चीन की बेल्ट एंड रोड योजना का जवाबः दुनियाभर में प्रोजेक्ट शुरू करेगा अमेरिका | दुनिया | DW | 09.11.2021

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दुनिया

चीन की बेल्ट एंड रोड योजना का जवाबः दुनियाभर में प्रोजेक्ट शुरू करेगा अमेरिका

अमेरिका ने कहा है कि चीन के बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव के जवाब में वह दुनियाभर में पांच से दस योजनाओं में निवेश करेगा. यह निवेश जनवरी से शुरू हो सकता है.

अमेरिका के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया है कि जनवरी में उनका देश पांच से दस इन्फ्रास्ट्रक्चर योजनाओं में निवेश करेगा. ये विशाल परियोजनाएं होंगी जो दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में तैयार होंगी. इनका मकसद चीन के बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (BRI) का जवाब देना है. अमेरिका ने चीन की इस महत्वाकांक्षी अंतरराष्ट्रीय परियोजना के जवाब में ग्रुप ऑफ सेवन (G7) देशों के साथ मिलकर एक योजना बनाई है. जनवरी में होने वाला निवेश इसी योजना का हिस्सा है.

अमेरिकी सरकार में वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रपति जो बाइडेन के राष्ट्रीय सुरक्षा उप सलाहकार दलीप सिंह के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने कई यात्राओं के बाद कम से कम दस परियोजनाओं को चिन्हित किया है, जो सेनेगल और घाना में होंगी.

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दलीप सिंह के नेतृत्व वाला प्रतिनिधिमंडल इस साल कई देशों का दौरा कर चुका है जिन्हें ‘लिसनिंग टुअर्स' कहा गया है. पिछले हफ्ते यह दल घाना और सेनेगल के दौरे पर था. इससे पहले अक्टूबर में ये लोग इक्वाडोर, पनामा और कोलंबिया गए थे. अमेरिकी अधिकारी ने बिना किसी देश का नाम लिए बताया कि साल खत्म होने से पहले प्रतिनिधिमंडल कई एशियाई देशों का भी दौरा करेगा.

क्या है बी3डबल्यू?

इस प्रतिनिधिमंडल के सदस्य अलग-अलग देशों में जाकर सरकारी और निजी क्षेत्र से मिल रहे हैं और ऐसी परियोजनाओं की तलाश कर रहे हैं जिन्हें बिल्ड बैक बेटर वर्ल्ड (B3W) नामक पहल के तहत वित्तीय मदद दी जा सके. बी3डबल्यू एक पहल है जिसे दुनिया के सबसे अमीर देशों के समूह जी7 ने जून में शुरू किया था. जनवरी में निवेश की शुरुआत की योजना पर दिसंबर में होने वाले जी7 की बैठक में मुहर लग सकती है.

जी7 की यह इस पहल के तहत विकासशील देशों को मूलभूत ढांचा विकसित करने के लिए वित्तीय मदद दी जानी है. बी3डबल्यू के तहत 2035 तक अलग-अलग विकासशील देशों में ऐसी परियोजनाएं चुनी जानी हैं जिनके लिए 400 खरब डॉलर उपलब्ध कराए जाएंगे. इसका मकसद चीन द्वारा मुहैया कराए जाने वाले उधार का विकल्प देना है.

अमेरिका विकासशील देशों को वित्तीय मदद के तहत विस्तृत विकल्प उपलब्ध कराएगा जैसे इक्विटी स्टेक, लोन गारंटी, राजनीतिक बीमा, ग्रांट, जलवायु, स्वास्थ्य, डिजिटल विकास और लैंगिक समानता सुनिश्चित करने के लिए तकनीकी विशेषज्ञता आदि.

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अमेरिकी अधिकारी ने कहा, "ऐसी परियोजनाओं को चिन्हित करने पर काम हो रहा है जिन्हें अगले साल की शुरुआत से ही शुरू किया जा सके.” व्हाइट हाउस की नेशनल सिक्यूरिटी काउंसिल की प्रवक्ता एमिली हॉर्न ने बताया कि दलीप सिंह ने अफ्रीका में मिलेनियम चैलेंज कॉर्प की उप प्रमुख एलेक्सिया लाटोर्च और यूएस इंटरनेशनल डेवेलपमेंट फाइनैंस कॉर्प में अफ्रीका के लिए जिम्मेदार ट्रैविस एडकिन्स से मुलाकात की है.

चीन को जवाब

चीन को जवाब देने की बात कई बार कह चुके अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन बी3डबल्यू को लेकर खासे उत्सुक हैं. हाल ही में जलवायु सम्मेलन में हिस्सा लेने के दौरान ग्लासगो में उन्होंने यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उरसूला वोन डेर लेयेन, ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन और जी7 के अन्य सहयोगियों के साथ विशेष बैठक की थी जिसमें इसी पहल पर चर्चा हुई.

अमेरिका ने कहा है कि अपनी योजना में वह ऐसी कोई शर्त नहीं रखेगा जिसे बाद में पोर्ट या एयरपोर्ट आदि जब्त करने के लिए इस्तेमाल किया जा सके. जिन योजनाओं को वित्तीय मदद देने की बात चल रही है उनमें पश्चिमी अफ्रीका के लिए सेनेगल में एक वैक्सीन हब भी शामिल है.

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चीन का बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव एक रणनीतिक योजना है जिसके जरिए चीन एशिया, अफ्रीका और यूरोप को जमीन और समुद्र के रास्ते जोड़ना चाहता है ताकि व्यापार और अन्य संपर्क बढ़ाए जा सकें. इसके तहत अलग-अलग देशों में उसने कई इंफ्रास्ट्रक्चर योजनाएं शुरू की हैं.

वीके/एए (रॉयटर्स)

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