विरोध के बाद विदेशी छात्रों का वीजा रद्द करने का फैसला वापस | दुनिया | DW | 15.07.2020
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दुनिया

विरोध के बाद विदेशी छात्रों का वीजा रद्द करने का फैसला वापस

कानूनी चुनौती मिलने के बाद ट्रंप प्रशासन ने विदेशी छात्रों के वीजा रद्द करने का फैसला वापस ले लिया है. पिछले हफ्ते ही प्रशासन ने देश में रहकर ऑनलाइन कक्षाएं लेने वाले छात्रों को अपने देश वापस जाने का फरमान सुनाया था.

अमेरिका में उन हजारों विदेशी छात्रों को राहत मिली है जो कोरोना वायरस के चलते ऑनलाइन कक्षाएं ले रहे थे. 6 जुलाई को यूएस इमिग्रेशन और कस्टम विभाग (आईसीई) ने एक आदेश जारी किया था और कहा था कि जिन छात्रों की क्लास पूरी तरह से ऑनलाइन हो गईं हैं उन्हें देश छोड़ कर जाना होगा. इस फैसले का काफी विरोध हुआ था. अमेरिकी प्रशासन ने अब इस विवादित फैसले को वापस ले लिया है. दरअसल हार्वर्ड यूनिवर्सिटी और एमआईटी ने कई अन्य इंस्टीट्यूट्स के सहारे इस फैसले को कानूनी तौर पर अदालत में चुनौती दी थी.

ट्रंप प्रशासन के फैसले को वापस लेने से अमेरिकी में पढ़ने वाले विदेशी छात्रों को बड़ी राहत मिली है. अमेरिकी विश्वविद्यालयों में बड़ी संख्या में भारतीय छात्र भी पढ़ते हैं और उन्हें 6 जुलाई के फैसले से बड़ा झटका लगा था. 6 जुलाई को आईसीई ने कहा था कि नॉन इमिग्रेंट एफ-1 और एम-1 छात्र जिनकी कक्षाएं पूरी तरह से ऑनलाइन हो रही हैं, उन्हें अब देश में रहने की इजाजत नहीं होगी और उन्हें अपने देश लौटना होगा. विभाग ने कहा था ऐसे जो भी छात्र अमेरिका में हैं, उन्हें वापस अपने देश लौटना होगा या फिर ऐसे कॉलेजों में दाखिला लेना होगा जहां शारीरिक उपस्थिति अनिवार्य है, नहीं तो उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जाएगी.

इस फैसले को वापस लेने की जानकारी ट्रंप प्रशासन ने एक कोर्ट में चल रही सुनवाई में दी. कोर्ट में सुनवाई के दौरान जज अलिसन बरॉ ने कहा, "सरकार ने फैसले को रद्द करने की सहमति दी है." इसी महीने की शुरूआत में हार्वर्ड और एमआईटी ने कोर्ट से फैसले पर रोक लगाने की मांग की थी. ट्रंप प्रशासन द्वारा इस कदम को यूनिवर्सिटी और स्कूल पर कक्षाएं दोबारा खोलने के लिए दबाव बनाने के तौर पर देखा जा रहा था.

विश्वविद्यालयों ने अदालत में चुनौती देते हुए कहा था कि फैसला छात्रों को आर्थिक और व्यक्तिगत रूप से बहुत नुकसान पहुंचाएगा. इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल एजुकेशन के मुताबिक 2018-2019 के शैक्षणिक वर्ष के लिए अमेरिका में दस लाख विदेशी छात्र थे. उसके मुताबिक अमेरिका की कुल उच्च शिक्षा आबादी का यह 5.5 फीसदी हिस्सा है. विदेशी छात्रों ने साल 2018 में अमेरिकी अर्थव्यवस्था में 44.7 अरब डॉलर का योगदान दिया था.

ट्रंप सरकार का वीजा नियम से जुड़ा फैसला वापस लेने से हजारों छात्रों को राहत मिली है क्योंकि उन्हें अमेरिका से डिपोर्ट करने का खतरा बढ़ गया था. आईसीई ने इस फैसले पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. हार्वर्ड के अध्यक्ष लॉरेंस बेकॉ ने इसे ''ऐतिहासिक जीत'' करार दिया है. बेकॉ ने एक बयान में कहा, "हालांकि सरकार एक नया निर्देश जारी कर सकती है, हमारी कानूनी दलीलें मजबूत हैं और कोर्ट ने उसे बरकरार रखा है, जो हमें न्यायिक राहत पाने में अनुमति देगा. अगर सरकार गैरकानूनी तरीके से कार्यवाही करती है तो हम अपने अंतरराष्ट्रीय छात्रों की रक्षा के लिए तुरंत कदम उठाएंगे."

एए/सीके (एपी, रॉयटर्स)

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