अफगान हिंदुओं और सिखों की मदद करेगा भारत | भारत | DW | 17.08.2021

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भारत

अफगान हिंदुओं और सिखों की मदद करेगा भारत

भारत सरकार ने कहा है कि अफगानिस्तान में रहने वाले हिंदुओं और सिखों की सुरक्षा की जाएगी और वहां देश के हितों की रक्षा के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे.

भारत ने कहा है कि यात्री विमानों की आवाजाही शुरू होने के बाद अफगानिस्तान से आने वाले हिंदुओं और सिखों को प्राथमिकता दी जाएगी. तालिबान द्वारा काबुल को अपने नियंत्रण में लेने एक दिन बाद भारत ने सरकार ने यह बयान दिया.

अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में एयरपोर्ट पर लोगों के बीच किसी भी तरह विमानों पर चढ़ जाने की तस्वीरें आने के बाद भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा कि जो लोग अफगानिस्तान छोड़ भारत आना चाहते हैं, उनकी मदद की जाएगी.

वीडियो देखें 04:59

तालिबान के हवाले अफगानिस्तान

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने पत्रकारों से कहा, "सरकार अफगानिस्तान में भारतीयों की सुरक्षा और भारत के हितों की सुरक्षा के लिए सभी कदम उठाएगी.” काबुल में "लगातार खराब होते हालात” की ओर इशारा करते हुए बागची ने कहा, "हम अफगानिस्तान के सिख और हिंदू समुदायों के प्रतिनिधियों के संपर्क में हैं. जो अफगानिस्तान छोड़ना चाहते हैं, हम उन्हें सुविधा मुहैया कराएंगे.”

बागची ने कहा कि भारत अपने अफगान सहयोगियों का भी साथ देगा. उन्होंने कहा, "बहुत से अफगान हैं जो हमारे साझा हितों, लोगों के बीच संबंधों और शिक्षा के विकास में हमारा सहयोग करते रहे हैं. हम उनका साथ देंगे.”

नई वीजा श्रेणी

भारत सरकार ने मंगलवार को तालिबान नियंत्रित देश छोड़ने की इच्छा रखने वाले अफगानों के आवेदनों को तेजी से निपटारे के लिए इलेक्ट्रॉनिक वीजा की एक नई श्रेणी की घोषणा की. नई वीजा श्रेणी को "ई-आपातकालीन एक्स-विविध वीजा" नाम दिया गया है.

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मंगलवार को ट्वीट कर यह जानकारी दी. ट्वीट में कहा गया, "अफगानिस्तान में मौजूदा हालातों को देखते हुए वीजा प्रावधानों की समीक्षा की गई है. इलेक्ट्रानिक वीजा की नई श्रेणी बनाई गई है, जिसे ई-इमजेंसी एक्स-मिस्क वीजा नाम दिया गया है. यह भारत में प्रवेश के वीजा आवेदनों का तेजी से निपटारा करेगा."

विदेश मंत्रालय ने कहा कि काबुल में भारत के राजदूत और भारतीय कर्मचारी अफगानिस्तान में मौजूदा परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए तुरंत भारत लाए जाएंगे. वर्तमान में काबुल दूतावास देश में एकमात्र कार्यरत मिशन है.

सैकड़ों भारतीय फंसे

एक अनुमान के मुताबिक अफगानिस्तान में अब भी कम से कम एक हजार भारतीय नागरिक फंसे हुए हैं. पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने एक ट्वीट कर कहा कि कम से कम 200 सिख एक गुरुद्वारे में फंसे हैं.

अरिंदम बागची ने कहा कि सरकार फंसे हुए लोगों के संपर्क में है. उन्होंने कहा, "हम जानते हैं कि अब भी कुछ भारतीय नागरिक अफगानिस्तान में हैं जो लौटना चाहते हैं. हम उनके संपर्क में हैं.”

फिलहाल काबुल से यात्री विमानों की आवाजाही नहीं हो रही है. बागची ने कहा कि इसके दोबारा शुरू होने का इंतजार किया जा रहा है. उन्होंने कहा, "इस कारण लोगों को वापस लाने की हमारी कोशिशें रुक गई हैं. हम उड़ानें दोबारा शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं.”

एनडीटीवी ने अपने सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट दी है कि काबुल में 200 से ज्यादा भारतीय हैं जिनमें विदेश मंत्रालय के कर्मचारियों के अलावा अर्धसैनिक बलों के जवान भी हैं जो कर्मचारियों की सुरक्षा में तैनात थे.

काबुल में कर्फ्यू

सोमवार को तालिबान द्वारा सत्ता पर नियंत्रण कर लिए जाने के बाद से काबुल में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है. शहर में कर्फ्यू लगा दिया गया है. इस वजह से विदेशी नागरिक भी वहीं फंसे हुए हैं. विभिन्न देश अपने-अपने नागरिकों को निकालने के लिए हालात पर नजर रखे हुए हैं.

तस्वीरों मेंः तालिबान की 10 अहम तारीखें

संयुक्त राष्ट्र महासचिव अंटोनियो गुटेरेश ने देश में नई सरकार के गठन के लिए बातचीत का आह्वान किया है. अल जजीरा टीवी के मुताबिक पूर्व प्रधानमंत्री गुलबदीन हिकमतयार ने कहा है कि वह मंगलवार को तालिबान के प्रतिनिधियों से मिलने के लिए दोहा जा रहे हैं. उनके साथ पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजाई भी होंगे.

रिपोर्टः विवेक कुमार (रॉयटर्स)

 

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