अम्फान से पश्चिम बंगाल में 72 लोगों की मौत | भारत | DW | 21.05.2020
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भारत

अम्फान से पश्चिम बंगाल में 72 लोगों की मौत

अम्फान तूफान बुधवार दोपहर ढाई बजे के बाद पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों से टकराया. अम्फान के जमीन से टकराने की प्रक्रिया करीब चार घंटे चली और इस दौरान तटीय इलाकों में हवा की रफ्तार 185 किलोमीटर प्रति घंटे तक जा पहुंची.

अत्यधिक भीषण चक्रवाती तूफान अम्फान बुधवार दोपहर ढाई बजे के करीब पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों से टकराया. तेज हवा और भारी बारिश लेकर आए तूफान के कारण कच्चे मकान, बिजली के खंभे, पेड़ और ट्रैफिक सिग्नल उखड़ गए. बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान ने सुंदरबन क्षेत्र में खासी तबाही मचाई. इसके अलावा दक्षिण और उत्तर 24 परगना, कोलकाता, हावड़ा, हुगली, मिदनापुर में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हुई.

पश्चिम बंगाल के अलावा ओडिशा के तटवर्ती इलाकों में तेज हवाओं और बारिश के कारण कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचने की खबरें हैं. तेज हवाओं के कारण दोनों ही राज्यों में हजारों पेड़ गिर गए हैं, संचार और बिजली सप्लाई भी प्रभावित हुईं. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को दावा किया कि राज्य में 72 लोगों की मौत हुई है. साथ ही ममता बनर्जी ने मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये मुआवजा भी देने का ऐलान किया है. ममता ने कहा है कि उन्होंने इससे पहले ऐसी तबाही नहीं देखी है और वह चाहेंगी कि प्रधानमंत्री राज्य का दौरा करें और हालात जानें. दूसरी ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने  ट्वीट कर कहा कि पूरा देश बंगाल के साथ खड़ा है और राज्य की मदद की जाएगी. ओडिशा के लिए मोदी ने कहा कि राज्य सरकार के साथ मिलकर केंद्र सरकार राहत कार्य में जुटी है. 

गृह मंत्री अमित शाह ने ममता बनर्जी और ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक से बात की है. उन्होंने ने ट्वीट किया कि मोदी सरकार हर व्यक्ति की सुरक्षा के लिए तत्पर है. उन्होंने लोगों से घरों में रहने और दिशा-निर्देशों का पालन करने का आग्रह किया है. शाह ने अपने ट्वीट में लिखा एनडीआरएफ की टीम प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की मदद कर रही है. 

तूफान के दौरान कोलकाता में हवा की रफ्तार 110 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक रही. यही नहीं कोलकाता में तीन घंटे में 180 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई है और कई इलाकों में पानी भर गया. तेज हवाओं के कारण पश्चिम बंगाल और ओडिशा में कच्चे मकान और दीवारें गिर गईं.

एनडीआरएफ के डीजी एसएन प्रधान ने कहा है कि पश्चिम बंगाल के कोलकाता और ओडिशा में राहत बचाव कार्य जारी है. सड़कों पर गिरे पेड़ों को काटकर हटाया जा रहा है. तूफान के तटीय इलाकों से टकराने से पहले पश्चिम बंगाल में 5 लाख से अधिक लोगों को निकाला गया तो ओडिशा में डेढ़ लाख लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचा दिया गया था.

पड़ोसी देश बांग्लादेश में भी अम्फान ने तबाही मचाई है. चक्रवात के कारण वहां कम से कम चार लोगों की मौत हो गई है. अधिकारियों ने बताया कि कई जिलों में बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई. बांग्लादेश में करीब 24 लाख लोगों को 15,000 से अधिक शिविरों में इस चक्रवात से सुरक्षित बचाने के लिए रखा गया है. बांग्लादेशी अधिकारियों ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में एक बाढ़ संभावित द्वीप में रहने वाले रोहिंग्या शरणार्थियों को भी शिविर में पहुंचा दिया गया है. अधिकारियों को डर है कि चक्रवात के कारण खड़ी फसल बर्बाद हो गई होगी और साथ ही उपजाऊ जमीन को भी नुकसान होने का अंदेशा है.

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