बलात्कार कांड की सुनवाई | दुनिया | DW | 03.01.2013
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दुनिया

बलात्कार कांड की सुनवाई

दिल्ली बलात्कार कांड के 19 दिन बाद पुलिस आरोपियों के खिलाफ साकेत की अदालत में चार्जशीट दाखिल कर रही है. इनमें पांच वयस्क और एक नाबालिग है. पुलिस इन पर हत्या की धारा भी लगा रही है, जिसमें फांसी की सजा हो सकती है.

साकेत कोर्ट के एक सूत्र ने बताया कि एक छोटे से कमरे में इस प्रक्रिया की शुरुआत होगी और दिल्ली पुलिस के चार्जशीट पेश किए जाने के बाद इसे आरोपियों को दिया जाएगा. इस दस्तावेज में दिल्ली पुलिस के जुटाए गए सबूत होंगे. समझा जा रहा है कि दस्तावेज 1000 पन्नों से भी ज्यादा का है. दिल्ली पुलिस का दावा है कि उसके पास बेहद पक्के सबूत हैं. सबसे अहम लड़की के व्बायफ्रेंड की गवाही होगी, जो पूरी घटना के समय उसके साथ था.

16 दिसंबर की रात 23 साल की छात्रा और उसका दोस्त फिल्म देखने के बाद घर जा रहे थे, जब उन्हें बस में बिठा लिया गया और छह लोगों ने उसका बलात्कार किया. इस दौरान उसे बुरी तरह पीटा गया और उनके अंगों में रॉड डाल दिया गया. बेहद नाजुक स्थिति में लड़की का इलाज पहले भारत और बाद में सिंगापुर में किया गया. लेकिन 13 दिनों तक जिंदगी से संघर्ष के बाद उसने 29 दिसंबर को दम तोड़ दिया.

इस मामले में जिन लोगों पर आरोप लगाया गया है, वे सभी जेल में हैं. उनके नाम इस प्रकार हैं.

राम सिंह

यह इस पूरे मामले का सरगना बताया जाता है. दिल्ली के रामदास कॉलोनी में रहने वाला राम सिंह 35 साल का विधुर है और पड़ोसियों का कहना है कि वह पक्का शराबी है. वह उस बस का नियमित ड्राइवर था, जिसमें यह कांड हुआ. यह बस स्कूली बच्चों को ले जाने के लिए इस्तेमाल होती थी.

मुकेश सिंह

राम सिंह का छोटा भाई 26 साल का मुकेश सिंह है. वह भी इस बस को कभी कभी चलाता था और बाकी समय में इसके क्लीनर का काम करता था. उस पर आरोप है कि वह भी बलात्कार में शामिल था और लड़की पर जानलेवा हमला करने में भी शरीक था.

विनय शर्मा

बीस साल का जिम ट्रेनर भी इस मामले में आरोपी है. उसने लड़के को पीटने की बात को स्वीकार किया है कि लेकिन खुद बलात्कार में शामिल होने की बात से इनकार किया है. भारत के द हिन्दू ने इस मामले में रिपोर्ट छापी है.

अक्षय ठाकुर

बस में हेल्पर का काम करने वाला ठाकुर बिहार का रहने वाला है. उसे 21 दिसंबर को बिहार से गिरफ्तार किया गया. उस पर सबूतों को नष्ट करने का भी आरोप है.

पवन गुप्ता

भारत के अखबार द हिन्दू के मुताबिक पवन गुप्ता 19 साल का है और फल बेचता है. उसने पिछली बार अदालत में पेशी के दौरान कहा था, "मैंने एक जघन्य काम कर दिया है. मैंने बहुत बुरा किया है."

आरोपी नंबर 6

दिल्ली पुलिस का कहना है कि इस लड़के के नाबालिग होने की संभावना है और इस वजह से इसके नाम का खुलासा नहीं किया जा रहा है. बताया जा रहा है कि वह 17 साल का है और उसके उम्र की पुष्टि की जा रही है.

इस घटना के बाद गुस्साए लोगों ने लगातार दिल्ली में प्रदर्शन किया. भारी दबाव के बाद सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाने की बात की है. उसने एक सदस्यीय समिति भी बना दी है, जो इसकी जांच करेगी. इस मामले की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक अदालत बनाई गई है. इसके अलावा बलात्कार के मामले में और कड़ा कानून बनाने की भी कार्यवाही शुरू हो गई है.

लड़की के नाम को जाहिर नहीं किया गया है लेकिन केंद्रीय मंत्री शशि थरूर ने उसका नाम जाहिर करने और सम्मान देने का प्रस्ताव दिया है. उन्होंने भारत में नए बलात्कार कानून का नाम उसके नाम पर रखने का सुझाव भी दिया है. भारतीय मीडिया ने परिवार वालों के हवाले से कहा है कि उन्हें इस बात से कोई एतराज नहीं है.

उसने इंडियन एक्सप्रेस से कहा, "मेरे पिता का मानना है कि अगर वे मेरी बहन के नाम पर नया कानून का नाम रखना चाहते हैं तो वे ऐसा कर सकते हैं. यह उसको श्रद्धांजलि होगी." उसने यह भी कहा कि परिवार वालों को अकेला छोड़ दिया जाए और उन्हें परेशान न किया जाए, "लोगों का गुस्सा जायज है लेकिन मेरी बहन के नाम पर किसी तरह का तमाशा नहीं होना चाहिए."

जी20 देशों में महिला अधिकार और उनके खिलाफ अपराध के मामले में भारत की स्थिति सबसे बदतर है.

एजेए/एमजे (एएफपी, पीटीआई, रॉयटर्स, एपी)

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