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दुनिया

मुस्लिम युवा घूमने पर खर्चेंगे 300 अरब डॉलर

एक ताजा अध्ययन बताता है कि मुस्लिम युवा आने वाले सालों में यात्रा पर अपना खर्च लगभग दोगुना करने वाले हैं. इससे इस्लामिक टूरिज्म में बूम आने की संभावना है जिससे 300 अरब डॉलर का उद्योग खड़ा होगा.

हाल के सालों में हलाल पर्यटन और यात्रा उद्योग बढ़ा है. बहुत से एयरपोर्ट, रेस्तरां और होटल मुसलमानों के लिए खास तौर से सुविधाएं मुहैया करा रहे हैं, जिनमें नमाज पढ़ने के लिए अलग से कमरे के साथ साथ हलाल खाना देना भी शामिल है.

एक इस्लामिक ट्रैवल एजेंसी हलालट्रिप ने मास्टरकार्ड के साथ मिलकर एक अध्ययन किया है जिसके मुताबिक अगले कुछ सालों में युवा मुसलमान पर्यटन और यात्रा उद्योग के लिए नये रास्ते खोलेंगे. हलालट्रिप के फजल बहरदीन कहते हैं कि उम्रदराज लोग कभी कभार ही परिवार के साथ यात्रा किया करते थे लेकिन 20 से 36 साल की उम्र के युवा उनके मुकाबले कहीं ज्यादा यात्रा करते हैं.

"सोशल मीडिया पर मुसलमान न पोस्ट करें तस्वीरें"

फजल के मुताबिक, "युवा मुसलमानों में यात्रा करने का चलन बहुत ज्यादा बढ़ रहा है क्योंकि अपने माता पिता के मुकाबले उनके पास खर्च करने के लिए ज्यादा पैसा है जिससे वे अपने शौक पूरे करना चाहते हैं."

वह कहते हैं, "हो सकता है कि युवा लोगों का प्रति यात्रा खर्च अपने बड़ों से कम हो लेकिन वे साल में ज्यादा बार यात्राएं करते हैं और इस तरह उनका खर्च भी ज्यादा हो जाता है." फजल कहते हैं कि अगले पांच से दस साल के भीतर बहुत से मुसलमान अपनी जिंदगी के उस पड़ाव में होंगे जब वे सबसे ज्यादा कमा रहे होंगे, खर्च कर रहे होंगे और यात्रा कर रहे होंगे.

मुसलमान युवाओं ने 2016 में यात्राओं पर लगभग 55 अरब डॉलर खर्च किये जबकि सभी वर्ग के मुसमलानों ने यात्रा पर 156 अरब डॉलर खर्च किये. ताजा अध्ययन के मुताबिक यह आंकड़ा 2025 तक सौ अरब डॉलर और 2026 तक तीन सौल अरब डॉलर होने की उम्मीद है.

यह अध्ययन ऐसे समय में सामने आया है जब ज्यादा से ज्यादा देश मुसलमानों के बढ़ते यात्रा बाजार में हिस्सेदारी हासिल करने पर नजरें गड़ाए हुये हैं. स्टडी के अनुसार इस्लामी दुनिया में सऊदी अरब, मलेशिया और तुर्की सबसे ज्यादा घुमक्कड़ लोगों वाले देश हैं. सबसे ज्यादा मुस्लिम आबादी वाले इंडोनेशिया में भी ऐसे लोगों की तादाद बढ़ रही है. इसके अलावा मिस्र और कजाखस्तान के लोग भी पहले कहीं ज्यादा यात्राएं कर रहे हैं.

एके/एनआर (एएफपी)

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