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‘ऑपरेशन सिंदूर’ का एक साल पूरा, पीएम की लोगों से खास अपील

आदर्श शर्मा रॉयटर्स, एएनआई | रजत शर्मा एपी, एएफपी, डीपीए
प्रकाशित ७ मई २०२६आखिरी अपडेट ७ मई २०२६

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बहुत सी टीवी स्क्रीनों पर पीएम नरेंद्र मोदी का संबोधन देखता एक व्यक्ति
भारत और पाकिस्तान के बीच 2025 में 'ऑपरेशन सिंदूर' के साथ शुरू हुआ सैन्य संघर्ष पांच दिनों तक चला थातस्वीर: Rajanish Kakade/AP/picture alliance
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पाकिस्तान ने कहा, किसी भी आक्रामकता का जवाब देने के लिए तैयार हैं को स्किप करें
७ मई २०२६

पाकिस्तान ने कहा, किसी भी आक्रामकता का जवाब देने के लिए तैयार हैं

टैंक पर खड़े होकर सैनिकों को संबोधित करते पाकिस्तानी सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर
पाकिस्तानी सेना ने कहा है कि वे भविष्य की चुनौतियों के लिए भी तैयार हैंतस्वीर: Pakistan Inter Service Public Relations/AFP

भारत और पाकिस्तान के बीच छिड़े संघर्ष के एक साल पूरे होने के मौके पर पाकिस्तानी सेना ने भी बयान जारी किया है. पाकिस्तानी सेना के इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) ने अपने बयान में पाकिस्तानी वायुसेना की तारीफ करते हुए कहा, “पाकिस्तानी सशस्त्र बल भविष्य के युद्धक्षेत्र के लिए और वतन पर थोपी गई किसी भी आक्रामकता का निर्णायक जवाब देने के लिए तैयार हैं.”

पिछले साल 7 मई को भारतीय सेना ने पाकिस्तान में कई ठिकानों पर हमले किए थे. भारत सरकार ने इसे ऑपरेशन सिंदूर नाम दिया था और हमलों को “आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई” बताया था. इसके जवाब में पाकिस्तान ने ‘ऑपरेशन बुन्यान-अल-मर्सूस’ शुरू किया था. वहीं, 22 अप्रैल को पहलगाम हमला होने के बाद से 10 मई को संघर्षविराम होने तक के घटनाक्रम को पाकिस्तान ने ‘मरका-ए-हक’ नाम दिया था. 

अब पाकिस्तानी सेना ने अपने बयान में चेतावनी देते हुए कहा है, “पाकिस्तान के खिलाफ किसी भी शत्रुतापूर्ण साजिश का मुकाबला और भी अधिक ताकत, सटीकता और दृढ़ संकल्प के साथ किया जाएगा और यह उससे कहीं अधिक मजबूत होगा जो दुश्मन ने ‘मरका-ए-हक’ के दौरान देखा था.” पाकिस्तान ने यह भी कहा कि सशस्त्र बल भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए अपनी क्षमताओं में निवेश करना जारी रखेंगे. 

पाकिस्तान में बने जेट कितने दमदार और भरोसेमंद

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अमेरिकी जज ने जारी किया एपस्टीन का कथित सुसाइड नोट को स्किप करें
७ मई २०२६

अमेरिकी जज ने जारी किया एपस्टीन का कथित सुसाइड नोट

एक फाइल में जेफ्री एपस्टीन का ब्यौरा, सीधे और किनारे से तस्वीरें
अमेरिकी न्याय मंत्रालय के कागजात में जेफ्री एपस्टीन का ब्यौरातस्वीर: Jon Elswick/AP Photo/picture alliance

अमेरिका के एक संघीय जज के आदेश पर बुधवार, 6 मई को एक दस्तावेज जारी हुआ, जिसे फाइनेंसर और सजायाफ्ता अपराधी जेफ्री एपस्टीन का लिखा कथित सुसाइड नोट बताया जा रहा है. न्यूयॉर्क के वाइट प्लेन्स में डिस्ट्रिक्ट जज केनेथ कारास ने पिछले हफ्ते द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट और इसे जारी करने की मांग के बाद नोट को सार्वजनिक करने का आदेश दिया. न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, हाथ से लिखा यह नोट एपस्टीन के साथ मैनहट्टन जेल में कोठरी साझा करने वाले सजायाफ्ता कातिल और पूर्व पुलिस अधिकारी निकोलस टार्टाग्लियोन को मिला था.

पढ़ें: एप्सटीन फाइल्स में मोदी के नाम पर विवाद

एपस्टीन 10 अगस्त, 2019 को अपने सेल में मृत पाया गया था. यह एपस्टीन की खुदकुशी की पहली कोशिश के तीन हफ्ते बाद की घटना थी. दुनिया की मशहूर हस्तियों के साथ करीबी रिश्ते रखने वाले एपस्टीन पर उस वक्त सेक्स ट्रैफिकिंग के आरोप लगे थे और मुकदमे की कार्रवाई होनी थी. खबरों के मुताबिक, यह नोट एक पीले लीगल पैड पर लिखा गया था.

जेफ्री एपस्टीन का कथित सुसाइड नोट
जेफ्री एपस्टीन का कथित सुसाइड नोटतस्वीर: United States District Judge Southern District of New York/AFP

अदालती फाइल में जारी की गई इसकी एक तस्वीर के मुताबिक एपस्टीन ने लिखा, "उन्होंने महीनों तक मेरी जांच की- कुछ नहीं मिला!!! अलविदा कहने के लिए अपना समय खुद चुन पाना एक सुकून की बात है." जज कारास ने कहा कि यह नोट एक न्यायिक दस्तावेज की कैटेगरी में आता है, जिसे जनता देख सकती है क्योंकि यह टार्टाग्लियोन के आपराधिक मामले के सिलसिले में पेश किया गया था. सरकारी संघीय वकीलों ने द न्यूयॉर्क टाइम्स की इस नोट को जारी करने की मांग का विरोध नहीं किया.

जेफ्री एपस्टीन कौन था, कैसे प्रभाव और पैसा बनाया, जानिए:

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पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी के पीए की गोली मारकर हत्या को स्किप करें
७ मई २०२६

पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी के पीए की गोली मारकर हत्या

स्कॉर्पियो गाड़ी की तस्वीर, जिसपर हमला हुआ
मोटरसाइकिल पर सवार हमलावरों ने 41 वर्षीय चंद्रनाथ रथ की गाड़ी को रोका और उन पर अंधाधुंध गोलियां चलाईंतस्वीर: Saikat Paul/ANI

पश्चिम बंगाल के मध्यमग्राम में बुधवार, 6 मई की रात को बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक की गोली मारकर हत्या कर दी गई. न्यूज एजेंसी एएफपी के मुताबिक, मोटरसाइकिल पर सवार हमलावरों ने 41 वर्षीय चंद्रनाथ रथ की गाड़ी को रोका और उन पर अंधाधुंध गोलियां चलाईं. इनमें से कई गोलियां चंद्रनाथ रथ के दिल में जाकर लगीं. हमले के बाद उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी.

पश्चिम बंगाल के डीजीपी सिद्ध नाथ गुप्ता ने एएफपी को बताया कि गोलीबारी बुधवार रात को करीब 11 बजे हुई और हमले में इस्तेमाल हुई बाइकों को जब्त कर लिया गया है. उन्होंने बताया, “बाइकों के रजिस्ट्रेशन नंबर फर्जी थे और हम हमलावरों की तलाश कर रहे हैं.” विधानसभा चुनावों के नतीजों की घोषणा के बाद से पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा में पांच लोगों की मौत हो चुकी है. 

पश्चिम बंगाल में बीजेपी ने 207 सीटें जीतकर टीएमसी को बड़ी मात दी है. अब शुभेंदु अधिकारी को मुख्यमंत्री पद का बड़ा दावेदार माना जा रहा है. ऐसे में उनके सहयोगी की हत्या ने राज्य में राजनीतिक तनाव को बढ़ा दिया है. शुभेंदु ने इस हत्या को “कोल्ड-ब्लडेड मर्डर” करार दिया है. पश्चिम बंगाल बीजेपी के अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने इस हत्या के लिए टीएमसी को जिम्मेदार ठहराया है.

डीजीपी सिद्ध नाथ गुप्ता के मुताबिक, राज्य में चुनावी हिंसा के 200 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज किए जा चुके हैं और 400 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है. बीजेपी ने टीएमसी पर "लक्षित हत्याएं" करने का आरोप लगाया है. वहीं, टीएमसी ने हिंसा की निंदा की है और आरोप लगाया है कि यह हिंसा "भाजपा समर्थित उपद्रवियों" द्वारा की जा रही है.

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ईरान युद्ध: ट्रंप बोले, "काफी संभावना" है कि डील हो जाए को स्किप करें
७ मई २०२६

ईरान युद्ध: ट्रंप बोले, "काफी संभावना" है कि डील हो जाए

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप
डील की संभावना जताने से कुछ घंटे पहले ट्रंप ईरान पर भारी बमबारी की धमकी दे रहे थेतस्वीर: Brendan Smialowski/AFP

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ शांति वार्ता के ताजा दौर को लेकर उम्मीद जताई है. बुधवार, 6 मई की देर रात ओवल ऑफिस में उन्होंने पत्रकारों से कहा, "पिछले 24 घंटों में हमारी बहुत अच्छी बातचीत हुई है और यह बहुत मुमकिन है कि हम कोई समझौता कर लेंगे." बुधवार को ही बाद में, गवर्नर पद के एक रिपब्लिकन उम्मीदवार के लिए टेली-रैली के दौरान, ट्रंप ने फिर से वादा किया कि "यह जल्दी ही खत्म हो जाएगा."

लेकिन इसी दिन ट्रंप ने ईरान पर फिर से बमबारी शुरू करने की धमकी भी दी, अगर वह परमाणु कार्यक्रम खत्म करने और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की अमेरिकी मांगों को नहीं मानता. उन्होंने अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर लिखा, "अगर वे राजी नहीं होते तो बमबारी शुरू हो जाएगी और अफसोस की बात है कि यह पहले के मुकाबले कहीं बड़े स्तर और तीव्रता के साथ होगी."

ईरान के विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिकी प्रस्ताव की "समीक्षा" की जा रही है और तेहरान का जवाब अपने पक्ष के साथ मध्यस्थ पाकिस्तान को भेज दिया जाएगा.

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ऑपरेशन सिंदूर का एक साल, जयराम रमेश ने सरकार की रणनीति पर उठाए सवाल को स्किप करें
७ मई २०२६

ऑपरेशन सिंदूर का एक साल, जयराम रमेश ने सरकार की रणनीति पर उठाए सवाल

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते जयराम रमेश
जयराम रमेश ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के युद्धविराम करवाने के दावों का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार भी खंडन नहीं कियातस्वीर: Sumit/ANI

ऑपरेशन सिंदूर का एक साल पूरा होने के मौके पर कांग्रेस पार्टी के संचार प्रभारी जयराम रमेश ने “सशस्त्र बलों की उपलब्धियों को सलाम” किया और केंद्र सरकार की रणनीति पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने सबसे पहले अमेरिका द्वारा युद्धविराम की घोषणा किए जाने पर सवाल पूछा. उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के युद्धविराम करवाने के दावों का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार भी खंडन नहीं किया.

उन्होंने आगे लिखा, “10 जून 2025 को जकार्ता में आयोजित एक सेमिनार में इंडोनेशिया स्थित भारतीय दूतावास के डिफेंस अताशे ने स्वीकार किया था कि 7 मई 2025 को राजनीतिक नेतृत्व द्वारा तय की गई सीमाओं के कारण भारत ने अपने विमान खो दिए थे.” जयराम रमेश के मुताबिक, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने कहा था कि “सामरिक गलतियों के कारण भारत को शुरुआती नुकसान उठाना पड़ा था.” 

उन्होंने यह भी दावा किया कि भारत द्वारा व्यापक कूटनीतिक संपर्क अभियान चलाए जाने के बावजूद, “पाकिस्तान वैसा अलग-थलग नहीं पड़ा जैसा वह नवंबर 2008 के मुंबई आतंकी हमले के बाद हुआ था.” उन्होंने कहा कि इसके उलट पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर राष्ट्रपति ट्रंप के करीबी बन गए. 

कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान चीन की भूमिका पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि उप सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल राहुल सिंह ने “ऑपरेशन सिंदूर के जवाब में पाकिस्तान की कार्रवाई में चीन की बेहद गंभीर भूमिका की ओर स्पष्ट रूप से ध्यान आकर्षित किया था.” जयराम रमेश ने लिखा कि इसके बावजूद “चीन के प्रति मोदी सरकार का संतुलित समर्पण लगातार जारी है.”

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‘ऑपरेशन सिंदूर’ का एक साल पूरा होने पर क्या बोले पीएम मोदी को स्किप करें
७ मई २०२६

‘ऑपरेशन सिंदूर’ का एक साल पूरा होने पर क्या बोले पीएम मोदी

पीएम मोदी का 'ऑपरेशन सिंदूर' से जुड़ा संबोधन एक मोबाइल स्क्रीन पर
पीएम मोदी का 'ऑपरेशन सिंदूर' से जुड़ा संबोधन एक मोबाइल स्क्रीन परतस्वीर: Infinity News Collective/picture alliance/imageBROKER

पिछले साल भारतीय सेना द्वारा चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’का गुरुवार, 7 मई को एक साल पूरा हो गया है. इस मौके पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंटों पर प्रोफाइल पिक्चर बदली. अब उनकी प्रोफाइल पिक्चर में भारतीय झंडे के साथ ‘ऑपरेशन सिंदूर’ लिखा हुआ दिख रहा है. उनके मंत्रिमंडल के अन्य सदस्यों ने भी अपनी प्रोफाइल पिक्चर बदल ली है.

पीएम मोदी ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “एक साल पहले ऑपरेशन सिंदूर के दौरान, हमारी सशस्त्र सेनाओं ने अपनी वीरता का प्रदर्शन किया और हमारे लोगों पर हमला करने वालों को करारा जवाब दिया. हर भारतीय को हमारी सशस्त्र सेनाओं पर गर्व है.” इस पोस्ट में उन्होंने भारत के लोगों से भी अपनी प्रोफाइल पिक्चर बदलने की अपील की.

पीएम मोदी ने एक अन्य पोस्ट में लिखा, “ऑपरेशन सिंदूर आतंकवाद के खिलाफ भारत की मजबूत प्रतिक्रिया और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है.” उन्होंने आगे लिखा कि ऑपरेशन सिंदूर के एक साल बाद, “हम आतंकवाद को हराने और उसके सहयोगी ईकोसिस्टम को नष्ट करने के हमारे संकल्प के प्रति पहले की तरह की दृढ़ हैं.”

भारत सरकार के मुताबिक, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत उन्होंने पाकिस्तान में मौजूद आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया था. 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आम लोगों पर हुए कातिलाना हमले के जवाब में भारत ने यह ऑपरेशन शुरू किया था, जो आगे चलकर दोनों देशों के बीच एक सशस्त्र संघर्ष में बदल गया था. 10 मई को दोनों देशों के बीच संघर्षविराम की घोषणा हुई थी.

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आदर्श शर्मा
आदर्श शर्मा डीडब्ल्यू हिन्दी के साथ जुड़े आदर्श शर्मा भारतीय राजनीति, समाज और युवाओं के मुद्दों पर लिखते हैं.