यूरोप के लिए 500 अरब यूरो के रिकवरी फंड की तैयारी | दुनिया | DW | 19.05.2020
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दुनिया

यूरोप के लिए 500 अरब यूरो के रिकवरी फंड की तैयारी

यूरोपीय संघ के नेताओं के बीच हफ्तों से इस बात पर मतभेद थे कि यूरोजोन को कैसे कोरोना महामारी के बाद पटरी पर लाया जाए. जर्मनी और फ्रांस ने अब 500 अरब यूरो के फंड का प्रस्ताव रखा है.

जर्मन चांसलर अंगेला मैर्केल और फ्रांस के राष्ट्रपति इमानुएल माक्रों के बीच सोमवार को वर्चुअल बातचीत में इस प्रस्ताव पर सहमति बनी. प्रस्ताव के तहत यूरोपीय संघ में सबसे ज्यादा प्रभावित सेक्टरों और क्षेत्रों को मदद दी जाएगी.

यूरोपीय संघ के 27 सदस्य देश वित्तीय बाजारों से साझा कर्ज लेकर रकम जुटा सकते हैं. प्रस्तावित 500 अरब यूरो की ग्रांट 2021 से 2027 के लिए निर्धारित बजट से अलग होगी. यह बजट 1 ट्रिलियन के आसपास होगा.

यूरोजोन की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं जर्मनी और फ्रांस के नेताओं के बीच बनी सहमति से यूरोपीय संघ में व्यापक डील का रास्ता साफ हो सकता है.

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सोमवार को हुई सहमति से पहले यूरोपीय संघ में हफ्तों से यह बहस चल रही थी कि संघ की अर्थव्यवस्थाओं को संकट से निकालने के लिए कौन सा रास्ता सबसे बढ़िया होगा. फ्रांस, इटली और स्पेन ग्रांट का समर्थन कर रहे थे जबकि जर्मनी और नीदरलैंड्स जैसे वित्तीय रूप से परंपरावादी देश इस विचार के हक नहीं में थे. वे कर्जों के जरिए राहत पैकेज देने की पैरवी कर रहे थे.

कोरोना महामारी ने पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को ठप कर दिया है. भारत में सरकार ने अर्थव्यवस्था में जान फूंकने के लिए 20 लाख करोड़ रुपये यानी लगभग 240 अरब यूरो के पैकेज का एलान किया है. इसके तहत लॉकडाउन के कारण देश की थमी हुई अर्थव्यवस्था को फिर से चलाने के लिए विभिन्न सेक्टरों को मदद दी जा रही है.

शॉर्ट टर्म समाधान

जर्मन चांसलर अंगेला मैर्केल ने कहा है कि जिस प्रस्ताव पर सोमवार को सहमति बनी, वह सिर्फ एक अल्पकालिक समाधान है जबकि दीर्घकालीन समाधान पर बाद में चर्चा होगी जिसमें यूरोपीय संघ के सुधार भी शामिल हैं. उन्होंने कहा, "यूरोप को और ज्यादा विकसित होना होगा." 

वीडियो देखें 03:05

क्रैश हुआ एयरलाइन उद्योग

यूरोपीय आयोग 27 मई को रिकवरी फंड से जुड़ा अपना प्रस्ताव पेश करेगा जो यूरोपीय संघ के दीर्घकालीन बजट से जुड़ा होगा. इस प्रस्ताव पर यूरोपीय संघ के 27 देश मतदान करेंगे.

फ्रांस के राष्ट्रपति माक्रों ने कहा कि जर्मनी और फ्रांस अगले हफ्ते होने वाली वोटिंग में आमराय को सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं. दोनों नेताओं ने सार्वजनिक स्वास्थ्य, पर्यावरण, टेक्नोलॉजी और औद्योगिक संप्रभुता से जुड़े मुद्दों पर भी बात की.

यूरोपीय संघ में प्रतिक्रिया

यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला फॉन डेय लाएन ने एक बयान जारी कर जर्मनी और फ्रांस के प्रस्ताव का स्वागत किया है. उन्होंने कहा, "यह इस बात को स्वीकारता है कि यूरोप के सामने कितनी बड़ी आर्थिक चुनौतियां खड़ी हैं और यूरोपीय बजट को केंद्र में रखकर समाधान के लिए काम करने की जरूरत पर बिल्कुल सही जोर दिया गया है."

यूरोपीय संसद में स्पेन के एक सांसद लुईस गार्सियानो ने भी प्रस्ताव का समर्थन किया है. उन्होंने कहा कि यह आगे बढ़ने की दिशा में सही कदम है. उन्होंने मदद को लोन से ग्रांट में बदले जाने पर भी खुशी जताई.

क्यों चाहिए रिकवरी फंड

साझा मुद्रा यूरो वाले यूरोजोन की अर्थव्यवस्था पर कोरोना महामारी की बड़ी मार पड़ी है. कई देश तो इस साल अपनी जीडीपी में 7.7 प्रतिशत की गिरावट का अनुमान भी लगा रहे हैं. कोरोना महामारी की वजह से सब कुछ ठप्प है और अर्थव्यवस्था का पहिया थम गया है.

अल्पकालिक लोन के रूप में 540 अरब यूरो के सहायता पैकेज पर इस साल अप्रैल में यूरोपीय संघ के देशों में सहमति बन चुकी है.

एके/एनआर (एएफपी, रॉयटर्स, डीपीए)

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