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ईरान से परमाणु हथियार ना बनाने की गारंटी मिली: ट्रंप

३१ मई २०२६

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कहा है कि उन्होंने ईरान से यह गारंटी हासिल कर ली है कि वह परमाणु हथियार नहीं बनाएगा. हालांकि ईरान ने इसकी पुष्टि नहीं की है.

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USA Morristown 2026 | Donald Trump auf dem Weg von Marine One zur Air Force One
तस्वीर: Alex Brandon/AP Photo/dpa/picture alliance

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्होंने ईरान से यह गारंटी हासिल कर ली है कि वह परमाणु हथियार विकसित नहीं करेगा. इस बीच ऐसी खबरें सामने आई हैं कि उन्होंने ईरान को और कड़ी शर्तों के साथ फिर से एक शांति प्रस्ताव भेजा है. द न्यूयॉर्क टाइम्स और एक्सिओस मीडिया की शनिवार, 30 मई की रिपोर्टों के मुताबिक, ट्रंप ने ईरान को विचार करने के लिए "ज्यादा सख्त" शर्तों के साथ एक नया फ्रेमवर्क वापस भेजा है, हालांकि यह तुरंत साफ नहीं हो सका कि उसमें क्या बातें शामिल हैं.

ट्रंप ने कहा है कि किसी भी समझौते के लिए उनकी प्राथमिकताओं में ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना और फिलहाल नाकेबंदी वाले होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना शामिल है. शनिवार रात अपनी पुत्रवधु लारा ट्रंप के फॉक्स न्यूज चैनल पर प्रसारित एक इंटरव्यू प्रोग्राम में ट्रंप ने कहा, "एक गारंटी जो मुझे हर हाल में चाहिए, वह यह है कि कोई परमाणु हथियार नहीं होगा. वे इस पर सहमत हो गए हैं, और यह बहुत दिलचस्प रहा."

होर्मुज में नाकाबंदी से पूरी दुनिया पर असर

ईरान का रुख

ईरान ने ट्रंप के दावों पर शक जताया है. ईरानी मीडिया के अनुसार, देश की मांग है कि अपने परमाणु कार्यक्रम जैसे मुद्दों पर ठोस बातचीत की दिशा में बढ़ने से पहले उसे 12 अरब डॉलर की फ्रीज की गई उसकी संपत्ति मिलनी चाहिए. इसके अलावा ईरान ने ट्रंप की उन पिछली टिप्पणियों को "बेबुनियाद" बताया है जिसमें संवर्धित यूरेनियम को नष्ट कर दिए जाने की बात अमेरिकी राष्ट्रपति ने की थी.

ईरान ने इस बात पर भी जोर दिया है कि युद्ध को खत्म करने के किसी भी समझौते में लेबनान को शामिल किया जाना चाहिए. लेबनान में इस्राएल सैन्य कार्रवाई कर रहा है, जिसे वह ईरान समर्थित समूह हिज्बुल्लाह के खिलाफ लक्षित हवाई हमले बताता है.

तनाव अब भी बरकरार

ट्रंप की बातों से मेल खाते बयान देश के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ की ओर से भी आए हैं. उन्होंने शनिवार को सिंगापुर में शांग्री-ला डिफेंस समिट में यह भी कहा था कि वॉशिंगटन जरूरत पड़ने पर जंग दोबारा शुरू करने में "पूरी तरह सक्षम" है.

अप्रैल में पाकिस्तान की मध्यस्थता के बाद तेहरान और वाशिंगटन के बीच एक अस्थायी युद्धविराम हुआ है, और तब से रोजाना होने वाले हमले रुक गए हैं. हालांकि सशस्त्र संघर्ष की छिटपुट घटनाएं अब भी जारी हैं. इसी साल अमेरिका में मध्यावधि चुनाव होने हैं. वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के हिसाब से अहम होर्मुज स्ट्रेट के जंग के बाद प्रभावी तरीके से बंद होने ने दुनियाभर में तेल आपूर्ति को बुरी तरह प्रभावित किया है. इससे दुनियाभर में तेल की कीमतें बढ़ी हैं, और यह असर अमेरिका में भी दिख रहा है. इसने ट्रंप पर एक ऐसा समझौता करने का दबाव बढ़ाया है जो इस अहम जलमार्ग पर ईरानी और अमेरिकी नाकाबंदी हटा दे.

ट्रंप ने सोशल मीडिया पर यह कहा था कि किसी भी समझौते के तहत नाकाबंदी हटाए जाने पर तेहरान होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों से "कोई टोल" नहीं वसूलेगा. ईरानी समाचार एजेंसी फार्स ने सूत्रों के हवाले से कहा कि "समझौते के मसौदे में ऐसी कोई शर्त दिखाई नहीं दी है."