प्रधानमंत्री ने अंतरिक्ष, स्वास्थ्य और महिलाओं के नाम किए बड़े ऐलान | दुनिया | DW | 15.08.2018
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दुनिया

प्रधानमंत्री ने अंतरिक्ष, स्वास्थ्य और महिलाओं के नाम किए बड़े ऐलान

72वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तिरंगा फहराने के बाद अंतरिक्ष, कश्मीर, महिला सशक्तिकरण और स्वास्थ्य से जुड़े बड़े ऐलान किए. यह प्रधानमंत्री के तौर पर उनके पहले कार्यकाल का आखिरी भाषण था.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से ऐलान किया कि भारत 2022 तक यानी अगले चार साल के अंदर अंतरिक्ष में अपना मानव मिशन पहुंचाएगा. इसके साथ भारत अपने नागरिक को अंतरिक्ष में भेजने वाला दुनिया का चौथा देश बन जाएगा. प्रधानमंत्री ने कहा, ''मैं आज देशवासियों को एक खुशखबरी दे रहा हूं. 2022 में जब देश की आजादी के 75 वर्ष पूरे होंगे या हो सके तो उससे पहले मां भारती की कोई संतान, चाहे बेटा हो या बेटी, अंतरिक्ष में जाएगी. उसके हाथ में तिरंगा होगा.''

82 मिनट लंबेअपने भाषण में प्रधानमंत्री ने गोहत्य, गंगा की सफाई, एनआरसी, दलित उत्पीड़न और मॉब लिंचिंग जैसे विवादित मुद्दों पर कोई टिप्पणी नहीं की.

स्वास्थ्य सेवा दुरुस्त

अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने पांच साल पूरी कर रही अपनी सरकार का रिपोर्ट कार्ड पेश किया और स्वास्थ्य और महिलाओं से जुड़े ऐलान भी किए. उन्होंने कहा कि 25 सितंबर को पंडित दीन दयाल की जयंती पर 'प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना' शुरू कर दी जाएगी और यह महत्वपूर्ण अभियान 'आयुष्मान भारत' योजना के साथ ही चलाया जाएगा. प्रधानमंत्री के अनुसार इससे 10 करोड़ परिवारों को पांच लाख रुपये तक इलाज की सुविधा मिलेगी और आने वाले पांच से छह सप्‍ताह के अंदर इस तकनीक का परीक्षण देश भर में शुरू होगा. उन्होंने दावा किया कि परीक्षण के दौरान इसकी कमियों को दूर किया जाएगा. 

महिलाओं की सेना में भर्ती

प्रधानमंत्री ने सेना में महिला अधिकारियों को भी स्थाई कमिशन देने की घोषणा की. उन्होंने बताया कि भारतीय सशस्‍त्र सेना में शॉर्ट सर्विस कमिशन के माध्‍यम से नियुक्‍त महिला अधिकारियों को पुरुष समकक्ष अधिकारियों की तरह ही परीक्षा देकर स्‍थाई रोजगार मिल सकेगा. 

कश्मीर का मसला

जम्मू-कश्मीर में लंबे समय से टल रहे पंचायत और निकाय चुनाव को लेकर प्रधानमंत्री ने कहा, ''वहां के लिए अटल जी का आह्वान था- इंसानियत, कश्मीरियत, जम्हूरियत. मैंने भी कहा है, जम्मू-कश्मीर की हर समस्या का समाधान गले लगाकर ही किया जा सकता है. हमारी सरकार जम्मू-कश्मीर के सभी क्षेत्रों और सभी वर्गों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है. अब वहां पंचायत और निकाय चुनाव कराए जाएंगे.''

विपक्ष को लिया आड़े हाथों

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर हमला करने में कोई कसर नहीं छोड़ी. उन्होंने कहा, ''अगर 2013 की रफ्तार से चलते, तो शौचालय बनवाने में 100 साल लग जाते. चार साल में देश बदलाव महसूस कर रहा है. बदलाव का ही नतीजा है कि दुनिया के दिग्गज भारत के लिए कह रहे हैं कि सोया हुआ हाथी अब जाग चुका है और आने वाले तीन दशक तक भारत विश्व को गति देगा." उन्होंने आगे कहा, "दुनिया भर के अर्थशास्त्री अब मानने लगे हैं कि भारत अगले तीन दशक तक वैश्विक अर्थव्यवस्था को गति देता रहेगा.''

'वन रैंक, वन पेंशन' (ओआरओपी) के मुद्दे पर कांग्रेस को कठघरे में खड़ा करते हुए पीएम ने कहा, ''ओआरओपी की मांग दशकों से लंबित थी. देश की जनता, हमारे बहादुर सैनिकों को हम पर भरोसा था और हमने ओआरओपी पर फैसला लेकर दिखाया.''

बलात्कार और तीन तलाक पर

मोदी ने तीन तलाक के मुद्दे को लेकर भी कांग्रेस की मंशा पर सवाल उठाए और कहा कि तीन तलाक से मुस्लिम महिलाओं का जीवन बर्बाद हो रहा है, "हमारी सरकार ने तीन तलाक पर संसद में कानून पारित करने की कोशिश की लेकिन कुछ लोगों की वजह से तीन तलाक पर कानून नहीं पारित हो सका."

प्रधानमंत्री ने बलात्कार की घटनाओं की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि इस "राक्षसी मनोवृति" से देश को मुक्‍त कराना होगा, "पिछले दिनों में मध्‍य प्रदेश के कटनी में बलात्‍कारियों को पांच दिन में सजा सुना दी गई है. राजस्‍थान में ऐसा ही हुआ है और राक्षसी वृत्ति की मानसिकता को फांसी की सजा हुई है. हमें इस विकृति पर हमला करना होगा." प्रधानमंत्री ने जोर देते हुए कहा कि देश में कानून का शासन होना जरूरी है.

वीसी/आईबी (एएफपी, रॉयटर्स)

ट्रिपल तलाक को नकारने वाले मुस्लिम देश

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