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दिसंबर में दीवाने हुए अमेरिकी कार ग्राहक

५ जनवरी २०११

अमेरिका में लोगों ने दिसंबर महीने में कारें खरीदने की हद कर दी. साल के आखिरी महीने में जितनी कारें बिकीं उतनी तो पिछले 16 महीने में कभी नहीं बिकीं. इस बात से कार बनाने वाली कंपनियां बल्लियों उछल रही हैं.

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तस्वीर: AP

इतिहास की सबसे बड़ी गिरावट देख चुके अमेरिकी कार बाजार के लिए 2010 का आखिरी महीना संजीवनी बूटी सरीखा साबित हुआ. इस महीने में अमेरिकी कार बाजार में बिक्री 11 फीसदी की दर से बढ़ी. जिसका नतीजा यह निकला कि 2010 की सालाना बढ़ोतरी भी 11 फीसदी पर पहुंच गई. बीते साल में एक करोड़ 16 लाख कारें बिकीं और पिछले चार साल से चला आ रहा गिरावट का सूखा दूर हो गया. इस सूखे की वजह से जीएम समेत कई कार कंपनियों ने बड़ा बुरा दौर देखा.

Detroit North American International Auto Show
तस्वीर: AP

लेकिन दिसंबर में ग्राहकों ने कंपनियों के आंसू धो दिए. फोर्ड और जनरल मोटर्स जैसी बड़ी कंपनियां तो अब 2011 से भी बड़ी बड़ी उम्मीदें लगाकर बैठ गई हैं. उन्हें उम्मीद है कि 2011 में कारों की बिक्री एक करोड़ 30 लाख तक जा सकती है लेकिन बाजार के जानकार कह रहे हैं कि दिसंबर जैसी दीवानगी बनी रही तो यह आंकड़ा भी छोटा पड़ जाएगा. ट्रूकार डॉट कॉम के विश्लेषक जेसी टोपराक कहते हैं, "हमने मांग में बड़ा सुधार देखा है. खासतौर पर 2010 की आखिरी तिमाही में तो कमाल ही हो गया."

जनरल मोटर्स की बिक्री में 7.5 फीसदी की बढ़ोतरी हुई. फोर्ड मोटर ने पिछले साल के मुकाबले 6.7 फीसदी ज्यादा गाड़ियां बेचीं और उसने 2010 के लिए टोयोटा मोटर को पछाड़कर दूसरा स्थान हासिल कर लिया. इसका फायदा अमेरिकी कंपनियां शेयरों को दामों के रूप में भी उठा रही हैं. कभी बेलआउट पैकेज के कगार पर खड़ी फोर्ड मोटर के शेयर पिछले एक साल में ही 70 फीसदी तक बढ़ चुके हैं. बेलआउट लेने को मजबूर हुई जीएम का नवंबर में आया आईपीओ अब 13 फीसदी उछाल के साथ शेयर्स के रूप में बिक रहा है.

2009 में टोयोटा को अपनी कारों में सुरक्षा की कुछ समस्याओं से जूझना पड़ा. उसके लिए पूरा 2010 इसी उलझन में बीता. नतीजतन उसकी बिक्री में छह फीसदी की गिरावट दर्ज हुई. दिसंबर महीने में तो सभी कंपनियों ने चांदी काटी. क्राइसलर की बिक्री 16 फीसदी बढ़ी. निसान ने 28 फीसदी की छलांग लगाई. होंडा मोटर भी 21 फीसदी ज्यादा कारें बेचने में कामयाब हुई. ह्यूंदै मोटर कंपनी की बिक्री 33 प्रतिशत बढ़ी और इसकी सहयोगी किया मोटर की 45 फीसदी.

इसका फासदा जर्मन कार कंपनियों को भी हुआ है. जर्मन स्पोर्ट्स कार पोर्शे की दिसंबर में 2567 कारें बिकी जो एक साल पहले के मुकाबले 21 फीसदी ज्यादा थी. साल भर में पोर्शे ने 25, 320 कारें बेची जो 2009 के मुकाबले 29 फीसदी अधिक थी. बीएमडब्ल्यू की कारों की बिक्री 17 फीसदी बढ़कर 23,600 हो गई तो मर्सिडीज ने 22000 से अधिक गाड़ियां बेची. फोल्क्सवैगेन ने लगभग 24 हजार कारें बेची को आउडी ने करीब साढ़े 10 हजार.

रिपोर्टः एजेंसियां/वी कुमार

संपादनः महेश झा

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