रामनवमी पर कई राज्यों में सांप्रदायिक हिंसा | भारत | DW | 11.04.2022

डीडब्ल्यू की नई वेबसाइट पर जाएं

dw.com बीटा पेज पर जाएं. कार्य प्रगति पर है. आपकी राय हमारी मदद कर सकती है.

  1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages
विज्ञापन

भारत

रामनवमी पर कई राज्यों में सांप्रदायिक हिंसा

रामनवमी पर निकाली गई यात्राओं के बीच कम से कम चार राज्यों में हिंसक झड़पें हुईं, जिनमें कई लोग घायल हो गए और काफी संपत्ति का नुकसान हुआ. गुजरात में हिंसा के दौरान एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई.

सांप्रदायिक हिंसा

फाइल तस्वीर

10 अप्रैल को रामनवमी से जुड़ी शोभायात्रा के दौरान हिंसक घटनाएं गुजरात, मध्य प्रदेश, झारखंड और पश्चिम बंगाल में हुईं. गुजरात के आणंद और साबरकांठा जिलों के दो शहरों में यात्राओं के दौरान दो समुदायों के बीच पहले पत्थरबाजी हुई.

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, देखते ही देखते हिंसक झड़पें शुरू हो गईं. गाड़ियों और दुकानों को आग लगा दी गई. पुलिस ने भी लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले दागे. कई लोग घायल हो गए, जिनमें पुलिसकर्मी भी शामिल थे.

(पढ़ें: मस्जिद के सामने भीड़ के बीच महंत ने मुस्लिम महिलाओं को दी रेप की धमकी, एफआईआर दर्ज)

एक व्यक्ति की मौत

देर शाम आणंद के खंभात शहर में पुलिस को घटनास्थल से एक व्यक्ति का शव बरामद हुआ. पुलिस ने मृतक की उम्र 60-65 साल बताई है. उसकी अभी तक पहचान नहीं हो पाई है. मृत्यु का कारण पोस्टमार्टम के बाद ही पता चलेगा.

इसी तरह के घटनाक्रम की खबरें मध्य प्रदेश के खरगोन, पश्चिम बंगाल के हावड़ा और झारखंड के लोहरदगा और बोकारो जिलों से भी आईं. खरगोन में कम से कम 10 घरों में आग लगा दी गई और दो दर्जन से भी ज्यादा लोग घायल हो गए. स्थानीय पुलिस अधीक्षक के भी घायल होने की खबर आई. शहर के कुछ हिस्सों में कर्फ्यू लगा दिया है.

(पढ़ें: अब दिल्ली में हुई मुस्लिमों के खिलाफ भड़काऊ बयानबाजी)

जेएनयू में भी हिंसा

इसके अलावा दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में रामनवमी पर मांसाहारी भोजन खिलाए जाने को लेकर छात्र परिषद्व (जेएनयूएसयू) और एबीवीपी के बीच विवाद हुआ और वह भी हिंसक झड़प में बदल गया. दोनों तरफ से कम से कम 16 छात्र घायल हो गए.

दिल्ली पुलिस ने मामले में एक एफआईआर दर्ज की है. घायलों को आस पास के अस्पतालों में इलाज के लिए ले जाया गया. लगभग सभी घटनाओं में दोनों समुदायों के लोगों ने एक दूसरे पर झगड़ा शुरू करने का आरोप लगाया है. सोशल मीडिया पर भी कई तरह के वीडियो डाले गए हैं जिनमें अलग अलग दावे किए जा रहे हैं.

DW.COM