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समाज

भारत के लिए निकला साइकिल सवार ईरान में नायक बना

९ अगस्त २०१९

कैंसर से लड़ता एक साइकिल सवार जर्मनी से भारत की यात्रा पर निकला पड़ा. लेकिन भारत पहुंचने से पहले ही ईरान में वह मार पीट और लूटपाट का शिकार हो गया. अब पूरा ईरान फिलिप के साथ खड़ा है.

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Philipp Markgraf deutscher Radfahrer im Iran
तस्वीर: fa.shafaqna

फिलिप मार्कग्राफ बीते चार महीने से सड़क पर हैं. जर्मनी में पहले पैडल से शुरू हुआ साइकिल का सफर ठीक ठाक जा रहा था. धीरे धीरे वह भारत के करीब पहुंच रहे थे, लेकिन तभी ईरान में एक झटका लगा. कैस्पियन सागर के पास युवाओं के एक ग्रुप ने फिलिप को बुरी तरह पीटा और सारा सामान भी छीन लिया.

कैंसर से लड़ रहे 28 साल के फिलिप का जबड़ा और चेहरे की हड्डी टूट गई. इलाज के लिए फिलिप को जर्मनी लौटना पड़ा. साइकिल के जरिए कैंसर के प्रति जागरुकता फैलाने वाली यात्रा रोकनी पड़ी. ईरान में प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें म्युनिख लाया गया. टेलिफोन पर डीडब्ल्यू से बाचतीत में फिलिप ने कहा, "मैं काफी बेहतर हो रहा हूं."

मार पीट और लूटपाट के वाकये का जिक्र फिलिप ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट में किया. उन्होंने वारदात से पहले की और उसके बाद की तस्वीरें शेयर कीं. बाद की तस्वीर में चेहरा टेढ़ा दिख रहा है और उसमें काफी सूजन भी है.

Philipp Markgraf deutscher Radfahrer im Iran
फिलिप की नई और पुरानी तस्वीर

फिलिप की यह पोस्ट वायरल हो गई. 77,000 से ज्यादा लोगों ने इसे लाइक किया और हजारों कमेंट आए. पोस्ट ईरान तक पहुंच गई और वहां बहुत ज्यादा कमेंट्स आए.

ज्यादार ईरानी नागरिकों ने लिखा, "सॉरी. वी लव यू."

एक यूजर ने लिखा, "फिर से ईरान आओ. लेकिन इस बार मुझे मैसेज कर देना. मैं यात्रा का आनंद लेने में और उस बुरे सफर को भूलने में तुम्हारी मदद करुंगा."

फिलिप के मुताबिक वारदात के बाद उनके मन में किसी के लिए कोई दुर्भावना नहीं है. इंस्टाग्राम पोस्ट के मिली प्रतिक्रियाओं से वह हैरान हैं, "मैं ना चाहते हुए भी स्थानीय नायक बन गया हूं." फिलिप का कहना है कि सेहत ठीक होते ही वह यात्रा दोबारा चालू कर देंगे.

प्लान के मुताबिक फिलिप साइकिल के सहारे 24 देशों से गुजरते हुए 20,000 किलोमीटर की यात्रा करेंगे. जर्मनी के ड्रेसडेन शहर के निवासी फिलिप चिल्ड्रेन विद कैंसर नाम की संस्था के लिए जागरुकता अभियान चला रहे हैं. वह संस्था के लिए पैसा जुटाने में भी लगे हैं.

रेबेका स्टाउडेनमायर/ओएसजे

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