इस्राएली राष्ट्रपति से मुलाकात के दौरान बाइडेन ने दी ईरान को कड़ी चेतावनी | दुनिया | DW | 29.06.2021
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दुनिया

इस्राएली राष्ट्रपति से मुलाकात के दौरान बाइडेन ने दी ईरान को कड़ी चेतावनी

बाइडेन इस्राएल को आश्वस्त करना चाहते हैं कि उनका प्रशासन परमाणु समझौते में फिर से शामिल होना चाहता है, लेकिन वह परमाणु-सशस्त्र ईरान को बर्दाश्त नहीं करेगा. उन्होंने मध्य पूर्व में हवाई हमले का भी बचाव किया है.

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने सोमवार, 28 जून को व्हाइट हाउस में इस्राएल के राष्ट्रपति रूवेन रिवलिन से मुलाकात की और ईरान पर अपना कड़ा रुख दोहराते हुए कहा कि हालांकि उनका प्रशासन 2015 के परमाणु समझौते में शामिल होने की मांग कर रहा है, लेकिन वे परमाणु हथियारों को लेकर सख्त हैं. ओवल ऑफिस में इस्राएल के राष्ट्रपति रिवलिन के बगल में बैठे अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा, "मैं आपको केवल इतना बता सकता हूं कि ईरान को मेरी देखरेख में कभी भी परमाणु हथियार नहीं मिल सकता है."

ईरान के साथ परमाणु समझौते पर बातचीत का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, "अभी भी एक लंबा रास्ता तय करना है." 2018 में तत्कालीन राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने अमेरिका को परमाणु समझौते से अलग कर लिया था. राष्ट्रपति जो बाइडेन ने समझौते को बहाल करने के लिए ईरान समेत छह देशों के समूह के साथ बातचीत फिर से शुरू करने का ऐलान किया है. अब, यूरोपीय देशों की मदद से अमेरिका समझौते में फिर से शामिल होने की कोशिश कर रहा है. परमाणु कार्यक्रम के लिए संयुक्त समग्र कार्ययोजना (जेसीपीओए) के खिलाफ इस्राएल जोरदार तरीके से सामने आया है.

बाइडेन से मुलाकात के बाद इस्राएल के राष्ट्रपति ने संवाददाताओं से कहा कि वह ईरान पर अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान से "संतुष्ट" हैं और दोनों देशों को "सहयोग करने की जरूरत है." यह रिवलिन की इस्राएल के राष्ट्रपति के रूप में अमेरिका की अंतिम यात्रा है, क्योंकि यहूदी एजेंसी के अध्यक्ष इसाक हेर्जोग 9 जुलाई से नए राष्ट्रपति का पद संभालने जा रहे हैं.

बाइडेन-बेनेट की मुलाकात पर नजर

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि उन्हें जल्द ही इस्राएल के नए प्रधानमंत्री नफताली बेनेट से मिलने की उम्मीद है. इससे पहले व्हाइट हाउस की प्रवक्ता जेन साकी ने कहा कि दोनों पक्ष बैठक के लिए उपयुक्त तारीख पर चर्चा कर रहे हैं. बेनेट ने इस्राएल के नए प्रधानमंत्री के रूप में 13 जून को शपथ ली थी. गठबंधन सरकार अलग-अलग राजनीतिक विचारधाराओं वाली आठ पार्टियों से बनी है, जिनमें दक्षिणपंथी राष्ट्रवादी यामिना पार्टी से लेकर अरब इस्लामिक कंजर्वेटिव राम पार्टी तक शामिल हैं. 120 सदस्यीय संसद में गठबंधन दलों के कुल 61 सदस्य हैं. गठबंधन सरकार में कुल तीन दक्षिणपंथी, दो मध्यमार्गी, दो वामपंथी और एक अरब दल शामिल हैं.

सीरिया-इराक सीमा पर हवाई हमले का बचाव 

रविवार को सीरियाई-इराकी सीमा पर ईरान समर्थित आतंकवादियों पर अमेरिका ने हवाई हमले किए थे. बाइडेन ने इस हमले का बचाव किया है. अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के कुछ सदस्यों का विचार है कि इस तरह के हवाई हमले कांग्रेस की औपचारिक स्वीकृति के बिना अवैध हैं. हालांकि बाइडेन ने रिवलिन के साथ बैठक के दौरान कहा, "मेरे पास वह अधिकार है."

अमेरिकी सेना पर रॉकेट हमले

अमेरिका ने इराक और सीरिया के सीमावर्ती क्षेत्रों में ईरानी समर्थित आतंकवादी समूहों के खिलाफ सैन्य अभियान शुरू किया है. अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में सक्रिय आतंकवादी इराक में अमेरिकी कर्मियों और प्रतिष्ठानों के खिलाफ ड्रोन हमलों में शामिल रहे हैं, जिस कारण हवाई हमले हुए हैं. सोमवार को पूर्वी सीरिया में अमेरिकी सैन्य अड्डे पर एक रॉकेट हमला हुआ था. अधिकारियों के मुताबिक रॉकेट हमले ईरानी समर्थित मिलिशिया द्वारा किए जाने की संभावना है. अमेरिकी सेना ने भी हमलों का जवाब दिया है.

इस साल जनवरी में बाइडेन के सत्ता संभालने के बाद से क्षेत्र में ईरानी समर्थित सशस्त्र समूहों के खिलाफ यह अपनी तरह का दूसरा बड़ा अभियान है. इस तरह का पहला ऑपरेशन फरवरी में हुआ था, जिसमें करीब 20 आतंकियों के मारे जाने की खबर थी. सीरिया में भी समय-समय पर इस्राएल इन ठिकानों पर हमले करता आया है.

एए/सीके (एपी, एएफपी)

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