अब कर्नाटक में मस्जिद के नीचे कथित मंदिर का दावा किया हिंदू संगठनों ने | भारत | DW | 25.05.2022

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भारत

अब कर्नाटक में मस्जिद के नीचे कथित मंदिर का दावा किया हिंदू संगठनों ने

कर्नाटक के मेंगलुरु में मस्जिद के नीचे कथित मंदिर जैसा वास्तु शिल्प मिलने के दावे के बाद कोर्ट ने जीर्णोद्धार पर रोक लगा दी है. बीजेपी ने वाराणसी की ज्ञानवापी मस्जिद की तरह सर्वे की मांग की है.

फाइल तस्वीर

फाइल तस्वीर

मेंगलुरु के बाहरी इलाके में स्थित मलाली जुमा मस्जिद में मरम्मत का काम बीते दिनों हो रहा था और दावा किया गया कि मलबा हटाने के दौरान मंदिर जैसी संरचना मिली है. इसके बाद हिंदू संगठनों ने मस्जिद के नीचे मंदिर होने का दावा कर दिया. विश्व हिंदू परिषद ने मांग की है कि मंदिर वाला हिस्सा हिंदू समुदाय को वापस कर दिया जाए.

विवाद बढ़ता देख प्रशासन ने गुरुवार तक के लिए क्षेत्र में धारा 144 लागू कर दी है. मस्जिद के 500 मीटर के क्षेत्र में 24 मई से लेकर 26 मई की सुबह तक प्रतिबंधात्मक आदेश लागू रहेगा. मस्जिद के बाहर सुरक्षा सख्त कर दी गई है.

मस्जिद की मरम्मत का काम मस्जिद की कमेटी द्वारा कराया जा रहा था. 21 मई को जब मस्जिद में काम चल रहा था तब यह दावा किया गया कि मस्जिद के अंदर मंदिर जैसी संरचना है. जिसके बाद विश्व हिंदू परिषद ने मामले को जोर-शोर से उठाया. विश्व हिंदू परिषद का दावा है कि मंदिर को तोड़कर मस्जिद बनाई गई थी.

गुरुवार को हिंदू संगठनों ने एक स्थानीय मंदिर में पूजा अनुष्ठान किया. मेंगलुरु के पुलिस कमिश्नर एनएस कुमार ने मीडिया को बताया, "स्थिति शांतिपूर्ण है. हिंदू संगठन ने आज एक अनुष्ठान किया जो सुबह 8.30 बजे शुरू हुआ और 11 बजे तक चला. जहां जरूरी है वहां पुलिसबल तैनात किया गया है. ग्रामीणों ने सुनिश्चित किया कि कोई अप्रिय घटना नहीं होगी. दोनों पक्ष इसे अदालत में लड़ने के लिए तैयार हो गए हैं."

स्थानीय विधायक भरत शेट्टी ने मामले में पुरातत्व सर्वेक्षण कराने की मांग की है. शेट्टी ने पत्रकारों से कहा कि वीएचपी और बजरंग दल के नेताओं के साथ-साथ अन्य हिंदू संगठनों ने अदालत में जाकर मस्जिद में मरम्मत के काम पर रोक लगवा दी है ताकि जांच के बिना मंदिर जैसी संरचनाओं को नष्ट न किया जाए. उन्होंने कहा, "पुरातत्व विभाग को सच्चाई का पता लगाने के लिए पूरा सर्वेक्षण करना चाहिए."

वाराणसी की ज्ञानवापी मस्जिद की तुलना बाबरी मस्जिद से क्यों हो रही है

वहीं राज्य के गृहमंत्री अरागा ज्ञानेंद्र ने कहा है कि स्थानीय प्रशासन मामले पर नजर बनाए हुए है और मस्जिद के आसपास धारा 144 लागू कर दी गई है. कांग्रेस के नेता डीके शिवकुमार ने कहा है कि बीजेपी कर्नाटक का नाम खराब कर रही है और इससे मेंगलुरु में होने वाले निवेश पर असर पड़ेगा.

इस बीच प्रशासन मस्जिद से जुड़े जमीन रिकॉर्ड की पड़ताल कर रहा है और उसने सभी पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है.

वाराणसी की ज्ञानवापी मस्जिद और मथुरा की ईदगाह मस्जिद के मामले पहले से ही कोर्ट में चल रहे हैं और अब मेंगलुरु की इस मस्जिद को लेकर एक नया विवाद खड़ा होता दिख रहा है. अब देखना होगा कि जुमा मस्जिद को लेकर कोर्ट क्या फैसला सुनाता है.

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