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राजनीतिविश्व

ईरान युद्ध रोकने की कोई निश्चित समय सीमा नहींः पीट हेगसेथ

निखिल रंजन एपी, एएफपी | आदर्श शर्मा एएनआई, रॉयटर्स
प्रकाशित १९ मार्च २०२६आखिरी अपडेट १९ मार्च २०२६

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एक कार्यक्रम में बोलते हुए पीट हेगसेथ और उनके पीछे खड़े डॉनल्ड ट्रंप
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने 200 अरब डॉलर से अधिक धन की मांग को लेकर कहा कि "बुरे लोगों को मारने में पैसा लगता है"तस्वीर: Rebecca Blackwell/AP Photo/picture alliance
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आपके लिए अहम जानकारी

प्रधानमंत्री मोदी ने कई राष्ट्र प्रमुखों से पश्चिम एशिया की स्थिति पर चर्चा की

2030 के दशक में खत्म हो जाएंगे जर्मनी के ग्लेशियरः वैज्ञानिक

ईरान युद्ध शुरू होने के बाद पश्चिम एशिया से वापस आए 2.80 लाख भारतीय

भारतीय शेयर बाजार में दो साल की सबसे बड़ी गिरावट

ईद से पहले पाकिस्तान और अफगानिस्तान ने की लड़ाई रोकने की घोषणा

ट्रंप ने ईरान के सबसे बड़े गैस फील्ड को "उड़ाने" की धमकी दी

भारत को दस साल में सौर ऊर्जा क्षमता के चार गुना होने की उम्मीद

2026 में भूमध्यसागर में प्रवासियों की रिकॉर्ड संख्या में मौत

लगातार नौंवी बार फिनलैंड सबसे खुशहाल लोगों का देश

‘सरके चुनर’ गाने को लेकर नोरा फतेही और संजय दत्त को जारी हुआ समन

होरमुज का रास्ता खुलवाने पर सहयोग को तैयाह हुए छह देश को स्किप करें
१९ मार्च २०२६

होरमुज का रास्ता खुलवाने पर सहयोग को तैयाह हुए छह देश

होरमुज के इलाके में एक मोटरबोट की फाइल तस्वीर
छह देश होरमुज के रास्ते को खुलवाने पर सहयोग के लिए तैयार हुए हैंतस्वीर: Fadel Senna/AFP/Getty Images


छह देशों ने गुरुवार को कहा है कि वे "होरमुज जलडमरुमध्य के रास्ते से सुरक्षित आवाजाही को सुनिश्चित करने की कोशिशों में सहयोग करेंगे." इन देशों में ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और जापान के अलावा नीदरलैंड्स और इटली भी शामिल हैं. इन देशों की तरफ से जारी संयुक्त बयान में कहा गया है, "हम उन देशों की प्रतिबद्धता का स्वागत करते हैं जो तैयारी की योजना में शामिल हैं." इन देशों ने "खाड़ी में निहत्थे व्यापारिक जहाजों पर हाल में हुए हमलों की कड़ी शब्दों में निंदा भी की है."

संयुक्त बयान में इन देशों ने "संघर्ष बढ़ने पर गहरी चिंता भी जताई है." बयान में कहा गया है, "हम ईरान से मांग करते हैं कि जलडमरुमध्य को व्यापारिक जहाजों के लिए बंद करने की खातिर बारुदी सुरंग लगाने, ड्रोन और मिसाइल हमलों की कोशिश करने जैसे सारे खतरों को हटाए." इन देशों की तरफ से जारी बयान में यह भी कहा गया है कि नौवहन की आजादी अंतरराष्ट्रीय कानून का बुनियादी सिद्धांत है, इनमें यूनाइटेड नेशंस कंवेंशन के तहत, समु्द्र का कानून भी शामिल है."

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने दुनिया के ताकतवर देशों और नाटो से होरमुज जलडमरुमध्य को खुलवाने के लिए मदद मांगी थी. इन देशों ने ट्रंप की उस मांग को तत्काल ठुकरा दिया था और कहा था कि वे इस मसले पर चर्चा और योजना बनाने के लिए तैयार हैं, हालांकि युद्ध जारी रहने तक कोई भी देश अपनी सेना भेजना नहीं चाहता. 

ब्रिटेन के रक्षा विभाग के एक अधिकारी ने बुधवार को पत्रकारों से कहा, "खतरा इतना ज्यादा है कि मुझे नहीं लगता कि बहुत से देश इस खतरे के बीच अपने जंगी जहाज उस जगह भेजने के लिए तैयार होंगे." इस अधिकारी ने यह भी कहा, "हम अपने सहयोगियों के साथ इस पर काम कर रहे हैं कि हम क्या कर सकते हैं और क्या दे सकते हैं वो भी तब जब वहां की परिस्थितियां इसके अनुकूल हों."
 

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ईरान युद्ध रोकने की कोई निश्चित समय सीमा नहींः अमेरिकी रक्षा मंत्री को स्किप करें
प्रकाशित १९ मार्च २०२६आखिरी अपडेट १९ मार्च २०२६

ईरान युद्ध रोकने की कोई निश्चित समय सीमा नहींः अमेरिकी रक्षा मंत्री

अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ
अमेरिका ने कहा है कि ईरान युद्ध खत्म करने की कोई निश्चित समय सीमा नहींतस्वीर: Brendan Smialowski/AFP

अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने गुरुवार को कहा कि ईरान के खिलाफ इस्राएल-अमेरिकी युद्ध को खत्म करने की कोई "समय सीमा" नहीं है. ईरान युद्ध तीन हफ्ते पहले शुरू हुआ था. हेगसेथ ने एक न्यूज कांफ्रेंस के दौरान कहा, "हम कोई निश्चित समय सीमा तय नहीं करना चाहते थे." इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा, "हम बिल्कुल सही रास्ते पर हैं" और राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ही यह तय करेंगे कि कब रुकना है. 

हेगसेथ ने उस रिपोर्ट के बारे में भी बात की जिसमें कहा गया है कि रक्षा विभाग ने 200 अरब डॉलर से अधिक के अतिरिक्त धन की मांग संसद से इस युद्ध के खर्च के लिए की है. हेगसेथ ने कहा, "जहां तक 200 अरब डॉलर की बात है तो मुझे लगता है कि यह नंबर बढ़ सकता है. जाहिर है कि बुरे लोगों को मारने में पैसा लगता है."

हेगसेथ ने यह भी कहा, "हम संसद में जा रहे हैं ताकि यह सुनिश्चित कर सकें कि जो कुछ हुआ है उसके लिए पर्याप्त पैसा मिले और साथ ही उसके लिए भी जो हम भविष्य में करेंगे." अमेरिका के शीर्ष सैन्य अधिकारी जनरल डैन काइन भी हेगसेथ के साथ इस कॉन्फ्रेंस में मौजूद थे. उन्होंने ईरान और उसके सहयोगियों के खिलाफ इलाके में इस्तेमाल हो रहे हथियारों की जानकारी दी.  

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ईरान युद्ध के चलते भारत में महंगा हुआ बोतलबंद पानी को स्किप करें
१९ मार्च २०२६

ईरान युद्ध के चलते भारत में महंगा हुआ बोतलबंद पानी

बोतलबंद पानी के एक प्लांट की तस्वीर
भारत में बोतलबंद पानी की कीमतें करीब 10 फीसदी बढ़ गई हैंतस्वीर: Anushree Fadnavis/REUTERS

अमेरिका, इस्राएल और ईरान के बीच जारी युद्ध के चलते, भारत में बोतलबंद पानी की कीमतें करीब 10 फीसदी बढ़ गई हैं. ऐसा प्लास्टिक बोतलों और उनके ढक्कनों की कीमत बढ़ने के चलते हुआ है. दरअसल, प्लास्टिक बोतलें बनाने के लिए मुख्य रूप से पॉलीमर का इस्तेमाल होता है, जो क्रूड ऑयल की कीमतें बढ़ने के चलते महंगा हो गया है. इसके अलावा, बोतल की पैकिंग और कार्डबोर्ड बॉक्स के दाम भी बढ़े हैं. 

भारत के बोतलबंद पानी के बाजार में बिस्लेरी की हिस्सेदारी करीब एक तिहाई है. इसकी एक लीटर वाली 12 बोतलों का डिब्बा पहले 216 रुपये का आता था, अब उसकी कीमत 240 रुपये हो गई है. यानी प्रति लीटर पानी अब दो रुपये महंगा हो गया है. बिस्लेरी के एक अधिकारी ने न्यूज एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि पिछले 15 दिनों में पैकेजिंग मैटेरियल की कीमत में 70 फीसदी से ज्यादा का इजाफा हुआ है. 

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ईरान युद्ध शुरू होने के बाद पश्चिम एशिया से वापस आए 2.80 लाख भारतीय को स्किप करें
१९ मार्च २०२६

ईरान युद्ध शुरू होने के बाद पश्चिम एशिया से वापस आए 2.80 लाख भारतीय

दिल्ली एयरपोर्ट पर जानकारी देने वाले बोर्ड को देखते यात्री
ईरान युद्ध के चलते पश्चिम एशिया से आने वाली उड़ानों पर गंभीर असर पड़ा हैतस्वीर: Vipin Kumar/Hindustan Times/Sipa USA/picture alliance

भारतीय विदेश मंत्रालय ने बताया है कि 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका और इस्राएल के हमले के बाद से पश्चिम एशिया में रह रहे करीब 2.80 लाख भारतीय देश वापस आ चुके हैं. विदेश मंत्रालय में खाड़ी क्षेत्र के संयुक्त सचिव असीम महाजन ने बताया कि कुछ देशों में जारी व्यवधानों के बावजूद, उड़ानों की व्यापक स्थिति धीरे-धीरे सुधर रही है. 

उन्होंने बताया कि संयुक्त अरब अमीरात यानी यूएई, सऊदी अरब और ओमान से उड़ानें भारत आ रही हैं. कतर का हवाई क्षेत्र आंशिक रूप से खुला हुआ है और कतर एयरवेज भारत के लिए वाणिज्यिक उड़ानों का संचालन कर रही है. उन्होंने बताया कि कुवैत, बहरीन और इराक में उड़ान प्रतिबंध जारी हैं इसलिए वहां फंसे हुए भारतीय नागरिकों को सऊदी अरब के जरिए वापस लाया जा रहा है. 

इस दौरान उन्होंने सेफसी विष्णु जहाज के 15 भारतीय नाविकों से जुड़ी जानकारी भी दी. इस ऑयल टैंकर पर 9 मार्च को इराकी जलक्षेत्र में हमला हुआ था. इस हमले में एक भारतीय नाविक की मौत हो गई थी, जबकि 15 भारतीय नाविकों को बचा लिया गया था. असीम महाजन ने बताया कि अब ये नाविक इराक से निकल गए हैं और जल्द ही इनके भारत पहुंचने की उम्मीद है. 

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ईरान के हमले से कतर की ऊर्जा निर्यात क्षमता को भारी नुकसान को स्किप करें
१९ मार्च २०२६

ईरान के हमले से कतर की ऊर्जा निर्यात क्षमता को भारी नुकसान

कतर एनर्जी का एलएनजी संयंत्र
ईरान के हमले में कतर के ऊर्जा ठिकानों को काफी नुकसान पहुंचा हैतस्वीर: REUTERS

ईरान के हमले में कतर के एलएनजी निर्यात की 17 फीसदी क्षमता खत्म हो गई है. यूरोप और एशिया को भेजी जाने वाली सप्लाई में इस कमी का मतलब करीब 20 अरब डॉलर के सालाना राजस्व का नुकसान होगा. कतर एनर्जी के सीईओ साद अल-काबी ने गुरुवार को समाचार एजेंसी रॉयटर्स को यह जानकारी दी. 

अल काबी का कहना है कि कतर की 14 एलएनजी ट्रेनों और दो गैस टू लिक्विड (जीटीएल) केंद्रों को अभूतपूर्व हमले में नुकसान पहुंचा है. अल-काबी ने इंटरव्यू में कहा, "मैंने अपने सपने में भी कभी नहीं सोचा था कि कतर और इस इलाके को इस तरह का हमला झेलना पड़ेगा वो भी भाई जैसे मुस्लिम देश से रमजान के महीने में."

इस इंटरव्यू के कुछ घंटे पहले ही ईरान ने खाड़ी के तेल और गैस ठिकानों को निशाना बना कर कई हमले किए. ईरान के गैस फील्ड पर इस्राएली हमले के जवाब में ये हमले किए गए हैं. 

इन हमलों के चलते सरकारी कंपनी कतर एनर्जी को दीर्घकालीन अनुबंधों को पांच साल के लिए पूरा नहीं कर पाने पर विवश होना पड़ेगा. ये अनुबंध इटली, बेल्जियम, दक्षिण कोरिया और चीन के साथ हैं और इन्हें पूरा नहीं करने की वजह ट्रेनों को नुकसान पहुंचना है. 

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प्रधानमंत्री मोदी ने कई राष्ट्र प्रमुखों से पश्चिम एशिया की स्थिति पर चर्चा की को स्किप करें
१९ मार्च २०२६

प्रधानमंत्री मोदी ने कई राष्ट्र प्रमुखों से पश्चिम एशिया की स्थिति पर चर्चा की

एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए पीएम मोदी
पीएम मोदी ने विभिन्न राष्ट्र प्रमुखों के साथ बातचीत में पश्चिम एशिया की स्थिति पर चर्चा की और तनाव कम करने की तत्काल जरूरत पर जोर दियातस्वीर: DPR PMO/ANI

भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को बताया कि उन्होंने फ्रांस, जॉर्डन, मलेशिया और ओमान के नेताओं से बातचीत की और उनसे पश्चिम एशिया की स्थिति पर चर्चा की. इस दौरान उन्होंने जॉर्डन और ओमान को ईद की मुबारकबाद भी दी. पीएम मोदी ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर इस बारे में जानकारी दी है. 

उन्होंने एक्स पर लिखा, “मैंने अपने प्रिय मित्र और फ्रांस के राष्ट्रपति इमानुएल माक्रों से पश्चिम एशिया की स्थिति, तनाव कम करने की तत्काल जरूरत और संवाद और कूटनीति की ओर लौटने के बारे में बात की.” उन्होंने आगे लिखा कि दोनों देश शांति और स्थिरता को आगे बढ़ाने के लिए, साथ मिलकर काम जारी रखने के लिए तत्पर हैं. 

उन्होंने ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक से बातचीत के दौरान, ओमान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के उल्लंघन की कड़ी निंदा की और भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए ओमान के प्रयासों की सराहना की. उन्होंने लिखा, “भारत और ओमान होरमुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित और मुक्त आवाजाही के लिए प्रतिबद्ध हैं.”

पीएम मोदी ने मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम से बातचीत के दौरान पश्चिम एशिया की बेहद चिंताजनक स्थिति पर चर्चा की और तनाव कम करने के प्रति अपनी साझा प्रतिबद्धता को दोहराया. पीएम मोदी के मुताबिक, “बातचीत में दोनों नेताओं ने संवाद और कूटनीति के माध्यम से शांति और स्थिरता की शीघ्र बहाली पर जोर दिया.” 

पीएम मोदी ने जॉर्डन के किंग अब्दुल्लाह द्वितीय से भी फोन पर बातचीत की. इस दौरान उन्होंने पश्चिम एशिया में ऊर्जा से जुड़े बुनियादी ढांचों पर हो रहे हमलों की निंदा की और कहा कि इससे अनावश्यक रूप से तनाव बढ़ सकता है. पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा, “भारत और जॉर्डन सामान और ऊर्जा की मुक्त आवाजाही के समर्थन में खड़े हैं.”

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ईरान युद्ध के चलते इस्तीफा देने वाले अधिकारी की जांच कर रही है एफबीआईः रिपोर्ट को स्किप करें
१९ मार्च २०२६

ईरान युद्ध के चलते इस्तीफा देने वाले अधिकारी की जांच कर रही है एफबीआईः रिपोर्ट

अमेरिका के काउंटरटेररिज्म सेंटर के निदेशक जो केंट
जो केंट के खिलाफ एफबीआई जांच कर रही है ऐसी खबरें अमेरिकी मीडिया में आई हैं. तस्वीर: Jenny Kane/AP Photo/picture alliance

अमेरिकी मीडिया में ऐसी खबरें हैं कि ईरान युद्ध के मसले पर इस्तीफा देने वाले अमेरिकी काउंटरटेररिज्म विभाग के निदेशक जो केंट के खिलाफ अमेरिका की संघीय जांच एजेंसी एफबीआई ने जांच शुरू की है. उन पर गोपनीय दस्तावेजों को लीक करने के आरोप लगने की बात कही जा रही है. 

मंगलवार को जो केंट ने इस्तीफा दे कर दुनिया को हैरानी में डाल दिया था. न्यू यॉर्क टाइम्स और सीबीएस ने अज्ञात सूत्रों के हवाले से खबर दी है कि जो के खिलाफ एफबीआई की जांच उनके इस्तीफे से पहले ही शुरू हो गई थी. 

अपने त्यागपत्र में केंट ने लिखा था, "ईरान से हमारे देश को तत्काल कोई खतरा नहीं है और हमने यह युद्ध इस्राएल और उसकी ताकतवर अमेरिकी लॉबी के दबाव में शुरू किया है." न्यूज वेबसाइट सेमफोर को एक सूत्र ने बताया कि जो के खिलाफ जांच "महीने भर" से चल रही है. हालांकि एफबीआई ने इस पर तुरंत कोई प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया. 

45 साल के जो केंट ने एक दक्षिणपंथी प्रसारक को दिए इंटरव्यू में एक बार फिर यह बात दोहराई कि ईरान से अमेरिका को कोई खतरा नहीं है. उनका कहना है कि इस्राएल ने युद्ध का "फैसला कराया" और अमेरिका जानता था कि ईरान जवाबी हमला करेगा. केंट का कहना है, "यह उचित है कि हम इस्राएल को सुरक्षा देते हैं. हालांकि जब हम उन्हें सुरक्षा के साधन दे रहे हैं तो हमें उन शर्तों को भी लागू करना चाहिए कि वे कब हमला कर सकते हैं."

मंगलवार को इस्तीफे के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने केंट को "सुरक्षा पर बेहद कमजोर" बताया और यह भी कहा कि "अच्छा हुआ कि वह बाहर हो गए." जो केंट को जुलाई, 2025 में डॉनल्ड ट्रंप ने ही नियुक्त किया था 

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इस्राएल से संबंध रखने के आरोप में 97 लोग ईरान में गिरफ्तार को स्किप करें
१९ मार्च २०२६

इस्राएल से संबंध रखने के आरोप में 97 लोग ईरान में गिरफ्तार

तेहरान में पुलिस के जवानों की एक फाइल तस्वीर
गुरुवार को ईरान में 97 लोगों को इस्राएल से संबंध रखने के आरोपों में गिरफ्तार किया गया हैतस्वीर: Morteza Nikoubazl/NurPhoto/picture alliance

ईरान में इस्राएल से संबंध रखने के आरोप में 97 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इन्हें "सोल्जर्स ऑफ इस्राएल (इस्राएल के सैनिक)" कहा जा रहा है. ईरान के खुफिया मंत्रालय ने यह कार्रवाई की है. ईरान की सरकारी मीडिया ने इसकी जानकारी दी है. ईरान युद्ध शुरू होने के बाद सैकड़ों लोगों को इस्राएल और अमेरिका से संबंध रखने के आरोपों में पकड़ा गया है. 

दूसरी तरफ, इस्राएल की सेना ईरान के नेताओं को निशाना बना रही है. बुधवार को ईरान के खुफिया विभाग के मंत्री खातिब इस्माएल को मार दिया गया. इसके एक दिन पहले ईरान के सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी को भी मारा गया था. ईरान युद्ध शुरू होने के पहले दिन ही देश के सुप्रीम लीडर अयातोल्लाह अली खमेनेई को मार दिया गया. 

गुरुवार को इससे पहले ईरान की सरकारी मीडिया ने अलबरोज प्रांत के पुलिस कमांडर के हवाले से बताया कि 41 लोगों को विदेशों में विरोधी मीडिया चैनलों को वीडियो भेजने के लिए पकड़ा गया है. 

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भारतीय शेयर बाजार में दो साल की सबसे बड़ी गिरावट को स्किप करें
१९ मार्च २०२६

भारतीय शेयर बाजार में दो साल की सबसे बड़ी गिरावट

मुंबई में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज की इमारत के आगे से गुजरता एक व्यक्ति
शेयर बाजार के बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी 50 और सेंसेक्स में तीन फीसदी से ज्यादा की गिरावट हुईतस्वीर: Rajanish Kakade/AP Photo/picture alliance

भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार, 19 मार्च को दो साल की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई. शेयर बाजार के बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी 50 और सेंसेक्स में तीन फीसदी से ज्यादा की गिरावट हुई. निफ्टी 50 करीब 775 अंक और सेंसेक्स करीब 2,500 अंक गिरा. इससे पहले इतनी बड़ी गिरावट 4 जून, 2024 को दर्ज की गई थी, जब सेंसेक्स 5.74 फीसदी गिरा था. 

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, मध्य पूर्व में ऊर्जा केंद्रों पर हमले होने के बाद तेल की कीमतें बढ़ीं और भारत की सबसे बड़ी निजी बैंक एचडीएफसी के चेयरमैन ने नैतिकता का हवाला देते हुए अचानक इस्तीफा दे दिया, इन वजहों से भी भारतीय बाजार नीचे की ओर आया. इस गिरावट के चलते, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार मूल्य करीब 13 लाख करोड़ रुपये घट गया. 

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2030 के दशक में खत्म हो जाएंगे जर्मनी के ग्लेशियरः वैज्ञानिक को स्किप करें
१९ मार्च २०२६

2030 के दशक में खत्म हो जाएंगे जर्मनी के ग्लेशियरः वैज्ञानिक

बेर्षटेसगाडेन में ग्लेशियर के पिघलने से बनी सुरंग
जर्मनी के ग्लेशियर तेजी से पिघल रहे हैं और वैज्ञानिको्ं का कहना है कि कुछ ही वर्षों में यह पूरी तरह खत्म हो जाएंगेतस्वीर: imago images/Cavan Images

जर्मन वैज्ञानिकों का कहना है कि 2030 के दशक में जर्मनी के सारे ग्लेशियर खत्म हो जाएंगे. जर्मनी में बाकी बचे चार ग्लेशियरों ने पिछले दो सालों में ही अपनी एक चौथाई सतह का क्षेत्र खो दिया है. शनिवार को वर्ल्ड ग्लेशियर डे से ठीक पहले वैज्ञानिकों ने इस ओर ध्यान दिलाया है. 

जर्मनी के बवेरियाई आल्प्स में मौजूद ब्लाउआइस और वात्समान ग्लेशियरों की 2023 और 2025 के बीच करीब 45 फीसदी बर्फ खत्म हो गई. बवेरियन एकेडमी ऑप साइंसेज के ग्लेशियर विज्ञानी क्रिस्टोफ मायर और म्यूनिख यूनिवर्सिटी ऑफ अप्लाएड साइंसेज के जियोग्राफर विलफ्रीड हाग के सर्वे ने ये आंकड़े दिए हैं. रिसर्चरों ने अपनी रिपोर्ट गुरुवार को जारी की. 

जर्मन आल्प्स में बेर्षटेसगाडेन के पिघलते ग्लेशियर
जर्मनी के सारे ग्लेशियर कुछ ही वर्षों में खत्म होने वाले हैंतस्वीर: picture alliance/dpa/Nationalparkverwaltung Berchtesgaden

कुल मिला कर 10 लाख क्यूबिक मीटर बर्फ पिघल चुकी है. बर्फ की मोटाई भी यह दिखा रही है कि ग्लेशियर तेजी से सिमट रहे हैं. हर साल बर्फ की मोटाई 1.6 मीटर घट रही है. 2018 से 2023 के बीच के पांच सालों की तुलना में यह काफी ज्यादा है. रिसर्च में यह भी कहा गया है कि बेर्षटेसगाडेन इलाके के दो ग्लेशियर तो बहुत जल्द ग्लेशियर के वर्ग से भी बाहर हो जाएंगे. यह किसी भी साल हो सकता है. 

बवेरिया के त्सुगस्पित्से इलाके का होलेटालफेर्नर बीते सालों में सबसे ज्यादा स्थिर रहा है. इसने अपना केवल 9 फीसदी हिस्सा ही खोया है. इसे हिमस्खलन से बर्फ मिलती रही है और ऊंचे चट्टानों की वजह से सूरज की किरणें यहां कम पहुंचती हैं. यह 2030 के दशक तक ग्लेशियर के वर्ग में शामिल रह सकता है. 

आंकड़े दिखा रहे हैं कि 2,962 मीटर ऊंचे त्सुगस्पित्से के नीचे मौजूद नॉर्डलिषर श्नीफेर्नर जलवायु संकट से जूझ रहा है और इस दशक के अंत तक खत्म हो सकता है. 1980 से 2023 के बीच यह सिमट कर आधा हो गया है और बीते दो सालों में ही यह पिघल कर एक चौथाई बचा है. 

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जर्मनी के खिलाफ जासूसी और तोड़फोड़ की आशंका बढ़ी को स्किप करें
१९ मार्च २०२६

जर्मनी के खिलाफ जासूसी और तोड़फोड़ की आशंका बढ़ी

बर्लिन में संघीय खुफिया एजेंसी बीएनडी मुख्यालय के बाहर लगा सिक्योरिटी कैमरा
जर्मनी की घरेलू खुफिया एजेंसी के प्रमुख ने जर्मनी में जासूसी और तोड़फोड़ जैसी गतिविधियों का स्तर बढ़ने की बात कही है तस्वीर: Christoph Hardt/Panama Pictures/IMAGO

जर्मनी के खिलाफ जासूसी, तोड़फोड़ और खतरनाक गतिविधियों का स्तर बहुत ज्यादा बढ़ गया है. हालत यह है कि इस वक्त हत्या जैसी घटना के भी होने से इनकार नहीं किया जा सकता है. जर्मनी की घरेलू खुफिया एजेंसी ने गुरुवार को यह बात कही. जर्मनी में खुफिया एजेंसी को संविधान की रक्षा का संघीय कार्यालय कहा जाता है. 

इसके प्रमुख सिनान सेलेन ने कहा है कि रूस इस देश का प्रमुख विरोधी है, हालांकि वह अकेला नहीं है. जर्मन एसोसिएशन फॉर सिक्योरिटी इन इंडस्ट्री एंड कॉमर्स की संयुक्त बैठक में उन्होंने यह बातें कहीं. उनका कहना है कि हमलावर "बड़ा जोखिम उठाने की प्रवृत्ति" और "विविध तरीके" दिखा रहे हैं और इन हालातों में "हत्या जैसी कार्रवाई"  की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता. 

बीएफवी के प्रमुख सिनान सेलेन की एक फाइल तस्वीर
बीएफवी के प्रमुख सिनान सेलेन का कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में जर्मनी में हत्या जैसी घटना की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता हैतस्वीर: Bernd von Jutrczenka/dpa/picture alliance

सेलेन ने यह भी कहा कि जर्मनी को रूस "अपना विरोधी और अकसर अपना पहला शत्रु" मानता है. उनका कहना है कि विदेशी कार्रवाईयां खासतौर से ढुलाई उद्योग के साथ ही रक्षा और तकनीकी क्षेत्र पर ध्यान दे रही हैं. सेलेन ने बताया कि ज्वाइंट हाइब्रिड डिफेंस सेंटर को शुरू करने की तत्काल जरूरत है. 

इस प्रस्तावित सहयोग के प्लेटफॉर्म में कारोबार जगत भी करीबी तौर पर जुड़ा होगा. इसका मकसद उनके कार्यालय, पुलिस और संघीय अभियोजन कार्यालय के बीच जानकारी साझा करना है. हाइब्रिड युद्ध का मतलब है सैन्य, आर्थिक, खुफिया और दुष्प्रचार की संयुक्त कार्रवाई जिसका इस्तेमाल सार्वजनिक विचारों पर असर डालने के लिए भी किया जा सकता है. सरकार प्रायोजित साइबर हमले इसका उदाहरण हैं. 

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भारत को दस साल में सौर ऊर्जा क्षमता के चार गुना होने की उम्मीद को स्किप करें
१९ मार्च २०२६

भारत को दस साल में सौर ऊर्जा क्षमता के चार गुना होने की उम्मीद

भारत में एक बड़े सोलर पावर प्लांट में लगे सोलर पैनलों को पानी से साफ करते कर्मचारी
अनुमान है कि 2035-36 तक देश की स्वच्छ ऊर्जा क्षमता 780 गीगावॉट के पार चली जाएगी, जिसमें सौर ऊर्जा की हिस्सेदारी करीब 65 फीसदी होगीतस्वीर: Avijit Ghosh/REUTERS

अगले एक दशक में भारत की सौर ऊर्जा क्षमता के चार गुना होने और पवन ऊर्जा क्षमता के तीन गुना होने की उम्मीद है. अनुमान है कि स्वच्छ ऊर्जा में यह बढ़ोतरी होने से 2035-36 तक भारत की कोयले पर निर्भरता कम होकर 49 फीसदी पर आ जाएगी, जो फिलहाल करीब 70 फीसदी है. भारत के केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण द्वारा हाल ही में पेश की गई एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है. 

रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि 2035-36 तक देश की स्वच्छ ऊर्जा क्षमता 780 गीगावॉट के पार चली जाएगी, जिसमें सौर ऊर्जा की हिस्सेदारी करीब 65 फीसदी होगी. इसके अलावा, देश की बैटरी भंडारण क्षमता में करीब 300 गुना इजाफा होने का अनुमान लगाया गया है. इसके मुताबिक, अगले एक दशक में यह क्षमता 0.27 गीगावॉट से बढ़कर 80 गीगावॉट हो जाएगी. वहीं, परमाणु ऊर्जा क्षमता तीन गुना होकर 22 गीगावॉट तक पहुंच सकती है. 

भारत सरकार ने घरेलू स्तर पर सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना भी शुरू की है. इस योजना के तहत, घर की छतों पर सोलर पैनल लगाने के लिए सरकार द्वारा सब्सिडी दी जाती है. फरवरी, 2024 में शुरू हुई इस योजना का लक्ष्य वित्त वर्ष 2026-27 तक एक करोड़ घरों में सोलर पैनल लगवाना है. प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो की प्रेस रिलीज के मुताबिक, दिसंबर 2025 तक करीब 19.5 लाख घरों पर सोलर पैनल लगाए जा चुके थे.

ये हैं राजस्थान की सोलर माताएं

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ईद से पहले पाकिस्तान और अफगानिस्तान ने की लड़ाई रोकने की घोषणा को स्किप करें
१९ मार्च २०२६

ईद से पहले पाकिस्तान और अफगानिस्तान ने की लड़ाई रोकने की घोषणा

अफगानिस्तान में बख्तरबंद गाड़ियों पर सवाल होकर जाते तालिबान के सुरक्षा कर्मी
दोनों देशों ने कहा है कि सऊदी अरब, तुर्की और कतर जैसे इस्लामिक देशों के अनुरोध पर यह फैसला लिया गया हैतस्वीर: Wakil Kohsar/AFP/Getty Images

पाकिस्तान और अफगानिस्तान ने बुधवार को घोषणा की कि वे ईद-उल-फितर की वजह से अपनी लड़ाई को कुछ दिनों के लिए रोक रहे हैं. यह अस्थायी युद्धविराम बुधवार आधी रात से शुरू होकर 23 मार्च की आधी रात तक जारी रहेगा. दोनों ही देशों ने अपने बयानों में कहा है कि उन्होंने सऊदी अरब, तुर्की और कतर जैसे इस्लामिक देशों के अनुरोध पर यह फैसला लिया है. 

पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने कहा कि अगर पाकिस्तान के भीतर कोई सीमा पार हमला, ड्रोन हमला या कोई "आतंकवादी घटना" होती है तो अभियान फिर शुरू कर दिया जाएगा. वहीं, अफगानिस्तान की तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने भी एक्स पर लिखा कि खतरे की स्थिति में अफगानिस्तान किसी भी आक्रामकता का जवाब देगा.

हाल ही में दोनों देशों के बीच तनाव बेहद बढ़ गया था, जब तालिबान ने पाकिस्तानी सेना पर काबुल में एक अस्पताल पर हमले करने का आरोप लगाया. तालिबान का कहना है कि इस हमले में 400 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है. वहीं, अफगानिस्तान में काम कर रहे संयुक्त राष्ट्र के सहायता मिशन ने कहा है कि हमले में 143 लोगों की मौत हुई और 119 घायल हुए. 

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बीजेपी ने असम में 88 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की को स्किप करें
१९ मार्च २०२६

बीजेपी ने असम में 88 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की

एक सभा में बोलते हुए हिमंता बिस्वा सरमा
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा अपनी पारंपरिक सीट जालुकबारी से चुनाव लड़ेंगेतस्वीर: Prabhakar Mani Tewari

असम में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने 88 विधानसभा सीटों पर प्रत्याशी घोषित किए हैं. पार्टी की पहली सूची में मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के अलावा कई मंत्रियों के नाम शामिल हैं. हिमंता अपनी पारंपरिक सीट जालुकबारी से चुनाव लड़ेंगे. वहीं, बुधवार को ही कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए प्रद्युत बोरदोलोई को दिसपुर से उम्मीदवार बनाया गया है. कुछ हफ्ते पहले असम कांग्रेस के अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा ने भी पाला बदल लिया था. अब बीजेपी ने उन्हें बिहपुरिया से टिकट दिया है. 

इससे पहले कांग्रेस पार्टी भी दो सूचियों में 65 प्रत्याशियों के नामों की घोषणा कर चुकी है. असम कांग्रेस के प्रमुख गौरव गोगोई को जोरहाट सीट से उम्मीदवार बनाया गया है. कांग्रेस ने 15 सीटें अपनी सहयोगी पार्टियों के लिए छोड़ी हैं. कांग्रेस ने असम में सीपीआई (एम) और असम जातीय परिषद के साथ गठबंधन किया है. वहीं, सीपीआई (एमएल) ने भी विपक्षी गठबंधन को अपना समर्थन देने की घोषणा की है. असम की 126 विधानसभा सीटों के लिए 9 अप्रैल को वोट डाले जाने हैं. नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे. 

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‘सरके चुनर’ गाने को लेकर नोरा फतेही और संजय दत्त को जारी हुआ समन को स्किप करें
१९ मार्च २०२६

‘सरके चुनर’ गाने को लेकर नोरा फतेही और संजय दत्त को जारी हुआ समन

एक कार्यक्रम में डांस करतीं नोरा फतेही
इस मामले में नोरा फतेही का कहना है कि उन्हें गाने के हिंदी बोलों के बारे में जानकारी नहीं थीतस्वीर: Getty Images/AFP/STRINGER

भारत के राष्ट्रीय महिला आयोग ने नोरा फतेही और संजय दत्त पर फिल्माए गए गाने ‘सरके चुनर तेरी सरके’ का स्वत: संज्ञान लिया है. महिला आयोग ने इस मामले में नोरा फतेही, संजय दत्त, गाना लिखने वाले रकीब आलम, निर्देशक किरण कुमार और केवीएन समूह के निर्माता वेंकट के नारायण को समन जारी किया है. उन्हें 24 मार्च को महिला आयोग के सामने पेश होने के लिए कहा गया है. 

महिला आयोग ने अपने बयान में लिखा कि यह गाना प्रथम दृष्टया “यौन उत्तेजक, आपत्तिजनक और भारतीय न्याय संहिता, आईटी एक्ट और पॉक्सो एक्ट के प्रावधानों का उल्लंघन करता हुआ प्रतीत होता है”, इसलिए आयोग ने इस मामले का गंभीरता से संज्ञान लिया है.

महिला आयोग ने इसके अलावा सिंगर और रैपर बादशाह के गाने ‘टटीरी’ का भी संज्ञान लिया है. आयोग ने बादशाह, गाने के निर्देशक माही संधू और जोबन संधू, निर्माता हितेन को समन जारी किया है और 25 मार्च को आयोग के सामने पेश होने के लिए कहा है. आयोग का कहना है कि यह गाना प्रथम दृष्टया आपत्तिजनक और भारतीय न्याय संहिता, आईटी एक्ट और महिलाओं का अश्लील चित्रण (निषेध) अधिनियम, 1986 का उल्लंघन करता हुआ प्रतीत होता है. 

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निखिल रंजन
निखिल रंजन निखिल रंजन एक दशक से डॉयचे वेले के लिए काम कर रहे हैं और मुख्य रूप से राजनैतिक विषयों पर लिखते हैं.
आदर्श शर्मा
आदर्श शर्मा डीडब्ल्यू हिन्दी के साथ जुड़े आदर्श शर्मा भारतीय राजनीति, समाज और युवाओं के मुद्दों पर लिखते हैं.