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अमेरिका के साथ संबंध बेहतर होंगे: पाकिस्तान

५ दिसम्बर २०११

नाटो के हमले पर नौ दिन तक खूब भड़कने के बाद पाकिस्तान का रुख नरम हो गया है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने अमेरिका के साथ संबंध फिर से अच्छे बनाने की बात कही है. अमेरिका को पुराना दोस्त बताया.

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तस्वीर: picture alliance/dpa

प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने समाचार एजेंसी एपी से कहा, कि अमेरिका के साथ संबंध बहाल करने में "बहुत ज्यादा वक्त नहीं लगेगा." उन्होंने अमेरिका को पाकिस्तान का पुराना दोस्त बताया. हालांकि उन्होंने यह कहा कि दोनों देशों के संबंधों में कुछ लाल रंग की लकीरें खींची जानी चाहिए, ताकि दोनों को पता रहे कि किस हद में रहना है.

Hillary Clinton in Pakistan
तस्वीर: dapd

गिलानी ने कहा, "हमें उम्मीद है, हम साझा सम्मान और साफ मानकों के साथ अमेरिका के साथ अच्छे संबंध चाहते है. मुझे लगता है कि यह मुमकिन है. मुझे लगता है कि इसमें बहुत ज्यादा वक्त नहीं लगेगा."

गिलानी के बयान को पाकिस्तान के नरम रुख के रूप में देखा जा रहा है. 26 नवंबर को नाटो के हैलीकॉप्टरों और जेट विमानों ने पाकिस्तान के मोहमंद में हवाई हमला किया. हमले में पाकिस्तानी सेना के 24 जवान मारे गए. हमले के बाद पाकिस्तान ने नाटो की सप्लाई बंद कर दी. अमेरिकी सेना ने पाकिस्तान का शम्सी एयरबेस खाली करने को भी कह दिया गया था. पाकिस्तान सरकार ने यह भी कह दिया की अमेरिका के साथ उसके संबंध पहले जैसे नहीं रहे.

इस्लामाबाद ने जर्मनी के बॉन शहर में हो रही अफगानिस्तान कांफ्रेंस का बहिष्कार कर दिया. पश्चिमी देशों की अपील के बावजूद पाकिस्तान ने कांफ्रेंस का बायकॉट कर दिया. लेकिन सोमवार को अफगानिस्तान कांफ्रेंस के बीच ही नाटकीय ढंग से पाकिस्तान के रुख में बदलाव आया. बॉन में अमेरिका, जर्मनी, ब्रिटेन, अफगानिस्तान और भारत समेत 64 देशों के नेताओं की मुलाकात के बीच पाकिस्तानी प्रधानमंत्री बात से पलट गए.

Yusuf Raza Gilani Premierminister Pakistan
तस्वीर: AP

अमेरिका पहले ही हमले पर अफसोस जता चुका है. लेकिन अमेरिका ने हमले के लिए माफी नहीं मांगी. अमेरिकी रक्षा मंत्रालय का कहना है कि पाकिस्तानी सेना के ग्रीन सिग्नल के बाद ही हैलीकॉप्टरों और जेट विमानों ने हमला किया. अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक 26 नवंबर की रात गश्त लगा रहे अमेरिकी और अफगान बलों नाटो से हवाई मदद मांगी. अमेरिकी अधिकारियों ने पाकिस्तानी सेना के इसकी जानकारी दी और पूछा कि क्या उस इलाके में उनके (पाकिस्तानी सेना) के जवान तो नहीं है. अमेरिका के मुताबिक पाकिस्तानी सेना ने कहा कि उनकी फौज वहां नहीं है. इसके बाद ही नाटो ने हमला किया.

पाकिस्तान का कहना है कि अमेरिकी अधिकारियों ने जो संदेश भेजा था, वह गलत था. अमेरिकी अधिकारी इस आरोप का खंडन कर रहे हैं.

रिपोर्टः एपी/ओ सिंह

संपादनः एन रंजन

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