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इराक: अमेरिकी सैन्य विमान दुर्घटना में सभी 6 सदस्यों की मौत

आयुष यादव एपी, एएफपी | आदर्श शर्मा एएनआई, रॉयटर्स
प्रकाशित १३ मार्च २०२६आखिरी अपडेट १३ मार्च २०२६

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अमेरिका का एक लड़ाकू विमान
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने पश्चिमी इराक में गुरुवार को दुर्घटनाग्रस्त हुए एक रिफ्यूलिंग विमान के संबंध में बताया है कि विमान में सवार सभी 6 सदस्यों की मौत हो गई है.तस्वीर: Sra Duncan C. Bevan/U.S Air/ZUMA/picture alliance
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इराक में अमेरिकी सैन्य विमान दुर्घटना में चालक दल के सभी 6 सदस्यों की मौत को स्किप करें
१३ मार्च २०२६

इराक में अमेरिकी सैन्य विमान दुर्घटना में चालक दल के सभी 6 सदस्यों की मौत

हवा में उड़ान भरता केसी 135 विमान
विमान में सवार चालक दल के सभी 6 सदस्यों की मौत की पुष्टि हो गई हैतस्वीर: Nicolas Economou/NurPhoto/picture alliance

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने पश्चिमी इराक में गुरुवार को दुर्घटनाग्रस्त हुए एक रिफ्यूलिंग विमान के संबंध में अपने पहले के आंकड़ों को संशोधित किया है. नई जानकारी के अनुसार, केसी-135 विमान में सवार चालक दल के सभी छह सदस्यों की मौत की आधिकारिक पुष्टि कर दी गई है.

इससे पहले शुक्रवार को ही, यूएस सेंटकॉम ने एक बयान जारी कर मरने वालों की संख्या चार बताई थी, जबकि बाकी बचे दो लापता सदस्यों की तलाश के लिए बचाव अभियान जारी था. लेकिन नए अपडेट के साथ यह स्पष्ट हो गया है कि इस भीषण हादसे में विमान में सवार कोई भी सदस्य जीवित नहीं बच सका है.

सेंटकॉम ने एक्स पर जानकारी दी कि 12 मार्च को 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के दौरान मित्र देशों के हवाई क्षेत्र में उड़ान भरते समय यह विमान दुर्घटना का शिकार हो गया. कमांड ने इस बात को दोहराया है कि घटना के सटीक कारणों की गहन जांच की जा रही है. साथ ही, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि उन्हें नहीं लगता कि यह हादसा किसी दुश्मन के हमले या अपनी ही सेना की गोलाबारी का परिणाम है.

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मस्कट में हुए हमले में दो भारतीयों की मौत, 10 घायल को स्किप करें
१३ मार्च २०२६

मस्कट में हुए हमले में दो भारतीयों की मौत, 10 घायल

हॉर्मुज स्ट्रेट में पेट्रोलिंग करता ओमान का एक जहाज
ओमान की राजधानी मस्कट के सोहार शहर में हुए हमले में दो भारतीय लोगों की मौत हो गईतस्वीर: Benoit Tessier/REUTERS

भारतीय विदेश मंत्रालय ने ओमान की राजधानी मस्कट के सोहार शहर में हुए एक हमले की जानकारी दी है. खाड़ी मामलों के संयुक्त सचिव असीम महाजन ने बताया कि सोहार शहर में एक हमला हुआ और इस हमले में दो भारतीय नागरिकों की मौत हो गई. इस घटना में 11 लोग घायल भी हुए, जिनमें से 10 भारतीय हैं. इनमें से पांच को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई, जबकि पांच का अभी भी इलाज चल रहा है.


 
उन्होंने इराक के बसरा में हमले की चपेट में आए जहाज सेफसी विष्णु से जुड़ी जानकारी भी साझा की. उन्होंने बताया कि जहाज के 15 क्रू मेंबरों को सुरक्षित बचा लिया गया और फिलहाल वे बसरा के एक होटल में रह रहे हैं. उन्होंने बताया कि इस हमले में एक भारतीय नाविक की मौत भी हुई थी, जिनके शव को वापस लाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि इस मामले में भारतीय मिशन पूरी मदद कर रहा है. 

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सरकार ने बताया, खाड़ी क्षेत्र में भारत के करीब 23,000 नाविक मौजूद को स्किप करें
१३ मार्च २०२६

सरकार ने बताया, खाड़ी क्षेत्र में भारत के करीब 23,000 नाविक मौजूद

मस्कट के समुद्र क्षेत्र में मौजूद पानी के जहाज
हॉर्मुज स्ट्रेट के दोनों तरफ अभी भारतीय झंडे वाले 25 से ज्यादा जहाज मौजूद हैंतस्वीर: Benoit Tessier/REUTERS

भारत सरकार ने शुक्रवार को बताया कि फिलहाल पूरे खाड़ी क्षेत्र में भारत के करीब 23 हजार नाविक मौजूद हैं. ये नाविक व्यापारिक जहाजों, अपतटीय जहाजों और बंदरगाहों पर काम कर रहे हैं. भारत के जहाजरानी मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि हॉर्मुज स्ट्रेट के दोनों तरफ अभी भारतीय झंडे वाले 25 से ज्यादा जहाज मौजूद हैं. 

उन्होंने प्रेस ब्रीफिंग में कहा, “हॉर्मुज स्ट्रेट के पश्चिम में, फारस की खाड़ी में, भारतीय झंडे वाले 24 जहाज मौजूद हैं, जिनमें करीब 677 भारतीय नाविक हैं…हॉर्मुज स्ट्रेट के पूर्व में, ओमान की खाड़ी में कल तक चार जहाज मौजूद थे लेकिन उनमें से एक जहाज ‘जग प्रकाश’, जो एक ऑयल टैंकर है, उस क्षेत्र से निकल गया है. बाकी तीन भारतीय झंडे वाले जहाजों में 76 भारतीय नाविक सवार हैं.”

उन्होंने यह भी बताया कि जहाजों पर हुए हमलों की घटनाओं में तीन भारतीय नागरिकों की मौत हुई है, जबकि एक नाविक लापता है. इसके अलावा, चार नाविकों को हल्की चोटें आई हैं लेकिन उन्हें बाहर ले आया गया है और उनका इलाज चल रहा है. 

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सरकार ने उपभोक्ताओं से की एलपीजी से पीएनजी पर शिफ्ट होने की अपील को स्किप करें
१३ मार्च २०२६

सरकार ने उपभोक्ताओं से की एलपीजी से पीएनजी पर शिफ्ट होने की अपील

अहमदाबाद में एक गैस एजेंसी के बाहर लगी भीड़
भारत सरकार का कहना है कि ऐसे 60 लाख परिवार हैं, जो तुरंत एलपीजी से पीएनजी पर शिफ्ट हो सकते हैं तस्वीर: Amit Dave/REUTERS

भारत सरकार ने लोगों को भरोसा दिलाया है कि देश में पेट्रोल-डीजल पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं और घबराने की कोई जरूरत नहीं है. पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने माना कि हॉर्मुज स्ट्रेट के बंद होने के चलते, भारत को होने वाली तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) की आपूर्ति प्रभावित हुई है और यह सरकार के लिए एक “चिंता का विषय” है. 

सुजाता शर्मा ने प्रेस ब्रीफिंग में देश की जनता से गुजारिश की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराहट में गैस सिलेंडर खरीदने से बचें. उन्होंने यह भी कहा कि कंप्रैस्ड नैचुरल गैस (सीएनजी) और घरों को पाइप्ड नैचुरल गैस (पीएनजी) की आपूर्ति देश भर में बिना किसी बाधा के जारी है. उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की कि जो लोग एलपीजी से पीएनजी पर शिफ्ट हो सकते हैं, वे तुरंत शिफ्ट हों. उन्होंने बताया है कि ऐसे 60 लाख परिवार हैं, जो तुरंत एलपीजी से पीएनजी पर शिफ्ट हो सकते हैं. 

भारत में एलपीजी की कमी का सामना मुख्य रूप से व्यावसायिक उपभोक्ताओं को करना पड़ रहा है, जिनमें होटल, रेस्तरां और स्ट्रीट फूड वेंडर्स आदि शामिल हैं. सुजाता शर्मा ने भी इस कमी को स्वीकार किया. उन्होंने कहा कि एलपीजी पर निर्भर कई वाणिज्यिक उपभोक्ता परेशनियों का सामना कर रहे हैं और सरकार उनकी चिंताओं को हल करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है. इस दौरान उन्होंने वाणिज्यिक उपभोक्ताओं से भी पीएनजी पर शिफ्ट होने की अपील की. 

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रूस पर प्रतिबंधों में ढील देना गलत: जर्मन चांसलर मैर्त्स को स्किप करें
१३ मार्च २०२६

रूस पर प्रतिबंधों में ढील देना गलत: जर्मन चांसलर मैर्त्स

एक कार्यक्रम के दौरान बोलते हुए जर्मनी के चांसलर फ्रीडरिष मैर्त्स
चांसलर मैर्त्स ने कहा, "चाहे जो भी कारण हो, अभी प्रतिबंधों में ढील देने का समय बिल्कुल नहीं है"तस्वीर: Jana Rodenbusch/REUTERS

जर्मन चांसलर फ्रीडरिष मैर्त्स ने शुक्रवार को रूस पर प्रतिबंधों में ढील देने के अमेरिकी फैसले की कड़ी आलोचना की है. ईरान युद्ध के कारण कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बावजूद, उन्होंने इस कदम को पूरी तरह से गलत ठहराया है. नॉर्वे के एंडोया की अपनी यात्रा के दौरान मैर्त्स ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में प्रतिबंधों को हटाना एक गलत संदेश देगा. उन्होंने जोर देकर कहा, "चाहे जो भी कारण हो, अभी प्रतिबंधों में ढील देने का समय बिल्कुल नहीं है."

नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर के साथ रूस के खिलाफ यूक्रेन के समर्थन पर चर्चा करते हुए मैर्त्स ने कहा कि मॉस्को अभी भी बातचीत करने की कोई इच्छा नहीं दिखा रहा है. इसलिए, क्रेमलिन पर दबाव और अधिक बढ़ाया जाना चाहिए. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जर्मनी और उसके सहयोगी देश यूक्रेन का मजबूती से समर्थन करना जारी रखेंगे और मध्य पूर्व का मौजूदा संघर्ष उनके इस अहम प्रयास से ध्यान नहीं भटका पाएगा.

चांसलर मैर्त्स की यह टिप्पणी अमेरिकी ट्रेजरी के उस हालिया फैसले के बाद आई है, जिसमें 11 अप्रैल तक रूसी कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की बिक्री की अनुमति देने वाला एक अस्थायी लाइसेंस जारी किया गया है. अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने इस फैसले का बचाव करते हुए कहा है कि ऊर्जा की तेजी से बढ़ती वैश्विक कीमतों के बीच आपूर्ति का विस्तार करने के उद्देश्य से ही यह कूटनीतिक कदम उठाया गया है.

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नॉर्वे दौरे पर पहुंचे जर्मन चांसलर फ्रीडरिष मैर्त्स को स्किप करें
१३ मार्च २०२६

नॉर्वे दौरे पर पहुंचे जर्मन चांसलर फ्रीडरिष मैर्त्स

नॉर्वे में मौजूद जर्मन चांसलर फ्रीडरिष मैर्त्स
जर्मन चांसलर फ्रीडरिष मैर्त्स नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर के साथ अंतरिक्ष सहयोग और नाटो रक्षा संबंधों पर उच्च स्तरीय वार्ता करेंगे.तस्वीर: Soeren Stache/dpa/picture alliance

जर्मन चांसलर फ्रीडरिष मैर्त्स शुक्रवार को नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर के साथ अंतरिक्ष सहयोग और नाटो रक्षा संबंधों पर उच्च स्तरीय वार्ता करेंगे. दोनों नेताओं ने अपने दिन की शुरुआत एन्डोया स्पेसपोर्ट के दौरे से की, जहां बवेरियन स्टार्टअप इसार एयरोस्पेस यूरोपीय उपग्रहों को कक्षा में ले जाने वाले रॉकेट लॉन्च करने की योजना बना रहा है. इस दौरान दोनों नेताओं ने अंतरिक्ष सहयोग को लेकर दोनों देशों की कंपनियों के साथ एक बैठक में भी हिस्सा लिया.

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अंतरिक्ष केंद्र के दौरे के बाद, चांसलर मैर्त्स प्रधानमंत्री जोनास और कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के साथ नाटो के कोल्ड रिस्पॉन्स सैन्य अभ्यास का निरीक्षण करने के लिए बार्डुफॉस सैन्य अड्डे पर जाने वाले हैं. इस विशाल सैन्य अभ्यास में थल, जल और वायु सेना के लगभग 11,800 सैनिक भाग ले रहे हैं, जिनमें करीब 1,600 जर्मन सैनिक भी शामिल हैं. इस दो दिवसीय महत्वपूर्ण यात्रा में जर्मन रक्षा मंत्री बोरिस पिस्टोरियस भी नॉर्वे पहुंचे हैं.

नाटो गठबंधन और अंतरिक्ष के क्षेत्र में बढ़ते सहयोग के अलावा, जर्मनी और नॉर्वे ऊर्जा संबंधों के माध्यम से भी एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं. आंकड़ों के अनुसार, 2024 में नॉर्वे ने जर्मनी के प्राकृतिक गैस आयात का लगभग 48 फीसदी हिस्सा आपूर्ति किया था. यह नॉर्वे को बर्लिन का सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा आपूर्तिकर्ता बनाता है, जबकि दूसरी ओर जर्मनी भी नॉर्वे का सबसे बड़ा गैस ग्राहक है.

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अमेरिका का दावा, घायल हैं ईरान के नए सर्वोच्च नेता को स्किप करें
१३ मार्च २०२६

अमेरिका का दावा, घायल हैं ईरान के नए सर्वोच्च नेता

अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ
मोजतबा को अमेरिका-इस्राएल युद्ध की शुरुआत में मारे गए अयातुल्लाह अली खमेनेई की जगह ईरान का नया सुप्रीम लीडर चुना गया हैतस्वीर: Rebecca Blackwell/AP Photo/picture alliance

अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया है कि ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खमेनेई न केवल घायल हैं, बल्कि उन्हें काफी क्षति पहुंची है. मोजतबा ने 28 फरवरी को अमेरिका-इस्राएल युद्ध की शुरुआत में बमबारी में मारे गए अपने पिता अली खमेनेई की जगह ली थी, लेकिन तब से वे पूरी तरह से सार्वजनिक नजरों से दूर हैं. यद्यपि ईरानी अधिकारियों ने उनके घायल होने की पुष्टि की है, लेकिन उनकी स्थिति के बारे में कोई और विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है.

रक्षा मंत्री हेगसेथ ने ईरान की घटती सैन्य ताकत पर भी बड़ा बयान दिया है. उनके अनुसार, ईरान की मिसाइल क्षमता में 90 फीसदी की भारी कमी आ गई है, जबकि वन-वे अटैक ड्रोन के इस्तेमाल में भी 95 फीसदी की गिरावट देखी गई है. हेगसेथ ने स्पष्ट किया कि लगातार हो रहे इन हमलों के बाद अब ईरान के पास और अधिक हथियार बनाने की क्षमता या बुनियादी ढांचा नहीं बचा है.

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मोजतबा खमेनेई द्वारा गुरुवार को जारी किए गए पहले सार्वजनिक बयान पर भी अमेरिका ने सवालिया निशान लगाए हैं. हेगसेथ ने इसे एक कमजोर बयान बताते हुए कहा कि यह सिर्फ एक लिखित संदेश था, जिसमें न तो मोजतबा की कोई आवाज थी और न ही कोई वीडियो. नए नेता द्वारा ईरानी लोगों से की गई एकजुटता की अपील पर तंज कसते हुए अमेरिकी रक्षा मंत्री ने कहा कि अपने ही देश के हजारों निर्दोष प्रदर्शनकारियों की हत्या करना संभवतः मोजतबा की नजर में एकजुटता का तरीका है.

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ताइवान ने दी अमेरिका के साथ बड़े हथियार समझौते को मंजूरी को स्किप करें
१३ मार्च २०२६

ताइवान ने दी अमेरिका के साथ बड़े हथियार समझौते को मंजूरी

ताइवान की संसद का एक नजारा
यह पैकेज वॉशिंगटन द्वारा दिसंबर में घोषित 11 अरब डॉलर के हथियार सौदे का ही एक अहम हिस्सा हैतस्वीर: Jameson Wu/IMAGO

ताइवान की संसद ने शुक्रवार को अमेरिका के साथ चार बड़े हथियार समझौतों को सर्वसम्मति से अपनी मंजूरी दे दी है. इसके साथ ही सरकार को लगभग 9 अरब डॉलर के इस रक्षा सौदे को आगे बढ़ाने के लिए हरी झंडी मिल गई है. यह पैकेज वॉशिंगटन द्वारा दिसंबर में घोषित किए गए 11 अरब डॉलर के हथियार सौदे का ही एक अहम हिस्सा है. हालांकि, ताइवान के रक्षा खर्च बढ़ाने में हिचकिचाहट ने अमेरिका में कुछ चिंताएं पैदा की थीं, लेकिन अमेरिका अभी भी उसका सबसे महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय समर्थक और हथियार आपूर्तिकर्ता बना हुआ है.

इस बहुप्रतीक्षित हथियार पैकेज में एंटी-टैंक मिसाइलें, सेल्फ-प्रोपेल्ड होवित्जर, लॉकहीड मार्टिन द्वारा निर्मित जेवलिन मिसाइलें और मल्टीपल लॉन्च रॉकेट सिस्टम जैसे घातक हथियार शामिल हैं. संसद के अध्यक्ष हान कुओ-यू ने सर्वसम्मति से पारित इस प्रस्ताव को पढ़ते हुए स्पष्ट किया कि ताइवान की संसद राष्ट्रीय सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और क्षेत्रीय अखंडता की दृढ़ता से रक्षा करने के सिद्धांत को कायम रखती है. उन्होंने सरकार से इन हथियारों की डिलीवरी का एक स्पष्ट कार्यक्रम पेश करने का भी आग्रह किया है ताकि संसद इसकी समीक्षा कर सके.

इस अहम समझौते से पहले ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने विपक्षी दलों को सख्त चेतावनी दी थी. मंत्रालय ने कहा था कि यदि अमेरिका के साथ इन हथियार समझौतों पर रविवार तक हस्ताक्षर नहीं किए गए, तो ताइवान यह डील खोने के गंभीर जोखिम में पड़ सकता है.

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पीएम मोदी ने असम में 4,570 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया को स्किप करें
१३ मार्च २०२६

पीएम मोदी ने असम में 4,570 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया

नैक्स्ट समिट में बोलते हुए पीएम मोदी
पीएम मोदी ने असम में तीन नई रेल सेवाओं को भी हरी झंडी दिखाईतस्वीर: DPR PMO/ANI

भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार, 13 मार्च को असममें 4,570 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया. इस दौरान उन्होंने कोकराझार में एक अहम सड़क परियोजना असम माला 3.0 का भूमिपूजन किया. इस योजना के तहत, असम में आवागमन को आसान बनाने के लिए 900 किलोमीटर लंबी सड़कें बनाई जाएंगी. इस योजना पर करीब 3,200 करोड़ रुपये खर्च होंगे. 

पीएम मोदी ने इस दौरान तीन नई रेल सेवाओं को भी हरी झंडी दिखाई. इनमें कामाख्या-चारलापल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस, गुवाहाटी-न्यू जलपाईगुड़ी एक्सप्रेस और नारंगी-अगरतला एक्सप्रेस शामिल हैं. कामाख्या-चारलापल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस, दक्षिण भारत को पूर्वोत्तर से जोड़ेगी. वहीं, बाकी दोनों ट्रेनें असम को पश्चिम बंगाल और त्रिपुरा से जोड़ेंगी.

असम उन राज्यों में शामिल है, जहां आने वाले महीनों में विधानसभा चुनाव होने हैं. चुनाव आयोग द्वारा चुनावों की घोषणा होते ही राज्य में आचार संहिता लागू हो जाएगी. उसके बाद किसी भी तरह की परियोजनाओं का शुभारंभ या शिलान्यास नहीं किया जा सकेगा. केंद्र और राज्य सरकार उससे पहले ही योजनाओं को हरी झंडी दिखा रही हैं. प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो के मुताबिक, पीएम मोदी आज गुवाहाटी में भी करीब 19,500 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शिलान्यास या अनावरण करेंगे. 

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वॉशिंगटन में लगाई गई ट्रंप और एप्सटीन की 'टाइटैनिक' के अंदाज वाली मूर्ति को स्किप करें
१३ मार्च २०२६

वॉशिंगटन में लगाई गई ट्रंप और एप्सटीन की 'टाइटैनिक' के अंदाज वाली मूर्ति

वॉशिंगटन में लगी अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप और जेफ्री एपस्टीन की मूर्ति
लगभग 12 फुट ऊंची यह मूर्ति 'द सीक्रेट हैंडशेक' नामक एक गुमनाम कलाकारों के समूह द्वारा स्थापित की गई हैतस्वीर: Andrew Leyden/ZUMA/picture alliance

वॉशिंगटन डीसी के नेशनल मॉल में एक नई सुनहरी मूर्ति लगाई गई है, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप और यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन को 'टाइटैनिक' फिल्म के एक चर्चित सीन के प्रेमियों के रूप में दर्शाया गया है. लगभग 12 फुट ऊंची यह मूर्ति 'द सीक्रेट हैंडशेक' नामक एक गुमनाम कलाकारों के समूह द्वारा स्थापित की गई है. यह इस समूह की तीसरी ऐसी कलाकृति है, जो इन दोनों के पिछले संबंधों पर राजनीतिक कटाक्ष करती है.

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यह मूर्ति 1997 की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'टाइटैनिक' के उस प्रसिद्ध दृश्य को दोहराती है, जहां फिल्म के किरदार जैक और रोज जहाज के अगले हिस्से पर हाथ फैलाये खड़े दिखाई देते हैं. इस कलाकृति में डॉनल्ड ट्रंप को एपस्टीन के पीछे बाहें फैलाए हुए खड़ा दिखाया गया है और वे वॉशिंगटन स्मारक की ओर देख रहे हैं. "किंग ऑफ द वर्ल्ड" नामक इस मूर्ति को सुनहरे रंग से रंगा गया है और इसके साथ लगी पट्टिकाएं दोनों के पुराने संबंधों पर तीखी टिप्पणी करती हैं.

व्हाइट हाउस ने इस कलाकृति के प्रदर्शन की कड़ी निंदा की है. उप प्रेस सचिव अबीगैल जैक्सन ने इसे राजनीतिक दोहरे मापदंड का प्रतीक बताया. उन्होंने सवाल किया कि अमीर डेमोक्रेट डोनर उन डेमोक्रेटिक नेताओं की मूर्तियां कब बनाएंगे, जिन्होंने यौन अपराधी के रूप में दोषी ठहराए जाने के बावजूद एपस्टीन से पैसे लेना और मुलाकातें करना जारी रखा था.

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इराक में अमेरिकी सैन्य विमान दुर्घटनाग्रस्त, चार जवानों की मौत को स्किप करें
१३ मार्च २०२६

इराक में अमेरिकी सैन्य विमान दुर्घटनाग्रस्त, चार जवानों की मौत

हवा में उड़ता अमेरिकी वायु सेना का लड़ाकू जहाज
इस सैन्य विमान में सवार छह में से चार सदस्यों की मौत हो गई हैतस्वीर: Master Sgt. Nicholas Priest/U.S. Air Force/UPI Photo/Newscom/picture alliance

अमेरिकी सेना ने शुक्रवार को पुष्टि की है कि पश्चिमी इराक में दुर्घटनाग्रस्त हुए एक अमेरिकी सैन्य विमान में सवार छह चालक दल के सदस्यों में से चार की मौत हो गई है. बाकी बचे दो लापता सदस्यों की तलाश और उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए बचाव अभियान जारी है.

अमेरिकी 'सेंट्रल कमांड' के बयान के अनुसार, गुरुवार को हुई इस रिफ्यूलिंग विमान दुर्घटना में एक अन्य विमान भी शामिल था, लेकिन यह किसी दुश्मन या अपनी ही सेना की गोलाबारी का परिणाम नहीं था. दुर्घटना के सटीक कारणों की जांच की जा रही है. इन मौतों के साथ ही ईरान के खिलाफ चल रहे अमेरिकी अभियानों में जान गंवाने वाले अमेरिकी सैनिकों की कुल संख्या बढ़कर 11 हो गई है.

अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अभियानों में हिस्सा लेने के लिए मध्य पूर्व में बड़ी संख्या में अपने विमान तैनात किए हैं. इस बीच, ईरान समर्थित सशस्त्र गुटों के एक प्रमुख समूह 'इस्लामिक रेजिस्टेंस इन इराक' ने इस अमेरिकी सैन्य रिफ्यूलिंग विमान को मार गिराने की जिम्मेदारी का दावा किया है.

ईरान युद्ध: क्या भारतीयों के लिए महंगे होंगे तेल और गैस?

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यूरोपीय संघ के देशों को ट्रांसजेंडर नागरिकों को देनी होगी सही आईडी: ईसीजे को स्किप करें
१३ मार्च २०२६

यूरोपीय संघ के देशों को ट्रांसजेंडर नागरिकों को देनी होगी सही आईडी: ईसीजे

ट्रांस अधिकारों को लेकर परेड करते हुए लोग
ईसीजे ने अपने फैसले में कहा है कि यूरोपीय संघ के सदस्य देशों को अपने ट्रांसजेंडर नागरिकों को पहचान दस्तावेज प्रदान करने होंगेतस्वीर: Guido Schiefer/IMAGO

यूरोपीय न्यायालय (ईसीजे) ने गुरुवार को एक फैसला सुनाते हुए कहा है कि यूरोपीय संघ (ईयू) के सदस्य देशों को अपने ट्रांसजेंडर नागरिकों को ऐसे पहचान दस्तावेज प्रदान करने होंगे जो जन्म के समय उनके लिंग के बजाय उनके "लिव्ड जेंडर" यानी वर्तमान जेंडर पहचान को दर्शाते हों.

यह मामला बुल्गारिया के सुप्रीम कोर्ट ऑफ कैसेशन द्वारा ईसीजे को भेजा गया था. बुल्गारिया की शीर्ष अदालत इस बात पर विचार कर रही थी कि क्या राजधानी सोफिया की सरकार कानूनी रूप से उस व्यक्ति के दस्तावेजों में बदलाव कर सकती है, जिसका जन्म एक पुरुष के रूप में हुआ था लेकिन अब वह एक महिला के रूप में अपनी पहचान रखता है. इससे पहले, बुल्गारिया की निचली अदालतों ने यह तय किया था कि देश के अधिकारियों को उस व्यक्ति का नाम, जेंडर या राष्ट्रीय रजिस्ट्री पिन बदलने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है.

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यूरोपीय न्यायालय ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि यदि पहचान दस्तावेजों में व्यक्ति की वर्तमान जेंडर पहचान नहीं दर्शाई जाती है, तो इससे उन्हें यात्रा करने के साथ-साथ अन्य दैनिक कार्यों में काफी असुविधाओं का सामना करना पड़ सकता है. ईसीजे ने कहा कि नागरिकों के 'लिव्ड जेंडर' का सम्मान करने से वे ब्लॉक के भीतर बिना किसी परेशानी के यात्रा कर सकेंगे. इसके साथ ही, अदालत ने इस बात पर भी जोर दिया कि पूरे यूरोपीय संघ में ईयू का कानून राष्ट्रीय कानूनों से ऊपर है और सर्वोच्चता रखता है.

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रूस पर दबाव बढ़ाने की रणनीति लेकर पेरिस पहुंचे जेलेंस्की को स्किप करें
१३ मार्च २०२६

रूस पर दबाव बढ़ाने की रणनीति लेकर पेरिस पहुंचे जेलेंस्की

एक दूसरे से हाथ मिलाते यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की और फ्रांस के राष्ट्रपति इमानुएल माक्रों
पेरिस पहुंचने से ठीक एक दिन पहले जेलेंस्की ने रोमानिया का भी दौरा किया थातस्वीर: Mustafa Yalcin/Anadolu Agency/IMAGO

यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की शुक्रवार को पेरिस पहुंच गए हैं. उनके प्रवक्ता सर्गेई निकिफोरोव ने पुष्टि की है कि जेलेंस्की फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमानुएल माक्रों के साथ रूस पर दबाव बढ़ाने के मुद्दे पर महत्वपूर्ण वार्ता करेंगे. दोनों नेताओं के बीच स्थानीय समयानुसार दोपहर की शुरुआत में मुलाकात होने और उसके बाद एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करने की उम्मीद है.

जेलेंस्की की यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब चार साल से चल रहे इस युद्ध को समाप्त करने के लिए अमेरिका की मध्यस्थता में कीव और मॉस्को के बीच चल रही शांति वार्ताएं, अमेरिका-इस्राएल और ईरान युद्ध के कारण पटरी से उतर गई हैं. इस बीच, क्रेमलिन ने इस सप्ताह की शुरुआत में कहा था कि यह प्रस्तावित बैठक शांति प्रक्रिया में बाधा डालेगी. रूस ने स्पष्ट किया है कि उस पर दबाव बनाने का प्रयास करने का विचार ही पूरी तरह से बेतुका है.

फ्रांसीसी राष्ट्रपति कार्यालय के अनुसार, इस वार्ता का मुख्य फोकस रूस के उन तेल टैंकरों के शैडो फ्लीट को निशाना बनाकर प्रतिबंधों का दबाव बढ़ाना है, जिनका उपयोग 2022 के आक्रमण के बाद लगे प्रतिबंधों का उल्लंघन करके तेल परिवहन के लिए किया जा रहा है. पेरिस पहुंचने से ठीक एक दिन पहले जेलेंस्की ने रोमानिया का भी दौरा किया था, जहां उन्होंने रक्षा संबंधों को और गहरा करते हुए संयुक्त ड्रोन उत्पादन शुरू करने पर एक अहम समझौता किया है.

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गैस की किल्लत के बीच नेपाल बेच रहा आधे भरे हुए गैस सिलेंडर को स्किप करें
१३ मार्च २०२६

गैस की किल्लत के बीच नेपाल बेच रहा आधे भरे हुए गैस सिलेंडर

नेपाल में गैस केंद्रों के बाहर लोग खाली सिलेंडर लेकर लाइन लगाकर खड़े हुए हैं
नेपाल में गैस केंद्रों के बाहर लोग खाली सिलेंडर लेकर लाइन लगाकर खड़े हुए हैंतस्वीर: Navesh Chitrakar/REUTERS

नेपाल ने जमाखोरी पर अंकुश लगाने के लिए आधे भरे हुए गैस सिलेंडर बेचना शुरू कर दिया है. सरकारी स्वामित्व वाली नेपाल ऑयल कॉर्पोरेशन (एनओसी) के कार्यकारी निदेशक चंद्रिका प्रसाद भट्टा ने कहा कि शुक्रवार, 13 मार्च से उपभोक्ताओं के खाली सिलेंडर, आधे ही भरे जाएंगे ताकि तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) का भंडार अधिक समय तक चल सके. 

चंद्रिका प्रसाद ने कहा कि देश में पर्याप्त एलपीजी होने का आश्वासन दिए जाने के बावजूद, उपभोक्ता घबरा रहे हैं. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, नेपाल में गैस केंद्रों के बाहर लोग खाली सिलेंडर लेकर लाइन लगाकर खड़े हुए हैं. वहीं, अधिकारियों का कहना है कि नेपाल में हर महीने 14.2 किलोग्राम वजन वाले करीब 45 हजार सिलेंडरों की जरूरत होती है और फिलहाल एलपीजी सप्लाई में कोई दिक्कत नहीं आई है. 

गोबर से खाद और स्वच्छ सीएनजी ईंधन

तीन करोड़ की आबादी वाला नेपाल अपनी जीवाश्म ईंधन की जरूरतों के लिए पूरी तरह से भारत पर निर्भर है. भारत की एलपीजी सप्लाई का एक बड़ा हिस्सा हॉर्मुज स्ट्रेट के रास्ते से आता है, जहां से जहाजों की आवाजाही, अमेरिका-इस्राएल और ईरान युद्ध के चलते बंद है. ऐसे में भारत ने अपने घरों, परिवहन साधनों और अस्पतालों जैसे जरूरी क्षेत्रों को प्राथमिकता देने की बात कही है. 

यह रिपोर्ट भी पढ़ें- जेन-जी वाली नेपाल सरकार से कैसे होंगे भारत के रिश्ते

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सुप्रीम कोर्ट ने चंबल अभ्यारण्य में अवैध रेत खनन का स्वतः संज्ञान लिया को स्किप करें
१३ मार्च २०२६

सुप्रीम कोर्ट ने चंबल अभ्यारण्य में अवैध रेत खनन का स्वतः संज्ञान लिया

चंबल घड़ियाल अभ्यारण्य में एक घड़ियाल
जिन क्षेत्रों में घड़ियाल संरक्षण कार्यक्रम चल रहे हैं, वहां भी खनन लगातार जारी है और इस वजह से घड़ियालों को दूसरी जगहों पर विस्थापित होना पड़ रहा हैतस्वीर: Dinesh Shakya

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस विक्रमनाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने शुक्रवार को राष्ट्रीय चंबल अभ्यारण्य में जारी अवैध रेत खनन का स्वतः संज्ञान लिया. बेंच ने कहा कि अवैध खनन से संकटग्रस्त जलीय वन्यजीवों के लिए गंभीर खतरा पैदा होता है, जिनमें गंभीर रूप से संकटग्रस्त घड़ियाल भी शामिल हैं. कोर्ट ने कहा कि आगे के निर्देशों के लिए इस मामले को मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के समक्ष रखा जाएगा. 

सुप्रीम कोर्ट ने हालिया न्यूज रिपोर्टों और सीएसआर द्वारा पेश की गई रिपोर्ट को देखने के बाद इस समस्या का संज्ञान लिया. इन रिपोर्टों में बताया गया है कि जिन क्षेत्रों में घड़ियाल संरक्षण कार्यक्रम चल रहे हैं, वहां भी खनन लगातार जारी है और इस वजह से घड़ियालों को दूसरी जगहों पर विस्थापित होना पड़ रहा है. चंबल अभ्यारण्य घड़ियालों के आखिरी बचे आवासों में से एक है. 

चंबल नदी क्षेत्र तीन राज्यों- मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में फैला हुआ है. इस इलाके में अवैध रेत खनन एक बड़ी चुनौती है. प्रशासन द्वारा अवैध रेत खनन के खिलाफ अभियान चलाए जाते रहते हैं लेकिन खनन माफियाओं के संगठित नेटवर्क और निर्माण सामग्री की लगातार बढ़ती मांग की वजह से यह खनन जारी रहता है. पर्यावरणविद चेतावनी देते हैं कि अंधाधुंध खनन से घड़ियालों की प्रजाति खतरे में आ सकती है. 

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आयुष यादव
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आदर्श शर्मा
आदर्श शर्मा डीडब्ल्यू हिन्दी के साथ जुड़े आदर्श शर्मा भारतीय राजनीति, समाज और युवाओं के मुद्दों पर लिखते हैं.