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ट्रंप ने ईयू के आयात पर 50 फीसदी टैरिफ लगाने की सिफारिश की

आयुष यादव एपी, एएफपी, डीपीए | आदर्श शर्मा रॉयटर्स, एएनआई
प्रकाशित २३ मई २०२५आखिरी अपडेट २३ मई २०२५

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने शुक्रवार (23 मई) को व्यापार वार्ता में गतिरोध का हवाला देते हुए यूरोपीय संघ (ईयू) से आने वाले सामानों पर 50 फीसदी टैरिफ लगाने की सिफारिश की बात की.

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डॉनल्ड ट्रंप की तस्वीर के सामने दिखाई दे रही लाल टोपी
तस्वीर: The Yomiuri Shimbun/AP Images/picture alliance
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भारत और पाकिस्तान ने 'एयरस्पेस बैन' को महीने भर के लिए बढ़ाया को स्किप करें
२३ मई २०२५

भारत और पाकिस्तान ने 'एयरस्पेस बैन' को महीने भर के लिए बढ़ाया

एयरपोर्ट पर मौजूद लोग
एयरस्पेस बैन महीने भर के लिए बढ़ा दिया गया हैतस्वीर: Shonal Ganguly/AP Photo/picture alliance

भारत और पाकिस्तान ने अपने-अपने हवाई क्षेत्र के इस्तेमाल पर लगाए गए प्रतिबंध को महीने भर के लिए बढ़ा दिया है. 22 अप्रैल को हुए पहलगाम हमले के बाद इस दोतरफा एयरस्पेस बैन की शुरुआत हुई थी.

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, पाकिस्तान एयरपोर्ट अथॉरिटी ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि पाकिस्तान ने भारतीय स्वामित्व और भारतीयों द्वारा संचालित एयरलाइनों के लिए हवाई क्षेत्र को बंद रखने की समयसीमा 24 जून, सुबह 04:59 तक बढ़ा दी है. बयान में कहा गया कि यह प्रतिबंध “भारत द्वारा पंजीकृत, संचालित, स्वामित्व वाले या पट्टे पर लिए गए सभी विमानों" पर लागू होता है और इसमें भारतीय सैन्य विमान भी शामिल हैं.

इसके बाद भारत ने भी पाकिस्तानी स्वामित्व और पाकिस्तान द्वारा संचालित एयरलाइनों के लिए हवाई क्षेत्र को बंद रखने की समयसीमा 23 जून तक बढ़ा दी. नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नोटिस के मुताबिक, यह प्रतिबंध पाकिस्तानी एयरलाइनों द्वारा संचालित, स्वामित्व वाले या पट्टे पर लिए गए विमानों पर लागू होगा. पाकिस्तानी की सैन्य उड़ानों पर भी यह प्रतिबंध लागू होगा.

पिछले महीने 22 अप्रैल को हुए पहलगाम हमले के बाद भारत ने सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया था. इसके विरोध में पाकिस्तान ने अपने हवाई क्षेत्र को भारतीय एयरलाइनों के लिए प्रतिबंधित कर दिया था. इसके बाद भारत ने भी पाकिस्तानी एयरलाइनों के खिलाफ ऐसी ही कार्रवाई की थी. 

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सुप्रीम कोर्ट ने कहा, "प्रजनन अधिकारों का जरूरी हिस्सा है मातृत्व अवकाश" को स्किप करें
२३ मई २०२५

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, "प्रजनन अधिकारों का जरूरी हिस्सा है मातृत्व अवकाश"

महिला अधिकारों से जुड़ा पोस्टर
"प्रजनन अधिकारों का जरूरी हिस्सा है मातृत्व अवकाश"तस्वीर: Sachelle Babbar/ZUMA/picture alliance

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि मातृत्व अवकाश, महिलाओं के प्रजनन अधिकारों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है. इंडिया टुडे की खबर के मुताबिक, जस्टिस अभय एस ओका और जस्टिस उज्ज्वल भुइंया की बेंच ने कहा कि कोई भी संस्था एक महिला को उसके मातृत्व अवकाश के अधिकार से वंचित नहीं कर सकती. 

सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु की एक महिला की याचिका पर सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया. याचिकाकर्ता महिला तमिलनाडु में सरकारी शिक्षक है और उसकी दूसरी शादी से हुए बच्चे के जन्म के बाद उसे मातृत्व अवकाश देने से मना कर दिया गया था. 

महिला ने अपनी याचिका में बताया कि उसकी पहली शादी से उसके दो बच्चे हुए थे, इसलिए उसे मातृत्व अवकाश नहीं दिया गया. तमिलनाडु में नियम है कि पहले दो बच्चों के लिए ही मां को मातृत्व लाभ दिए जाते हैं. महिला ने कोर्ट को यह भी बताया कि उसने दूसरी शादी के बाद सरकारी नौकरी शुरू की थी, इसलिए पहले दो बच्चों के जन्म के बाद उसे मातृत्व अवकाश या अन्य लाभ नहीं मिले थे. 

उनके वकील ने कोर्ट से कहा कि राज्य ने महिला के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन किया है. इसके बाद, कोर्ट ने याचिकाकर्ता महिला का पक्ष लेते हुए मातृत्व लाभ का दायरा बढ़ाया और कहा कि अब मातृत्व अवकाश को मूल प्रजनन अधिकारों का हिस्सा माना जाएगा. 

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ट्रंप ने यूरोपीय संघ के आयात पर 50 फीसदी टैरिफ लगाने की सिफारिश की को स्किप करें
२३ मई २०२५

ट्रंप ने यूरोपीय संघ के आयात पर 50 फीसदी टैरिफ लगाने की सिफारिश की

हस्ताक्षर करते डॉनल्ड ट्रंप
यूरोपीय संघ के आयात पर 50 फीसदी टैरिफ लगाने की सिफारिशतस्वीर: Anna Moneymaker/Getty Images

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने शुक्रवार (23 मई) को घोषणा की कि वह व्यापार वार्ता में गतिरोध का हवाला देते हुए यूरोपीय संघ (ईयू) से आने वाले सामानों पर 50 फीसदी टैरिफ लगाने की सिफारिश कर रहे हैं. उन्होंने सोशल मीडिया ट्रूथ सोशल पर लिखा, "उनके साथ हमारी चर्चा कहीं नहीं जा रही है.. इसलिए मैं 1 जून, 2025 से यूरोपीय संघ पर सीधा 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने की सिफारिश कर रहा हूं."

ट्रंप यूरोपीय संघ के साथ व्यापार वार्ता में प्रगति की कमी से परेशान थे. ईयू ने टैरिफ को शून्य करने पर जोर दिया है, जबकि ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से अधिकांश आयातों पर 10 फीसदी के आधारभूत कर को बनाए रखने पर जोर दिया है.

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, यूरोपीय संघ ने फिलहाल इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है. संघ ने कहा कि वह यूरोपीय संघ के व्यापार प्रमुख मारोस सेफकोविच और उनके अमेरिकी समकक्ष जैमिसन ग्रीर के बीच होने वाली फोन कॉल का इंतजार करेगा.

डॉनल्ड ट्रंप यूरोपीय संघ से आने वाले सामानों पर चीन की तुलना में ज्यादा आयात शुल्क लगाना चाहते हैं. चीन के टैरिफ इस महीने 30 फीसदी तक कम कर दिए गए थे ताकि वॉशिंगटन और बीजिंग बातचीत कर सकें. 

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डॉनल्ड ट्रंप ने एप्पल पर 25 फीसदी टैरिफ लगाने की दी धमकी को स्किप करें
२३ मई २०२५

डॉनल्ड ट्रंप ने एप्पल पर 25 फीसदी टैरिफ लगाने की दी धमकी

माइक पर बोलते डॉनल्ड ट्रंप
एप्पल पर 25 फीसदी टैरिफ लगाने की धमकीतस्वीर: Hu Yousong/Xinhua/picture alliance

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को धमकी दी है कि अगर अमेरिका में आईफोन का निर्माण नहीं किया गया तो वे एप्पल के उत्पादों पर 25 फीसदी टैरिफ लगा देंगे. न्यूज एजेंसी एपी के मुताबिक, ऐसा होने पर अमेरिका में आईफोन की कीमत काफी बढ़ जाएगी.

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, "मैंने काफी समय पहले एप्पल के टिम कुक को बता दिया था कि मैं उम्मीद करता हूं कि अमेरिका में बेचे जाने वाले आईफोन, अमेरिका में ही बनाए जाएंगे, भारत या किसी और जगह पर नहीं." ट्रंप ने कहा कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो एप्पल को अमेरिका को कम से कम 25 फीसदी टैरिफ देना होगा. 

चीन पर भारी टैरिफ लगाने की ट्रंप की धमकी के बाद एप्पल ने अमेरिका में बेचे जाने वाले ज्यादातर आईफोन का निर्माण भारत में करने की योजना बनाई थी. इस तरह एप्पल चीन और अमेरिका के बीच जारी टैरिफ वॉर से बचना चाहती थी. लेकिन ट्रंप भारत में आईफोन बनाए जाने से भी नाखुश हैं. वे चाहते हैं कि अमेरिका में बिकने वाले आईफोन अमेरिका में ही बनें.

गूगल समेत बड़ी अमेरिकी टेक कंपनियों पर कैसे नकेल कसेगा ईयू

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नेतन्याहू ने ब्रिटेन, फ्रांस और कनाडा पर लगाया हमास को बढ़ावा देने का आरोप को स्किप करें
२३ मई २०२५

नेतन्याहू ने ब्रिटेन, फ्रांस और कनाडा पर लगाया हमास को बढ़ावा देने का आरोप

माइक पर बोलते बेन्यामिन नेतन्याहू
नेतन्याहू ने लगाया हमास को बढ़ावा देने का आरोपतस्वीर: Ronen Zvulun/AP Photo/picture alliance

इस्राएल के प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतन्याहू ने ब्रिटिश प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर, फ्रांस के राष्ट्रपति इमानुएल माक्रों और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी पर "हमास को बढ़ावा देने" का आरोप लगाया है. यह आरोप तब लगाए गए जब इन नेताओं ने इस्राएल के सैन्य हमले को रोकने और गाजा में मानवीय सहायता पर लगे प्रतिबंधों को खत्म करने की बात कही थी.

इस हफ्ते की शुरुआत में, यूके, फ्रांस और कनाडा के नेताओं ने गाजा में इस्राएली सरकार के कामों की निंदा की थी और चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर नेतन्याहू ने अपना रुख नहीं बदला तो यूके और उसके सहयोगी ठोस कार्रवाई करेंगे.

गुरुवार शाम को एक्स पर एक पोस्ट में, इस्राएली प्रधानमंत्री ने कहा कि हमास यहूदी राज्य को नष्ट करना और यहूदी लोगों का सफाया करना चाहता है. नेतन्याहू ने कहा, "मैं कभी समझ नहीं पाया कि यह सच फ्रांस, ब्रिटेन, कनाडा और अन्य देशों के नेताओं से कैसे बच जाता है."

उन्होंने कहा, "मैं राष्ट्रपति मैक्रों, प्रधानमंत्री कार्नी और प्रधानमंत्री स्टार्मर से कहता हूं, जब सामूहिक हत्यारे, बलात्कारी, बच्चों के हत्यारे और अपहरणकर्ता आपको धन्यवाद देते हैं, तो आप न्याय के गलत पक्ष में हैं." नेतन्याहू ने कहा कि इन नेताओं के काम शांति को आगे नहीं बढ़ा रहे हैं, बल्कि हमास को हमेशा लड़ने के लिए बढ़ावा दे रहे हैं.

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तमन्ना को साबुन कंपनी का ब्रांड एंबेसडर बनाने का क्यों हुआ विरोध को स्किप करें
२३ मई २०२५

तमन्ना को साबुन कंपनी का ब्रांड एंबेसडर बनाने का क्यों हुआ विरोध

मैसूर सैंडल साबुन का पैकेट
तमन्ना को ब्रांड एबेंसडर बनाए जाने का हो रहा है विरोधतस्वीर: Priyadarshan/Pond5 Images/IMAGO

फिल्म अभिनेत्री तमन्ना भाटिया को कर्नाटक के मशहूर ‘मैसूर सैंडल सोप’ का ब्रांड एबेंसडर बनाए जाने का विरोध हो रहा है. कर्नाटक सरकार के स्वामित्व वाली कंपनी ‘कर्नाटक सोप्स एंड डिटर्जेंट्स लिमिटेड’ (केएसडीएल) इस साबुन को बनाती है. 

एनडीटीवी की खबर के अनुसार, कर्नाटक सरकार ने तमन्ना भाटिया के साथ 6.2 करोड़ रुपये की कथित राशि में दो साल का अनुबंध किया है. कन्नड़ समर्थक समूहों, स्थानीय कार्यकर्ताओं और विपक्षी नेताओं ने इस कदम का विरोध किया है. आलोचकों का कहना है कि कर्नाटक के लिए बेहद महत्वपूर्ण इस ब्रांड का प्रतिनिधित्व करने के लिए सरकार को एक कन्नड़ अभिनेत्री को ही चुनना चाहिए था.  

कर्नाटक सरकार में मंत्री एमबी पाटिल ने शुक्रवार को माना कि स्थानीय लोग अभिनेत्री को केएसडीएल का ब्रांड एंबेसडर बनाए जाने से नाराज हैं. हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि यह फैसला तमन्ना भाटिया के प्रशंसकों की संख्या, डिजिटल स्पेस में उनकी मजबूत मौजूदगी और युवा पीढ़ी से उनके जुड़ने की क्षमता को देखते हुए लिया गया था. 

उन्होंने कहा कि तमन्ना को ब्रांड एंबेसडर इसलिए बनाया गया क्योंकि उनके 2.8 करोड़ फॉलोअर्स हैं. उन्होंने आगे बताया, “कंपनी का लक्ष्य साल 2030 तक बिक्री को 5,000 करोड़ रुपये तक पहुंचाना है और इसलिए एक मजबूत मार्केटिंग रणनीति होना बेहद जरूरी है. यह नियुक्ति भी बाजार विशेषज्ञों की सिफारिशों के आधार पर ही की गई थी.”

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विदेश मंत्री एस जयशंकर ने जर्मन चांसलर फ्रीडरिष मैर्त्स से की मुलाकात को स्किप करें
२३ मई २०२५

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने जर्मन चांसलर फ्रीडरिष मैर्त्स से की मुलाकात

हाथ मिलाते एस जयशंकर और फ्रीडरिष मैर्त्स
24 मई तक यूरोपीय देशों की यात्रा पर हैं जयशंकरतस्वीर: X/https://x.com/DrSJaishankar

भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शुक्रवार को जर्मनी के नए चांसलर फ्रीडरिष मैर्त्स से मुलाकात की. यह मुलाकात जर्मनी की राजधानी बर्लिन में हुई. जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “आज जर्मनी में चांसलर फ्रीडरिष मैर्त्स से मिलकर सम्मानित महसूस कर रहा हूं. उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शुभकामनाएं प्रेषित कीं.” 

उन्होंने आगे लिखा, “अपनी रणनीतिक साझेदारी को बढ़ाने और विस्तारित करने के लिए उनकी सरकार के साथ काम करने के लिए तत्पर हूं. जब भारत आतंकवाद की चुनौती का मुकाबला कर रहा है, तब जर्मनी की एकजुटता की सराहना करता हूं.”

विदेश मंत्री एस जयशंकर 19 से 24 मई तक यूरोपीय देशों की यात्रा पर हैं. जर्मनी आने से पहले उन्होंने नीदरलैंड्स और डेनमार्क का दौरा किया. शुक्रवार को उन्होंने जर्मनी की अर्थव्यवस्था एवं ऊर्जा मंत्री काथरीना राइषे से भी मुलाकात की. 

इससे पहले, गुरुवार को उन्होंने जर्मनी के सांसदों के साथ बातचीत की. जयशंकर ने एक्स पर लिखा, “भारत-जर्मनी संबंधों के निरंतर विकास के लिए उनके मजबूत समर्थन की सराहना करता हूं. उनके साथ आतंकवाद के सभी प्रकारों से निपटने की भारत की दृढ़ प्रतिबद्धता पर भी चर्चा की गई.”

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पाकिस्तान को एफएटीएफ की 'ग्रे सूची' में डलवाने के लिए प्रयास करेगा भारत को स्किप करें
२३ मई २०२५

पाकिस्तान को एफएटीएफ की 'ग्रे सूची' में डलवाने के लिए प्रयास करेगा भारत

एफएटीएफ का झंडा
पाकिस्तान को जून 2018 में 'ग्रे लिस्ट' में डाला गया थातस्वीर: Markus Schreiber/AP/picture alliance

भारत वैश्विक मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकी वित्तपोषण निगरानी संस्था 'फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स' (एफएटीएफ) की अगली बैठक में पाकिस्तान पर आतंकवाद के वित्तपोषण के आरोप लगाएगा, ताकि उसे फिर से 'ग्रे लिस्ट' में डाला जा सके. 

इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के अनुसार, सूत्रों ने बताया कि भारत विशेष रूप से उन कानूनी प्रावधानों के गैर-अनुपालन की ओर इशारा करेगा, जिनका पाकिस्तान ने 2022 में ग्रे लिस्ट से हटाए जाने पर पालन करने का वादा किया था. सूत्रों ने बताया कि सरकार जून में होने वाली अगली बैठक में पेश करने के लिए एक डोजियर तैयार कर रही है. इसके अलावा, भारत विश्व बैंक द्वारा पाकिस्तान को दिए जाने वाली फंडिंग की समीक्षा पर भी आपत्ति उठाएगा, जो जून के लिए निर्धारित है.

पाकिस्तान को जून 2018 में 'ग्रे लिस्ट' में डाला गया था और अक्टूबर 2022 में हटाए जाने तक उसे "बढ़ी हुई निगरानी" का सामना करना पड़ा था. इस सूची में होने से प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) और पूंजी प्रवाह पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है. 

एफएटीएफ के 40 सदस्य हैं और 200 से अधिक देशों ने एफएटीएफ-शैली के क्षेत्रीय निकायों के माध्यम से एफएटीएफ की सिफारिशों का पालन करने की प्रतिबद्धता जताई है.

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आईएमएफ ने पाकिस्तान को दिए बेलआउट पैकेज का किया बचाव को स्किप करें
२३ मई २०२५

आईएमएफ ने पाकिस्तान को दिए बेलआउट पैकेज का किया बचाव

दीवार पर दिखाई दे रहा आईएमएफ का लोगो
आईएमएफ ने अपने पैकेज का बचाव किया हैतस्वीर: Celal Gunes/Anadolu/picture alliance

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने पाकिस्तान को दिए गए एक बिलियन डॉलर (लगभग 8,000 करोड़ रुपये) के बेलआउट पैकेज का बचाव किया है. आईएमएफ का कहना है कि कर्ज में डूबे पाकिस्तान ने नवीनतम ऋण किश्त प्राप्त करने के लिए सभी आवश्यक शर्तों को पूरा किया है. 

पाकिस्तान को यह धनराशि तब जारी की गई जब भारतीय सेना द्वारा 'ऑपरेशन सिंदूर' शुरू करने के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष शुरू हो गया था. एनडीटीवी की खबर के अनुसार, आईएमएफ का यह स्पष्टीकरण भारत द्वारा उसके 2.1 बिलियन डॉलर के बेलआउट पैकेज पर पुनर्विचार करने के अनुरोध के कुछ दिनों बाद आया है. 

आईएमएफ ने अपनी विस्तारित निधि सुविधा (ईएफएफ) कार्यक्रम के तहत पाकिस्तान को दो किश्तों में 2.1 बिलियन डॉलर का वितरण किया है. वैश्विक ऋणदाता और पाकिस्तान ने पिछले साल ईएफएफ के तहत 7 बिलियन डॉलर के सौदे पर हस्ताक्षर किए थे.

समाचार एजेंसी रॉयटर्स से बात करते हुए आईएमएफ के संचार विभाग की निदेशक जूली कोजैक ने अपने ऋण का बचाव करते हुए कहा, "हमारे बोर्ड ने पाया कि पाकिस्तान ने वास्तव में सभी लक्ष्यों को पूरा किया था. उसने कुछ सुधारों पर प्रगति की थी और इसी वजह से बोर्ड ने पैकेज को मंजूरी दी."

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अमेरिका में हुए विमान हादसे में कई लोगों की मौत को स्किप करें
२३ मई २०२५

अमेरिका में हुए विमान हादसे में कई लोगों की मौत

हादसे की जगह पर मौजूद पुलिसकर्मी
रिहायशी इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हुआ था विमानतस्वीर: Mike Blake/REUTERS

गुरुवार तड़के अमेरिका के सैन डिएगो शहर में एक निजी विमान बिजली के तार से टकराकर रिहायशी इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया. यह जेट एक म्यूजिक एजेंट और पांच अन्य लोगों को ले जा रहा था. विमान एक घर से टकराया और उसमें सवार कई लोगों की मौत हो गई.

विमान की टक्कर से घर में आग लग गई और जेट का ईंधन सड़कों पर बहने लगा, जिससे आधा दर्जन वाहन जल गए. सैन डिएगो के पुलिस प्रमुख स्कॉट वाहल ने कहा, "मैं यह नहीं बता सकता कि यह दृश्य कैसा लग रहा था, लेकिन जेट ईंधन सड़क पर बह रहा था और सब कुछ एक साथ जल रहा था, यह देखना काफी भयावह था."

संगीत एजेंसी साउंड टैलेंट ग्रुप ने एक बयान में कहा कि साउंड टैलेंट ग्रुप के सह-संस्थापक डेव शापिरो और दो कर्मचारी मारे गए लोगों में शामिल थे. साउंड टैलेंट ग्रुप ने अमेरिकी पॉप बैंड हैन्सन, अमेरिकी गायक-गीतकार वैनेसा कार्लटन और कनाडाई रॉक ग्रुप सम 41 जैसे कलाकारों का प्रतिनिधित्व किया है.

संघीय विमानन प्रशासन के अनुसार, विमान में छह लोग सवार थे. खबर लिखे जाने तक अधिकारी घटनास्थल की तलाशी ले रहे थे और शवों को बरामद कर रहे थे ताकि आधिकारिक संख्या और मृतकों की पहचान की जा सके.

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ट्रंप की बड़े पैमाने पर छंटनी की योजना पर कोर्ट ने लगाई रोक को स्किप करें
२३ मई २०२५

ट्रंप की बड़े पैमाने पर छंटनी की योजना पर कोर्ट ने लगाई रोक

माइक पर बोलते डॉनल्ड ट्रंप
संघीय जज ने फैसले पर रोक लगा दी हैतस्वीर: Manuel Balce Ceneta/AP Photo/picture alliance

एक संघीय जज ने गुरुवार को ट्रंप प्रशासन द्वारा लाखों संघीय कर्मचारियों को निकालने की कोशिश पर अस्थायी रोक लगा दी है. जज ने कहा कि अमेरिकी सरकार का पुनर्गठन करने से पहले उन्हें कांग्रेस से अनुमति लेनी होगी.

अपने आदेश में, अमेरिकी जिला न्यायाधीश सुजैन इलस्टन ने संघों, गैर-लाभकारी संस्थाओं और नगर पालिकाओं द्वारा दायर एक मुकदमे के लंबित रहने तक एजेंसियों को बड़े पैमाने पर छंटनी करने से रोक दिया है. यह ट्रंप की कई संघीय एजेंसियों को छोटा करने या खत्म करने की योजनाओं का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है.

9 मई को, इलस्टन ने लगभग 20 एजेंसियों को दो हफ्ते के लिए बड़े पैमाने पर छंटनी करने से रोक दिया था और उन श्रमिकों को बहाल करने का आदेश दिया था जिन्होंने पहले ही अपनी नौकरी खो दी थी. गुरुवार के आदेश में, उन्होंने अस्थायी प्रतिबंधात्मक आदेश में प्रदान की गई राहत को कुछ सुधार के साथ जारी रखा.

सरकारी वकील एंड्रयू बर्नी ने गुरुवार की सुनवाई में कहा कि संघीय एजेंसियों के पास बड़े पैमाने पर छंटनी को लागू करने का व्यापक अधिकार है. उन्होंने कहा कि ट्रंप के कार्यकारी आदेश ने एजेंसियों से केवल यह निर्धारित करने के लिए कहा था कि क्या किसी ठोस कार्रवाई जैसे कि छंटनी या कार्यालय बंद किए बिना कटौती की जा सकती है, जिसके लिए वादी इस बिंदु पर मुकदमा कर सकते हैं.

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जर्मनी ने खत्म की वीजा अपील प्रक्रिया, भारतीयों पर होगा असर को स्किप करें
२३ मई २०२५

जर्मनी ने खत्म की वीजा अपील प्रक्रिया, भारतीयों पर होगा असर

वीजा की कॉपी पकड़े एक शख्स
1 जुलाई से खत्म होगी अनौपचारिक वीजा अपील प्रक्रियातस्वीर: Thomas Koehler/photothek/picture alliance

जर्मनी 1 जुलाई से अपनी अनौपचारिक वीजा अपील प्रक्रिया (रेमॉन्स्ट्रेशन) को खत्म करने जा रहा है. यह उन भारतीयों के लिए एक बड़ा झटका है जो उच्च शिक्षा, कुशल नौकरियों और पर्यटन के लिए जर्मन शेंगेन और राष्ट्रीय वीजा के लिए आवेदन करते हैं.

जर्मन मिशन इन इंडिया ने कहा कि इस फैसले से वीजा आवेदन प्रक्रिया आसान होगी, इंतजार का समय कम होगा और संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल हो पाएगा. हालांकि, इससे उन लोगों के लिए एक आसान रास्ता बंद हो जाएगा जिनके वीजा आवेदन खारिज हो जाते थे और वे बिना कानूनी हस्तक्षेप के फैसले को चुनौती दे पाते थे.

क्या बदल रहा है?

अभी तक, जिन आवेदकों की शेंगेन वीजा अपील खारिज हो जाती थे, वे एक मुफ्त और अनौपचारिक प्रक्रिया शुरू कर सकते थे, जिसे 'रेमॉन्स्ट्रेशन' कहा जाता था. इससे वे अदालतों में जाए बिना फैसले को चुनौती दे सकते थे. अब इस विकल्प को दुनिया भर में चरणबद्ध तरीके से खत्म किया जा रहा है.

यह बदलाव क्यों?

भारतीयों पर इसका असंगत रूप से अधिक प्रभाव पड़ने की संभावना है. अकेले 2024 में, जर्मनी ने 2,06,733 शेंगेन वीजा आवेदनों को अस्वीकार कर दिया, जिसकी अस्वीकृति दर 13.7 प्रतिशत थी. जुलाई से, खारिज किए गए आवेदकों के पास केवल दो विकल्प होंगे, या तो पूरी तरह से नया आवेदन जमा करें या जर्मन अदालतों में एक औपचारिक (और अक्सर महंगी) कानूनी अपील शुरू करें.

शेंगेन वीजा धारकों को 180 दिनों की अवधि में 90 दिनों तक 29 देशों के शेंगेन क्षेत्र में यात्रा करने की अनुमति मिलती है, लेकिन इससे रोजगार के अधिकार नहीं मिलते हैं.

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अदाणी और अंबानी ने किया पूर्वोत्तर भारत में हजारों करोड़ रुपये निवेश करने का वादा को स्किप करें
२३ मई २०२५

अदाणी और अंबानी ने किया पूर्वोत्तर भारत में हजारों करोड़ रुपये निवेश करने का वादा

गौतम अदाणी और मुकेश अंबानी
पूर्वोत्तर भारत में करेंगे हजारों करोड़ रुपये का निवेश

उद्योगपति गौतम अदाणी और मुकेश अंबानी ने घोषणा की है कि उनकी कंपनियां पूर्वोत्तर भारत में हजारों करोड़ रुपये निवेश करेंगी. गौतम अदाणी ‘अदाणी समूह’ और मुकेश अंबानी ‘रिलायंस इंडस्ट्रीज’ के चेयरमैन हैं. 

न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, गौतम अदाणी ने शुक्रवार को घोषणा की कि वे पूर्वोत्तर भारत के विभिन्न हिस्सों में अगले दस सालों में एक लाख करोड़ रुपये का निवेश करेंगे. नई दिल्ली में ‘राइजिंग नॉर्थ-ईस्ट इन्वेस्टर्स समिट’ में अदाणी ने कहा, “तीन महीने पहले, असम में हमने 50 हजार करोड़ रुपये का निवेश करने का संकल्प लिया था…आज मैं घोषणा करता हूं कि अदाणी समूह अगले 10 सालों में पूर्वोत्तर में 50 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त निवेश करेगा.”
हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में विदेशी छात्रों के दाखिले पर बैन

गौतम अदाणी ने बताया, “अदाणी समूह के निवेश का मुख्य फोकस हरित ऊर्जा के साथ-साथ स्मार्ट-मीटर, हाइड्रो, पंप स्टोरेज, बिजली ट्रांसमिशन, सड़क और राजमार्ग, डिजिटल बुनियादी ढांचे, लॉजिस्टिक्स पर रहेगा. इसके साथ ही कौशल और व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से क्षमता निर्माण पर भी काम होगा.”

मुकेश अंबानी ने भी ‘राइजिंग नॉर्थ-ईस्ट इन्वेस्टर्स समिट’ में कहा, “रिलायंस अगले पांच सालों में पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में 75 हजार करोड़ रुपये का निवेश करेगी. इस निवेश से 25 लाख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार अवसरों के पैदा होने की उम्मीद है.” उन्होंने बताया कि यह निवेश अलग-अलग क्षेत्रों में किया जाएगा.

न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, रिलायंस की पूर्वोत्तर भारत में 350 ‘इंटीग्रेटेड कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट’ लगाने की योजना है. कंपनी ने कैंसर अस्पताल और ओलंपिक ट्रेनिंग सेंटर खोलने की भी बात कही है. अंबानी ने कहा कि कंपनी इलाके की फैक्ट्रियों में निवेश करेगी और कला आधारित अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा देने के लिए काम करेगी. 

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जर्मनी में काम करने के लिए नर्सों को ट्रेनिंग दे रही मेघालय सरकार को स्किप करें
२३ मई २०२५

जर्मनी में काम करने के लिए नर्सों को ट्रेनिंग दे रही मेघालय सरकार

प्रदर्शन में भाग लेती नर्सें
इसका उद्देश्य योग्य स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षित करना हैतस्वीर: Satyajit Shaw,/DW

मेघालय सरकार राज्य के स्वास्थ्य कर्मियों को जर्मनी में काम करने के लिए तैयार कर रही है. राज्य के मुख्यमंत्री कोनराड के संगमा ने गुरुवार को शिलांग में जर्मन भाषा प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया. इसका उद्देश्य राज्य के योग्य स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षित करना और उन्हें जर्मनी में नियुक्ति दिलाना है. मेघालय सरकार को इस पहल में जर्मनी का भी साथ मिल रहा है. 

मुख्यमंत्री संगमा ने कहा कि यह सहयोग भारत और जर्मनी के बीच संबंधों को मजबूत करेगा. उन्होंने घोषणा की कि चुने गए उम्मीदवारों के पहले बैच के साथ वे खुद जर्मनी जाएंगे. 

जर्मन वाणिज्य दूतावास, कोलकाता की डिप्टी काउंसिल जनरल अंद्रिया यस्क ने भी इस साझेदारी को लेकर खुशी जताई. उन्होंने कहा, "जर्मनी फिलहाल स्वास्थ्य देखभाल में पेशेवरों की कमी से जूझ रहा है. 2035 तक हमें 70 लाख अतिरिक्त कुशल कर्मियों की जरूरत होगी…ये युवा पेशेवर जर्मनी में सिर्फ काम नहीं करेंगे बल्कि वहां अपना योगदान देंगे और आगे बढ़ेंगे."


न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, मेघालय सरकार इससे पहले युवा पेशेवरों को सिंगापुर और जापान भी भेज चुकी है. मुख्यमंत्री संगमा ने कहा, "अगर हम 30 हजार पेशेवरों को विदेश भेजते हैं तो हमें हर महीने 250 करोड़ रुपए तक की धनराशि मिल सकती है. यानी हर साल हमारे परिवारों के पास 3,000 करोड़ रुपए आएंगे." उन्होंने भरोसा दिलाया कि विदेश में नियुक्ति के लिए युवाओं को राज्य सरकार की ओर से पूरी मदद मिलेगी.

 

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ब्रिटेन ने चागोस द्वीप समूह मॉरीशस को सौंपने पर जताई सहमति को स्किप करें
२३ मई २०२५

ब्रिटेन ने चागोस द्वीप समूह मॉरीशस को सौंपने पर जताई सहमति

चागोस द्वीप समूह
मॉरीशस को मिली संप्रभुतातस्वीर: picture-alliance/CPA Media

ब्रिटेन ने 22 मई को विवादित चागोस द्वीप समूह की संप्रभुता मॉरीशस को सौंपने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए. सरकार का कहना है कि यह कदम अमेरिकी-ब्रिटिश सैन्य अड्डे के भविष्य को सुनिश्चित करता है, जो ब्रिटिश सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है.

समझौते के तहत, यूके मॉरीशस को कम से कम 99 वर्षों के लिए आधार को वापस लीज पर लेने के लिए प्रति वर्ष औसतन 101 मिलियन (136 मिलियन डॉलर) पाउंड का भुगतान करेगा.

प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर ने कहा कि अमेरिकी बलों द्वारा संचालित यह बेस ब्रिटेन के लिए महत्वपूर्ण है और हमारी सुरक्षा के लिए नींव का काम करेगा. यह समझौता द्वीपों के कुछ मूल निवासियों के विरोध के बावजूद किया गया, जिन्हें दशकों पहले इस बेस के निर्माण के लिए निष्कासित कर दिया गया था.

ब्रिटिश साम्राज्य के अंतिम अवशेषों में से एक, चागोस द्वीप समूह 1814 से यूके के नियंत्रण में रहा है. ब्रिटेन ने 1965 में मॉरीशस, जो एक पूर्व ब्रिटिश उपनिवेश था, से द्वीपों को अलग कर दिया था.

ब्रिटेन ने 1960 और 1970 के दशक में द्वीपों से लगभग 2,000 लोगों को बेदखल कर दिया ताकि अमेरिकी सेना डिएगो गार्सिया बेस का निर्माण कर सके, जिसने वियतनाम से इराक और अफगानिस्तान तक अमेरिकी अभियानों में मदद की है. इसमें परमाणु पनडुब्बियों, विमान वाहक और बड़े विमानों को समायोजित करने की सुविधाएं हैं.

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आदर्श शर्मा
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