ताव दिया

भारत में फॉर्मूला 1 की वापसी के लिए टैक्स राहत की तैयारी को स्किप करें
१४ अप्रैल २०२६

भारत में फॉर्मूला 1 की वापसी के लिए टैक्स राहत की तैयारी

Formel 1 Singapur 2018 | Perez vor Vettel
योजना पहले मोटो जीपी कराने की है, उसके बाद एफ1 की वापसी होगीतस्वीर: Getty Images/C. Mason

भारत सरकार फॉर्मूला 1 (एफ1) की वापसी को आसान बनाने के लिए टैक्स संबंधी अड़चनों को दूर करने पर काम कर रही है. केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि अगले छह महीनों में आवश्यक प्रक्रियाएं तय कर ली जाएंगी और सरकार आयोजकों के लिए इसे व्यावहारिक बनाने को टैक्स में छूट दिलाने में मदद करेगी. उन्होंने बताया कि 2011–13 के दौरान भारत में एफ1 को जिन टैक्स समस्याओं का सामना करना पड़ा था, वही इसकी सबसे बड़ी बाधा रहीं.

मांडविया ने कहा कि ईरान युद्ध के चलते वैश्विक हालात में भारत को खेल आयोजनों के लिए सुरक्षित और उपयुक्त स्थान के रूप में देखा जा रहा है. योजना पहले मोटो जीपी कराने की है, उसके बाद एफ1 की वापसी होगी. उन्होंने बताया कि फेडरेशन ऑफ मोटर स्पोर्ट्स क्लब ऑफ इंडिया की एफ1 प्रबंधन से बातचीत चल रही है और सरकार केवल सुविधा प्रदाता की भूमिका निभाएगी. अगर एंटरटेनमेंट टैक्स पूरी तरह खत्म नहीं किया जा सका, तो आयोजकों को प्रोत्साहन देने के लिए इसकी भरपाई के विकल्प पर विचार होगा.

दिल्ली के पास बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट पर हुए तीनों भारतीय ग्रां प्री सेबास्टियन फेटेल ने जीते थे, लेकिन आयोजक जयप्रकाश समूह की वित्तीय दिक्कतों और टैक्स विवादों के कारण 2013 के बाद एफ1 भारत से चला गया. सर्किट ड्राइवरों के बीच लोकप्रिय रहा है और लुईस हैमिल्टन भी एफ1 की भारत वापसी की इच्छा जता चुके हैं. भारत में एफ1 का प्रसारण फैनकोड पर होता है और इसके 7.9 करोड़ से अधिक दर्शक हैं. अदाणी समूह द्वारा सर्किट अधिग्रहण की संभावनाएं भी एफ1 की वापसी की उम्मीदों को मजबूती दे रही हैं.

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इटली ने इस्राएल के साथ रक्षा सहयोग समझौता निलंबित किया को स्किप करें
१४ अप्रैल २०२६

इटली ने इस्राएल के साथ रक्षा सहयोग समझौता निलंबित किया

इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी
इटली ने इस्राएल के साथ रक्षा समझौता स्थगित करने की बात कही है तस्वीर: Nicolas Tucat/AFP/Getty Images

इटली ने इस्राएल के साथ रक्षा सहयोग समझौते को फिलहाल निलंबित कर दिया है. इटली की समाचार एजेंसी एएनएसए ने मंगलवार को यह जानकारी दी.
एएनएसए के मुताबिक इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने वेरोना के एक कार्यक्रम में कहा है, "मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए सरकार ने इस्राएल के साथ रक्षा समझौते का स्वतः नवीनीकरण स्थगित करने का फैसला किया है."

मेलोनी और उनकी दक्षिणपंथी सरकार यूरोप में इस्राएल की करीबी सहयोगी रही है. हालांकि हाल में इटली ने लेबनान में इस्राएल की सैन्य गतिविधियों की आलोचना की है. इटली के विदेश मंत्री अंटोनियो ताजानी ने हाल ही में लेबनान का दौरा किया और वहां राष्ट्रपति जोसेफ आओन से मुलाकात की. उनका कहना है कि वो "नागरिकों पर इस्राएल के अस्वीकार्य हमले के विरुद्ध इटली की एकजुटता दिखाने" वहां गए थे.
इटली के इस फैसले का क्या असर होगा इसके बारे में आधिकारिक जानकारी फिलहाल नहीं दी गई है. 

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जापान का ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन एक दशक में सबसे निचले स्तर पर को स्किप करें
१४ अप्रैल २०२६

जापान का ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन एक दशक में सबसे निचले स्तर पर

Indien Umweltverschmutzung rauchende Schornsteine in Kalkutta
सरकारी अधिकारियों ने बताया कि उत्सर्जन में कमी का एक प्रमुख कारण मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में उत्पादन घटने से ऊर्जा खपत का कम होना भी है.तस्वीर: Getty Images/AFP/D. Chowdury

जापान की नेट ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन मात्रा साल 25 में 1.9 प्रतिशत घटकर 99.4 करोड़ टन रह गई, जो बीते एक दशक से अधिक की अवधि में सबसे कम स्तर है. पर्यावरण मंत्रालय के अनुसार यह पहली बार है जब देश का विशुद्ध उत्सर्जन एक अरब टन से नीचे गया है. यह गिरावट आंशिक रूप से परमाणु और नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग में मामूली बढ़ोतरी के कारण हुई.

सरकारी अधिकारियों ने बताया कि उत्सर्जन में कमी का एक प्रमुख कारण मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में उत्पादन घटने से ऊर्जा खपत का कम होना भी है. वित्तीय वर्ष 2024 में जापान की 67.5 प्रतिशत बिजली अब भी कोयला, गैस और तेल से आई, जो पिछले वर्ष के 68.6 प्रतिशत से थोड़ा कम है. सरकार का लक्ष्य अगले 15 वर्षों में इस हिस्से को घटाकर 30–40 प्रतिशत करना है.

हालांकि जलवायु कार्यकर्ता इस प्रगति को अपर्याप्त मानते हैं. क्लाइमेट चेंज पर काम करने वाली संस्था किको नेटवर्क की अध्यक्ष मीए असाओका ने कहा कि ना तो कोयला आधारित बिजली उत्पादन में बड़ी कमी आई है और ना ही नवीकरणीय ऊर्जा में तेज बढ़ोतरी. जापान ने 2030 तक 2013 के स्तर से 46 प्रतिशत उत्सर्जन कटौती और 2050 तक कार्बन न्यूट्रलिटी का लक्ष्य तय किया है, लेकिन हाल ही में ऊर्जा संकट के चलते कोयला बिजली संयंत्रों पर कुछ प्रतिबंध अस्थायी रूप से हटाने के फैसले ने सवाल खड़े कर दिए हैं.

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यूक्रेन और जर्मनी मिल कर बनाएंगे ड्रोन को स्किप करें
१४ अप्रैल २०२६

यूक्रेन और जर्मनी मिल कर बनाएंगे ड्रोन

बर्लिन में यूक्रेनी राष्ट्रपति और जर्मन चांसलर
जर्मनी और यूक्रेन ने एक नई रणनीतिक साझेदारी का एलान किया है तस्वीर: Kay Nietfeld/dpa/picture alliance

यूक्रेन और जर्मनी के नेताओं ने मंगलवार को एक रणनीतिक साझेदारी का एलान किया. इसके तहत यूरोप, यूक्रेन से युद्ध भूमि की कुशलताओं को सीखना चाहता है. खासतौर से ड्रोन की लड़ाई में.

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की एक प्रतिनिधिमंडल के साथ मंगलवार को बर्लिन पहुंचे. यहां उन्होंने चांसलर फ्रीडरिष मैर्त्स और प्रमुख मंत्रियों से मुलाकात की. इस दौरान रूस के साथ यु्द्ध पर चर्चा हुई जो अब पांचवें साल में प्रवेश कर गया है. यूरोप की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था यूक्रेन के लिए सबसे बड़ी सैन्य सहायता देने वाला देश बन गया है. बीते कुछ समय से डॉनल्ड ट्रंप के नेतृत्व में यूक्रेन को अमेरिका सहायता में थोड़ी कमी आई है.

दूसरी तरफ जर्मनी अपने सैन्य क्षमताओं को मजबूत करने में जुटा है ताकि जरूरत पड़ने पर रूसी आक्रामकता का सामना कर सके. जर्मनी तेजी से अहम हो रही सैन्य ड्रोनों की भूमिका को देखते हुए यूक्रेन से इसकी तकनीकी बारीकियां सीखने का इच्छुक है.

जर्मन रक्षा मंत्री बोरिस पिस्टोरियस और उनके यूक्रेनी समकक्ष मिखाएलो फेदोरोव ने एक समझौते पर दस्तखत किए हैं जिसके तहत रक्षा मामलों में करीबी सहयोग बढ़ेगा. इस दौरान जेलेंस्की और मैर्त्स को कई जर्मन-यूक्रेनी प्रोजेक्ट के तहत बनाए जा रहे ड्रोन के मॉडल भी दिखाए गए. इस मौके पर जारी संयुक्त बयान में दोनों देशों ने, "एयर डिफेंस के क्षेत्र में सहयोग मजबूत करने" के अलावा यह भी कहा, "जर्मनी यूक्रेन के ड्रोन उद्योग को समर्थन देने के साथ ही ड्रोन के संयुक्त निर्माण की परियोजनाएं शुरू करेगा."

इस मौके पर जर्मन चांसलर मैर्त्स ने कहा कि यह ना सिर्फ यूक्रेन की रक्षा के लिए अहम है बल्कि "हमारे लिए फायदेमंद है, हमारी सुरक्षा के लिए भी क्योंकि यूरोप की किसी भी सेना का हाल के दशकों में युद्ध में वैसा परीक्षण नहीं हुआ है जैसा कि यूक्रेन का."
 

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जमीनी रास्ते से पहुंची ईरान में पहली मानवीय सहायता को स्किप करें
१४ अप्रैल २०२६

जमीनी रास्ते से पहुंची ईरान में पहली मानवीय सहायता

हमलो का शिकार बने रिहायसी इमारतों में राहत के काम में जुटे ईरानी रेड क्रिसेंट के सदस्य
ईरान में अमेरिका और इस्राएल के हमलो में 3000 से ज्यादा लोगों की मौत हुई हैतस्वीर: Iranian Red Crescent Society/Handout/REUTERS

अंतरराष्ट्रीय मानवीय सहायता समूहों का कहना है कि वे जमीनी रास्तों से ईरान तक आपातकालीन सहायता पहुंचा रही हैं. फरवरी के आखिर में ईरान पर शुरू हुए अमेरिकी और इस्राएली हमलों के बाद सहायता की पहली खेप अब ईरान पहुंची है. सहायता कर्मियों का कहना है कि छह हफ्तों तक चले हमलों के बाद वहां मदद की भारी जरूरत है. हालांकि साहयता सामग्री दुबई के गोदामों में फंसी है क्योंकि समुद्री और हवाई रास्ते बाधित हैं.
 
ईरानी अधिकारियों का कहना है कि ईरान में युद्ध के दौरान 3,000 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है. संयुक्त राष्ट्र की शरणार्थी एजेंसी का कहना है कि इसी दौर में करीब 32 लाख लोग विस्थापित हुए हैं.
 
इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ रेड क्रॉस और रेड क्रिसेंट सोसाइटी का कहना है कि उसने करीब 200 ट्रॉमा किट के साथ ही टेंट और कंबल ट्रकों में भर कर वहां भेजे हैं. आईएफआरसी के प्रवक्ता टोमासो डेला लोंगा ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि यह सामान तुर्की से एक नए रास्ते से भेजा गया है. इन ट्रकों ने रविवार को ईरानी सीमा में प्रवेश किया और मंगलवार को उनके राजधानी तेहरान में पहुंचने की उम्मीद है.   

करबला से ईरान के लिए राहत सामग्री ले कर जाते ट्रक
इराक के इमाम हुसैन श्राइन ने भी राहत सामग्री ईरान भेजी है तस्वीर: Anmar Khalil/AP Photo/picture alliance
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ईरान में चार लोगों को मौत की सजा सुनाई गईः रिपोर्ट को स्किप करें
प्रकाशित १४ अप्रैल २०२६आखिरी अपडेट १४ अप्रैल २०२६

ईरान में चार लोगों को मौत की सजा सुनाई गईः रिपोर्ट

ईरान के अदालत की एक प्रतीकात्मक तस्वीर
ईरान में एक महिला समेत चार लोगों को मौत की सजा सुनाने की खबर आई है तस्वीर: IRNA

ईरान के न्याय प्रशासन ने एक महिला समेत चार लोगों को मौत की सजा सुनाए जाने की खबर आई है. इन लोगों को जनवरी में हुए विरोध प्रदर्शनों से जुड़े मामलों में सजा सुनाई गई है. कई गैर-सरकारी अधिकार समूहों ने मंगलवार को यह जानकारी दी.

कार्यकर्ताओं का कहना है कि ईरान पहले ही सात लोगों को उन प्रदर्शनों के सिलसिले में मौत की सजा दे चुका है. कार्यकर्ताओं के मुताबिक विरोध प्रदर्शनों के खिलाफ सुरक्षा बलों की कार्रवाई में हजारों लोगों की मौत हुई है और दसियों हजार लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

अधिकार समूह ईरान की सरकार पर मौत की सजा को दमन के हथियार के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हैं. उन्हें यह भी डर है कि इस्राएल और अमेरिका के खिलाफ जंग को देखते हुए बड़ी संख्या में लोगों को मौत की सजा दी जा सकती है.

तेहरान रेवॉल्यूशनरी कोर्ट की सुनवाई में इन चार लोगों को मौत की सजा सुनाई गई है. अदालत की अध्यक्षता जज इमाम अफशारी कर रहे थे. अफशारी ने इन लोगों को अमेरिका के इशारे पर गतिविधियां चलाने का दोषी माना है. अमेरिकी मानवाधाकार एजेंसी ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी (एचआरएनए) और अब्दुर्रहमान बोरोउमांद सेंटर ने अलग अलग बयान जारी कर यह जानकारी दी है.

इन लोगों को आवासीय इमारतों से कंक्रीट के टुकड़े राजधानी में सुरक्षा बलों पर फेंकने का दोषी माना गया है. हालांकि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि अदालत ने कब फैसला सुनाया. दोषी ठहराए गए लोगों में मोदम्मदरेजा माजिदी असल उनकी बीवी बिटा हेमाती के साथ ही बहरोज जामानिनेजाद और कोरुष जमानिनेजाद शामिल हैं. ये सभी तेहरान की एक ही इमारत में रहते हैं.

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सम्राट चौधरी बने बीजेपी विधायक दल के नेता, सीएम बनना तय को स्किप करें
१४ अप्रैल २०२६

सम्राट चौधरी बने बीजेपी विधायक दल के नेता, सीएम बनना तय

Indien Patna 2026 | Rajya-Sabha-Wahlen in Bihar | Samrat Choudhary & Nitin Nabin
सम्राट चौधरी को बीजेपी विधायक दल का नेता चुना गयातस्वीर: Pappi Sharma/ANI

बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को मंगलवार, 14 अप्रैल को बीजेपी विधायक दल का नेता चुना गया. इसके साथ ही वे पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के उत्तराधिकारी के रूप में सामने आ गए हैं. वे बीजेपी के ऐसे पहले नेता होंगे, जो बिहार के मुख्यमंत्री बनेंगे.

सम्राट चौधरी का कद पिछले कुछ महीनों में तेजी से बढ़ा है. पिछले साल विधानसभा चुनाव में एनडीए की प्रचंड जीत के बाद उन्हें राज्य का गृह मंत्री बनाया गया था. दो दशक बाद पहली बार यह अहम मंत्रालय बीजेपी के पास आया, जिसे राजनीतिक हलकों में गठबंधन के शक्ति-संतुलन में बड़े बदलाव के संकेत के रूप में देखा गया.

बीजेपी के रणनीतिकार मानते हैं कि संगठन और सरकार दोनों में मजबूत पकड़ रखने वाले सम्राट चौधरी आने वाले दौर में एनडीए के चेहरे होंगे. नीतीश कुमार के लंबे कार्यकाल के बाद यह बदलाव बिहार की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत माना जा रहा है, जहां नेतृत्व धीरे‑धीरे बीजेपी के हाथों में शिफ्ट होता दिख रहा है.

इससे पहले नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था. नीतीश अब संसद के ऊपरी सदन राज्यसभा में दिखाई देंगे. राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि बिहार में उनके बेटे निशांत कुमार को कोई अहम भूमिका सौंपी जा सकती है. 

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कम वेतन, बढ़ता किराया: नोएडा के मजदूर प्रदर्शन पर राहुल गांधी का सरकार पर निशाना को स्किप करें
१४ अप्रैल २०२६

कम वेतन, बढ़ता किराया: नोएडा के मजदूर प्रदर्शन पर राहुल गांधी का सरकार पर निशाना

Indien Noida | Fabrikarbeiterproteste eskalieren zu gewaltsamen Ausschreitungen
नोएडा में सोमवार को प्रदर्शन के दौरान हिंसा हुई थीतस्वीर: ANI Photo

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने मंगलवार (14 अप्रैल) को नोएडा में न्यूनतम वेतन की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे मजदूरों के समर्थन में आवाज उठाई. उन्होंने इस आंदोलन को देशभर के श्रमिकों की आर्थिक पीड़ा का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह उन मजदूरों की "आखिरी चीख" है, जिनकी बात लगातार अनसुनी की गई.

Indien Noida | Fabrikarbeiterproteste eskalieren zu gewaltsamen Ausschreitungen
नोएडा में मंगलवार को भी विरोध प्रदर्शन हुएतस्वीर: ANI Photo

एक्स पर पोस्ट करते हुए राहुल गांधी ने मजदूरों की आय और खर्च का जिक्र किया. उन्होंने लिखा कि नोएडा में एक मजदूर की मासिक आय करीब 12,000 रुपये है, जबकि किराया 4,000 से 7,000 रुपये तक होता है. उन्होंने कहा कि मजदूर को सालभर में जहां 300 रुपये की वेतन वृद्धि मिलती है, वहीं मकान मालिक किराया 500 रुपये बढ़ा देते हैं.

राहुल गांधी ने बढ़ती महंगाई को मजदूरों के लिए "घुटन पैदा करने वाली" बताते हुए कहा कि इससे वे कर्ज के दलदल में फंसते जा रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि बढ़ती कीमतों और ठहरी हुई मजदूरी के कारण श्रमिकों को लंबी अवधि तक काम करने के लिए मजबूर होना पड़ता है, और यही "विकसित भारत" की जमीनी हकीकत है.

बेकार कपड़ों का बेहतर इस्तेमाल

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ओरबान की हार से दुखी हैं जेडी वैंस लेकिन हंगरी को सहयोग देगा अमेरिका को स्किप करें
१४ अप्रैल २०२६

ओरबान की हार से दुखी हैं जेडी वैंस लेकिन हंगरी को सहयोग देगा अमेरिका

बुडापेस्ट में संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में जेडी वैंस और विक्टर ओरबान
जेडी वैंस ने बुडापेस्ट में विक्टर ओरबान के लिए समर्थन मांगा था तस्वीर: Bernadett Szabo/REUTERS

अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेडी वैंस का कहना है कि हंगरी के प्रधानमंत्री विक्टर ओरबान की हार से वे दुखी हैं हालांकि उनका देश नए प्रधानमंत्री के साथ सहयोग करेगा. सोमवार को अमेरिकी प्रसारक फॉक्स न्यूज से जेडी वैंस ने कहा कि उन्हें "दुख" है कि ओरबान हार गए.

जेडी वैंस ने कहा कि उन्हें विक्टर ओरबान के लिए चुनाव प्रचार करने का कोई दुख नहीं है. सप्ताहांत में हुए हंगरी के चुनाव में विक्टर ओरबान बुरी तरह पराजित हुए. वह 16 साल से हंगरी का शासन संभाल रहे थे. रविवार के चुनाव से ठीक पहले जेडी वैंस बुडापेस्ट गए थे. वहां उन्होंने दक्षिणपंथी लोकलुभावन नेता विक्टर ओरबान के प्रति अपना समर्थन जताते हुए लोगों से वोट मांगा. जेडी वैंस का कहना है कि ओरबान उन गिने चुने नेताओं में हैं जिन्होंने यूरोपीय संघ की ब्यूरोक्रैसी के खिलाफ खड़े हुए. वैंस के मुताबिक यह ब्यूरोक्रैसी अमेरिका और अमेरिकी कंपनियों के लिए बहुत खराब साबित हुई है.

हंगरी चुनाव में तीसा पार्टी के पेटर मॉजार को प्रचंड बहुमत मिला है और ओरबान हार गए हैं. जेडी वैंस का कहना है, "मैं निश्चित तौर पर कह सकता हूं कि हम हंगरी के अगले प्रधानमंत्री के साथ भी मिल कर काम करेंगे."
 

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मध्यपूर्व युद्ध का असर, एशिया में ईवी की मांग बढ़ी को स्किप करें
१४ अप्रैल २०२६

मध्यपूर्व युद्ध का असर, एशिया में ईवी की मांग बढ़ी

China Shenzhen 2009 | Hybridauto-Ladestation am BYD-Showroom
ईंधन महंगा होने से लोग अब ईवी की ओर रुख कर रहे हैंतस्वीर: Alex Hofford/dpa/picture alliance

मध्यपूर्व युद्ध के कारण ईंधन की कीमतों में तेज उछाल के बीच दक्षिण‑पूर्व एशिया में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की बिक्री तेजी से बढ़ी है. कच्चे तेल की आपूर्ति में गिरावट से बुरी तरह प्रभावित एशियाई देशों में उपभोक्ता पेट्रोल‑डीजल की बढ़ती लागत से बचने के लिए ईवी की ओर रुख कर रहे हैं.

इस स्थिति का सबसे अधिक लाभ वियतनाम की अग्रणी ईवी कंपनी विनफास्ट और चीनी निर्माताओं, खासकर बीवाईडी को मिल रहा है. मार्च में वियतनाम में विनफास्ट की वार्षिक बिक्री 127 प्रतिशत बढ़कर 27,600 वाहन पहुंच गई. कंपनी के मुताबिक अब ग्राहक कार खरीदते समय ईंधन खर्च को सबसे अहम मानदंड मान रहे हैं और बड़ी संख्या में पेट्रोल वाहनों से इलेक्ट्रिक की ओर बदलाव कर रहे हैं.

वियतनाम के बाहर भी ईवी की मांग में तेजी देखी जा रही है. थाईलैंड के बैंकॉक ऑटो शो में बीवाईडी को सबसे ज्यादा ऑर्डर मिले, जबकि फिलीपींस में भी डीलरशिप पर ग्राहकों की भारी भीड़ है. तेल की कीमतें युद्ध शुरू होने के बाद से करीब 50 प्रतिशत बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच चुकी हैं.

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सबसे बुजुर्ग गोरिल्ला ने मनाया 69वां जन्मदिन को स्किप करें
१४ अप्रैल २०२६

सबसे बुजुर्ग गोरिल्ला ने मनाया 69वां जन्मदिन

बर्लिन में 69वां जन्मदिन मनाती फाटू गोरिल्ला
बर्लिन के चिड़ियाघर में रहने वाली फाटू सबसे बुजुर्ग गोरिल्ला हैतस्वीर: Markus Schreiber/AP Photo/picture alliance

पिंजरे में रहने वाले दुनिया के सबसे बुजुर्ग मादा गोरिल्ला फाटू का सोमवार को 69वां जन्मदिन मनाया गया. बर्लिन जू में इस मौके पर उसके लिए खास भोजन की व्यवस्था की गई थी. चेरी टमेटो, बीट और लेटूस समेत कई और चीजें उसके लिए लाई गई थीं. हालांकि इनमें केक शामिल नहीं था क्योंकि उसकी उम्र को देखते हुए यह सेहतमंद नहीं होता. 

फाटू पश्चिमी बर्लिन के चिड़ियाघर में 1959 में आई. उस वक्त उसकी उम्र करीब 2 साल रही होगी ऐसा माना जाता है क्योंकि उसके जन्मदिन का ठीक ठीक पता नहीं है. 13 अप्रैल उसका घोषित जन्मदिन है. गोरिल्ला जंगल में 35-40 साल तक जीते हैं हालांकि चिड़ियाघरों में उनकी उम्र उससे ज्यादा भी हो सकती है. 2024 में फाटू इस चिड़िया घर की सबसे बुजुर्ग निवासी बन गई. उस साल चिड़िया घर के सबसे बुजुर्ग प्राणी इंगो द फ्लेमिंगो की मौत हुई थी. 1955 में चिड़ियाघर में आने के बाद इंगो ने करीब 75 साल की उम्र में दुनिया छोड़ी. 

सब्जियां खाकर जन्मदिन मनाती फाटू
जंगल में गोरिला 35-40 साल तक जीते हैं हालांकि चिड़ियाघरों में ये ज्यादा भी जी सकते हैं तस्वीर: Markus Schreiber/AP Photo/picture alliance

माना जाता है कि फाटू का जन्म पश्चिमी अफ्रीका के जंगल में हुआ था. हालांकि कहानी यह है कि एक फ्रेंच नाविक उसे अफ्रीका से बाहर ले गया और फ्रांस के मार्से में अपने बार के बिल का भुगतान करने के लिए उसे दे दिया. यह कहानी गिनिज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज है. बाद में एक फ्रेंच पशु व्यापारी ने उसे चिड़ियाघर को बेच दिया.

इन दिनों फाटू अपने बाड़े में रहती है और चिड़िया घर के दूसरे गोरिल्लों से दूरी बनाकर रखती है. उसके दांत टूट गए हैं और उसे आर्थराइटिस भी है साथ ही उसे अब कम सुनाई देता है. 

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तुर्की के हाईस्कूल में गोलीबारी में सात लोग घायल को स्किप करें
१४ अप्रैल २०२६

तुर्की के हाईस्कूल में गोलीबारी में सात लोग घायल

गोलीबारी के बाद स्कूल पहुंचे सुरक्षा बल के जवान
तुर्की में हाईस्कूल पर हमला करने वाला उसी स्कूल का छात्र बताया जा रहा है तस्वीर: DHA

दक्षिणपूर्वी तुर्की के एक हाईस्कूल में एक हमलावर ने गोलीबारी कर कम से कम सात लोगों को घायल कर दिया है. इसमें कई छात्र भी शामिल हैं. अब तक मिली खबरों के मुताबिक हमलावर ने खुद को भी गोली मार ली है. स्थानीय मीडिया ने यह खबर दी है. सानलीउर्फा प्रांत के सेवेरेक जिले के इस स्कूल में विशेष सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है. छात्रों को वहां से सुरक्षित बाहर निकाला गया और हमलावर के समर्पण की कोशिश की गई.

तुर्की के हाईस्कूल में गोलीबारी के बाद वहां पहुंची पुलिस और दूसरे लोग
तुर्की के एक हाईस्कूल में गोलीबारी की घटना हुई हैतस्वीर: DHA

स्थानीय टीवी चैनलों पर दिखाई तस्वीरों में स्कूल के बाहर खड़ी एंबुलेंस और इमारत से भागते छात्रों को देखा जा सकता है. हमलावर के हाथ में एक शिकारी राइफल थी और तुर्की के टीवी चैनल एनटीवी के मुताबिक वह स्कूल का ही छात्र है. तुर्की में स्कूल में गोलीबारी की घटना दुर्लभ है.

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तेल के निर्यात से रूस को मार्च महीने में बंपर कमाई को स्किप करें
१४ अप्रैल २०२६

तेल के निर्यात से रूस को मार्च महीने में बंपर कमाई

क्यूबा में रूस का तेल टैंकर अनातोली कोलोदकिन
मार्च के महीने में तेल बेच कर रूस ने भारी कमाई की है तस्वीर: Yamil Lage/AFP

मार्च के महीने में तेल के कारोबार पर प्रतिबंधों से मिली छूट का रूस को जबर्दस्त फायदा हुआ है. अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी आईईए के मुताबिक रूस ने मार्च महीने में तेल बेच कर करीब 19 अरब अमेरिकी डॉलर का राजस्व हासिल किया है. फरवरी में रूस ने हर दिन करीब 3,20,000 बैरल कच्चा तेल बेचा था. यह आंकड़ा मार्च महीने में प्रति दिन लगभग 71 लाख बैरल तक जा पहुंचा.

इस्तांबुल में रूसी तेल टैंकर अकादेमिक गुबकिन
खाड़ी के देशों से आ रही तेल की सप्लाई में दिक्कत के कारण रूसी तेल की मांग तेज हो गई है तस्वीर: Yoruk Isik/REUTERS

मध्य पूर्व में जंग की वजह से तेल की सप्लाई में हो रही कमी को पूरा करने के लिए रूस को प्रतिबंधों से छूट मिली थी. यूक्रेन पर हमला करने के बाद रूस पर ये प्रतिबंध अमेरिका और दूसरे देशों ने लगाए थे. भारत समेत कई देशों को रूसी तेल खरीदने से अमेरिका ने रोका था. अमेरिका ने ईरान पर हमला शुरू करने के बाद कहा था कि सागर में जो तेल मौजूद है उसे देश खरीद सकते हैं. प्रतिबंधों में यह छूट 11, अप्रैल तक के लिए दी गई थी. भारत को भी अमेरिका ने एक महीने के लिए रूसी तेल खरीदने की छूट दी थी. 

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कोलंबिया में कई दर्जन हिप्पो मारे जाएंगे को स्किप करें
१४ अप्रैल २०२६

कोलंबिया में कई दर्जन हिप्पो मारे जाएंगे

कोलंबिया की मागदालेना नदी में तैरता हिप्पो
कोलंबिया की सरकार ने कई दर्जन हिप्पो को मारने की योजना बनाई है तस्वीर: Fernando Vergara/AP Photo/picture alliance

कोलंबिया के अधिकारियों ने दर्जनों हिप्पो को मारने की मंजूरी दे दी है. ये हिप्पो देश के मध्य में मुक्त रूप से घूमते हैं. इनकी वजह से ग्रामीणों को दिक्कतें हो रही हैं और कई घरेलू जीवों की प्रजातियां खतरे में पड़ गई हैं. नशीली दवाओं का कुख्यात तस्कर पाबलो एस्कोबार इन हिप्पो को यहां ले कर आया था. धीरे-धीरे इनकी संख्या बढ़ती चली गई. 

कोलंबिया की पर्यावरण मंत्री इरेने वेलेज का कहना है कि हिप्पो की आबादी पर नियंत्रण के पिछले प्रयास काफी खर्चीले और नाकाम साबित हुए हैं. कुछ हिप्पो को चिड़ियाघरों में भी रखा गया है. वेलेज का कहना है कि लगभग 80 हिप्पो को नई कोशिशों के तहत मारा जाएगा. उन्होंने यह नहीं बताया कि इन हिप्पो को मारने का काम कब शुरू होगा. वेलेज का कहना है, "अगर हम यह नहीं करेंगे तो हम उनकी आबादी को नियंत्रित नहीं कर पाएंगे. हमें अपने ईकोसिस्टम को बचाने के लिए यह कदम उठाना होगा."

आबादी पर नियंत्रण के लिए बाड़े में रखे गए हिप्पो
हिप्पो की आबादी को नियंत्रित करने के कोलंबिया सरकार के उपाय विफल रहे हैं तस्वीर: REUTERS

अफ्रीका के बाहर कोलंबिया अकेला देश है जहां जंगली हिप्पो की आबादी है. 1980 के दशक में एस्कोबार चार हिप्पो लेकर आया था. उसने अपना एक प्राइवेट जू बनाया था उसी के लिए ये हिप्पो लाए गए. इन्हीं चार हिप्पो का वंश धीरे-धीरे बढ़ कर अब कोलंबिया के लिए समस्या बन गया है. कोलंबिया की नेशनल यूनिवर्सिटी ने रिसर्च में आकलन किया कि 2022 में करीब 170 हिप्पो देश की सड़कों पर खुले रूप से घूम रहे थे. हाल में इन हिप्पो को एस्कोबार के रैंच से करीब 100 किलोमीटर दूर तक के इलाकों में देखा गया है. इनकी वजह से किसानों का बहुत नुकसान हो रहा है. इसके अलावा कई स्थानीय जीवों की प्रजातियों का भोजन के लिए संघर्ष इनकी वजह से बढ़ गया है.  

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पाकिस्तान ने अमेरिका ईरान को दूसरे दौर की बातचीत का प्रस्ताव दिया को स्किप करें
१४ अप्रैल २०२६

पाकिस्तान ने अमेरिका ईरान को दूसरे दौर की बातचीत का प्रस्ताव दिया

पाकिस्तान में शांति वार्ता के लिए होटल में लगा बिलबोर्ड
अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में पहले दौर की शांतिवार्ता विफल हो गई थीतस्वीर: Anjum Naveed/AP Photo/picture alliance

पाकिस्तान के अधिकारियों का कहना है कि अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की बातचीत का नया प्रस्ताव दिया है. उधर अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वैंस का कहना है कि ईरान के साथ बातचीत में "थोड़ी प्रगति हुई है." सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कहा, "दूसरे पक्ष ने हमें कॉल किया है" और "वे समझौते पर काम करना चाहते हैं."

पाकिस्तान के अधिकारियों ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर नए प्रस्ताव के बारे में समाचार एजेंसी एपी को जानकारी दी है. कई और सूत्रों ने यह जानकारी दी है कि अमेरिका और ईरान के अधिकारी बातचीत के लिए दोबारा पाकिस्तान आ सकते हैं. दो अधिकारियों ने बताया है कि संघर्ष विराम खत्म होने से पहले पाकिस्तान दूसरे दौर की बातचीत की मेजबानी करना चाहता है. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अगर दोनों पक्ष चाहेंगे तो यह बातचीत किसी और जगह भी हो सकती है. एक अधिकारी ने कहा कि पहले दौर की बातचीत जारी कूटनीतिक प्रक्रिया का हिस्सा था ना कि एक बार में खत्म हो जाने वाली बातचीत. 

ईरान और अमेरिका के बीच पाकिस्तान की मध्यस्थता में हुई शांति वार्ता विफल हो गई और दोनों पक्षों में कोई समझौता नहीं हो सका. इसके बाद अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की नाकाबंदी करने का एलान किया है. यह घेराबंदी सोमवार को लागू हो गई. ईरान के अधिकारियों ने इसका सख्ती से जवाब देने की बात कही है. 
 

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आमिर अंसारी, डीडब्ल्यू हिन्दी, नई दिल्ली
आमिर अंसारी डीडब्ल्यू के दिल्ली स्टूडियो में कार्यरत विदेशी संवाददाता.
निखिल रंजन
निखिल रंजन निखिल रंजन एक दशक से डॉयचे वेले के लिए काम कर रहे हैं और मुख्य रूप से राजनैतिक विषयों पर लिखते हैं.