ट्विटर का नया नियम, नेताओं के आपत्तिजनक ट्वीट्स को रिट्वीट और शेयर नहीं किया जा सकेगा | दुनिया | DW | 16.10.2019
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दुनिया

ट्विटर का नया नियम, नेताओं के आपत्तिजनक ट्वीट्स को रिट्वीट और शेयर नहीं किया जा सकेगा

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप पर ट्विटर के गलत इस्तेमाल के आरोप लगने के बाद ट्विटर ने नेताओं के लिए नया नियम बनाया है. ट्विटर के गलत इस्तेमाल के मामले में तो भारतीय और पाकिस्तानी नेता भी पीछे नहीं हैं.

ट्विटर ने नेताओं द्वारा ट्विटर के मानकों का पालन ना किए जाने पर नया नियम बनाया है. ट्विटर ने बताया कि अगर किसी नेता का ट्वीट ट्विटर के मानकों पर सही नहीं होगा तो उस ट्वीट को रिट्वीट या लाइक नहीं किया जा सकेगा. इसके बाद यह ट्वीट और शेयर नहीं हो सकेगा. हालांकि ऐसे ट्वीट को डिलीट नहीं किया जाएगा. ना ही ऐसे अकाउंट को डिलीट किया जाएगा. पहले इस तरह के ट्वीट्स पर ट्विटर एक चेतावनी दिखाता था लेकिन उस चेतावनी से ट्वीट के शेयर होने पर कोई असर नहीं पड़ता था. ये नियम अमेरिका में डेमोक्रेटिक पार्टी की संभावित राष्ट्रपति उम्मीदवार कमला हैरिस ने अमेरिकी राष्ट्रपति पर ट्विटर के गलत इस्तेमाल का आरोप लगाया है. इस के बाद ही यह नियम बनाया गया है.

कमला हैरिस ने ट्रंप पर ट्विटर का गलत इस्तेमाल करने और इससे लोकतंत्र को खतरे में डालने का आरोप लगाया था. हैरिस ने मांग की थी कि ट्रंप के ट्विटर अकाउंट को बंद किया जाना चाहिए. हालांकि ट्विटर ने ट्वीट डिलीट करने या ट्विटर अकाउंट बंद करने की मांग को नहीं माना. ट्विटर ने राजनेताओं के ट्विटर के गलत इस्तेमाल के आरोपों पर एक ब्लॉग पोस्ट लिखा है. ट्विटर ने लिखा है कि राजनेताओं और सरकारी पदों पर बैठे लोगों के ट्विटर का गलत इस्तेमाल करने की खबरें आती रहती हैं. कोई भी राजनेता जो ट्विटर का इस्तेमाल करता है उसे ट्विटर के मानकों और नियमों का भी पालन करना होगा. अगर कोई इन मानकों और नियमों का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. ट्विटर ने आगे बताया कि अगर कोई राजनेता या सरकारी कर्मचारी ऐसा ट्वीट करता है जो ट्विटर के मानकों पर सही नहीं है तो इस ट्वीट को शेयर होने से रोकने के लिए इसे रिट्वीट या लाइक नहीं किया जा सकेगा. ट्विटर ने ऐसे ट्वीट को डिलीट ना करने के पीछे वजह बताई कि नेताओं के ट्वीट लोगों से जुड़े हुए होते हैं. लोगों को ऐसे ट्वीट देखने की सुविधा होनी चाहिए. लेकिन अगर यह नियम विरुद्ध हैं तो इन्हें आगे शेयर नहीं किया जा सकेगा.

ट्विटर ने उन परिस्थितियों को भी बताया है जिनमें इस तरह की कार्रवाई की जाएगी. ट्विटर के मुताबिक अगर कोई ट्वीट आतंकवाद को बढ़ावा देने वाला, हिंसा उकसाने या भड़काने वाला (इसमें दो देशों के नेताओं के बीच ट्विटर पर हुआ आरोप-प्रत्यारोप या धमकाना शामिल नहीं होगा), किसी निजी जानकारी को सार्वजनिक करना, अश्लील तस्वीरें या वीडियो साझा करना, बच्चों के साथ यौन शोषण से जुड़ा कोई ट्वीट और अपने आप को नुकसान पहुंचाने वाला हुआ तो ट्विटर इस पर नए नियम के मुताबिक कार्रवाई करेगा. ट्विटर ने लिखा है कि दूसरे मामलों में राजनेताओं पर ऐसी कार्रवाई नहीं की जा सकती क्योंकि उन ट्वीटों के साथ सार्वजनिक हित भी जुड़े होते हैं. ये नियम 1 लाख से ज्यादा फॉलोवर्स वाले अकाउंट पर ही लागू होंगे.

कई नेताओं पर गलत इस्तेमाल के आरोप

आजकल अधिकांश बड़े नेता ट्विटर पर मौजूद हैं. अपवादों में जर्मन चांसलर अंगेला मैर्केल शामिल हैं. जो राजनेता ट्विटर पर हैं उन पर कई बार इस प्लेटफॉर्म के गलत इस्तेमाल के आरोप लगते रहे हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप पर ऐसे आरोप सबसे ज्यादा हैं. डॉनल्ड ट्रंप कई बार अपने ट्वीट में फेक न्यूज देते हैं. कई मीडिया संस्थानों ने पड़ताल के बाद बताया है कि डॉनल्ड ट्रंप के कई ट्वीट में गलत सूचना दी गई. अमेरिकी राष्ट्रपति दो ट्विटर अकाउंट इस्तेमाल करते हैं. एक अमेरिकी राष्ट्रपति का आधिकारिक ट्विटर हैंडल और दूसरा अपना निजी ट्विटर हैंडल. उनके निजी अकाउंट पर साढ़े छह करोड़ से ज्यादा लोग उन्हें फॉलो करते हैं. राष्ट्रपति के आधिकारिक अकाउंट पर उन्हें करीब पौने तीन करोड़ लोग फॉलो करते हैं. हाल ही में एक मामला पूर्व अमेरिकी उपराष्ट्रपति जो बाइडन के बेटे पर भ्रष्टाचार के आरोपों के सिलसिले में सामने आया. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप पर आरोप है कि उन्होंने यूक्रेन के राष्ट्रपति से बात करने के बारे में जानकारी देने वाले व्हिसलब्लोअर को ट्वीट कर धमकाया था. इससे पहले ट्रंप ट्विटर पर उत्तरी कोरिया के नेता किम जोंग उन को परमाणु बम से हमले की धमकी दे चुके हैं. मीडिया समूह सीएनएन के खिलाफ भी उन्होंने ट्वीटर पर कई आपत्तिजनक बातें लिखी हैं. उन्होंने विदेशी मूल की चार अमेरिकी सांसदों सांसदों के खिलाफ भी ट्विटर पर विवादित बातें लिखीं.

 

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ट्विटर पर पांच करोड़ से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं. वो खुद दो हजार से ज्यादा लोगों को फॉलो करते हैं. जिन लोगों को वो फॉलो करते हैं इनमें कई ट्रोल भी शामिल हैं. इनमें ऐसे ट्रोल भी हैं जो विरोधी लोगों को गालियां और धमकियां देते हैं. मोदी के विपक्षी आरोप लगाते हैं कि नरेंद्र मोदी खुद ट्विटर पर आपत्तिजनक चीजें या फेक न्यूज नहीं फैलाते हों लेकिन ऐसे लोगों को फॉलो कर वो ऐसे लोगों की हिम्मत बढ़ाते हैं. मोदी सरकार के कई मंत्री ऐसे लोगों को फॉलो करते हैं जो ट्विटर पर गाली, गलौच के साथ धार्मिक हिंसा भड़काने जैसी बातें करते हैं. मोदी सरकार के कई मंत्री भी फेक न्यूज फैलाते देखे गए हैं. पिछली मोदी सरकार में मंत्री रहीं सुषमा स्वराज और सुरेश प्रभु ने ट्विटर के अच्छे इस्तेमाल का भी उदाहरण पेश किया जब उन्होंने ट्विटर पर मिली शिकायतों का तेजी से समाधान किया.

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को ट्विटर पर एक करोड़ से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं. इमरान ट्विटर पर अकसर भारत के प्रधानमंत्री और भारत सरकार के खिलाफ ट्वीट करते हैं. ऐसे ही एक ट्वीट में उन्होंने नरेंद्र मोदी पर नाजी विचारधारा का समर्थक होने के आरोप भी लगाए थे. पाकिस्तान के कई मंत्री और राजनेता ट्विटर पर फेक न्यूज शेयर करते देखे गए हैं. इनमें दूसरे देशों में हिंसा की तस्वीरों को भारत प्रशासित कश्मीर में हिंसा की तस्वीरें बता कर शेयर करना भी शामिल है.

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