बैन किए गए चीनी ऐप्स से भारत के सवाल-जवाब | भारत | DW | 15.07.2020
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भारत

बैन किए गए चीनी ऐप्स से भारत के सवाल-जवाब

सरकार ने देश में बैन किए गए 59 ऐप्स की कंपनियों से 77 सवाल पूछे हैं. अहम सवाल डाटा स्टोरेज और इंफ्लूएंसर्स की भूमिका से जुड़े हैं. सरकार यह भी जानना चाहती है कि क्या उनके खिलाफ यूजर डाटा की चोरी की कहीं जांच हुई है?

भारत ने पिछले महीने 59 चीनी ऐप्स पर बैन लगा दिया था. सरकार ने कहा था कि लोगों के डाटा और देश की सुरक्षा को लेकर खतरा है. कई महीनों से जारी चीन से तनाव के बाद भारत ने चीनी ऐप्स पर प्रतिबंध लगाया था. सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के बयान में कहा गया था कि 1.3 अरब भारतीयों की प्राइवेसी और डाटा सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ रही थीं. इन चिंताओं को देश की संप्रभुता और सुरक्षा के लिए भी खतरा बताया गया था. भारत में सबसे लोकप्रिय ऐप टिक टॉक को भी बैन किया गया. टिक टॉक के यूजर्स देश में भारी संख्या में थे. बैन लगाए ऐप्स को 77 सवाल भेजे गए हैं. कंपनियों से डाटा स्टोरेज और इंफ्लूएंसर्स की भूमिका से जुड़े सवाल पूछे गए है. चीनी कंपनी बाइटडांस जो कि टिक टॉक की मालिक है, उससे भी भारत ने 77 सवाल पूछे हैं, उससे पूछा गया है कि क्या उन्होंने सामग्री को सेंसर किया या फिर विदेशी सरकार के इशारे पर काम किया या इंफ्लूएंसर्स के लिए पैरवी की.

भारत के सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने कंपनियों को जवाब देने के लिए तीन हफ्ते का समय दिया है. समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने सवालों की सूची देखी है. चीनी ऐप्स को बैन करते हुए सरकार ने कहा था कि आईटी कानून के सेक्शन 69A के तहत अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए 59 ऐसे ऐप्स को बैन करने का फैसला लिया गया, जो ऐसी गतिविधि में शामिल हैं जो देश की संप्रभुता और अखंडता, देश की रक्षा, राज्य की सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था के लिए हानिकारक हैं.

पिछले महीने लद्दाख की गलवान घाटी में चीनी-भारतीय सैनिकों की झड़प में भारत के 20 जवानों की जान चली गई थी. जिसके बाद भारत ने ऐप को बैन करने का फैसला लिया था. साथ ही देश में चीनी उत्पादों के खिलाफ एक माहौल भी तैयार हो गया था. चीन ने ऐप्स पर प्रतिबंध लगाने का कड़ा विरोध जताया था. 59 ऐप्स जिनमें टिक टॉक, अलीबाबा, यूसी ब्राउजर से पूछा गया है कि क्या उन्होंने किसी विदेशी सरकार के इशारे पर सामग्री को एडिट किया, बढ़ावा दिया या फिर उसका दर्जा कम किया है?

साथ ही एक सवाल पिछले साल हुए पुलवामा हमले से भी जुड़ा है. इसमें पूछा गया है कि क्या कंटेंट को सेंसर किया गया था? यह हमला पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन ने किया था जिसमें 40 भारतीय जवानों की मौत हो गई थी. हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में तनाव बढ़ गया था. टिक टॉक का कहना है कि वह मंत्रालय के सवालों के जवाब देने पर काम कर रहा है. उसका कहना है कि उसने भारतीय कानून का पालन किया है और उसके लिए यूजर्स के डाटा की सुरक्षा और प्राइवेसी सर्वोच्च प्राथमिकता है.

एक और सवाल में पूछा गया है कि क्या कंपनी के अधिकारियों ने फिल्मी सितारों, सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर्स या पत्रकारों से ऐसी सामग्री को प्रमोट करने के लिए संपर्क साधा जो कि कर्मशियल उद्देश्यों के लिए नहीं थी. अन्य सवाल विज्ञापनदाता, कारोबार ढांचा, टैक्स और निजता नीति से जुड़े हैं. साथ ही सरकार ने ऐप कंपनियों से पूछा है कि यूजर डाटा को लेकर क्या अमेरिका, यूरोपियन यूनियन या और कहीं उनके खिलाफ जांच हुई है.

एए/सीके (रॉयटर्स)

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