यौन हिंसा और लैंगिक भेदभाव के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया की सड़कों पर उतरीं महिलाएं | दुनिया | DW | 15.03.2021
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दुनिया

यौन हिंसा और लैंगिक भेदभाव के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया की सड़कों पर उतरीं महिलाएं

ऑस्ट्रेलिया में हजारों महिलाओं ने यौन हिंसा और लैंगिक भेदभाव के खिलाफ प्रदर्शन किया. देश के 40 से अधिक शहरों में महिलाओं ने मार्च 4 जस्टिस निकाला. पिछले दिनों यौन उत्पीड़न और भेदभाव के कई मामले सामने आए हैं.

ऑस्ट्रेलिया के सभी मुख्य शहरों में महिलाओं ने इकठ्ठा हो कर लैंगिक समानता और यौन हिंसा के पीड़ितों को न्याय के लिए रैलियां निकालीं. हजारों की संख्या में महिलाओं ने मार्च 4 जस्टिस का आयोजन किया. मार्च 4 जस्टिस रैलियां हाल ही में हुए यौन उत्पीड़न, लैंगिक भेदभाव और ऑस्ट्रेलिया के कुछ उच्चतम राजनीतिक कार्यालयों में कदाचार के आरोपों के बाद निकाली गईं. मार्च के आयोजकों को उम्मीद है कि रैलियों में करीब 85,000 महिलाएं शामिल होंगी. मार्च का आयोजन राजधानी कैनबरा में भी किया गया, जहां महिलाएं संसद को दो याचिका देकर कार्रवाई की मांग करेंगी.

प्रदर्शनकारियों का प्रधानमंत्री से मिलने से इनकार

आयोजकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन से मिलने के निमंत्रण को नामंजूर कर दिया. आयोजकों में से एक जेनिन हेंड्री ने संसद भवन के बाहर समाचार एजेंसी रॉयटर्स से कहा, "हम उनके कार्यालय से 200 मीटर दूर हैं और हमारे लिए बंद दरवाजों के पीछे मिलना उचित नहीं है, खासकर जब हम यौन उत्पीड़न के बारे में बात कर रहे हैं, जो कि बंद दरवाजों के पीछे होता है."

मॉरिसन के एक प्रवक्ता ने कहा कि निजी बैठक का एक प्रस्वात दिया गया था. हालांकि उन्होंने आगे और टिप्पणी करने से इनकार कर दिया.

Australien Melbourne Anti Mysogenie Protest

देश के 40 से अधिक शहरों में मार्च.

हाल ही में रिपोर्ट किए गए मामलों में बलात्कार के आरोप शामिल है-जिसमें अटॉर्नी-जनरल क्रिश्चियन पोर्टर पर आरोप लगाया गया है. उन्होंने आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि ऐसा हुआ ही नहीं है. मॉरिसन की सरकार में लोगों पर लगे आरोप संसदीय कार्यवाही पर अगले दो हफ्ते हावी होने की उम्मीद है.

इससे पहले फरवरी के महीने में प्रधानमंत्री मॉरिसन ने संसद भवन में महिला कर्मचारी के साथ बलात्कार के कथित आरोप पर माफी मांगी थी. महिला ने एक अनाम शख्स पर यह कथित आरोप लगाया है. महिला का आरोप था कि उसके साथ साल 2019 में रक्षा मंत्री लिंडे रेनॉल्ड्स के कार्यालय में बलात्कार हुआ था और इस अपराध को अंजाम मॉरिसन की लिबरल पार्टी के कार्यकर्ता ने दिया था. फिलहाल पोर्टर और रक्षा मंत्री दोनों ही छुट्टी पर हैं.

ब्रिटेन में भी सरकार द्वारा यौन हिंसा के मामलों से निपटने को लेकर सप्ताहांत में लोगों का गुस्सा भड़क उठा. तीन मार्च को 33 साल की सारा एवरर्ड नाम की एक महिला घर लौटते वक्त गायब हो गई और एक हफ्ते बाद उसका शव मिला. लोगों ने महिला को इंसाफ दिलाने के लिए प्रदर्शन किए.

एए/सीके (रॉयटर्स)

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