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ईरान ने कहा, होरमुज से 'एक लीटर तेल' नहीं गुजरने देंगे

आयुष यादव एपी, एएफपी, डीपीए | आदर्श शर्मा एएनआई, रॉयटर्स
प्रकाशित ११ मार्च २०२६आखिरी अपडेट ११ मार्च २०२६

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धुएं से घिरा हुआ थाईलैंड का समुद्री जहाज
ईरान की सेना ने सख्त चेतावनी दी है कि होरमुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले अमेरिका, इस्राएल या उनके किसी भी सहयोगी देश के जहाजों को सीधे तौर पर निशाना बनाया जाएगा.तस्वीर: Royal Thai Navy/REUTERS
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होरमुज जलडमरूमध्य में तीन और जहाजों पर हमला को स्किप करें
११ मार्च २०२६

होरमुज जलडमरूमध्य में तीन और जहाजों पर हमला

धुएं में घिरा थाईलैंड का जहाज
इस क्षेत्र में अब तक कम से कम 14 जहाजों पर ऐसे हमले हो चुके हैंतस्वीर: Royal Thai Navy/REUTERS

समुद्री सुरक्षा फर्मों के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य में अज्ञात प्रोजेक्टाइल द्वारा तीन और जहाजों को निशाना बनाया गया है. 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका और इस्राएल का युद्ध शुरू होने के बाद से इस क्षेत्र में अब तक कम से कम 14 जहाजों पर ऐसे हमले हो चुके हैं. इन लगातार हो रहे हमलों ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण और व्यस्त समुद्री मार्गों में से एक की सुरक्षा पर गंभीर संकट खड़ा कर दिया है.

इन हमलों के कारण इस संकरे जलमार्ग से जहाजों की आवाजाही लगभग पूरी तरह से ठप हो गई है. इसके परिणामस्वरूप दुनिया की लगभग 20 फीसदी तेल आपूर्ति रुक गई है और वैश्विक तेल की कीमतें 2022 के बाद अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं. ईरान के 'रिवोल्यूशनरी गार्ड्स' ने धमकी दी है कि इस जलडमरूमध्य से गुजरने वाले किसी भी जहाज को निशाना बनाया जाएगा. इसके जवाब में अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने सख्त चेतावनी दी है कि यदि ईरान इस जलमार्ग को बाधित करना जारी रखता है, तो अमेरिका उस पर अपने हमले और तेज कर देगा.

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बुधवार को हुए इन ताजा हमलों में थाईलैंड के झंडे वाले 'मयुरी नारी' नामक जहाज पर दो अज्ञात प्रोजेक्टाइल गिरे, जिससे उसके इंजन रूम में आग लग गई और चालक दल के तीन सदस्य लापता हैं. इसके अलावा, जापानी झंडे वाले कंटेनर जहाज 'वन मैजेस्टी' को भी संयुक्त अरब अमीरात के रास अल खैमाह तट के पास एक प्रोजेक्टाइल से मामूली नुकसान पहुंचा. समुद्री सुरक्षा फर्मों के अनुसार, एक तीसरे जहाज (बल्क कैरियर) को भी दुबई के उत्तर-पश्चिम में इसी तरह निशाना बनाया गया.

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ईरान पर सख्त प्रतिबंध लगाने की तैयारी में यूरोपीय संघ को स्किप करें
११ मार्च २०२६

ईरान पर सख्त प्रतिबंध लगाने की तैयारी में यूरोपीय संघ

यूरोपीय संघ और ईरान का झंडा
मानवाधिकारों के हनन को लेकर ईरान पर प्रतिबंध लगाएगा यूरोपीय संघतस्वीर: Wirestock/Pond5 Images/IMAGO

यूरोपीय संघ (ईयू) के देशों ने मानवाधिकारों के गंभीर हनन को लेकर ईरान पर और अधिक प्रतिबंध लगाने पर सहमति व्यक्त की है. यूरोपीय संघ की विदेश मामलों की प्रमुख काया कल्लास ने बुधवार को एक्स पर इसकी घोषणा करते हुए कहा कि ईयू ईरान को उसकी हरकतों के लिए जवाबदेह ठहराना जारी रखेगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि युद्ध के बीच ईयू अपने हितों की रक्षा करेगा और घरेलू दमन के लिए जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई करेगा. यह तेहरान के लिए एक सख्त संदेश है कि ईरान का भविष्य दमन और क्रूरता की नींव पर नहीं बनाया जा सकता.

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इन नए कड़े उपायों के तहत, मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन के लिए जिम्मेदार ईरान के 19 "शासन अधिकारियों और संस्थाओं" को प्रतिबंधित किया जाएगा. इन प्रतिबंधों में यूरोपीय संघ के देशों में यात्रा पर प्रतिबंध, संपत्तियों को फ्रीज करना और अन्य कई तरह की पाबंदियां शामिल हैं. हालांकि, जिन विशेष व्यक्तियों और संगठनों पर ये प्रतिबंध लगाए गए हैं, उनके नामों के बारे में विस्तृत जानकारी अभी तुरंत उपलब्ध नहीं कराई गई है.

यूरोपीय संघ पिछले कई वर्षों से ईरान पर मानवाधिकारों के उल्लंघन को लेकर लगातार प्रतिबंध लगाता रहा है. इसी साल जनवरी में, भारी विरोध प्रदर्शनों के दौरान हजारों प्रदर्शनकारियों की हत्या के बाद ईयू ने ईरान के 'इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स' (आईआरजीसी) को एक आतंकवादी संगठन घोषित करने पर सहमति जताई थी.

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एलपीजी संकट पर सरकार ने दिया भरोसा, विपक्ष ने लगाया "झूठ बोलने" का आरोप को स्किप करें
११ मार्च २०२६

एलपीजी संकट पर सरकार ने दिया भरोसा, विपक्ष ने लगाया "झूठ बोलने" का आरोप

Indien - Koch-Gaspreis steigt
सरकार ने उपभोक्ताओं से अपील करते हुए कहा है कि वे एलपीजी सिलेंडरों की घबराहट में बुकिंग न करेंतस्वीर: Subrata Goswami/DW

भारत सरकार ने बुधवार को उपभोक्ताओं से अपील करते हुए कहा है कि वे एलपीजी सिलेंडरों की घबराहट में बुकिंग न करें, क्योंकिपश्चिम एशिया संघर्षके बीच उत्पन्न आपूर्ति व्यवधानों के बावजूद देश में पर्याप्त स्टॉक मौजूद है. सरकार ने बताया कि भारत को प्रतिदिन लगभग 55 लाख बैरल कच्चे तेल की आपूर्ति उपलब्ध हो रही है, जो सामान्य तौर पर इस अवधि में होर्मुज जलडमरूमध्य से आने वाली मात्रा से अधिक है. अधिकारियों के अनुसार, ऊर्जा आयात निरंतर बनाए रखने के लिए स्रोतों के विविधीकरण और आपूर्ति सुरक्षा के कदम उठाए गए हैं.

वहीं, विपक्ष ने सरकार के दावों पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि हालात गंभीर हैं और लोगों को वास्तविक स्थिति से दूर रखा जा रहा है. कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने दावा किया कि गैस एजेंसियों को व्यावसायिक उपयोग के लिए एलपीजी सप्लाई रोकने के निर्देश दिए गए हैं और सरकार “लोगों से झूठ बोल रही है.” कांग्रेस की जेबी मैथर ने भी सरकार की तैयारी पर सवाल उठाते हुए कहा कि एलपीजी संकट का असर होटल उद्योग समेत कई क्षेत्रों पर पड़ रहा है, लेकिन केंद्र इसका उचित आकलन नहीं कर पाया.

सरकार ने वैश्विक आपूर्ति बाधाओं के मद्देनजर घरेलू जरूरतों को प्राथमिकता देने के लिए आवश्यक वस्तु अधिनियम लागू करते हुए एलपीजी वितरण में बदलाव किए हैं. घरेलू उपयोग, अस्पतालों और आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता दी गई है, जबकि कई क्षेत्रों में व्यावसायिक वितरण सीमित किया गया है. इसके साथ ही रिफाइनरियों को घरेलू उपभोग के लिए एलपीजी उत्पादन अधिकतम करने के निर्देश दिए गए हैं और घरेलू सिलेंडर रीफिल के लिए अनिवार्य 25 दिन का अंतराल लागू कर दिया गया है.

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स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर बोले अमित शाह, "हमारे लोकतंत्र का अपमान" को स्किप करें
११ मार्च २०२६

स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर बोले अमित शाह, "हमारे लोकतंत्र का अपमान"

Indien Neu-Delhi 2024 | Amit Shah bei der Wintersitzung des Parlaments
अमित शाह ने कहा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव संसदीय राजनीति और सदन दोनों के लिए यह अफसोसजनक घटना हैतस्वीर: Sansad TV/ANI/picture alliance

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सदन को संबोधित किया. उन्होंने कहा, "यह कोई सामान्य घटना नहीं है. करीब चार दशक के बाद एक बार फिर से लोकसभा अध्यक्ष के सामने अविश्वास प्रस्ताव आया है. संसदीय राजनीति और सदन दोनों के लिए यह अफसोसजनक घटना है, क्योंकि जो स्पीकर होते हैं, वो किसी दल के नहीं, बल्कि सदन के होते हैं. एक प्रकार से वे सदन के सभी सदस्यों के अधिकारों के संरक्षक भी होते हैं."

इस प्रस्ताव पर चर्चा के लिए 10 घंटे तय हुए थे, लेकिन समय से ज्यादा चर्चा हुई. लगभग 13 घंटे तक सदन में इस पर पक्ष और विपक्ष की तरफ से चर्चा हुई और इसमें 42 से ज्यादा सांसदों ने हिस्सा लिया है. 

अमित शाह ने कहा कि स्पीकर की जब नियुक्ति हुई, तब दोनों दलों के नेताओं ने एक साथ उनको आसन पर बैठाने का काम किया. इसका मतलब है कि स्पीकर को अपने दायित्वों के निर्वहन के लिए पक्ष और विपक्ष दोनों को एक प्रकार से मुक्त माहौल भी देना है और दायित्व के निर्वहन के लिए उनका समर्थन भी करना है. आज स्पीकर के निर्णय पर कोई असहमति व्यक्त हो सकती है, लेकिन लोकसभा के नियमों में स्पीकर के निर्णय को अंतिम माना गया है. इसके विपरीत विपक्ष ने स्पीकर की निष्ठा पर सवालिया निशान खड़ा किया है.

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मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के चलते शेयर बाजार में बड़ी गिरावट को स्किप करें
११ मार्च २०२६

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के चलते शेयर बाजार में बड़ी गिरावट

Indien Kolkata 2025 | Börsenmakler reagiert auf fallende Sensex- und Nifty-Preise
ईरान युद्ध का शेयर बाजार पर असरतस्वीर: ANI

मध्य पूर्व में जारी तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है, जिसके चलते भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख बेंचमार्क एक दिन की तेजी के बाद बुधवार को फिर से गिरावट के साथ लाल निशान में बंद हुए. 

कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 1.72 प्रतिशत या 1,342.27 अंक की गिरावट के साथ 76,863.71 पर बंद हुआ. वहीं एनएसई निफ्टी 501.63 प्रतिशत या 394.75 अंक गिरकर 23,866.85 पर बंद हुआ.

बुधवार के कारोबारी सत्र में निवेशकों में सतर्कता बनी रही, जिसके चलते सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में 1.5 प्रतिशत से अधिक की गिरावट देखने को मिली. बाजार की इस गिरावट में खासतौर पर बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और ऑटो सेक्टर के शेयरों का बड़ा योगदान रहा.

बाजार में इस गिरावट के कारण निवेशकों की संपत्ति को बड़ा झटका लगा. बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन पिछले सत्र के लगभग 447 लाख करोड़ रुपये से घटकर करीब 442 लाख करोड़ रुपये रह गया. यानी एक ही दिन में निवेशकों को लगभग 3 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ.

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ऊर्जा संकट के बीच जर्मनी खोलेगा अपने इमरजेंसी तेल भंडार को स्किप करें
११ मार्च २०२६

ऊर्जा संकट के बीच जर्मनी खोलेगा अपने इमरजेंसी तेल भंडार

जर्मनी में एक पेट्रोल पंप के पास लगा बोर्ड
जर्मनी जल्द खोलेगा अपना इमरजेंसी तेल भंडारतस्वीर: Timm Reichert/REUTERS

ईरान में चल रहे युद्ध और आसमान छूती ऊर्जा कीमतों के बीच जर्मनी ने अपने राष्ट्रीय तेल भंडार का एक हिस्सा जारी करने की तैयारी कर ली है. जर्मन ऊर्जा मंत्री कैथरीना राइषे ने बुधवार को बर्लिन में इसकी आधिकारिक घोषणा की. ऊर्जा कीमतों को स्थिर करने के एक अंतरराष्ट्रीय समन्वित प्रयास के तहत, जर्मनी अब अन्य जी-7 देशों के साथ मिलकर यह कदम उठाने जा रहा है.

यह फैसला अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) द्वारा मंगलवार को बुलाई गई एक विशेष बैठक के बाद लिया गया है, जिसमें सदस्य देशों के राष्ट्रीय भंडार को जारी करने की संभावनाओं पर चर्चा की गई थी. जर्मन अखबार हैंडल्सब्लाट ने सरकारी सूत्रों के हवाले से बताया कि आईईए ने कुल भंडार से 400 मिलियन बैरल कच्चा तेल जारी करने की सलाह दी है. समाचार एजेंसी डीपीए की रिपोर्ट के अनुसार, इसका सीधा मतलब यह है कि जर्मनी अपने भंडार से 19 मिलियन बैरल से अधिक तेल (भंडार का लगभग 20 फीसदी) जारी करेगा.

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अनियंत्रित रूप से बढ़ती कीमतों पर तत्काल लगाम लगाने के लिए ऊर्जा मंत्री राइषे ने बुधवार को एक और बड़ा एलान किया. उन्होंने स्पष्ट किया कि जर्मनी में पेट्रोल पंपों को अब से दिन में केवल एक ही बार कीमतें बढ़ाने की अनुमति होगी. इस बीच, कच्चे तेल के बाजारों में भी हलचल देखी जा रही है और वैश्विक बेंचमार्क माने जाने वाले ब्रेंट क्रूड की कीमत बुधवार दोपहर तक लगभग 90 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी हुई थी.

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ईरान के खाड़ी देशों पर हमलों से चीन नाराज को स्किप करें
११ मार्च २०२६

ईरान के खाड़ी देशों पर हमलों से चीन नाराज

Vereinigte Arabische Emirate Dubai 2026 | Rauchsäule über dem Dubai International Airport nach iranischem Angriff
ईरान कई खाड़ी देशों को निशाना बना रहा हैतस्वीर: AFP

चीन ने बुधवार, 11 मार्च को खाड़ी देशों पर हमलों का विरोध करते हुए कहा है कि वह किसी भी तरह की नागरिक या गैर-सैन्य ठिकानों पर होने वाली कार्रवाई का समर्थन नहीं करता. बीजिंग में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने यह बयान दिया, जिसे ईरान के प्रति चीन की दुर्लभ सार्वजनिक आलोचना माना जा रहा है.

यह टिप्पणी उस समय आई है जब क्षेत्र में तनाव तेजी से बढ़ रहा है. अमेरिका-इस्राएल और ईरान युद्ध ने खाड़ी देशों को खासा प्रभावित किया है. तनाव का असर खाड़ी क्षेत्र के सामरिक समुद्री मार्गों पर भी दिखाई दिया, जहां दो अलग-अलग जहाज हमलों की चपेट में आए. होर्मुज स्ट्रेट में एक कार्गो जहाज पर अज्ञात प्रोजेक्टाइल ने हमला किया, जिससे आग लग गई और चालक दल को सुरक्षित निकलना पड़ा. वहीं, संयुक्त अरब अमीरात के तट पर एक कंटेनर जहाज भी निशाना बना, हालांकि सभी क्रू सदस्य सुरक्षित बताए गए हैं.

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भारत और ईरान के विदेश मंत्रियों ने की फोन पर बातचीत को स्किप करें
११ मार्च २०२६

भारत और ईरान के विदेश मंत्रियों ने की फोन पर बातचीत

भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर
दोनों नेताओं ने अमेरिका और इस्राएल द्वारा ईरान पर किए गए हमले के बाद मध्य पूर्व में गहराते संकट और ताजा घटनाक्रमों पर विस्तार से चर्चा कीतस्वीर: ANI News/IMAGO

भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपने ईरानी समकक्ष सैयद अब्बास अरागची के साथ फोन पर बातचीत की है. इस दौरान दोनों नेताओं ने अमेरिका और इस्राएल द्वारा ईरान पर किए गए हमले के बाद मध्य पूर्व में गहराते संकट और ताजा घटनाक्रमों पर विस्तार से चर्चा की. क्षेत्र में तनाव बढ़ने के बाद से अरागची के साथ जयशंकर की यह तीसरी बातचीत है.

इस संघर्ष के कारण वैश्विक स्तर पर शिपिंग मार्गों के बाधित होने और ऊर्जा बाजारों पर पड़ रहे असर को लेकर भी दोनों नेताओं ने अहम चर्चा की. बाद में ईरान के विदेश मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान में बताया कि दोनों देशों ने होरमुज जलडमरूमध्य से होने वाली जहाजों की आवाजाही और शिपिंग सुरक्षा पर अमेरिका और इस्राएली शासन की सैन्य आक्रामकता के परिणामों पर भी बात की. जयशंकर ने एक्स पर पोस्ट कर बताया कि दोनों देश इस मुद्दे पर आगे भी निरंतर संपर्क में बने रहने पर सहमत हुए हैं.

ईरान के अलावा, भारतीय विदेश मंत्री ने मध्य पूर्व में चल रहे इस व्यापक संघर्ष के मुद्दे पर अन्य प्रमुख वैश्विक भागीदारों से भी संवाद किया है. जयशंकर ने जर्मनी के विदेश मंत्री योहान वाडेफुल और दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री चो ह्यून के साथ भी फोन पर चर्चा की. हालांकि, इन दोनों नेताओं के साथ हुई कूटनीतिक बातचीत के बारे में सार्वजनिक रूप से कोई अधिक विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है.

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44 साल बाद 'कोनैन द बार्बेरियन' फिल्म का तीसरा पार्ट बनाएंगे अर्नोल्ड श्वार्जनेगर को स्किप करें
११ मार्च २०२६

44 साल बाद 'कोनैन द बार्बेरियन' फिल्म का तीसरा पार्ट बनाएंगे अर्नोल्ड श्वार्जनेगर

कोनैन द बार्बेरियन फिल्म के एक सीन में अभिनेता अर्नोल्ड श्वार्जनेगर
44 साल पहले आया था फिल्म का पहला पार्टतस्वीर: Eve Goldschmidt/dpa/picture alliance

हॉलीवुड सुपरस्टार अर्नोल्ड श्वार्जनेगर 44 साल बाद उस प्रतिष्ठित भूमिका में वापसी करने जा रहे हैं, जिसने उन्हें एक ग्लोबल मूवी स्टार के रूप में स्थापित किया था. 1982 में रॉबर्ट ई हॉवर्ड के उपन्यासों पर आधारित पहली फिल्म 'कोनैन द बार्बेरियन' में उन्होंने एक योद्धा की भूमिका निभाई थी. अब 78 वर्षीय श्वार्जनेगर इस फ्रेंचाइजी के तीसरे हिस्से 'किंग कोनैन' में फिर से अपनी तलवार थामने के लिए पूरी तरह तैयार हैं.

कैलिफोर्निया के गवर्नर के रूप में अपना कार्यकाल पूरा करने के बाद से श्वार्जनेगर फिल्मों में कम ही नजर आ रहे थे. ओहायो के कोलंबस में आयोजित 'अर्नोल्ड स्पोर्ट्स फेस्टिवल' के दौरान उन्होंने इस नई फिल्म की आधिकारिक घोषणा की. उन्होंने बताया कि इस फिल्म के निर्देशन की बागडोर 'मिशन इम्पॉसिबल' फ्रेंचाइजी के निर्देशन के लिए मशहूर दिग्गज निर्देशक क्रिस्टोफर मैकक्वेरी संभालेंगे.

1982 में रिलीज हुई पहली फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर 6.8 करोड़ डॉलर की शानदार कमाई की थी, जिसके दो साल बाद इसका सीक्वल रिलीज हुआ था. 80 के दशक के अंत में तीसरी फिल्म की भी योजना बनाई गई थी, लेकिन वह कभी पर्दे पर नहीं उतर पाई.

फिल्में अगर समाज का आइना हैं तो ये क्या है?

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होर्मुज संकट के बीच भारत ने खरीदा 3 करोड़ बैरल रूसी तेल को स्किप करें
११ मार्च २०२६

होर्मुज संकट के बीच भारत ने खरीदा 3 करोड़ बैरल रूसी तेल

Venezuela Puerto Cabello 2026 | Raffinerie El Palito im Bundesstaat Carabobo
भारत ने अमेरिका से मिली 30 दिन की छूट का लाभ उठाते हुए लगभग 3 करोड़ बैरल रूसी कच्चा तेल खरीदातस्वीर: Ronaldo Schemidt/AFP

भारत ने मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और ईरान युद्ध के कारण पैदा हुए तेल आपूर्ति संकट के बीच अमेरिका से मिली 30 दिन की छूट का लाभ उठाते हुए लगभग 3 करोड़ बैरल रूसी कच्चा तेल खरीद लिया है. यह कच्चा तेल पहले से जहाजों पर लदा हुआ था और समुद्र में फंसा हुआ था, जिसे भारतीय कंपनियों ने तुरंत खरीद लिया है. तेल आपूर्ति में व्यवधान का मुख्य कारण होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाज यातायात प्रभावित होना बताया गया है, जहां से वैश्विक ऊर्जा प्रवाह का बड़ा हिस्सा गुजरता है.

युद्ध खत्म होने के बाद कैसा दिख सकता है ईरान का भविष्य

मीडिया में सूत्रों के हवाले से कहा गया, भारतीय रिफाइनर विशेष रूप से इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन और रिलायंस इंडस्ट्रीज ने उपलब्ध लगभग सभी रूसी कार्गो खरीद लिए. इंडियन ऑयल ने करीब 1 करोड़ बैरल, जबकि रिलायंस ने कम से कम 1 करोड़ बैरल कच्चा तेल खरीदा. बाकी मात्रा अन्य भारतीय रिफाइनरों ने हासिल की. ये कार्गो पहले से एशियाई जलक्षेत्रों में मौजूद थे और किसी खरीदार के साथ अनुबंधित नहीं थे.

ईरान युद्ध: क्या भारतीयों के लिए महंगे होंगे तेल और गैस?

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ईरान का एकमात्र एथलीट शीतकालीन पैरालंपिक से बाहर को स्किप करें
११ मार्च २०२६

ईरान का एकमात्र एथलीट शीतकालीन पैरालंपिक से बाहर

ओलंपिक रिंग और पैरालंपिक का लोगो
इटली में शीतकालीन पैरालंपिक खेलों की आधिकारिक शुरुआत 6 मार्च को हुई थीतस्वीर: Pierre Teyssot/MAXPPP/IMAGO

ईरान की राष्ट्रीय पैरालंपिक समिति ने इस बात पर गहरा दुख जताया है कि मध्य पूर्व में बढ़ते युद्ध के कारण उनके एकमात्र एथलीट को इटली में हो रहे 'शीतकालीन पैरालंपिक' से बाहर होना पड़ा है. क्रॉस-कंट्री स्कीयर अबुलफजल खतीबी मियानाई मिलान कॉर्टिना पैरालंपिक में ईरान का प्रतिनिधित्व करने वाले इकलौते खिलाड़ी थे. समिति के अनुसार, युद्ध के हालातों के बीच सुरक्षित यात्रा की व्यवस्था न हो पाने के कारण वह पिछले शुक्रवार को उद्घाटन समारोह में शामिल नहीं हो सके.

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एनपीसी के मुख्य कार्यकारी हामिद अलिसामिमी ने एसोसिएटेड प्रेस (एपी) को लिखे एक पत्र में इस स्थिति को बेहद दर्दनाक बताया है. उन्होंने लिखा कि यह उन एथलीटों के लिए विशेष रूप से 'दिल तोड़ने वाला' है, जिन्होंने अपने देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए सालों कड़ी मेहनत की है. इतनी लंबी और दृढ़ तैयारियों के बावजूद पैरालंपिक में भाग न ले पाने से अबुलफजल को गहरी निराशा हुई है.

इटली में इन खेलों की आधिकारिक शुरुआत 6 मार्च को हुई थी, जो ईरान पर अमेरिका और इस्राएल के सैन्य हमलों के शुरू होने के ठीक कुछ दिनों बाद का समय था. इस मौजूदा युद्ध ने अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों में ईरान की भविष्य की भागीदारी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

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मेटा खरीदेगा एआई बॉट्स का सोशल नेटवर्क 'मोल्टबुक' को स्किप करें
११ मार्च २०२६

मेटा खरीदेगा एआई बॉट्स का सोशल नेटवर्क 'मोल्टबुक'

फोन पर दिखाई देता मोल्टबुक का लोगो
मोल्टबुक एआई एजेंट्स के लिए बनाए गए सोशल नेटवर्क हैतस्वीर: Andre M. Chang/ZUMA/picture alliance

फेसबुक और इंस्टाग्राम की मूल कंपनी मेटा ने मंगलवार को घोषणा की है कि वह एआई एजेंट्स के लिए बनाए गए सोशल नेटवर्क 'मोल्टबुक' का अधिग्रहण कर रही है. टेक दिग्गज द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विकास में गहराई से उतरने की दिशा में यह नवीनतम कदम है. मेटा ने बताया कि मोल्टबुक के सह-संस्थापक मैट श्लिच्ट और बेन पार अब मेटा की सुपरइंटेलिजेंस लैब्स (एमएसएल) में शामिल होंगे. मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग कंपनी के लिए सुपरइंटेलिजेंस को प्राथमिकता दे रहे हैं और उनका मानना है कि यह प्लेटफॉर्म तेजी से विकसित हो रहे इस क्षेत्र में नए विचार पेश करेगा.

क्या है मोल्टबुक

इस साल की शुरुआत में लॉन्च हुए मोल्टबुक ने एक असामान्य ऑनलाइन हब के रूप में काफी ध्यान आकर्षित किया था, जहां कंपनी के अनुसार एआई एजेंट सामग्री को साझा करते हैं, उस पर चर्चा करते हैं और उसका समर्थन करते हैं. यह प्लेटफॉर्म 'ओपनक्लॉ' से उभरा है, जो ऐसे सॉफ्टवेयर एजेंट बनाने का एक सिस्टम है जो उपयोगकर्ताओं के उपकरणों पर स्थानीय रूप से चल सकते हैं और डिस्कॉर्ड व सिग्नल जैसे मैसेजिंग ऐप से जुड़ सकते हैं. ये एआई एजेंट बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के स्वतंत्र रूप से कार्य संभालने में पूरी तरह सक्षम हैं.

मेटा का यह अधिग्रहण पूरे टेक उद्योग में केवल चैटबॉट की तरह जवाब देने के बजाय स्वायत्त रूप से काम करने वाले एआई एजेंटों में बढ़ती दिलचस्पी को दर्शाता है. हालांकि, कुछ आलोचकों ने मोल्टबुक पर मौजूद सामग्री की प्रामाणिकता पर सवाल उठाए हैं, उनका कहना है कि कई पोस्ट स्वायत्त एआई सिस्टम के बजाय इंसानों द्वारा लिखे गए प्रतीत होते हैं.

अब एआई पहुंचाएगा फ्लाइट टाइम पर

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ईरान के नए सर्वोच्च नेता पर उत्तर कोरिया ने कहा, 'पसंद का करते हैं सम्मान' को स्किप करें
११ मार्च २०२६

ईरान के नए सर्वोच्च नेता पर उत्तर कोरिया ने कहा, 'पसंद का करते हैं सम्मान'

उत्तर कोरिया के शासक किम जोंग उन
उत्तर कोरिया ने ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खमेनेई के चुनाव का किया समर्थनतस्वीर: KCNA/REUTERS

उत्तर कोरिया के सरकारी मीडिया ने घोषणा की है कि उनका देश ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खमेनेई के चुनाव का पूरा सम्मान करता है. कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी द्वारा जारी किए गए बयान में उत्तर कोरिया के विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा, "हम अपने सर्वोच्च नेता को चुनने के ईरानी लोगों के अधिकारों और उनकी पसंद का सम्मान करते हैं." यह कूटनीतिक समर्थन ऐसे समय में आया है जब ईरान में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर वैश्विक स्तर पर गहरी नजर रखी जा रही है.

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उत्तर कोरियाई अधिकारी ने अमेरिका और इस्राएल पर तीखा हमला बोलते हुए उन पर क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा की नींव को नष्ट करने और दुनिया भर में अस्थिरता बढ़ाने का गंभीर आरोप लगाया है. प्रवक्ता ने यह भी कहा कि ये दोनों देश ईरान की राजनीतिक व्यवस्था और क्षेत्रीय अखंडता का खुला उल्लंघन कर रहे हैं और उसकी सामाजिक व्यवस्था को उखाड़ फेंकने का प्रयास कर रहे हैं. गौरतलब है कि अमेरिका के इस पुराने प्रतिद्वंद्वी ने पहले भी ईरान पर अमेरिका-इस्राएल के हमले की कड़ी निंदा की थी.

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की ईरान के नेतृत्व को प्रभावित करने की इच्छा को स्पष्ट रूप से दरकिनार करते हुए, इस्लामिक गणराज्य ने रविवार को मोजतबा खमेनेई को अपना नया सर्वोच्च नेता नियुक्त किया है. मोजतबा ने अपने पिता अयातुल्ला अली खमेनेई की जगह ली है. 28 फरवरी को हुए एक भीषण हवाई हमले में अयातुल्लाह अली खमेनेई की मौत हो गई थी, जिसके बाद से ही मध्य पूर्व में यह संकट बेहद गहरा गया है.

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एनसीईआरटी किताब विवाद: गैर‑जिम्मेदाराना पोस्ट पर सुप्रीम कोर्ट सख्त को स्किप करें
११ मार्च २०२६

एनसीईआरटी किताब विवाद: गैर‑जिम्मेदाराना पोस्ट पर सुप्रीम कोर्ट सख्त

Indien Neu-Delhi 2016 | Oberstes Gericht Supreme Court
तस्वीर: Tsering Topgyal/AP Photo/picture alliance

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को सोशल मीडिया पर फैली उन प्रतिक्रियाओं पर कड़ा रुख जताया, जो कोर्ट के हालिया आदेश के बाद सामने आई थीं. यह आदेश उस स्वत: संज्ञान मामले से जुड़ा है जिसमें कक्षा आठवीं की एनसीईआरटी की किताब में "न्यायपालिका में भ्रष्टाचार" होने की बात कही गई थी. अदालत ने कहा कि कुछ "असमाजिक तत्वों" ने सोशल मीडिया पर गैर‑जिम्मेदाराना तरीके से प्रतिक्रिया दी है.

चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि वह ऐसे सोशल मीडिया पेज और उन्हें चलाने वाले व्यक्तियों की पहचान करे और उनके पूरे विवरण न्यायालय के सामने पेश करे, ताकि उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जा सके. 

सुनवाई के दौरान बेंच ने एनसीईआरटी निदेशक द्वारा दाखिल जवाब पर भी सवाल उठाए, जिसमें दावा किया गया था कि विवादित कक्षा 8 की पाठ्य‑पुस्तक को दोबारा लिखा गया है. कोर्ट ने इस स्पष्टीकरण पर असंतोष जताते हुए कहा कि मामले में और विवरण व जवाबदेही की जरूरत है.

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ईरानी महिला फुटबॉल टीम की दो और सदस्यों को मिला ऑस्ट्रेलिया का वीजा को स्किप करें
११ मार्च २०२६

ईरानी महिला फुटबॉल टीम की दो और सदस्यों को मिला ऑस्ट्रेलिया का वीजा

ईरान की महिला फुटबॉल टीम की दो सदस्य
पांच ईरानी खिलाड़ियों को पहले ही ऑस्ट्रेलिया में शरण मिल चुकी हैतस्वीर: Australian Department of Home Affairs/AFP

ऑस्ट्रेलिया ने ईरानी महिला फुटबॉल टीम की दो और सदस्यों को मानवीय आधार पर वीजा प्रदान किया है. बुधवार को गृह मंत्री टोनी बर्क ने जानकारी दी कि इनमें से एक खिलाड़ी है और दूसरी सपोर्ट स्टाफ की सदस्य हैं. दोनों ने मंगलवार देर रात अपनी टीम के अन्य सदस्यों के ईरान वापस लौटने के लिए एयरपोर्ट जाने से ठीक पहले ऑस्ट्रेलिया में शरण मांगी थी. अब ये दोनों उन पांच अन्य ईरानी खिलाड़ियों के साथ सुरक्षित रूप से जुड़ गई हैं, जिन्हें एक दिन पहले ही मानवीय वीजा दिया गया था.

शेष टीम के ईरान वापस लौटने के दौरान ऑस्ट्रेलिया में भारी विरोध प्रदर्शन देखने को मिला. सैकड़ों लोगों ने टीम के होटल और एयरपोर्ट के बाहर प्रदर्शन किया और महिलाओं को ऑस्ट्रेलिया छोड़ने से रोकने की कोशिश की. प्रदर्शनकारियों ने इन खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता जताई है. उनका कहना है कि पिछले सप्ताह दक्षिण कोरिया के खिलाफ विमेंस एशिया कप मैच से पहले इन खिलाड़ियों ने विरोध स्वरूप ईरान का राष्ट्रगान नहीं गाया था, जिसके कारण ईरान लौटने पर उनके खिलाफ सख्त और जानलेवा कार्रवाई हो सकती है.

क्या है ऑस्ट्रेलिया का मानवीय वीजा?

ऑस्ट्रेलिया का यह मानवीय वीजा विशेष रूप से उन लोगों को दिया जाता है जिन्हें अपने देश में संघर्ष, उत्पीड़न और मानवाधिकारों के हनन से सुरक्षा की तत्काल आवश्यकता होती है. यह एक स्थायी वीजा है, जो इसके धारकों को ऑस्ट्रेलिया में सुरक्षित रूप से रहने, काम करने और पढ़ाई करने की पूरी कानूनी अनुमति देता है. इसी वीजा के सहारे अब ये ईरानी महिलाएं ऑस्ट्रेलिया में अपना नया जीवन शुरू कर सकेंगी.

ईरान युद्ध: क्या भारतीयों के लिए महंगे होंगे तेल और गैस?

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आयुष यादव
आयुष यादव एडिटर, डीडब्ल्यू हिन्दीhttps://x.com/aayush9906?s=21
आदर्श शर्मा
आदर्श शर्मा डीडब्ल्यू हिन्दी के साथ जुड़े आदर्श शर्मा भारतीय राजनीति, समाज और युवाओं के मुद्दों पर लिखते हैं.