पीरियड्स को ऐसे पहले किसी ने नहीं देखा | लाइफस्टाइल | DW | 29.08.2016
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लाइफस्टाइल

पीरियड्स को ऐसे पहले किसी ने नहीं देखा

महिलाओं के पीरियड्स पर जब भी बात होती है, उसके दो ही पहलू होते हैं. एक तरफ वे लोग हैं जो उसकी वजह से महिलाओं को हेय नजर से देखते हैं. लेकिन यहां मामला तीसरी तरह का है.

भारत, पाकिस्तान जैसे देशों में ऐसे लोगों की भरमार है जो पीरियड्स यानी माहवारी की वजह से महिलाओं को कमतर समझते हैं. उन पांच दिनों में उन्हें लगभग अछूत समझा जाता है और कई जगह तो हालत ऐसी है कि उन्हें परिवार, समाज तक से अलग कर दिया जाता है. और दूसरी तरह के लोग वे हैं जो कहते हैं कि पीरियड्स महिलाओं की एक सामान्य शीरीरिक प्रक्रिया है, उसे उसी तरह देखा जाना चाहिए. लेकिन, इस वजह से पीरियड्स एक ऐसा विषय बन गया है जिस पर बात करना शर्म का विषय है. विज्ञापनों से आप इन भावनाओं को समझ सकते हैं. सैनिटरी पैड आदि के विज्ञापनों में पीरियड्स का नाम तक नहीं लिया जाता. उन्हें 'वे दिन या उन दिनों' कहकर संबोधित किया जाता है. लेकिन पहली बार एक विज्ञापन ने बहुत बोल्ड तरीके से और बहुत अलग तरीके से पीरियड्स की बात की है. देखिए वीडियो...

यह वीडियो पीरियड्स पर तीसरी तरह से बात करता है. इसमें न महिलाएं अछूत है, न सामान्य. वे बेहतर हैं. पुरुषों से ही नहीं, खुद से भी बेहतर. महिलाओं को, उनकी परेशानियों को और उनके शरीर को देखने का या अनोखा नजरिया सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है और खूब देखा जा रहा है.

ये तस्वीरें देखिए, पीरियड्स के बारे में बहुत जरूरी बातें

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