गॉड पार्टिकल के राज में उलझा सर्न | विज्ञान | DW | 26.07.2011
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विज्ञान

गॉड पार्टिकल के राज में उलझा सर्न

यह विश्वास कि किन्हीं रहस्यपूर्ण कणों ने तारे और ग्रहों का निर्माण किया गया हो सकता है. इसी विश्वास के आधार पर साल भर से वैज्ञानिक इन कणों की खोज में लगे हुए हैं.

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जिनेवा में सर्न लेबोरेट्री के महानिदेशक रोल्फ हॉयर ने बताया कि उन्हें उम्मीद है कि 2012 तक हिग्स बोसोन कणों का सुराग लग सकेगा. साथ ही उन सिद्धांतों का भी पता चल सकेगा जो अभी तक साइंस फिक्शन का हिस्सा रहे हैं. उन्होंने इस बात की भी पुष्टि की कि सर्न के लार्ज हाइड्रोजन कोलाइडर में सात करोड़ कणों की टक्कर में एक भी बार हिग्स कणों का कोई पता नहीं चला है. हॉयर ने कहा, "मुझे उम्मीद है कि अगले साल यह बड़ी खोज पूरी हो सकेगी. हम हिग्स बोसोन के बारे में सब जानते हैं बस यही नहीं जानते कि वह हैं भी या नहीं."

अभी पता नहीं

फ्रांस के ग्रेनोबल शहर में भौतिकशास्त्रियों के सम्मेलन में वह भाषण दे रहे थे. इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में एलएचसी में शोध के नतीजे दिखाए गए. इस सम्मेलन में शामिल सर्न के वैज्ञानिकों और इंटरनेट के जरिए सम्मेलन में शामिल सर्न के वैज्ञानिकों ने जानकारी दी कि उन्हें तेज गति की टक्करों से मिले डेटा में अजीब से उतार चढ़ाव दिखाई दिए. यह तेज गति वाली टक्कर एलएचसी में की गई थी.

लेकिन उन्होंने यह चेताया कि यह गलत रीडिंग्स भी हो सकती हैं या फिर कोई ऐसी प्रक्रिया, जिसके बारे में बाद में जानकारी सामने आए. उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि हमें हिग्स बोसोन कणों के मिलने से पहले ही उनको पाने के बारे में बात नहीं करनी चाहिए जैसा कि इस साल की शुरुआत में एक वैज्ञानिक ने किया था.

Physiker Peter Higgs

पीटर हिग्स के नाम पर हिग्स बोसोन

द्रव्यमान और पदार्थ

हिग्स बोसोन का नाम ब्रिटिश वैज्ञानिक पीटर हिग्स के नाम पर रखा गया है. उन्होंने कहा था कि 13.7 अरब साल पहले बिग बैंग विस्फोट के दौरान किसी एजेंट ने कॉस्मॉस का निर्माण किया. लेकिन कुछ वैज्ञानिकों का मानना है कि ऐसे कोई कण हैं ही नहीं. या वह हिग्स या अन्य 2 बेल्जियाई वैज्ञानिकों के बताए हुए कणों जैसे नहीं है. 2008 में हॉयर ने पत्रकारों से कहा, किसी न किसी तरह से ये या कुछ और ऐसा होना ही चाहिए नहीं तो हम नहीं होते.

हिग्स कणों के मिलने से फिजिक्स का एक स्टैंडर्ड मॉडल पूरा हो जाएगा जो अलबर्ट आइनस्टाइन के काम से निकला है. जिससे न्यू फिजिक्स विधा की शुरुआत हुई. इससे सुपर सिमिट्री, स्ट्रिंग थ्योरी को नया आधार मिलेगा और समांतर ब्रह्मांड के सिंद्धात को भी. साथ ही यह बात भी साबित होगी कि डार्क एनर्जी गैलेक्सियों को एक दूसरे से दूर ले जा रही है. उन्होंने बताया कि फिजिक्स की विधा जिसका केंद्र दुर्लभ प्रक्रिया है, इसके लिए बहुत ज्यादा आंकडों की जरूरत है.

अहम शोध

हिग्स या नो हिग्स जो भी साबित होता है, इसके बारे में शोध करने वाले वैज्ञानिकों भौतिकी का नोबेल पुरस्कार पक्का है. 1964 में पहले बार गॉड पार्टिकल्स की अवधारणा रखी गई क्योंकि इसी मानक अवधारणा के आधार पर समझाया गया कि कैसे सब एटॉमिक पार्टिकल बह्मांड में काम करते हैं. इन गॉड पार्टिकल्स के बिना सारा मॉडल विफल हो जाएगा क्योंकि इसका जवाब ही नहीं मिलेगा कि मूल कणों में द्रव्यमान क्यों होता है.

Marko Petek – Front of CMS

सर्न में अहम प्रयोग जारी

हॉयर कहते हैं कि अगर हिग्स बोसोन मिल जाते हैं तो स्टैंडर्ड मॉडल पूरा हो जाएगा लेकिन अगर नहीं मिलते तो बड़ी मुश्किल होगी. लेकिन दोनों ही स्थिति में खोज तो होगी ही. हॉयर ने कहा, "बहुत जल्दी किसी खोज की अपेक्षा न रखें. अगले साल के आखिर तक हमें कुछ मिलने की उम्मीद है."

लेकिन अमेरिकी खगोल भौतिकी के वैज्ञानिक जॉर्ज स्मूट ने इस घोषणा को चुनौती दी है. "यहां ऐसी स्थिति है कि लोग एक मॉडल में लॉक हो गए हैं, स्टैंडर्ड मॉडल में, क्योंकि यह डेटा हाथ में होने के पहले वाली स्थिति में महान हल था. मुझे लगता है कि हम सच में एक खोज कर रहे हैं लेकिन हमारा दृष्टिकोण इतना संकरा है कि हमने इन तथ्यों पर ध्यान ही नहीं दिया कि नई संभावनाएं यहां हैं."

रिपोर्टः एजेंसियां/आभा एम

संपादनः ए जमाल

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