यूरोपीय लाइफस्टाइल का हिस्सा हैं 'बाइकर क्लब'
यूरोप की सड़कों पर एक साथ चलते बाइकर्स के समूह हर आने जाने वाले का ध्यान खींचते हैं. एक जैसी ड्रेस, सिक्यूरिटी गियर और सड़क पर मोटरबाइक के साथ पूरी तरह तालमेल भरी चाल इनके अनुशासित और अनोखे स्टाइल को दर्शाती है.

तरह-तरह के मोटरसाइकिल क्लब
कुछ बाइक ग्रुप हॉबी क्लब जैसे होते हैं, जहां राइड में शामिल होना पूरी तरह आपकी मर्जी पर निर्भर करता है. वहीं पारंपरिक क्लब इसे 'ब्रदरहुड' मानते हैं, जिनमें सख्त नियम, तय पहनावा और लंबी सदस्यता प्रक्रिया होती है. इनके अलावा कुछ और क्लब भी हैं जैसे 1% क्लब, मिलिटरी क्लब और मोटरसाइकिल के ब्रांड पर आधारित क्लब.
कैसे हुआ इस परंपरा का जन्म
ऐसे बाइक क्लबों की शुरुआत द्वितीय विश्व युद्ध के समय से जुड़ी मानी जाती है. जब सैनिक युद्ध से घर वापस लौटते, तब वह भाईचारा, दोस्ती और रोमांच की तलाश करते थे. यही तलाश आगे चलकर मोटरसाइकिल क्लबों की नींव बनी. ये क्लब शौक से आगे बढ़कर अनुशासन, पहचान और भाईचारे का प्रतीक बन गए.
जैकेट पर 'पैच' की अहमियत
बाइकर क्लबों की सबसे स्पष्ट पहचान उनका पैच होता है. यह सिर्फ एक निशान नहीं बल्कि क्लब की पहचान, सम्मान और गर्व का प्रतीक है. किसी क्लब का पैच तीन भागों में बंटा होता है. ऊपर वाले हिस्से में क्लब का नाम होता है, बीच में क्लब का लोगो और नीचे वाले हिस्से पर उस जगह का नाम होता है, जहां का वह क्लब होता है.
होती है खास 'पैचिंग इन सेरेमनी'
पैचिंग इन हर सदस्य के लिए खास मौका होता है. इसके बाद व्यक्ति को आधिकारिक रूप से क्लब का सदस्य माना जाता है. नए सदस्यों को यह पैच कमाने में काफी समय लगता है. कई बार तो महीनों और सालों का इंतजार भी करना पड़ता है. साथ ही, क्लब के प्रति अपनी निष्ठा और कमिटमेंट भी साबित करनी पड़ती है.
क्लबों में पद और उनकी भूमिका
बाइकर क्लबों की अपनी एक तय व्यवस्था होती है. इनमें प्रेसीडेंट, सार्जेंट‑एट‑आर्म्स और रोड कैप्टन जैसे पद होते हैं. ये पद क्लब को सही तरीके से चलाने में मदद करते हैं. क्लब के सभी सदस्य इस पद व्यवस्था का सम्मान करते हैं और इसके नियमों का पालन करते हैं.
'क्लबहाउस' में सामाजिक जीवन
क्लब के सदस्य अकसर अपने क्लब हाउस में मिलते हैं. यह विशेष जगह उनके इतिहास और एकता की निशानी होती है. सभी सदस्य यहां एक परिवार की तरह अपने अनुभव साझा करते हैं और एक दूसरे के सुख- दुख का हिस्सा बनते हैं. यहीं जरुरी फैसले लिए जाते हैं और भविष्य की योजनाएं भी तय की जाती है.
क्लबों में 'हार्ले डेविडसन' का है दबदबा
अमेरिका में पारंपरिक बाइकर क्लब 'हार्ले डेविडसन' को खास तौर पर पसंद करते हैं. इन मोटरसाइकिल की विरासत द्वितीय विश्व युद्ध तक जाती है. इनकी खास बात यह है कि इन्हें अपनी मनपसंद डिजाइन में बदला जा सकता है. यूरोप आने के बाद इस संस्कृति ने नया रूप लिया और 'बीएमडब्ल्यू मोटरराड' भी बाइकर क्लबों से जुड़ गई.