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लेबनान में हमलों के बीच वॉशिंगटन में इस्राएल से बातचीत

आदर्श शर्मा एएनआई, रॉयटर्स | निखिल रंजन एपी, एएफपी, डीपीए
प्रकाशित २९ मई २०२६आखिरी अपडेट २९ मई २०२६

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तेहरान के एक चौराहे पर पूर्व राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी के पोर्ट्रेट के सामने से गुजरते लोग
युद्ध को लेकर ईरान और अमेरिका के डील के करीब पहुंचने की बात कही जा रही है तस्वीर: Vahid Salemi/AP Photo/picture alliance
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लेबनान में हमलों के बीच वॉशिंगटन में इस्राएल से बातचीत को स्किप करें
२९ मई २०२६

लेबनान में हमलों के बीच वॉशिंगटन में इस्राएल से बातचीत

इस्राएली हमले के बाद लेबनान से उठता आग और धुएं का गुबार
लेबनान में इस्राएल के हमले पिछले कुछ दिनों से तेज हो गए हैंतस्वीर: Kawant Haju/AFP

लेबनान और इस्राएल के सैन्य अधिकारी शुक्रवार को अमेरिका में सुरक्षा पर बातचीत करेंगे. बातचीत से पहले लेबनान के अधिकारियों ने कहा है कि वे इस्राएली हमलों को रोकने की मांग करेंगे जो पिछले कुछ दिनों में तेज हो गए हैं. 

शुक्रवार को ही इस्राएली सेना ने दक्षिणी लेबनान के सात नगरों में आम लोगों को अपना घर छोड़ कर जाने की चेतावनी जारी की है. इनमें से दो नगर उत्तरी इस्राएल से करीब 40 किलोमीटर दूर हैं. लेबनान की सरकारी समाचार एजेंसी एनएनए ने दक्षिणी हिस्से में कई हमलों की खबर दी है. इसके साथ ही बड़ी संख्या में लोग अपना घर छोड़ने पर मजबूर हुए हैं. 

लेबनान के टाइर में हमले के बाद मलबे में सामान ढूंढता एक आदमी
इस्राएल और लेबनान के सैन्य अधिकारियों के बीच शुक्रवार को वॉशिंगटन में बातचीत होनी है तस्वीर: REUTERS

शुक्रवार को ही इस्राएली प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतन्याहू ने कहा कि इस्राएली सेना लेबनान में लितानी नदी पार कर गई है जो साझी सीमा पर 30 किलोमीटर उत्तर की ओर बहती है. सीमा पर सैनिकों से मुलाकात करने गए नेतन्याहू का कहना है, "हमारी सेना लितानी नदी को पार कर नियंत्रण करने वाले ऊंचे इलाके में पहुंच गई है. हम बेरुत, बेका और पूरे मोर्चे पर सक्रिय हैं और हिज्बु्ल्लाह पर चोट कर रहे हैं." 

इस्राएल और लेबनान कई दशकों से युद्ध लड़ रहे हैं. कई बार संघर्ष विराम भी हो चुका है लेकिन फिर लड़ाई छिड़ जाती है. इस साल अप्रैल में उनके बीच सीधी बातचीत शुरू हुई है. इस बातचीत का चौथा दौर जून की शुरुआत में होने की उम्मीद है. हिज्बु्ल्लाह की संसदीय शाखा ने गुरुवार को लेबनानी अधिकारियों से अनुरोध किया कि वे इस्राएल के साथ सीधी बातचीत से बाहर निकल जाएं. हिज्बुल्लाह का कहना है कि सैन्य बातचीत में "इस्राएल अपने आक्रमण के फायदे के लिए सुरक्षा सहयोग चाहता है."
इस्राएल और अमेरिका हिज्बुल्लाह को निशस्त्र करना चाहते हैं. यह एक मुश्किल काम है जिसे पिछले साल लेबनान ने अपनी सेना को भी सौंपा था. 

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ईंधन पर टैक्स घटने से जर्मनी में लोगों को मिली महंगाई से कुछ राहत को स्किप करें
२९ मई २०२६

ईंधन पर टैक्स घटने से जर्मनी में लोगों को मिली महंगाई से कुछ राहत

जर्मनी में ईंधन पर टैक्स की कमी की वजह से लोगों को महंगाई से थोड़ी राहत मिली है. शुक्रवार को संघीय सांख्यिकी कार्यालय की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, मई के महीने में महंगाई की दर 2.6 फीसदी रही. साल दर साल के आधार पर अप्रैल महीने में उपभोक्ता कीमतों के लिए महंगाई की दर 2.9 फीसदी थी. अप्रैल की दर जनवरी 2024 के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर थी.

जर्मनी के लोगों को युद्ध से ज्यादा महंगाई का डर

ईरान युद्ध की वजह से ईंधन की कीमतें बढ़ गई हैं, जिसका असर आर्थिक विकास पर पड़ा है. सांख्यिकी विभाग के आंकड़ों के मुताबिक घरों के लिए ऊर्जा और गाड़ियों के लिए ईंधन की कीमत मई महीने में एक साल पहले की तुलना में करीब 6.6 फीसदी ज्यादा थी.

सरकार ने अस्थाई रूप से ईंधन पर टैक्स की दर में कटौती की है जिसका असर ईंधन की कीमतों पर पड़ा है. यह उपाय 1 मई से 30 जून तक के लिए लागू किया गया है. ईंधन की कीमतें इस कटौती की वजह से प्रति लीटर लगभग 17 सेंट (यूरो) कम हुई हैं. अप्रैल के महीने में ऊर्जा की कीमत एक साल पहले की तुलना में 10 फीसदी से ज्यादा थी. 

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इबोला से पीड़ित पहला मरीज ठीक हो कर घर गया: डब्ल्यूएचओ को स्किप करें
२९ मई २०२६

इबोला से पीड़ित पहला मरीज ठीक हो कर घर गया: डब्ल्यूएचओ

कॉन्गो में डब्ल्यूएचओ के प्रमुख तेद्रोस अधानोम घेब्रेसेयुस
डब्ल्यूएचओ के प्रमुख डीआरसी के दौर पर गए हैं तस्वीर: Samy Ntumba Shambuyi/AP Photo/picture alliance

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने शुक्रवार को पहली बार किसी इबोला मरीज की बीमारी ठीक होने का दावा किया है. यह मरीज डेमोक्रैटिक रिपब्लिक ऑफ कॉन्गो (डीआरसी) का है. डब्ल्यूएचओ की अनाइस लेगांद ने शुक्रवार को पत्रकारों से कहा, "डीआरसी ने 27 मई को एक मरीज के ठीक हो कर अस्पताल से समुदाय में जाने की बात कही है." मरीज केस्वास्थ्यमें सुधार और टेस्ट में दो बार निगेटिव पाए जाने के बाद अस्पताल से छुट्टी मिली.

लेगांद का कहना है कि इबोला के जिन मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है, उनमें से पहली बार कोई ठीक हुआ है. उन्होंने इस बात की उम्मीद जताई कि कुछ और लोग भी ठीक हो सकते हैं, जिनके टेस्ट का नतीजा अभी नहीं आया है. 

लेगांद ने बताया कि डब्ल्यूएचओ ने अब तक 17 लोगों की इबोला से मौत होने की पुष्टि की है जबकि 223 संदिग्ध मौतों के लिए भी इबोला को जिम्मेदार बताया जा रहा है. हालांकि, इसकी पुष्टि नहीं हुई है. इबोला के अब तक कुल 125 मामलों की पुष्टि हुई है, जबकि 900 लोग संदिग्ध रूप से इस वायरस से संक्रमित हैं. इबोला के इस वायरस से संक्रमित होने पर करीब 50 फीसदी मामलों में मौत की आशंका रहती है. 

लेगांद डब्ल्यूएचओ की वायरल हेमोरेजिक फीवर्स की टेक्निकल ऑफिसर हैं. उन्होंने जोर दे कर कहा है कि इलाज और देखभाल से लोगों के जिंदा बचने की दर बढ़ाई जा सकती है. उन्होंने और लोगों के इस बीमारी से ठीक होने की उम्मीद जताई है. डब्ल्यूएचओ के प्रमुख तेद्रोस अधानोम घेब्रेसेयुस डीआरसी की यात्रा पर गए हुए हैं. 

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केरल के स्कूलों में छात्राओं को पीरियड लीव देने का प्रस्ताव को स्किप करें
२९ मई २०२६

केरल के स्कूलों में छात्राओं को पीरियड लीव देने का प्रस्ताव

तमिलनाडु के एक स्कूल में पढ़ती छात्राएं
केरल सरकार ने यह भी घोषणा की है कि केरल को देश का सबसे अधिक महिला-अनुकूल राज्य बनाया जाएगातस्वीर: Madhan Kumar/DW

केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार ने शुक्रवार को प्रस्ताव रखा है कि स्कूली छात्राओं को हर महीने तीन दिन की पीरियड लीव दी जाए. यह मेंस्ट्रुअल डिग्निटी नाम की एक व्यापक पहल का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य शैक्षणिक संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों को लड़कियों और महिलाओं के प्रति अधिक समावेशी और संवेदनशील बनाना है. केरल सरकार ने यह भी घोषणा की है कि केरल को देश का सबसे अधिक महिला-अनुकूल राज्य बनाया जाएगा. 

केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने विधानसभा में अपने पहले नीतिगत संबोधन में सरकार की ओर से यह घोषणाएं की. इस संबोधन में उन्होंने कहा कि कार्यस्थलों पर महिलाओं को समान वेतन देने के लिए उपाय किए जाएंगे और असंगठित क्षेत्र में काम कर रही महिलाओं को विशेष कल्याणकारी सुविधाएं दी जाएंगी. सरकार ने प्रमुख शहरों में सार्वजनिक शौचालयों की संख्या बढ़ाने और महिलाओं को सैनिटरी पैड उपलब्ध करवाने की भी बात कही है. 

इसके अलावा, सरकार ने बेसहारा एवं अनाथ मुक्त केरल नामक एक महत्वाकांक्षी पहल शुरू करने की भी घोषणा की है. यह पहल जरूरतमंद बच्चों के पुनर्वास के लिए संस्थागत देखभाल की बजाय समुदाय आधारित देखभाल पर जोर देती है. इसके तहत बड़े स्तर पर गोद लेने का अभियान चलाने का लक्ष्य रखा गया है. 

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सुप्रीम कोर्ट ने कहा, एनटीए को यूपीएससी से सीखने की जरूरत को स्किप करें
२९ मई २०२६

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, एनटीए को यूपीएससी से सीखने की जरूरत

सुप्रीम कोर्ट की इमारत की तस्वीर
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि जब तक स्पष्ट जवाबदेही नहीं तय की जाती, तब तक समस्या बनी रहेगीतस्वीर: Tsering Topgyal/AP Photo/picture alliance

नीट पेपर लीक से जुड़े एक मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि जब तक स्पष्ट जवाबदेही नहीं तय की जाती, तब तक समस्या बनी रहेगी. सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दायर कर एनटीए को भंग करने की मांग की गई थी. जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने इन याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए शुक्रवार को कहा कि एनटीए को यूपीएससी जैसे अन्य निकायों से सीखना चाहिए, जो बिना किसी पेपर लीक के बड़े पैमाने पर प्रतियोगी परीक्षाओं का आयोजन करते हैं. 

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को एक हलफनामा दायर कर यह बताने का भी निर्देश दिया है कि एनटीए द्वारा नीट परीक्षाओं के आयोजन को किस तरह संस्थागत रूप दिया जाएगा. कोर्ट का कहना है कि एनटीए के पास पर्याप्त भौतिक और बौद्धिक संसाधन होने चाहिए ताकि पेपर लीक जैसी घटनाएं ना हों. इस दौरान केंद्र सरकार की पैरवी कर रहे सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को जानकारी दी कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इस मामले की निगरानी कर रहे हैं. 

साल 2024 में सुप्रीम कोर्ट ने नीट परीक्षा को मजबूत करने के सुझाव देने के लिए एक निगरानी समिति का गठन किया था. इस समिति के प्रमुख डॉ. के राधाकृष्णन ने शुक्रवार को कोर्ट को बताया कि समिति ने 35 दीर्घकालिक और 60 अल्पकालिक सुझाव दिए थे, जिनमें से ज्यादातर लागू किए जा चुके हैं. उन्होंने कहा कि सुधारों की वजह से नीट-पीजी 2025 परीक्षा में काफी हद तक सकारात्मक परिणाम हासिल हुए थे. इसके बाद कोर्ट ने इस साल सामने आई दिक्कतों को लेकर सवाल उठाए. 

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अपने पहले विदेश दौरे पर भारत आएंगे म्यांमार के नए राष्ट्रपति को स्किप करें
२९ मई २०२६

अपने पहले विदेश दौरे पर भारत आएंगे म्यांमार के नए राष्ट्रपति

मीडियाकर्मियों से बात करते म्यांमार के राष्ट्रपति मिन आंग ह्लांग
म्यांमार के राष्ट्रपति मिन आंग ह्लांग के साथ मंत्रियों और अधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल भी भारत आएगातस्वीर: Kyodo/picture alliance

म्यांमार के राष्ट्रपति मिन आंग ह्लांग 30 मई से 3 जून तक भारत के आधिकारिक दौरे पर रहेंगे. भारतीय विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को यह जानकारी दी. न्यूज एजेंसी एएफपी के मुताबिक, म्यांमार का राष्ट्रपति बनने के बाद यह उनका पहला विदेश दौरा होगा. उनके साथ मंत्रियों और अधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल भी भारत आएगा. 

मिन आंग ह्लांग म्यांमार के पूर्व सेना प्रमुख हैं. साल 2021 में उन्होंने तख्तापलट के जरिए आंग सान सू ची की चुनी हुई सरकार को हटाकर देश की सत्ता अपने हाथ में ले ली थी. इस साल 3 अप्रैल को संसदीय मतदान के जरिए उन्हें देश का राष्ट्रपति चुना गया. इससे म्यांमार की राजनीतिक सत्ता पर उनकी पकड़ को एक औपचारिक रूप मिल गया.

अब अपने पहले विदेश दौरे पर वे भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे. वे भारत में कारोबारी जगत के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात करेंगे. म्यांमार का कहना है कि भारतीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की भी योजना है. भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस दौरे से दोनों देशों के बहुआयामी संबंधों के और मजबूत होने की उम्मीद जताई है. 

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कस्टम विभाग ने जर्मनी में दो मीट्रिक टन नशीली दवाएं जब्त की को स्किप करें
२९ मई २०२६

कस्टम विभाग ने जर्मनी में दो मीट्रिक टन नशीली दवाएं जब्त की

गांजा का एक ज्वाइंट
जर्मनी में पिछले साल रिकॉर्ड मात्रा में नशीली दवाएं जब्त हुई हैंतस्वीर: Christoph Hardt/Panama Pictures/IMAGO

जर्मनी के हनोवर कस्टम विभाग ने बीते साल उत्तरी जर्मनी में लगभग दो मीट्रिक टन नशीली दवाएं जब्त की हैं. गुरुवार को अपनी सालाना समीक्षा के दौरान विभाग ने यह जानकारी दी. विभाग का कहना है, "पिछला साल जांच के लिहाज से काफी मेहनत वाला रहा." 

जब्त की गई नशीली दवाओं की मात्रा के लिहाज से यह पिछले 10 सालों में रिकॉर्ड मात्रा है. पिछले कुछ समय से अधिकारी बड़ी मात्रा में गांजा पकड़ रहे हैं. 2025 में करीब 1.5 टन गांजा जब्त किया गया. इससे एक साल पहले जब्त किए गए गांजा की मात्रा महज 265 किलो थी. 

नॉर्वे और उसकी ड्रग समस्या

इनके अलावा अधिकारियों ने 2025 में 90 लाख अवैध सिगरेट, लगभग 10 टन धूम्रपान वाला तंबाकू और सात टन हुक्के का तंबाकू भी पकड़ा है. पकड़े गए अवैध सामानों में विस्फोटक और कई प्रतिबंधित दवाइयां भी शामिल हैं. 

हनोवर कस्टम इन्वेस्टिगेशन ऑफिस उत्तरी जर्मनी के ज्यादातर हिस्से की जिम्मेदारी संभालता है. विभाग के पास 300 कर्मचारी हैं और इसके कार्यालय ब्रेमन, माग्देबुर्ग और बिलेफेल्ड में हैं. 

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मच्छर भगाने वाली दवाई को पसंद करना सीख सकते हैं मच्छर को स्किप करें
२९ मई २०२६

मच्छर भगाने वाली दवाई को पसंद करना सीख सकते हैं मच्छर

मच्छर की एक प्रजाति
मच्छर भगाने वाली दवाइयों को पसंद करना सीख जाते हैं मच्छरतस्वीर: R. Sturm/blickwinkel/picture alliance

मच्छरों को उन्हें भगाने वाली दवाओं को पसंद करना सिखाया जा सकता है. इसकी ट्रेनिंग के बाद मच्छर उन लोगों को काटना पसंद करेंगे जिन पर इन दवाओं का प्रयोग किया गया है. आमतौर पर मच्छर भगाने वाली दवा उन्हें भगाती है लेकिन भोजन के साथ रख कर मच्छरों को इन्हें पसंद करने के लिए ट्रेन किया जा सकता है. 

एक प्रयोग के जरिए यह बात सामने आई है. वैज्ञानिकों के मुताबिक इस प्रयोग को बेहद खास परिस्थितियों में किया गया है. इसमें कीड़े मारने वाली दवा डीईईटी के असर पर सवाल नहीं उठाए गए. 1940 के दशक में अमेरिका में विकसित हुई इस दवा ने बहुत से लोगों की जिंदगी मच्छरों के डंक से बचाई है. 

हालांकि, दुनिया को अब भी नई और ज्यादा असरदार, पर्यावरण अनुकूल दवाओं की जरूरत है जिनसे एलर्जी ना हो. इसका मतलब यह पता लगाना होगा कि आखिर इस दवा की वजह से मच्छर क्यों भागते हैं. यही जानने की कोशिश में फ्रांस के वैज्ञानिकों ने यह प्रयोग किया. यह प्रयोग एडिस एजिप्टी मच्छर पर किया गया जो डेंगू, जिका, पीला बुखार और चिकनगुनिया जैसी घातक बीमारियों को फैलाता है. 

प्रयोग के लिए मच्छरों को कपड़े के एक बाड़े में रखा गया, जहां भेड़ का ताजा खून भी रखा गया था. उम्मीद के मुताबिक मच्छर अपने भोजन पर टूट पड़े. दस सेकेंड के बाद वहां डीईईटी का छिड़काव हुआ, इसकी गंध से मच्छर वहां से भागे. तीन बार यही प्रक्रिया दोहराई जाने के बाद मच्छरों को सिर्फ डीईईटी के साथ जब रखा गया तो खून नहीं होने के बाद भी मच्छरों वहां से भागे नहीं बल्कि उसी तरफ बढ़ते रहे. उसके बाद एक वैज्ञानिक अपने हाथ पर डीईईटी का छिड़काव कर जब मच्छरों के सामने ले गए तो मच्छर उनके हाथ पर टूट पड़े. 

बायोट्रैप, डेंगू-मलेरिया से बचाने में कितने मददगार

वैज्ञानिकों ने जब यही प्रयोग खून की बजाय चीनी के साथ किया तो भी यही नतीजा निकला. इससे वो इस नतीजे पर पहुंचे कि मच्छरों का दिमाग अनुभवों के आधार पर दवा पर होने वाली प्रतिक्रिया को बदल सकता है. वास्तव में मच्छर दवा में मौजूद जहर की वजह से नहीं बल्कि उसे लेकर अपनी समझ के आधार पर अपनी प्रतिक्रिया देते हैं.  हालांकि, प्रयोगशाला के बाहर की परिस्थितियां अलग होती हैं लेकिन वैज्ञानिकों को इससे काफी मदद मिलने की उम्मीद है. उन्होंने लोगों को मच्छर भगाने वाली दवाइयों के पैक पर लिखे निर्देशों का गंभीरता से पालन करने की सलाह दी है क्योंकि उनमें रसायनों की मात्रा अलग अलग होती है. 
 

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अमेरिका के पेपर प्लांट में रिसाव से मरने वालों की संख्या आठ हुई को स्किप करें
२९ मई २०२६

अमेरिका के पेपर प्लांट में रिसाव से मरने वालों की संख्या आठ हुई

अमेरिका में रासायनिक द्रव के रिसाव से मरने वालों की संख्या आठ तक पहुंच गई है. यह हादसा पश्चिम उत्तर अमेरिका के एक पेपर प्लांट में हुआ. इस घटना के बाद से तीन लोग लापता भी हैं. हजारों टन कॉस्टिक पदार्थ से भरा एक विशाल टैंक मंगलवार को फट गया था. यह प्लांट वॉशिंगटन राज्य के लॉन्गव्यू में है. उसके बाद से वहां राहत और बचाव का एक बड़ा अभियान शुरू किया गया. 

स्थानीय दमकल विभाग के अधिकारी ने पत्रकारों को बताया, "हमने नौ लोगों में से छह लोगों को निकाल लिया है." इससे पहले बुधवार को दो लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी थी, जिसे मिलाकर अब तक आठ लोग मारे गए हैं. तीन लोग अब भी लापता हैं और आशंका है कि उनकी भी मौत हो गई है. 

पेपर प्लांट में के परिसर में खड़ी गाड़ियां
पेपर प्लांट हादसे में अब तक आठ लोगों के मरने की पुष्टि हुई है जबकि 3 लोग लापता हैं तस्वीर: David Ryder/REUTERS

यह हादसा निप्पॉन डायनावेव पैकेजिंग कंपनी के प्लांट में हुआ जहां करीब 34 लाख लीटर वाला एक टैंक फट गया. उसमें व्हाइट लिकर नाम का पदार्थ भरा हुआ था. इस लिकर में सोडियम हाइड्रॉक्साइड और सोडियम सल्फाइड होता है. इसे लकड़ी के चिप्स को तोड़ने और पल्प बनाने में इस्तेमाल किया जाता है जिससे कागज बनता है. अधिकारियों ने लोगों को भरोसा दिलाया है कि प्लांट वाली जगह पर पीने के पानी और आसपास की हवा को इस रिसाव से नुकसान नहीं होगा.  

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जेफ बेजोस की कंपनी का रॉकेट लॉन्च पैड पर फटा को स्किप करें
२९ मई २०२६

जेफ बेजोस की कंपनी का रॉकेट लॉन्च पैड पर फटा

रॉकेट फटने के बाद उठा आग की लपटों और धुएं का गुबार
जेफ बेजोस की कंपनी का रॉकेट लॉन्च पैड पर फट गया तस्वीर: AFP

जेफ बेजोस की कंपनी ब्लू ओरिजिन का नया ग्लेन रॉकेट लॉन्च पैड पर ही फट गया, जिसके बाद आग और धुएं का गुबार आसमान की ओर जाने लगा. वीडियो में रॉकेट फटने के बाद आग की बड़ी लपटों के साथ उठा धुआं देखा जा सकता है. वहां खड़े लोग इसे देख कर चीख पड़े. बेजोस की स्पेस कंपनी ब्लू ओरिजिन ने एक्स पर डाले एक संक्षिप्त पोस्ट में कहा है कि फ्लोरिडा के केप कार्निवल में टेस्ट के दौरान कुछ गड़बड़ी हुई है. 

यह धमाका एमेजॉन के बॉस जेफ बेजोस के लिए नया झटका है. बीते कुछ सालों में निजी कंपनियों की अंतरिक्ष तक जाने की जो होड़ शुरू हुई है उसमें एक नाम ब्लू ओरिजिन का भी है. बेजोस ने एक्स पर लिखा है, "मूल कारण क्या है यह बताना अभी जल्दबाजी होगी लेकिन हमने उसका पता लगाने पर काम शुरू कर दिया है."

89 मीटर लंबा न्यू ग्लेन रॉकेट ब्लू ओरिजिन की अंतरिक्ष की आकांक्षाओं के केंद्र में है. खासतौर से इसलिए भी क्योंकि उसका प्रतिद्वंद्वी स्पेसएक्स इतिहास का सबसे बड़ा रॉकेट स्टारशिप बनाने की तैयारी में है. इससे कुछ हफ्ते पहले ही न्यू ग्लेन रॉकेट के जरिए एक संचार उपग्रह को अंतरिक्ष में ले जाने का अभियान भी नाकाम हो गया था.  

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रूसी ड्रोन रोमानिया की रिहायशी इमारत से टकराया को स्किप करें
२९ मई २०२६

रूसी ड्रोन रोमानिया की रिहायशी इमारत से टकराया

ड्रोन के टकराने से इमारत में आग लग गई
एक रूसी ड्रोन रोमानिया की इमारत की छत से जा टकराया जिसमें दो लोगों की मौत हो गई तस्वीर: Romanian Department for Emergency Situations/Handout/REUTERS

रूस का एक ड्रोन रोमानिया की एक इमारत से जा टकराया. इस घटना में दो लोग घायल हुए हैं. रोमानिया नाटो का सदस्य है. रोमानिया के रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को  इसकी जानकारी दी. रक्षा मंत्रालय का कहना है, "28-29 मई की रात के दौरान रूसी फेडरेशन ने यूक्रेन में रोमानिया से लगती नदी सीमा के पास नागरिकों और बुनियादी ढांचे के खिलाफ ड्रोन हमला शुरू किया." 

मंत्रालय ने यह भी कहा है, "इनमें से एक ड्रोन रोमानिया की वायु सीमा में घुस आया जिसे रडार ने गलाती शहर के दक्षिणी हिस्से तक ट्रैक किया, उसके बाद यह एक अपार्टमेंट बिल्डिंग की छत से जा टकराया और वहां आग लग गई."

रूसी ड्रोन के टक्कर से इमारत में लगी आग बुझाने पहुंचे दमकलकर्मी
रोमानिया ने इस घटना की जानकारी नाटो महासचिव को दी है तस्वीर: Inquam Photos/REUTERS

रक्षा मंत्रालय के मुताबिक घायल हुए दो लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और आपातकालीन सेवाओं ने आग बुझा दी है. रोमानिया और फ्रांस ने इस घटना के बाद रूसी राजदूत को तलब किया है. यूरोपीय नेताओं ने इस घटना की निंदा की है. रोमानिया जल्दी ही यूरोप के ड्रोन सुरक्षा तंत्र में शामिल होने के करार पर दस्तखत करने की तैयारी में है. 

नए जमाने के युद्ध में अब ड्रोन का बाजार गर्म हो रहा है

रोमानिया ने इस घटना की जानकारी नाटो के महासचिव को दी है और रोमानिया को ड्रोन रोधी क्षमताएं देने की प्रक्रिया को तेज करने की मांग की है. यूक्रेन पर रूसी हमले के बाद से रोमानिया में इससे पहले भी कई बार रूसी ड्रोन घुस चुके हैं. हालांकि, पहली बार यह किसी रिहायशी इमारत से टकराया है. 

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भारत में इस साल औसत से कम रह सकती है मानसून की बारिश को स्किप करें
२९ मई २०२६

भारत में इस साल औसत से कम रह सकती है मानसून की बारिश

बारिश के बीच बाइक पर गुजरता एक व्यक्ति
इस साल अल-नीनो प्रभाव देश में मानसून की बारिश को प्रभावित कर सकता हैतस्वीर: Sunil Ghosh/Hindustan Times/Sipa USA/picture alliance

भारत में मौसम विभाग का अनुमान है कि इस साल अल-नीनो प्रभाव देश में मानसून की बारिश को प्रभावित कर सकता है, जिससे तीन साल में पहली बार देश में औसत से कम बारिश हो सकती है. इससे खेती की पैदावार को लेकर चिंताएं पैदा हो गई हैं. भारत में मानसून की बारिश से खेती की जरूरत का करीब 70 फीसदी पानी मिलता है. इससे जलाशय भर जाते हैं और भूजल भी रिचार्ज होता है. 

भारत के पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव एम रविचंद्रन के मुताबिक, इस साल मानसून की बारिश दीर्घकालिक औसत के 90 फीसदी तक पहुंच सकती है. उन्होंने कहा कि अल-नीनो प्रभाव जल्द ही विकसित हो सकता है और चार महीने तक चलने वाले मानसून सत्र के दौरान बारिश को प्रभावित कर सकता है. मानसून सत्र जून से शुरू होकर सितंबर तक जारी रहता है. 

भारत में पिछले 50 सालों में हुई मानसूनी बारिश का औसत 87 सेंटीमीटर है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक, अगर इसके 96 फीसदी से 104 फीसदी तक बारिश होती है तो उसे औसत वर्षा माना जाता है. रविचंद्रन ने बताया कि इस साल जून में दीर्घकालिक औसत की तुलना में 92 फीसदी से भी कम बारिश होगी, जो औसत से कम की श्रेणी में आएगी. 

अल-नीनो प्रभाव तब विकसित होता है, जब मध्य और पूर्वी प्रशांत महासागर में समुद्र का तापमान औसत से अधिक हो जाता है. यह आमतौर पर दक्षिण-पूर्व एशिया और दुनिया के दूसरे हिस्सों में गर्म और सूखा मौसम लेकर आता है. 

पिछले सालों में जब भी अल-नीनो प्रभाव विकसित हुआ है, तब ज्यादातर मौकों पर भारत में औसत से कम बारिश हुई है. इसके चलते कई बार सूखे की स्थिति बनी है, फसलों को नुकसान पहुंचा है और अनाज निर्यात पर प्रतिबंध भी लगाने पड़े हैं. 

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डॉनल्ड ट्रंप ईरान डील को मंजूरी देंगे या नहीं अभी अनिश्चितः जेडी वैंस को स्किप करें
२९ मई २०२६

डॉनल्ड ट्रंप ईरान डील को मंजूरी देंगे या नहीं अभी अनिश्चितः जेडी वैंस

एयरफोर्स एकेडमी में जेडी वैंस (28 मई)
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वैंस ने कहा है कि ट्रंप ईरान डील को मंजूरी देंगे या नहीं अभी अनिश्चित हैतस्वीर: Matt Rourke/AP Photo/picture alliance

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वैंस ने गुरुवार को कहा है कि राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप संभावित डील को मंजूरी देंगे या नहीं, यह अभी तय नहीं है. इससे पहले अमेरिकी अधिकारियों ने कहा था कि ईरान युद्ध को खत्म करने की रूपरेखा पर दोनों पक्ष सहमति के बहुत करीब पहुंच गए हैं. ज्वाइंट बेस एंड्रूज पर वैंस ने पत्रकारों से कहा कि वार्ताकारों ने "काफी प्रगति की है" लेकिन कुछ बिंदुओं पर अब भी चर्चा हो रही है, इनमें ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर पाबंदियां शामिल हैं. 

वैंस ने कहा, "हम उनके साथ आगे पीछे जा रहे हैं. हमारा यह जरूर मानना है कि भरोसे के साथ बातचीत हो रही है, कम से कम अब तक और हमने कुछ प्रगति की है." इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वह इस बात को लेकर निश्चिंत नहीं हैं कि ट्रंप संभावित डील पर दस्तखत करेंगे या नहीं. वैंस का कहना है, "मेरे ख्याल से यह कहना कठिन है कि राष्ट्रपति कब या एमओयू (सहमति के दस्तावेज) पर दस्तखत करेंगे या नहीं."

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इससे पहले गुरुवार को न्यूज आउटलेट आक्सियोस ने खबर दी थी कि अमेरिकी और ईरानी वार्ताकार सहमति की एक रूपरेखा पर तैयार हो गए हैं, जो संघर्षविराम को आगे बढ़ाएगा और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत शुरू करेगा. कथित रूप से इसके लिए 60 दिन का समय तय किया गया है. अमेरिकी सूत्रों ने इस रिपोर्ट में कही गई बातों की पुष्टि की थी. 

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सहमति की शर्तों को मंगलवार को ही अंतिम रूप दे दिया गया. हालांकि, दोनों पक्षों को राजनीतिक नेतृत्व से इसकी मंजूरी लेना बाकी है. वहीं, ईरान के रेवॉल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स की करीबी मानी जाने वाली तस्नीम न्यूज एजेंसी ने वार्ताकारों की टीम से जुड़े एक सूत्र के हवाले से खबर दी थी कि कोई शुरुआती समझौता तय या पुष्ट नहीं हुआ है.
 

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आदर्श शर्मा
आदर्श शर्मा डीडब्ल्यू हिन्दी के साथ जुड़े आदर्श शर्मा भारतीय राजनीति, समाज और युवाओं के मुद्दों पर लिखते हैं.
निखिल रंजन
निखिल रंजन निखिल रंजन एक दशक से डॉयचे वेले के लिए काम कर रहे हैं और मुख्य रूप से राजनैतिक विषयों पर लिखते हैं.