रूसी तेल बंद करने के बाद वेनेजुएला से खरीद सकती है रिलायंस
१० जनवरी २०२६
भारतीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार दिग्गज कंपनी रिलायंस, वेनेजुएला के कच्चे तेल की खरीद फिर से शुरू करने के लिए अमेरिकी मंजूरी चाह रही है. मामले की जानकारी रखने वाले दो सूत्रों ने न्यूज एजेंसी रॉयटर्स को शुक्रवार (9 जनवरी) को यह जानकारी दी. पश्चिमी दबावों के बीच रूसी तेल का आयात रोकने वाली रिलायंस, अब अमेरिका के जरिए वेनेजुएला से तेल आपूर्ति सुरक्षित करना चाहती है.
सूत्रों के मुताबिक, रिलायंस के प्रतिनिधि मंजूरी हासिल करने के लिए अमेरिका के विदेश और वित्त मंत्रालय के साथ चर्चा कर रहे हैं. राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अमेरिका द्वारा पकड़े जाने के बाद वॉशिंगटन और कराकस के बीच, 5 करोड़ बैरल तेल को शिप किए जाने पर बातचीत जारी है.
इससे पहले रिलायंस इंडस्ट्रीज के एक प्रवक्ता ने गुरुवार को रॉयटर्स के सवालों का ईमेल के जरिए जवाब दिया था और बताया, "हम गैर-अमेरिकी खरीदारों की वेनेजुएला के तेल तक पहुंच पर स्पष्टता का इंतजार कर रहे हैं और नियमों के मुताबिक तेल खरीदने पर विचार करेंगे." हालांकि कंपनी ने अमेरिकी मंजूरी के अनुरोध पर टिप्पणी मांगने वाले रॉयटर्स के ईमेल का तत्काल जवाब नहीं दिया है.
वेनुजुएला के तेल पर मची होड़
कंपनी को पिछले साल, अमेरिकी प्रतिबंध के बावजूद वेनेजुएला से कच्चा तेल आयात करने के लिए लाइसेंस मिले थे. वेनेजुएला की सरकारी तेल कंपनी पीडीवीएसए के आंतरिक रिकॉर्डों के मुताबिक, उन अनुमतियों के तहत 2025 के पहले चार महीनों में कंपनी ने रिलायंस को लगभग 63,000 बैरल कच्चा तेल हर दिन पहुंचाया. अमेरिका ने मार्च और अप्रैल के बीच पीडीवीएसए के व्यापारिक साझेदारों के ज्यादातर लाइसेंस निलंबित कर दिए और वेनेजुएला के तेल खरीदारों को टैरिफ की धमकी दी, ताकि मादुरो पर दबाव बढ़े. रिलायंस का वेनेजुएला के तेल का आखिरी कार्गो मई 2025 में भारत पहुंचा था.
पढ़ें: ग्वाटेमाला से पनामा तक: अमेरिका ने कब-कब किया लैटिन अमेरिका में हस्तक्षेप
अमेरिकी वित्त मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि वे खास लाइसेंसों या अनुरोधों पर टिप्पणी नहीं करेंगे. और साथ ही जोड़ा कि वे "वेनेजुएला के लोगों की ओर से राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की कोशिशों का समर्थन करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है." शेवरॉन, विटोल, ट्रैफिगुरा और दूसरी बड़ी तेल कंपनियां लाइसेंस और वेनेजुएला के तेल निर्यात पर नियंत्रण पाने की होड़ में हैं.
भारत पर दबाव
इस वक्त वेनेजुएला का लाखों बैरल कच्चा तेल समुद्री टैंकों और जहाजों पर अटका हुआ है. भारत ने रूसी तेल की जितनी आपूर्ति बंद की है, उतनी भरपाई वेनेजुएला से की जा सकती है. रिलायंस, रूसी तेल का सबसे बड़ा भारतीय खरीदार था. लेकिन उसने कहा है कि उसे इस महीने रूसी कच्चे तेल का कोई कार्गो नहीं मिलेगा क्योंकि भारत, रूसी तेल का आयात बंद करने पर ट्रंप के दबाव में है. रिलायंस और पीडीवीएसए का रिश्ता पुराना है और अमेरिका के तेल व्यापार पर प्रतिबंध लगाने से पहले भारत, वेनेजुएला के कच्चे तेल के लिए तीसरा सबसे अहम बाजार था.