दिल्ली धमाके के बाद छापेमारी जारी, घायलों से मिले पीएम
प्रकाशित १२ नवम्बर २०२५आखिरी अपडेट १२ नवम्बर २०२५
आपके लिए अहम जानकारी
- इस्लामाबाद धमाके को लेकर पाकिस्तान ने क्या आरोप लगाए
-बिहार: एग्जिट पोल में एनडीए गठबंधन को बहुमत
-दिल्ली में वायु प्रदूषण चरम पर, लगातार दूसरे दिन "गंभीर" श्रेणी में हवा
- दिल्ली में हाई अलर्ट, लाल किले धमाके के बाद सुरक्षा कड़ी
-एच-1बी वीजा पर बोले ट्रंप, अमेरिका को दुनिया भर से प्रतिभाओं को लाना होगा
दिल्ली धमाके के बाद भारतीय कश्मीर में कई संदिग्ध हिरासत में लिए गए
दिल्ली में लाल किले के पास हुए धमाके के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने भारतीय कश्मीर में कई संदिग्धों को हिरासत में लिया है. न्यूज एजेंसी एपी के मुताबिक, पुलिस अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि कश्मीर के पुलवामा जिले में रातभर छापेमारी की गई और पांच लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है. न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, पुलिस कुलगाम और अनंतनाग आदि जिलों में भी छापेमारी कर रही है.
इस बीच, हरियाणा की फरीदाबाद पुलिस ने लाल रंग की उस इकोस्पोर्ट गाड़ी का पता लगा लिया है, जिसके लिए दिल्ली पुलिस ने अलर्ट जारी किया था. न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने इस गाड़ी के लिए अलर्ट जारी करते हुए कहा था कि इस कार का दिल्ली धमाके के मुख्य संदिग्ध डॉ. उमर उन नबी से संबंध होने का संदेह है.
सुप्रीम कोर्ट ने पूछा, पराली जलाने से रोकने के लिए क्या कदम उठाए
दिल्ली की खराब होती हवा के बीच सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार, 12 नवंबर को पंजाब और हरियाणा की सरकारों से पूछा कि उन्होंने अपने राज्यों में पराली जलाने पर नियंत्रण करने के लिए क्या कदम उठाए हैं.
सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस के विनोद चंद्रन की बेंच ने यह नोटिस तब जारी किया, जब उन्हें यह बताया गया कि दिल्ली में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान के तहत तीसरे चरण के प्रतिबंध लागू कर दिए गए हैं.
सुनवाई के दौरान, एक वकील ने आरोप लगाया कि वायु निगरानी केंद्रों के जरिए गलत डेटा जारी किया जा रहा है. वकील ने कहा कि यह एक बड़ी समस्या है और जो डेटा अपलोड किया जा रहा है, वह सही नहीं है. कोर्ट ने कहा कि वह दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण के मुद्दे पर अगले हफ्ते सुनवाई करेगा.
गगनयान मिशन के लिए इसरो का पैराशूट टेस्ट रहा सफल
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने मंगलवार, 11 नवंबर को बताया कि उन्होंने गगनयान मिशन की तैयारी के तहत पैराशूट प्रणाली से संबंधित एक अहम परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया. यह परीक्षण 3 नवंबर को उत्तर प्रदेश के झांसी में स्थित बबीना फील्ड फायरिंग रेंज में किया गया.
यह टेस्ट क्रू मॉड्यूल की स्थिरता को परखने के लिए किया गया था, खासकर उस स्थिति में जब मुख्य पैराशूट में से कोई एक देरी से खुले. परीक्षण के दौरान भारतीय वायुसेना के आईएल-76 विमान से 7.2 टन वजनी कैप्सूल सिम्युलेटर को 2.5 किलोमीटर की ऊंचाई से गिराया गया. इसरो ने इस बारे में मंगलवार को बताया कि पैराशूट सिस्टम ने योजना के अनुसार काम किया और कैप्सूल स्थिर तरीके से उतरा और सॉफ्ट लैंडिंग हासिल की.
इंसान को आखिर क्यों जाना है चांद पर?
गगनयान क्रू मॉड्यूल में 10 पैराशूट का जटिल सिस्टम है, जिसमें दो कवर हटाने वाले, दो ड्रोग पैराशूट स्थिरता के लिए, तीन पायलट पैराशूट और तीन मुख्य पैराशूट शामिल हैं. इनमें से केवल दो मुख्य पैराशूट सही तरीके से काम करें तो भी सुरक्षित लैंडिंग संभव है. इस टेस्ट में केवल दो मुख्य पैराशूट खोले गए और असमान भार की स्थिति बनाई गई, ताकि सिस्टम की मजबूती और लोड वितरण की जांच हो सके.
जर्मनी में इस साल स्कूल शुरू करने वाले बच्चों की संख्या घटी
जर्मनी में स्कूली पढ़ाई शुरू करने के लिए नामांकन करवाने वाले बच्चों की संख्या इस साल फिर घटी है. जर्मनी के संघीय सांख्यिकी कार्यालय ने बुधवार को बताया कि जर्मनी में साल 2025-26 में 8.11 लाख बच्चों ने स्कूल शुरू किया. यह बीते साल के मुकाबले 2.2 फीसदी कम है. जर्मनी में स्कूल नामांकन 2015 से लगातार बढ़ रहे थे, लेकिन 2024 से इसमें कमी आना शुरू हो गई है.
इस साल सिर्फ उत्तर-पश्चिमी राज्य ब्रेमेन में स्कूल नामांकन में कोई गिरावट देखने को नहीं मिली. वहीं, पश्चिमी राज्य सारलैंड में सबसे ज्यादा 8.5 फीसदी की गिरावट आई. जर्मनी में गर्मियों की छुट्टियों के बाद अगस्त के आखिर या सितंबर की शुरुआत में स्कूल खुलते हैं. यह राज्यों के नियमों पर भी निर्भर करता है कि स्कूल कब खुलेंगे.
जर्मन रक्षा मंत्री बोले, किसी भी देश में सेना की जर्मनी जितनी आलोचना नहीं होती
जर्मनी के रक्षा मंत्री बोरिस पिस्टोरियस ने बुंडेसवेयर (जर्मन सेना) की प्रतिष्ठा का बचाव करते हुए कहा कि सेना अपनी क्षमताओं से कहीं बेहतर है. उन्होंने सार्वजनिक प्रसारक डब्ल्यूडीआर से बातचीत में कहा, "हम वे लोग हैं जो डेनमार्क और बेल्जियम में ड्रोन का मुकाबला करने के लिए जाते हैं क्योंकि हम यह कर सकते हैं और तेजी से तैनात हो सकते हैं."
उन्होंने आगे कहा, "जो मैं हमेशा देखता हूं...और यह एक जर्मन विशेषता है...किसी भी अन्य देश में सशस्त्र बलों की इतनी आलोचना नहीं होती जितनी जर्मनी में होती है." पिस्टोरियस ने कहा, "हम अपनी प्रतिष्ठा से कहीं बेहतर हैं." साथ ही कहा कि बुंडेसवेयर "वाकई एक अच्छे दौर में है; हम परिपक्व हो रहे हैं."
जर्मनी में यूरोप की सबसे ताकतवर सेना बनाएंगे मैर्त्स
पिस्टोरियस ने यह भी उम्मीद जताई कि इस सप्ताह के अंत तक नए सैन्य सेवा कानून पर समझौता हो जाएगा, जो जनवरी से लागू होना है. यह कदम ऐसे समय में उठाया जा रहा है जब रूस की आक्रामकता और यूक्रेन पर उसके हमले के बाद जर्मनी अपनी रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है.
जर्मन चांसलर फ्रीडरिष मैर्त्स ने भी एक्स पर पोस्ट करते हुए सेना की सराहना की और लिखा कि "हमारे सैनिकों ने 70 वर्षों से हमारी शांति और स्वतंत्रता की रक्षा की है." अतीत में बुंडेसवेयर को अक्सर कम साजो-सामान और दक्षता की कमी के लिए आलोचना झेलनी पड़ी है, लेकिन सरकार अब इसे आधुनिक और सक्षम बल के रूप में पेश करने की कोशिश कर रही है.
अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी ने कहा, 2050 तक बढ़ेगी तेल और गैस की मांग
अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) ने बुधवार को चेतावनी दी कि तेल और गैस की वैश्विक मांग 2050 तक बढ़ सकती है, जिससे दुनिया के जलवायु लक्ष्यों को हासिल करना मुश्किल होगा. एजेंसी पहले अनुमान लगा रही थी कि स्वच्छ ऊर्जा की ओर तेजी से बदलाव होगा, लेकिन अब उसका कहना है कि तेल की मांग इस दशक में चरम पर पहुंच जाएगी. ताजा वर्ल्ड एनर्जी आउटलुक रिपोर्ट में आईईए ने कहा कि मौजूदा नीतियों के तहत तेल की मांग 2050 तक 113 मिलियन बैरल प्रतिदिन तक पहुंच सकती है, जो 2024 के स्तर से लगभग 13 फीसदी अधिक है.
आईईए का यह रुख उसके पिछले अनुमानों से बड़ा बदलाव है, जब उसने कहा था कि जलवायु लक्ष्यों को पाने के लिए नए तेल और गैस निवेश की जरूरत नहीं है. रिपोर्ट के मुताबिक, वैश्विक ऊर्जा मांग में 2035 तक मौजूदा स्तर से लगभग 15 फीसदी की बढ़ोतरी होगी. एजेंसी ने यह भी स्पष्ट किया कि इस साल उसने देशों की नई जलवायु योजनाओं का आकलन करने की कोशिश की, लेकिन पर्याप्त डाटा न मिलने के कारण "संकल्प पर आधारित" परिदृश्य को छोड़ दिया गया.
प्रवासन दबाव के जोखिम का सामना कर रहे बेल्जियम समेत 12 देश: यूरोपीय आयोग
यूरोपीय आयोग ने मंगलवार, 11 नवंबर को जारी अपनी रिपोर्ट में बेल्जियम को उन 12 देशों में रखा है, जो प्रवासन दबाव के जोखिम का सामना कर रहे हैं. इस सूची में जर्मनी, फ्रांस, आयरलैंड, नीदरलैंड्स और पोलैंड भी शामिल हैं. आयोग ने जुलाई 2024 से जून 2025 के बीच प्रवासन प्रबंधन में सुधार का उल्लेख किया है, जिसमें अवैध सीमा पार करने के मामलों में 35 प्रतिशत की कमी आई है.
जर्मन चांसलर के बयान के बाद माइग्रेशन पर बहस तेज
रिपोर्ट के मुताबिक, अनियमित आगमन और यूक्रेन से आए शरणार्थियों को समायोजित करने जैसी चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं. देशों का आकलन प्रवासी संख्या, शरण आवेदन, जीडीपी और जनसंख्या आकार के आधार पर किया गया. उच्च जोखिम वाले देशों में वे शामिल हैं जहां प्रवासी आबादी बड़ी है, स्वागत प्रणाली पर दबाव है या प्रवासन को हथियार के रूप में इस्तेमाल किया गया है, जैसा कि पहले पोलैंड में देखा गया था.
जर्मनी के गृह मंत्री ने किया सख्त प्रवासन नीति का बचाव
इन देशों को जून 2024 में पेश किए गए प्रवासन समझौते के तहत ईयू के ‘टूलबॉक्स’ से वित्तीय सहायता मिल सकती है. आयोग ने प्रवासियों के बंटवारे के लिए एक नए ‘सॉलिडैरिटी पूल’ का प्रस्ताव दिया है, लेकिन इसके विवरण अभी सामने नहीं आए हैं. साइप्रस, ग्रीस, इटली और स्पेन जैसे देश भी उच्च दबाव में हैं क्योंकि वहां आगमन की संख्या अधिक है.
एच-1बी वीजा पर बोले ट्रंप, अमेरिका को दुनिया भर से प्रतिभाओं को लाना होगा
अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने अपने प्रशासन के आक्रामक आप्रवासन सुधारों पर नरम रुख दिखाते हुए कहा कि अमेरिका को कुछ क्षेत्रों में विदेशी प्रतिभा की जरूरत है. उन्होंने माना कि लंबे समय से बेरोजगार अमेरिकी नागरिकों को रक्षा जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में जटिल भूमिकाओं के लिए व्यापक प्रशिक्षण के बिना नियुक्त करना संभव नहीं है.
फॉक्स न्यूज से बातचीत में जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या उनका प्रशासन एच-1बी वीजा को कम प्राथमिकता देगा, तो उन्होंने जवाब दिया, "आपको प्रतिभा लानी ही होगी." ट्रंप ने कहा, "आपके पास कुछ विशेष प्रतिभाएं नहीं हैं... आप लोगों को बेरोजगारी लाइन से उठाकर नहीं कह सकते कि चलो मिसाइल बनाने वाली फैक्ट्री में काम करो."
एच1बी वीजा महंगा होना अमेरिकी स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र के लिए झटका?
2024 में जारी आंकड़ों के अनुसार, कुल स्वीकृत एच-1बी वीजा में से 70 प्रतिशत से अधिक भारतीय पेशेवरों को मिले. इसका कारण लंबित आवेदनों का बड़ा बैकलॉग और भारत से आने वाले उच्च कौशल वाले प्रवासियों की बड़ी संख्या है. यह कार्यक्रम अमेरिकी टेक कंपनियों और रक्षा उद्योग के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है.
चीन में स्कूली बच्चों को हर दिन दो घंटे करना होगा शारीरिक व्यायाम
चीन में प्रशासन ने स्कूली बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य में सुधार लाने के लिए नए उपायों की घोषणा की है. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, चीन में प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ रहे बच्चों पर से स्कूली पढ़ाई का बोझ कम किया जाएगा, उनका स्क्रीन टाइम घटाया जाएगा और हर दिन दो घंटे शारीरिक व्यायाम करना अनिवार्य किया जाएगा. इन उपायों का उद्देश्य बच्चों को तनाव और चिंता से निपटने में मदद करना है.
शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी किए गए इन उपायों में क्लासरूम में मोबाइल फोन पर पांबदी लगाना भी शामिल है. नए उपायों के अनुसार, स्कूलों को बच्चों को दिए जाने वाले होमवर्क को सख्ती से नियंत्रित करना होगा और उन्हें हर दिन दो घंटे शारीरिक व्यायाम के लिए देने होंगे. इसके अलावा, बच्चों को दिन के खाने के लिए पर्याप्त समय देना होगा और स्कूल की टाइमिंग इस तरह रखनी होंगी जिससे बच्चों को पर्याप्त नींद मिल पाए.
ताइवान में तूफान फंग-वोंग का खतरा, हजारों लोग सुरक्षित स्थानों पर भेजे गए
ताइवान में तूफान फंग-वोंग बुधवार को दक्षिणी हिस्से में पहुंचने वाला है. राष्ट्रीय अग्निशमन एजेंसी के अनुसार, भारी बारिश और बाढ़ के कारण अब तक 51 लोग घायल हुए हैं. अधिकारियों ने एहतियातन 8,300 लोगों को उनके घरों से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है, जिनमें ज्यादातर पूर्वी ह्वालिएन काउंटी से हैं.
पूर्वी तट पर स्थित सुआओ बंदरगाह शहर में मंगलवार को 648 मिलीमीटर (25 इंच) बारिश दर्ज की गई, जो नवंबर महीने का रिकॉर्ड है. इस वजह से एक हजार से अधिक घरों में पानी भर गया. सरकार ने केंद्रीय और दक्षिणी हिस्सों में स्कूलों और दफ्तरों को बंद करने का आदेश दिया है, जिनमें काओशुंग, ताइचुंग, ताइनान और पिंगतुंग, चियाई व मियाओली काउंटी शामिल हैं.
फंग-वोंग ने रविवार को फिलीपींस में सुपर टाइफून के रूप में तबाही मचाई थी. ताइवान में यह अब भी उष्णकटिबंधीय तूफान की ताकत रखता है और इसकी वजह से पहाड़ी इलाकों में रिकॉर्ड बारिश हो रही है. बुधवार सुबह तक यह ताइवान से लगभग 140 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में था और 16 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ रहा था. मौसम विभाग का अनुमान है कि तट के करीब आते-आते इसकी गति और कम हो जाएगी.
गूगल की 2029 तक जर्मनी में 5.5 अरब यूरो निवेश करने की योजना
टेक दिग्गज गूगल ने मंगलवार को घोषणा की कि वह फ्रैंकफर्ट एम माइन के दक्षिण में स्थित डाइट्जबाख में एक नया डेटा सेंटर बनाएगा. इस मौके पर जर्मनी के वित्त मंत्री लार्स क्लिंगबील भी मौजूद रहे. यह डेटा सेंटर गूगल के क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार का हिस्सा होगा.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, गूगल का निवेश न केवल डेटा सेंटर तक सीमित रहेगा, बल्कि इसमें नवीकरणीय ऊर्जा और वेस्ट हीट का उपयोग करने वाले प्रोजेक्ट भी शामिल होंगे. जर्मन कानून के तहत नए हीटिंग सिस्टम में लगभग दो-तिहाई गर्मी नवीकरणीय स्रोतों या अनिवार्य वेस्ट हीट से आनी चाहिए. यह कदम देश के कार्बन फुटप्रिंट को कम करने की दिशा में अहम माना जा रहा है.
कंपनी ने बताया कि वह 2029 तक जर्मनी में रिकॉर्ड 5.5 अरब यूरो का निवेश करेगी, जो देश में गूगल का अब तक का सबसे बड़ा निवेश होगा. 2023 में जर्मनी का पहला गूगल डेटा सेंटर हनाउ में खोला गया था, जिसे अब इस योजना के तहत विस्तार दिया जाएगा.
पीएम मोदी ने दिल्ली धमाके में घायल हुए लोगों से मुलाकात की
भूटान दौरे से वापस आने के बाद भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली धमाके में घायल हुए लोगों से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना. मोदी ने एक्स पर लिखा, “एलएनजेपी अस्पताल जाकर दिल्ली में धमाके के दौरान घायल हुए लोगों से मुलाकात की. सभी के जल्दी से स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं. साजिशकर्ताओं को न्याय के कटघरे में लाया जाएगा.”
दिल्ली धमाके की जांच मंगलवार, 11 नवंबर को राष्ट्रीय जांच एजेंसी एनआईए को सौंपी जा चुकी है. न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, एनआईए ने इस मामले की जांच के लिए एक विशेष टीम गठित की है, जो फरीदाबाद स्थित अल-फलाह मेडिकल कॉलेज का दौरा कर सकती है. इस कॉलेज में पढ़ाने वाले डॉ. मुजम्मिल के घर से पुलिस ने ज्वलनशील पदार्थ और हथियार जब्त किए थे. एजेंसी जांच कर रही है क्या उस जब्ती और धमाके के बीच किसी तरह का कोई संबंध है.
भारतीय टेनिस प्लेयर सुमित नागल को चीन ने नहीं दिया वीजा
भारतीय टेनिस प्लेयर सुमित नागल ने कहा है कि उनकी वीजा अर्जी चीन ने खारिज कर दी है. इसके बाद नागल ने एक्स पर पोस्ट कर भारत में चीन के राजदूत और चीनी दूतावास से मदद मांगी है. चीन के चेंगदू शहर में 24 नवंबर से ऑस्ट्रेलियन ओपन के वाइल्ड-कार्ड प्लेऑफ टूर्नामेंट की शुरुआत होनी है. नागल ने इसमें हिस्सा लेने के लिए ही चीन से वीजा मांगा था.
नागल ने एक्स पर भारत में चीन के राजदूत शू फेहॉन्ग और चीनी दूतावास की प्रवक्ता यू जिंग को टैग करते हुए एक पोस्ट लिखी. इसमें उन्होंने लिखा, “मैं सुमित नागल, भारत का नंबर-1 टेनिस प्लेयर हूं. मुझे ऑस्ट्रेलियन ओपन प्लेऑफ में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए जल्द ही चीन जाना है, लेकिन मेरा वीजा बिना किसी कारण के खारिज कर दिया गया. आपकी तत्काल मदद की बहुत सराहना की जाएगी.”
ऑस्ट्रेलियन ओपन अगले साल 18 जनवरी को मेलबर्न में शुरू होगा. चीन में होने वाले प्लेऑफ में जीत दर्ज कर इस टूर्नामेंट में जगह बनाई जा सकती है. यह 2026 का पहला ग्रैंड स्लैम इवेंट होगा.
कैरेबियाई क्षेत्र में अमेरिकी युद्धपोत तैनात, वेनेजुएला के साथ तनाव बढ़ा
अमेरिका ने दुनिया के सबसे बड़े युद्धपोत यूएसएस जेराल्ड आर फोर्ड को कैरेबियाई क्षेत्र में तैनात कर दिया है. इसके साथ तीन विध्वंसक और सात अन्य जहाज भी शामिल हैं, जिनमें से कुछ पर हजारों मरीन सैनिकों की एक यूनिट मौजूद है. वॉशिंगटन का कहना है कि यह कदम ड्रग और आपराधिक नेटवर्क को खत्म करने के लिए उठाया गया है, जबकि वेनेजुएला इसे शासन परिवर्तन की साजिश बता रहा है.
वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलास मादुरो ने अमेरिकी तैनाती को "साम्राज्यवादी खतरा" करार देते हुए जमीनी, नौसैनिक और मिसाइल बलों की राष्ट्रीय स्तर पर लामबंदी का आदेश दिया है. दूसरी ओर, राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने मादुरो पर हिंसक अपराधियों और ड्रग्स को अमेरिका भेजने का आरोप लगाया और चेतावनी दी कि "मादुरो के दिन गिनती के रह गए हैं."
सितंबर से अब तक अमेरिकी बलों ने अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में कम से कम 20 जहाजों पर हमले किए हैं, जिनमें 76 लोगों की मौत हुई है. रूस ने इन हमलों को अवैध बताया है, जबकि मानवाधिकार संगठनों ने उनकी वैधता पर सवाल उठाए हैं. यह तैनाती न केवल वेनेजुएला-अमेरिका संबंधों को और बिगाड़ सकती है, बल्कि कैरेबियाई क्षेत्र में सैन्य टकराव का खतरा भी बढ़ा रही है.
कॉप30: ब्राजील के मूलनिवासियों की सुरक्षाकर्मियों के साथ झड़प
मंगलवार (11 नवंबर) की शाम ब्राजील के बेलेम शहर में चल रहे संयुक्त राष्ट्र जलवायु सम्मेलन (कॉप30) के मुख्य स्थल पर दर्जनों मूलनिवासियों और जलवायु कार्यकर्ताओं ने जबरन प्रवेश कर लिया. प्रदर्शनकारियों की सुरक्षाकर्मियों के साथ झड़प हो गई और उन्होंने "हमारी जमीन बिकाऊ नहीं है" जैसे नारे लगाए. कई लोग झंडे लहरा रहे थे और भूमि अधिकारों की मांग कर रहे थे.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, झड़प में दो सुरक्षाकर्मियों को हल्की चोटें आईं और एक पुलिसकर्मी को व्हीलचेयर में बाहर ले जाया गया. एक गार्ड के सिर पर ड्रमस्टिक फेंकने से चोट लग गई. संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता ने बताया कि घटना से स्थल को मामूली नुकसान हुआ. बाद में यूएन पुलिस ने सभी लोगों को विशाल टेंट परिसर से बाहर निकाल दिया और प्रवेश द्वारों को सील कर दिया.
लॉस एंड डैमेज फंड क्या है और कैसे काम करेगा?
इससे पहले, प्रसिद्ध आदिवासी नेता राओनी मेटुकतीरे ने चेतावनी दी थी कि अमेजन में प्रस्तावित सड़क, रेल और तेल परियोजनाएं नदियों और जमीन को नष्ट कर देंगी. उन्होंने कहा, "ये परियोजनाएं हमारे लिए ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए खतरनाक हैं. आप खुद अपने ऊपर परिणाम ला रहे हैं." मूलनिवासी सम्मेलन में अधिक भागीदारी और जंगल प्रबंधन में अपनी भूमिका की मांग कर रहे हैं.