भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी क्यों कर रहे हैं ′स्वामी आर्मी′ की तारीफ | खेल | DW | 05.12.2018
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खेल

भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी क्यों कर रहे हैं 'स्वामी आर्मी' की तारीफ

ऑस्ट्रेलिया की 'स्वामी आर्मी' की तारीफ भारतीय क्रिकेट कप्तान विराट कोहली से लेकर शिखर धवन जैसे खिलाड़ी भी कर चुके हैं. जानिए ये आर्मी ऐसा क्या करती है जिससे क्रिकेटरों को ऑस्ट्रेलियाई मैदानों में घर जैसा महसूस होता है.

Kartik Ayyalasomayajula von der Fangruppe Swami Army (Getty Images/AFP/W. West)

एक प्रशंसक के साथ भारतीय क्रिकेट टीम के लिबास में कार्तिक आर्यसोमायाजुला

ऑस्ट्रेलिया के क्रिकेट स्टेडियमों में जुटे ढेरों खेल प्रेमियों को देखकर दुनिया भर की मीडिया की ही तरह कमेंटेटर भी चौंक रहे हैं. कमेंटेटरों को विश्वास ही नहीं हो रहा है कि यह नजारा भारत में नहीं ऑस्ट्रेलिया में है. इनके कारण ऑस्ट्रेलिया के स्टेडियम में दर्शकों के पवेलियन का रंग उनकी जर्सी के पीले या हरे रंग का नहीं बल्कि भारतीय जर्सी के नीले रंग में डूबा दिखता है.

इतना ही नहीं ऑस्ट्रेलिया में चल रहे क्रिकेट मुकाबलों को देखने पहुंचे भारतीय खेल प्रेमी भी कहते हैं कि यहां के स्टेडियमों में जु़टे अधिकतर फैन्स भारत की हौसलाअफजाई कर रहे हैं. क्रिकेट के दीवाने बताते हैं कि स्टेडियमों में ऑस्ट्रेलियाई समर्थकों से ज्यादा भारतीय समर्थक जुटे हैं, जिसके चलते यहां भारतीय खिलाड़ियों को घर जैसा महसूस होता है.

कौन कर रहा सपोर्ट

दरअसल सिडनी में रहने वाले 30 साल के कार्तिक ने साल 2003 में अपने दोस्तों के साथ मिलकर एक समूह 'स्वामी आर्मी' बनाया था. आज इसके सदस्यों की संख्या दुनिया भर में 60 हजार के करीब हो गई है. कार्तिक ने कहा, "हम टीम की हौसलाफजाई के लिए देश के कोने कोने में साथ जाते हैं." इस स्वामी आर्मी की खास बात है कि इसके फॉलोवर्स के चलते स्टेडियम के अंदर और बाहर कार्निवाल जैसा माहौल बना रहता है. मैच के पहले ड्रम बजते ही फॉलोवर्स नाचते-गाते लाइन में लग जाते हैं.

स्वामी आर्मी से मिल रहे साथ और हौसले को भारतीय टीम के बड़े खिलाड़ियों से भी सराहना मिल चुकी है. भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली के अलावा ओपनर बल्लेबाज शिखर धवन और अन्य खिलाड़ियों ने इस सपोर्ट को जबरदस्त बताया है.

क्रिकेट को बनाया अपना धर्म

ऑस्ट्रेलिया में खेलों की इतिहासकार मेगन पोंसफोर्ड कहती हैं कि ब्रिटिश सरकार, भारत में क्रिकेट को करीब 1700 के दशक में लाई थी और यह भारत में खूब फला-फूला. मेगन पोंसफोर्ड ने ऑस्ट्रेलियाई टीम के साल 1935-36 में पहले भारत दौरे की रिसर्च में अपनी जिंदगी के कई साल भी लगाए हैं. उनकी रिसर्च के मुताबिक ऑस्ट्रेलियाई टीम सबसे पहले भारत एक गुडविल ट्रिप पर गई थी, जिसका मकसद भारतीयों को टीम बनाने में मदद करना था. मेगन जाने-माने ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर बिल पोंसफोर्ड की पोती हैं.

मेलबर्न में रहने वाले क्रिकेट के दीवाने अंगद ओबेराय कहते हैं, "भारत विभिन्न धर्मो, भाषा और संस्कृतियों का देश है लेकिन क्रिकेट एक ऐसी चीज है जो सारी दीवारों को तोड़ देता है."

टीम का फायदा

भारतीय फैन्स की ये मौजूदगी टीम इंडिया के लिए हर तरह से फायदेमंद है. आज भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड दुनिया भर के क्रिकेट बोर्डों में सबसे ज्यादा अमीर माना जाता है. इतना ही नहीं अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल का 70 फीसदी राजस्व भी भारतीय क्रिकेट से ही आता है.पोंसफोर्ड कहती हैं कि ऑस्ट्रेलिया में क्रिकेट को जिंदा रखने के लिए भारत के साथ खेलते रहना जरूरी है.

एए/आरपी (एएफपी)

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