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समाज

नकली आईफोन से असली को बदल कर एप्पल को 62 करोड़ का चूना लगाया

ऋषभ कुमार शर्मा
५ अप्रैल २०१९

दुनिया में नटवरलाल जैसे लोगों की कमी नहीं है. ऐसे ही दो लोग चीन में पकड़े गए हैं. इन्होंने एप्पल कंपनी से 62 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की है. एप्पल को नकली फोन देकर असली फोन लिए है.

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तस्वीर: picture-alliance/AP Photo/M. Lennihan

दुनिया की नामी मोबाइल कंपनी एप्पल से दो चीनी इंजीनियरों ने 8,95,800 डॉलर यानी करीब 62 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की है. इन दोनों चीनी युवकों ने पढ़ाई अमेरिका में ही की है. दोनों ने 2017 से ऐसा करना शुरू किया था. उन्होंने फर्जी आईफोन को असली आईफोन से बदल लिया. असली आईफोन को बेचकर उससे पैसा कमाया. कैसे किया ये सब, बताते हैं.

चीन से मंगवाए नकली आईफोन

यांग्याग जोहू और क्वान जियांग इन दोनों आरोपियों के नाम हैं. जोहू ऑरेगन यूनिवर्सिटी से पढ़ाई पूरी कर चुका है. जियांग लिन बेंटन कॉलेज में आखिरी सेमेस्टर में पढ़ रहा है. दोनों ने चीन से नकली आईफोन मंगवाने शुरू किए. चीन में बनने वाले नकली आईफोन की पहचान करना बेहद मुश्किल होता है क्योंकि इसका हार्डवेयर और यूजर इंटरफेस एकदम असली आईफोन जैसा होता है. इन्हें सैटिंग्स और सीरियल नंबर की मदद से पहचाना जाता है. इसके लिए मोबाइल का ऑन होना जरूरी है. दोनों ने इसी बात का फायदा उठाया. नकली आईफोन को वे एप्पल के सर्विस सेंटर में लेकर जाते. वहां बताते कि यह आईफोन स्विच ऑन नहीं हो रहा. ऐसे में सर्विस सेंटर वाले मोबाइल देखकर नया मोबाइल दे देते थे. एप्पल किसी भी फोन में खराबी आने पर रिपेयर करने की जगह नया फोन दे देता है. इसके लिए कोई भी खरीददारी का सबूत जैसे बिल नहीं देना होता. दोनों ने अलग-अलग सर्विस सेंटर पर 3,069 नकली फोन रिप्लेसमेंट के लिए दिए. इनमें से 1,493 फोन एप्पल ने रिप्लेस कर दिए. इससे एप्पल को करीब 9 लाख डॉलर का नुकसान हुआ. नए आईफोन को वो चीन भेज देते थे. वहां बेचकर जो पैसा आता उसे अमेरिकी बैंक अकाउंट में ट्रांसफर करवा लेते.

मिलिए एप्पल की सीरी वाली लड़की से

पकड़े कैसे गए दोनों

साल 2017 में अमेरिकी कस्टम एजेंसियों ने हॉन्ग कॉन्ग से आए पांच संदिग्ध पार्सल को पकड़ा जिन पर एप्पल की ब्रैंडिंग थी लेकिन अंदर नकली आईफोन थे. इसी की आगे तफ्तीश करते हुए एजेंसी ने जियांग से इन पार्सलों के बारे में पूछताछ की. इस पूछताछ में पता चला कि जियांग के पास हर महीने चीन से 20-30 ऐसे आईफोन आते हैं. इन्हें वो एप्पल स्टोर से रिप्लेस कर वापस भेज देता है. एप्पल ने जून 2017 में जियांग को फर्जी आईफोन रिप्लेसमेंट में देने का नोटिस भी भेजा था लेकिन उसने कोई जवाब नहीं दिया. वो कभी-कभी ही स्टोर पर जाकर फोन देता था. वो एप्पल की ऑनलाइन सर्विस से एक एजेंट घर बुलाता और फोन चालू न होने की बात कहकर फोन सौंप देता था.

क्या सजा हुई दोनों को

एप्पल ने इन दोनों के खिलाफ मुकदमा किया है. अदालत में दोनों ने अपने बचाव में दलील दी है कि उन्हें यह नहीं पता था कि आ रहे आईफोन फर्जी हैं. उन्हें चीन से आईफोन यह बताकर भेजे जाते कि ये असली हैं बस चालू नहीं हो रहे. ऐसे में वो यहां फोन बदलवा देते थे. इसके बदले इन्हें पैसे मिलते थे. फिलहाल मुकदमा चल रहा है. दोनों जेल से बाहर हैं. दोनों पर धोखाधड़ी और गलत तरीके से निर्यात का मुकदमा चल रहा है. जियांग पर जीपीएस के जरिए निगरानी रखी जा रही है.

ऐसा पहली बार नहीं है कि नकली आईफोन के जरिए धोखाधड़ी की गई हो. पिछले साल एक चीनी नागरिक ने अमेरिका में चीन से नकली आईफोन और आईपेड बेचकर 11 लाख डॉलर की धोखाधड़ी की थी.