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विवादयूरोप

ग्रीनलैंड के लिए मैं ताकत इस्तेमाल नहीं करूंगा: ट्रंप

२१ जनवरी २०२६

यूरोपीय देशों की नाराजगी की परवाह न करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ने यूरोप पहुंचकर ग्रीनलैंड का मुद्दा उठाया. लेकिन बल प्रयोग की संभावना को खारिज भी किया.

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दावोस में विश्व आर्थिक फोरम  2026 में शिरकत करते अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप
तस्वीर: Mandel Ngan/AFP/Getty Images

स्विटरलैंड का दावोस शहर, विश्व आर्थिक फोरम और अपने स्की रिजॉर्टों के लिए मशहूर है. लेकिन इस बार वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान दावोस में एक अजीब सी बेचैनी पसरी है और खुसपुसाहट हावी है. इसकी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड को हासिल करने की जिद है.

बुधवार को तीन घंटे की देरी से दावोस पहुंचने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप नेग्रीनलैंड का मुद्दा उठाया. आर्थिक रूप से अमीर वैश्विक बिरादरी के सामने ट्रंप ने कहा, "सच यही है कि अमेरिका को छोड़कर, कोई भी और देश या देशों का समूह, ग्रीनलैंड को सुरक्षित रखने की स्थिति में नहीं है. हम महान शक्ति है, इतने महान कि लोगों की समझ से भी ज्यादा. मुझे लगता है कि उन्हें दो हफ्ते पहले वेनेजुएला में यह समझ में आ गया."

ट्रंप ने यह भी कहा कि दूसरे विश्वयुद्ध के बाद ग्रीनलैंड को सुरक्षित करने में अमेरिका ने डेनमार्क की मदद की और अब इस "अहसान को भुलाया" जा रहा है. हालांकि ट्रंप ने यह भरोसा भी दिया कि वह ग्रीनलैंड को लेने के लिए ताकत का इस्तेमाल नहीं करेंगे, लेकिन साथ ही यह भी जोड़ा कि वह हमारा इलाका बनेगा.

दावोस में उन्होंने नाटो को लेकर यूरोपीय साझेदारों पर तंज भी कसा. समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, ट्रंप ने कहा कि हम नाटो को बहुत कुछ देते हैं और बदले में बहुत कम मिलता है. अपने पिछले कार्यकाल में ट्रंप में नाटो के सदस्यों पर अपने डीजीपी का 2 फीसदी रक्षा बजट पर खर्च करने का दबाव डाला था. अब सदस्य देशों ने इसे बढ़ाकर 5 फीसदी करने का लक्ष्य तय किया है.

दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के सीईओ के साथ डॉनल्ड ट्रंप
दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के सीईओ के साथ डॉनल्ड ट्रंपतस्वीर: Jonathan Ernst/REUTERS

ट्रंप के खिलाफ एकजुट यूरोप

ग्रीनलैंड के मुद्दे पर ब्रिटेन ने भीयूरोपीय संघ और डेनमार्क का साथ देने का एलान किया है. बुधवार को ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने कहा कि ग्रीनलैंड के मुद्दे पर वह अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के सामने डटकर खड़े होंगे. गुरुवार को डेनमार्क की प्रधानमंत्री की मेजबानी करने से पहले स्टार्मर ने कहा आर्कटिक के द्वीप को लेकर उनके रुख में कोई बदलाव नहीं आएगा.

ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने यह बातें संसद को संबोधित करते हुए कहीं. ग्रीनलैंड के मुद्दे पर टैरिफ लगाने की धमकी की भी उन्होंने कड़ी आलोचना की.

जर्मनी की समाचार एजेंसी डीपीए के मुताबिक, ट्रंप की उड़ान में देरी के कारण बुधवार को जर्मन चांसलर फ्रीडरिष मैर्त्स के साथ उनकी मुलाकात की संभावना कम हो गई है. ट्रंप के दावोस में भाषण से पहले दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय वार्ता होनी थी. जर्मन चासंलर ने कहा था कि उन्हें उम्मीद है कि वह बुधवार को दावोस में ट्रंप से बातचीत करेंगे. इस बातचीत में ग्रीनलैंड, टैरिफ की धमकियों और ट्रंप के कथित गाजा शांति बोर्ड पर चर्चा होनी थी.

बुधवार को दावोस में जब यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ईसीबी) की प्रेसीडेंट क्रिस्टीन लगार्द से पूछा गया कि क्या वह अमेरिका को यूरोपीय संघ का "सहयोगी" मानती हैं या "विरोधी?" तो लगार्द ने कहा, "जब आप उत्तरी अटलांटिक संधि के तहत सहयोगी हैं, जब आप दशकों से सहयोगी रहे हैं और एक दूसरे के इतिहास का हिस्सा रहे हैं, तो ग्रीनलैंड जैसे क्षेत्र पर कब्जा करने की धमकी देना और टैरिफ प्रतिबंधों व अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर अन्य प्रतिबंधों को लागू करना, वास्तव में एक सहयोगी की तरह व्यवहार करना तो नहीं है."

इससे पहले मंगलवार को यूरोपीय आयोग की प्रमुख उर्सुला फॉन डेय लाएन ने भी मंगलवार को ग्रीनलैंड के मुद्दे पर ट्रंप के नए टैरिफों की आलोचना की. उन्होंने कहा कि ट्रंप की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं. वहीं फ्रांस के राष्ट्रपति इमानुएल माक्रों ने भी अमेरिकी टैरिफों पर कड़ा जवाब देने की संभावना जताई.

ग्रीनलैंड में डेनमार्क की सेना की तैनाती
ट्रंप की धमकियों के बाद डेनमार्क ने तैनात की ग्रीनलैंड में सेनातस्वीर: Danish Defence Command/UPI Photo/picture alliance

 यू टर्न के बाद देरी से दावोस पहुंचे ट्रंप

अमेरिकी राजधानी वॉशिंगटन से स्विट्जरलैंड के दावोस के लिए निकला डॉनल्ड ट्रंप का विमान, करीब घंटे भर की उड़ान के बाद वापस लौट गया. मंगलवार शाम अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक विमान, एयरफोर्स वन ने ज्वाइंट बेस एंड्र्यूज पर लैंडिंग की.

अमेरिकी राष्ट्रपति कार्यालय, द व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कारोलिन लेविट ने इस यू टर्न के लिए तकनीकी खामी को जिम्मेदार बताया. लेविट के मुताबिक, टेक ऑफ के बाद ही चालक दल को विमान में "एक छोटा इलेक्ट्रॉनिक इश्यू" नजर आया. इसके बाद एहतियातन यू टर्न लेकर विमान को वापस वॉशिंगटन में उतारा गया.

राष्ट्रपति के साथ विमान में यात्रा कर रहे एक रिपोर्टर ने बताया कि टेक ऑफ के थोड़ी ही देर बाद, प्रेस केबिन की लाइटें बुझ गईं. ऐसा क्यों हुआ, इसकी कोई वजह नहीं बताई गई और करीब आधे घंटे बाद रिपोर्टरों से कहा गया कि विमान को वापस मोड़ा जा रहा है.

इसके बाद ट्रंप अमेरिकी वायुसेना के C-32 विमान में सवार होकर मध्य रात्रि में दावोस के लिए रवाना हुए. C-32 बोइंग 757 का मोडिफाइड वर्जन है. सामान्य रूप से अमेरिकी राष्ट्रपति इस जहाज को देश के भीतर छोटी यात्राओं के लिए इस्तेमाल करते हैं.