जर्मनी में एक बार फिर एयरलाइन कर्मचारियों की हड़ताल | दुनिया | DW | 07.11.2019
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दुनिया

जर्मनी में एक बार फिर एयरलाइन कर्मचारियों की हड़ताल

जर्मनी की एयरलाइंस लुफ्थांसा की लाख कोशिशों के बावजूद उसके चालक दल के सदस्य गुरुवार से 48 घंटे की हड़ताल पर चले गए हैं.

एयरलाइन ने इस हड़ताल को रोकने के लिए यूनियन के खिलाफ कोर्ट में याचिका दी थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया. लुफ्थांसा ने अगले दो दिनों के लिए 1300 उड़ानें रद्द कर दी हैं. गौरतलब है कि लुफ्थांसा के विमान 83 देशों को जर्मनी से जोड़ते हैं. फ्रैंकफर्ट की श्रम अदालत और हेसे की स्थानीय श्रम अदालत ने कहा है कि कर्मचारी यूनियन ने जो हड़ताल का ऐलान किया है वह कानूनी तौर पर सही है.

लुफ्थांसा ने 6000 फ्लाइटों में से 1300 फ्लाइटें रद्द कर दी हैं. रद्द की गईं 700  फ्लाइटें गुरुवार और  600 शुक्रवार की हैं. इस फैसले का असर जर्मनी से बाहर जाने वाली उड़ानों पर भी पड़ेगा. इसमें भारत जाने वाली उड़ानें भी शामिल हैं.

वेतन को लेकर हड़ताल

लुफ्थांसा ने कोर्ट में चालक दलों की यूनियन यूएफओ की हड़ताल को लेकर हुए मतदान पर सवाल उठाए थे और इस हड़ताल पर रोक लगाने की मांग की थी. चालक दलों की यूनियन इस हड़ताल को चेतावनी के तौर पर इस्तेमाल कर लुफ्थांसा पर दबाव बनाना चाहती है. वेतन को लेकर हुई बातचीत में यूनियन अतिरिक्त भत्ते पर अड़ी हुई है. यूनियन का दावा है कि इस मुद्दे पर मैनेजमेंट बातचीत से इनकार कर रही है.

कोर्ट के फैसले के बाद लुफ्थांसा ने कहा है कि जिन यात्रियों ने जर्मनी के भीतर यात्रा के लिए एयरलाइन टिकट बुक किए हैं वो एक ऑनलाइन प्रक्रिया के जरिए उसे रेल टिकट में तब्दील कर सकते हैं.

कर्मचारियों को चाहिए बेहतर सुविधाएं

लुफ्थांसा के चालक दल के सदस्यों से यूनियन ने सोमवार को ही हड़ताल की तैयारी के लिए कहा था. कर्मचारियों की बेहतर वेतन और सेवा शर्तों की मांग है. यूएफओ चालक दल यूनियन के डिप्टी चेयरमैन डानियाल फ्लोर ने एक बयान जारी कर कहा, "इस हड़ताल का असर उन सभी लुफ्थांसा फ्लाइटों पर पड़ेगा जो जर्मन एयरपोर्ट से उड़ान भरने वाली हैं."

यही नहीं इस हड़ताल का असर लुफ्थांसा की सहयोगी एयरलाइंस यूरोविंग्स और सन एक्सप्रेस पर भी पड़ेगा.

एए/एनआर (डीपीए, रॉयटर्स)

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