ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने का एलान किया
प्रकाशित १७ अप्रैल २०२६आखिरी अपडेट १७ अप्रैल २०२६
आपके लिए अहम जानकारी
लेबनान और इस्राएल के बीच संघर्षविराम
फ्रांस और ब्रिटेन के नेतृत्व में होर्मुज खुलवाने पर पेरिस में बैठक
भारत में महिला आरक्षण कानून 2023 लागू
भारत को ईरान और रूस से तेल खरीदने की छूट खत्म
इंडोनेशिया में हेलीकॉप्टर हादसे का शिकार, 8 की मौत
बीजेपी देश के चुनावी नक्शे को बदलने की कोशिश कर रही है : राहुल गांधी
जेट फ्यूल की कमी से गर्मियों में यूरोप की उड़ानों पर भारी असर की आशंका
हंगरी को अरबों यूरो की रुकी सहायता की बहाली पर चर्चा कर रहा है यूरोपीय संघ
डोपिंग पर वाडा की सख्ती, भारत में बेहतर जांच से मामलों में बढ़ोतरी
लेबनान में हिज्बुल्लाह के खिलाफ अभियान अभी पूरा नहीं हुआः इस्राएल
इस्राएल का कहना है कि लेबनान में हिज्बु्ल्लाह के खिलाफ सैन्य अभियान अभी पूरा नहीं हुआ है. गुरुवार शाम से लेबनान में 10 दिनों का संघर्ष विराम शुरू हुआ है. संघर्ष विराम शुरू होने के बाद बड़ी संख्या में विस्थापित लोग अपने घरों को वापस लौट रहे हैं.
इस्राएल के रक्षा मंत्री ने शुक्रवार को कहा कि अगर लड़ाई फिर शुरू हुई तो विस्थापित लोगों को फिर से घर छोड़ना होगा. रक्षा मंत्री इस्राएल कात्स ने टीवी पर प्रसारित बयान में कहा है, "लेबनान में जमीनी कोशिशें और हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर हमलों से काफी कुछ हासिल हुआ है लेकिन अभी काम पूरा नहीं हुआ है." रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि दक्षिण के इलाकों में अभी कुछ जगहें ऐसी हैं जो हिज्बुल्लाह के लड़ाकों से खाली नहीं हुई हैं जो किसी ना किसी तरीके से होनी है. इस्राएल का कहना है कि उसका लक्ष्य हिज्बुल्लाह से हथियार छुड़ाना है.
कात्स ने चेतावनी दी है, "सुरक्षा क्षेत्र और लितानी नदी की रेखा के बीच का इलाका फिलहाल हमारे नियंत्रण में है लेकिन यह आतंकवादियों और हथियारों से अभी खाली नहीं है.
लेबनान में संघर्ष विराम का रूस और जर्मनी समेत कई देशों ने स्वागत किया है. हालांकि यह संघर्ष विराम कितनी देर टिकेगा इसे लेकर आशंकाएं उठ रही हैं.
अमेरिकी नाकाबंदी शुरू होने के बाद तीन ईरानी जहाज बाहर निकले
ईरानी बंदरगाहों की अमेरिकी नाकाबंदी शुरू होने के बाद पहली बार तीन ईरानी तेल टैंकर इलाके से बाहर निकले हैं. इन तीनों टैंकरों में तकरीबन 50 लाख बैरल कच्चा तेल लदा हुआ है. समुद्री यातायात पर नजर रखने वाली कंपनी केप्लर ने यह जानकारी दी है.
डीप सी, सोनिया वन और डियोना नाम के इन तीनों टैकरों पर अमेरिकी प्रतिबंध लागू है. खार्ग द्वीप पर इन टैंकरों में 2, 8 और 9 अप्रैल को तेल लादा गया था. इन तीनों टैंकरों ने बुधवार को होर्मुज जलडमरुमध्य को पार किया.
अमेरिका सेना ने इसी हफ्ते सोमवार से ईरानी बंदरगाहों के विरुद्ध नाकाबंदी शुरू की है. अमेरिकी सेना का कहना है कि किसी भी जहाज को ना तो ईरानी बंदरगाह पर जाने दिया जाएगा ना ही वहां से आने दिया जाएगा. एक दिन पहले अमेरिकी रक्षा मंत्री पीटर हेगसेथ ने कहा था कि नाकाबंदी "जब तक जरूरी है तब तक जारी रहेगी."
ईरान युद्ध शुरू होने के बाद ईरान ने होर्मुज से टैंकरों के गुजरने पर रोक लगा रखी है. इसकी वजह से दुनिया भर में तेल और गैस की सप्लाई पर बुरा असर पड़ा है.
ईरान ने होर्मुज जलडमरुमध्य को खोलने की घोषणा की
ईरान के विदेश मंत्री ने होर्मुज जलडमरुमध्य के रास्ते को सभी देशों के कारोबारी जहाजों के लिए पूरी तरह खोलने की घोषणा की है. विदेश मंत्री के मुताबिक ईरान में जारी संघर्ष विराम की बची अवधि के लिए यह रास्ता खोलने का फैसला किया गया है. अरागची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर डाले पोस्ट में यह जानकारी दी है.
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची का कहना है कि लेबनान में संघर्ष विराम लागू होने के बाद होर्मुज को खोलने का फैसला लिया गया है. अरागची का कहना है कि होर्मुज से जहाजों को ईरान के पोर्ट एंड मैरीटाइम संगठन के सहयोग से तैयार किए रूट के जरिए ले जाया जा सकेगा.
होर्मुज जलडमरुमध्य का संकरा रास्ता दुनिया में ऊर्जा की ढुलाई का प्रमुख मार्ग है. दुनिया भर का करीब 20 फीसदी तेल और गैस इसी मार्ग से गुजरता है. ईरान युद्ध शुरू होने के बाद से यह रास्ता बंद हो गया था जिसकी वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल और गैस की कीमतें बढ़ गई हैं. यह रास्ता बंद होने से सैकड़ों जहाज अलग अलग बंदरगाहों पर फंसे हुए हैं.
इस बीच पेरिस में ब्रिटेन और फ्रांस के नेतृत्व में होर्मुज को खुला रखने के लिए राजनीतिक तरीकों पर चर्चा के लिए बैठक शुरू हो गई है. जर्मन चांसलर फ्रीडरिष मैर्त्स भी इस बैठक में हिस्सा लेने के लिए पेरिस आए हैं.
आईएमएफ की चेतावनी: ईरान युद्ध से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गहरा असर, बढ़ेगा खाद्य संकट
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के अर्थशास्त्रियों ने चेतावनी दी है कि ईरान में जारी युद्ध के प्रभाव क्षेत्र से बाहर भी बेहद गंभीर नतीजे हो सकते हैं, खासकर उन देशों के लिए जो ऊर्जा आयात पर निर्भर हैं. गुरुवार को वॉशिंगटन में जारी आर्थिक आकलन में आईएमएफ ने कहा कि पूर्वी एशिया, उप‑सहारा अफ्रीका और छोटे प्रशांत द्वीप देश इस संकट से सबसे अधिक प्रभावित हो सकते हैं. होर्मुज जलडमरूमध्य के लगभग बंद हो जाने से जहां से दुनियाभर में तेल और गैस के दाम पर असर पड़ा है.
आईएमएफ के मुताबिक उप‑सहारा अफ्रीका में करीब दो करोड़ लोगों के भूख की ओर धकेले जाने का खतरा है. साहेल क्षेत्र में खाद्य संकट बढ़ने की आशंका है, क्योंकि उर्वरक महंगे और दुर्लभ हो गए हैं तथा परिवहन लागत लगातार बढ़ रही है. आईएमएफ के अफ्रीका निदेशक आबेबे सेलासी ने कहा कि ऊर्जा और खाद्य आयात पर निर्भर कमजोर देशों के लिए व्यापार घाटा बढ़ रहा है और जीवनयापन की लागत असहनीय होती जा रही है. इस स्थिति को और गंभीर बनाता है अंतरराष्ट्रीय सहायता में गिरावट, जो सबसे कमजोर देशों को सबसे ज्यादा प्रभावित कर रही है.
एशिया‑प्रशांत क्षेत्र में भी चिंता बढ़ी है, जहां कई देश अपनी जीडीपी का बड़ा हिस्सा तेल और गैस आयात पर खर्च करते हैं. अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने सरकारों से अपील की है कि वे बजट पर अतिरिक्त बोझ डालने से बचने के लिए केवल अस्थायी और सीमित राहत उपाय अपनाएं.
1.4 अरब लोगों की गिनती कैसे कर रहा भारत
भारत ने कई वर्षों की देरी के बाद अपनी जनगणना शुरू कर दी है, जिसके तहत लगभग 1.4 अरब लोगों की गिनती की जाएगी. कोविड‑19 महामारी के कारण टली यह प्रक्रिया करीब एक साल चलेगी और इस पर अनुमानित 1.3 अरब डॉलर खर्च होंगे. पहले चरण में घरों और आवासीय हालात का सर्वे होगा, जबकि दूसरे चरण में लोगों की सामाजिक‑आर्थिक जानकारी जुटाई जाएगी.
भारत की जनगणना कैसे हो रही है
इस विशाल अभ्यास में 30 लाख से अधिक सरकारी कर्मचारी, ज्यादातर शिक्षक, देश के हर घर तक पहुंचेंगे. 36 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों और लगभग 6.4 लाख गांवों तक, पहली बार नागरिकों को ऑनलाइन सेल्फ‑एन्यूमरेशन का विकल्प मिलेगा, जिसमें वे 16 भाषाओं में सरकारी पोर्टल पर अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे.
-यह जनगणना तकनीक‑आधारित हो रही. कर्मचारी मोबाइल ऐप के जरिए डेटा जुटाएंगे और एक वेब‑आधारित डैशबोर्ड से पूरे अभियान की निगरानी की जाएगी.
-जो लोग ऑनलाइन जानकारी भरेंगे, उनके घर आने वाले अधिकारी बाद में उस डेटा की पुष्टि करेंगे और उसे आधिकारिक रिकॉर्ड में शामिल करेंगे. सरकार का मानना है कि इससे समय की बचत होगी, डेटा की गुणवत्ता सुधरेगी और लोगों की भागीदारी बढ़ेगी.
- जनगणना के दूसरे चरण में जाति से जुड़ा डेटा भी जमा किया जाएगा. भारत ने पिछली बार व्यापक जाति आंकड़े 2011 में करीब 80 साल बाद दर्ज किए थे, लेकिन उनकी सटीकता को लेकर विवाद होने के कारण उन्हें पूरी तरह सार्वजनिक नहीं किया गया.
-यह जनगणना सिर्फ आबादी की गिनती नहीं है, बल्कि यह तय करेगी कि आने वाले दशक में भारत में संसाधन कैसे बांटे जाएंगे, सामाजिक योजनाएं कैसे तैयार होंगी और राजनीतिक प्रतिनिधित्व का स्वरूप क्या होगा.
तुर्की, पाकिस्तान, मिस्र और सऊदी अरब ईरान पर चर्चा करेंगे
तुर्की, पाकिस्तान, मिस्र और सऊदी अरब के विदेश मंत्रियों की तुर्की में शुक्रवार को मुलाकात हो रही है. जिसमें चारों नेता ईरान पर चर्चा करेंगे. अंताल्या में ये नेता डिप्लोमेसी फोरम के लिए जमा हुए हैं. हालांकि ईरान पर चर्चा करने के लिए इनकी अलग से मुलाकात हो रही है.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने एक सूत्र के हवाले से खबर दी है, "इस बैठक में क्षेत्रीय मुद्दों के लिए क्षेत्रीय समाधान पर चर्चा होगी खासतौर से अमेरिका, इस्राएल और ईरान की जंग के संदर्भ में."
इन चारों देशों के मंत्रियों की मार्च में दो बार मुलाकात हुई थी. ये मुलाकातें ईरान युद्ध को खत्म कराने के लिए मध्यस्थता करने के लिए थीं. तुर्की ईरान का पड़ोसी देश हैं और अमेरिका, ईरान और मध्यस्थ पाकिस्तान से करीबी संपर्क बनाए हुए हैं.
तुर्की में तीन दिनों का अंताल्या डिप्लोमेसी फोरम की बैठक हो रही है. इसका उद्घाटन तुर्की के राष्ट्रपति रेचप तैयप एर्दोआन करेंगे. पाकिस्तान ने खुद को ईरान मुद्दे पर प्रमुख मध्यस्थ के रूप में स्थापित कर लिया है. पिछले सप्ताहांत में इस्लामाबाद में ईरान और अमेरिकी अधिकारियों की मुलाकात हुई थी. हालांकि इस बातचीत से शांति समझौते की कोशिश विफल हो गई.
पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने तेहरान का दौरा कर वहां के नेताओं से भी बातचीत की है. अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की बातचीत कराने के लिए कोशिशें हो रही हैं. अमेरिका ने उम्मीद जताई है की इस्लामाबाद में अगले दौर की बातचीत हो सकती है, हालांकि अभी इसकी कोई तारीख तय नहीं है.
बीजेपी देश के चुनावी नक्शे को बदलने की कोशिश कर रही है : राहुल गांधी
लोकसभा में परिसीमन और महिला आरक्षण पर शुक्रवार को जारी बहस के दौरान नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर कई आरोप लगाए. राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी महिलाओं के मुद्दे के पीछे छिपकर देश के चुनावी नक्शे को बदलने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा महिलाओं को आरक्षण देने की बजाय असली मुद्दों से ध्यान भटकाया जा रहा है. उन्होंने कहा सब जानते हैं कि हमारे समाज में दलितों और ओबीसी के साथ क्या हुआ और उनकी महिलाओं के साथ कैसा व्यवहार किया गया.
राहुल गांधी ने कहा, "बीजेपी जातीय जनगणना से बचने की कोशिश कर रही है और ओबीसी समुदाय के अधिकारों को नजरअंदाज किया जा रहा है. बीजेपी भारत की बदलती राजनीति से डरी हुई है और उसे अपनी सत्ता कमजोर होती नजर आ रही है."
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जो कुछ सरकार करने की कोशिश कर रही है, उसके लिए संवैधानिक संशोधन की जरूरत होगी और विपक्ष इसे किसी भी हालत में सफल नहीं होने देगा. उन्होंने कहा यह पूरी तरह असंवैधानिक प्रयास है और पूरा विपक्ष इसे होने नहीं देगा.
जेट फ्यूल की कमी से गर्मियों में यूरोप की उड़ानों पर भारी असर की आशंका
जेट फ्यूल की सप्लाई में कमी की वजह से विमान की उड़ानों में भारी कमी हो सकती है. जर्मनी के प्रमुख एसोसिएशन ने इसकी चेतावनी दी है. मध्य पूर्व में युद्ध की वजह से दुनिया के ऊर्जा बाजार पर दबाव बढ़ गया है.
जर्मन एविएशन एसोसिएशन (बीडीएल) के महानिदेशक योआखिम लांग ने चेतावनी दी है, "गर्मियों की यात्राएं शुरू होने वाली हैं और पर्यटन का इकोसिस्टम आने जाने वाले सैलानियों और कारोबारी मौसम के यात्रियों पर निर्भर है." एसोसिएशन का कहना है कि स्थिति कब और कितनी खराब होगी यह बहुत कुछ इस बात पर निर्भर है कि ईरान युद्ध कब तक जारी रहता है. अगर युद्ध जल्दी ही खत्म हो गया तब भी ऊर्जा बाजार की स्थिति को सुधरने में समय लगेगा.
ऊर्जा विशेषज्ञों का हवाला देकर एसोसिएशन ने बताया है कि मध्य पूर्व में 80 से ज्यादा ऊर्जा केंद्र आंशिक रूप से या बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं. ऐसे में संकट से पहले की स्थिति में उनका तुरंत पहुंच जाना संभव नहीं है. तेल उद्योग को आशंका है कि दुनिया भर में लगभग 20 फीसदी तेल लंबे समय के लिए उपलब्ध नहीं हो पाएगा.
अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी ने गुरुवार को कहा कि यूरोप के कुछ हिस्सों में अगले छह हफ्तों के भीतर जेट फ्यूल की कमी होगी. यह दिक्कत होर्मुज जलडमरुमध्य का रास्ता बंद होने की वजह से होगी. बीडीएल का कहना है कि फिलहाल जो कमी है उसे पूरा करने के लिए अमेरिका से तेल आ रहा है हालांकि इतने भर से सिर्फ आधी कमी ही पूरी हो सकेगी.
हंगरी को अरबों यूरो की रुकी सहायता की बहाली पर चर्चा कर रहा है यूरोपीय संघ
यूरोपीय संघ के अधिकारी बुडापेस्ट में हंगरी के चुनाव में विजेता पेटर मॉजार से मुलाकात कर रहे हैं. इस दौरान यूक्रेन के लिए भारी कर्ज के साथ ही हंगरी के लिए करीब 17 अरब यूरो की सहायता बहाल करने पर भी बातचीत हो रही है. यूरोपीय संघ ने निवर्तमान प्रधानमंत्री विक्टर ओरबान के शासन के दौर में यह सहायता रोक दी थी.
मॉजार मई में देश की बागडोर संभालेंगे. हालांकि यूरोपीय संघ नई सरकार के साथ सहयोग पर बातचीत की शुरुआत जल्दी होने की उम्मीद कर रहा है. विक्टर ओरबान के शासन में यूरोपीय संघ और हंगरी के बीच रिश्तों में कई तरह की बाधाएं आती रहीं.
16 साल के ओरबान के शासन में यूरोपीय संघ ने भ्रष्टाचार बढ़ने और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के पीछे जाने की चिंता की वजह से अरबों यूरो की सहायता रोक दी थी. हालांकि यूरोपीय संघ और देश की भावी सरकार दोनों चाहते हैं कि हंगरी को यह सहायता जितनी जल्दी हो सके मुहैया कराई जाए. देश की बीमार अर्थव्यस्था के लिए यह बहुत जरूरी है.
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला फॉन डेयर लायन ने एक पर लिखा है कि हंगरी की नीतियों में "सुधार, बदलाव और पुनर्बहाली के लिए तेजी से काम करने की जरूरत है" ताकि धन पर लगी रोक हटाई जा सके. फॉन डेयर लायन का कहना है कि यूरोपीय निवेश से मिलने वाले मौकों हासिल करने के लिए, "कानून का शासन बहाल करिए, हमारे साझा यूरोपीय मूल्यों से दोबारा जुड़िए और सुधार करिए."
डोपिंग पर वाडा की सख्ती, भारत में बेहतर जांच से मामलों में बढ़ोतरी
विश्व एंटी‑डोपिंग एजेंसी (वाडा) ने भारत में डोपिंग के खिलाफ लड़ाई में प्रगति के संकेत बताते हुए कहा है कि बेहतर जांच‑पड़ताल के कारण मामलों की संख्या बढ़ना भी प्रभावी प्रणाली का संकेत हो सकता है. भारत लगातार तीसरे वर्ष वाडा की डोपिंग उल्लंघन सूची में शीर्ष पर रहा है और प्रमुख देशों में उसकी पॉजिटिव दर सबसे अधिक रही है. भारत 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स और 2036 ओलंपिक की मेजबानी की महत्वाकांक्षा रखता है.
वाडा के अध्यक्ष विटोल्ड बान्का ने कहा कि भारत में प्रदर्शन बढ़ाने वाली दवाएं और स्टेरॉयड आसानी से उपलब्ध हैं, जो एक गंभीर समस्या है, लेकिन साथ ही खेल मंत्रालय, राष्ट्रीय एंटी‑डोपिंग एजेंसी (नाडा) और सीबीआई के साथ बेहतर समन्वय पर सकारात्मक बातचीत भी हुई है.
नाडा प्रमुख अनंत कुमार के अनुसार, एजेंसी दो‑तरफा रणनीति पर काम कर रही है, पहला एक ओर जांच और परीक्षण प्रणाली को मजबूत करना और दूसरा- पारदर्शिता बढ़ाकर खिलाड़ियों का भरोसा कायम करना. भारत में 2019 के 4,000 सैंपल के मुकाबले 2025 में करीब 8,000 परीक्षण किए गए हैं, हालांकि यह चीन जैसे देशों से अभी भी कम है.
वाडा अधिकारियों ने कहा कि डोपिंग के मामलों में खिलाड़ियों के साथ‑साथ सप्लायर, कोच और मैनेजर जैसे नेटवर्क पर कार्रवाई जरूरी है.
लेबनान में संघर्षविराम के बाद घर लौट रहे हैं लोग
लेबनान में संघर्षविराम होने के बाद हजारों लोग अपने घरों को लौट रहे हैं. देश के दक्षिणी हिस्से और बेरूत के उपनगरों में शुक्रवार को बड़ी संख्या में लोगों को लौटते देखा गया. प्रमुख सड़कों पर ट्रैफिक जाम की स्थिति पैदा हो गई. गाड़ियों पर गद्दे और दूसरे निजी सामान लादे हजारों लोग अपने घरों की ओर जा रहे हैं.
कुछ लोग हिज्बुल्लाह के झंडे लहरा रहे थे तो कुछ वी का निशान बना कर खुशी मना रहे थे. सड़कों के किनारे युवा उन लोगों को मिठाइयां भी बांट रहे थे जो घर लौट रहे हैं. देश के कई और हिस्सों में संघर्ष रुकने पर लोग खुशी मनाते दिखे. नाबातियेह की ओर जा रहे महमूद ने कहा, "मैं बहुत खुश हूं. मैं अपने टूटे घर पर टेंट लगाऊंगा और अपने गांव में रहूंगा." दूसरे आदमी ने कहा, "संघर्ष विराम 10 दिन का है लेकिन हमें वापस जा कर देखना है कि हमारे घर में क्या बचा है."
करीब छह हफ्ते तक चली हिज्बुल्लाह और इस्राएल की लड़ाई में लाखों लोग विस्थापित हुए हैं. बड़ी संख्या में वहां इमारतों को नुकसान पहुंचा है. गुरुवार की शाम अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने संघर्षविराम की घोषणा की जिसके बाद लोगों की वापसी शुरू हुई. हालांकि यह संघर्षविराम कब तक कायम रहेगा यह कहना मुश्किल है.
हिज्बुल्लाह ने शुक्रवार को कहा कि अगर इस्राएल संघर्षविराम का उल्लंघन करता है तो वह "ट्रिगर पर उंगलिया रखे हैं." हिज्बुल्लाह की ओर से जारी बयान में यह भी कहा गया है कि उसने लेबनान में इस्राएल और उसके सैनिकों के खिलाफ 2,184 अभियान चलाए हैं.
लुफ्थांसा में हड़ताल पांचवें दिन भी जारी, सैकड़ों उड़ानें रद्द
जर्मनी की प्रमुख एयरलाइंस लुफ्थांसा में हड़ताल पांचवें दिन भी जारी है. इसकी वजह से सैकड़ों उड़ानें रद्द हुई हैं. लुफ्थांसा के प्रबंधन और मजदूर संघ के बीच तनाव बढ़ गया है. पायलट और केबिन क्रू के काम पर नहीं लौटने से लुफ्थांसा एयरलाइन, कार्गो और क्षेत्रीय ईकाई लुफ्थांसा सिटीलाइन पर काफी बुरा असर पड़ा है. इसके नतीजे में लुफ्थांसा सिटी लाइन के समय से पहले ही पूरी तरह बंद होने की आशंका है और यह काम इस शनिवार को ही हो सकता है.
लुफ्थांसा प्रबंधन ने जेट फ्यूल की ऊंची कीमतों के साथ ही पायलट और केबिन क्रू की हड़ताल के आर्थिक असर को इसके लिए जिम्मेदार बताया है.
फ्रैंकफर्ट एयरपोर्ट पर शुक्रवार को 1,337 निर्धारित उड़ानों में से करीब 650 उड़ानें रद्द हो गई हैं. पायलटों के संघ वीसी ने लुफ्थांसा की खर्च में कटौती की रणनीति की तीखी आलोचना की है और सिटीलाइन को समय से पहले बंद करने पर सवाल उठाए हैं. वीसी के अध्यक्ष पिनहाइरो का कहना है, "भूराजनीतिक परिस्थितियों का जो हवाला दिया जा रहा है वह हमारे नजरिए से मानने लायक नहीं है, क्योंकि किसी भी प्रतिद्वंद्वी ने बाजार से इस स्तर पर अपनी क्षमताएं नहीं घटाई हैं."
लुफ्थांसा में हड़ताल की वजह पायलटों की ऊंचे वेतन और पेंशन फंड में कंपनी की अधिक भागीदारी की मांग है. इस हफ्ते पायलटों ने कुल मिलाकर चार दिन की हड़ताल की है जबकि केबिन क्रू ने कुल दो दिनों की हड़ताल की.
म्यांमार में आंग सान सू की की सजा में कटौती
म्यांमार में आंग सान सू की की सजा में कटौती की गई है. उनके वकील ने शुक्रवार को यह जानकारी दी. 80 साल की सू की 27 साल की कैद की सजा काट रही हैं. उनके सहयोगियों का कहना है कि उन पर लगे आरोप राजनीति से प्रेरित हैं और उनका मकसद उन्हें सत्ता से अलग रखना है. उन पर भ्रष्टाचार से लेकर चुनाव में धांधली, देश के गोपनीयता कानून का उल्लंघन और लोगों को भड़काने जैसे आरोप हैं.
उनकी सजा में छठे हिस्से की कटौती की गई है. हालाकि अभी यह साफ नहीं है कि नोबेल शांति विजेता सू की को बाकी की सजा नजरबंदी में बितानी है या फिर जेल में. फिलहाल वह जेल में हैं और उनके परिजन और सहकर्मी उनकी सेहत को लेकर चिंता जताते रहे हैं.
म्यांमार में सैन्य तख्तापलट के दौरान हटाए पूर्व राष्ट्रपति विन मिंत को भी माफी दे कर जेल रिहा कर दिया गया है.
म्यांमार के नए राष्ट्रपति मिन आंग लाइंग ने 4,335 कैदियों की सजा माफ की है. शुक्रवार को सरकारी टीवी चैनल ने इसकी खबर दी. पिछले छह महीने में तीसरी बार कैदियों को माफी दी गई है. आमतौर पर म्यांमार में जनवरी में स्वतंत्रता दिवस और अप्रैल में नववर्ष के मौके पर कैदियों को माफी दी जाती है.
मिन आंग लाइंग ने 2021 में लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई आंग सान सू की के नेतृत्व वाली सरकार के सैन्य तख्तापलट का नेतृत्व किया था. 3 अप्रैल को हुए चुनाव में उन्हें देश का राष्ट्रपति चुना गया हालांकि अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों ने चुनाव को मुक्त और निष्पक्ष नहीं माना है.
अमेरिका की आप्रवासन एजेंसी आईसीई के प्रमुख का इस्तीफा
अमेरिका के इमिग्रेशन एंड कस्टम्स इनफोर्समेंट (आईसीई) के कार्यकारी निदेशक ने इस्तीफा दे दिया है. अमेरिका में रह रहे आप्रवासियों को देश के बाहर भेजने की डॉनल्ड ट्रंप की योजना पर अमल की जिम्मेदारी इसी एजेंसी को दी गई है. होमलैंड सिक्योरिटी विभाग के मंत्री मार्कवायन मुलिन ने एक्स पर डाले एक पोस्ट में कहा है कि टॉड ल्योन्स मई के आखिर में पद छोड़ेंगे. इस पोस्ट में मुलिन ने ल्योन्स की तारीफ में कहा है कि उन्होंने "हत्यारों, बलात्कारियों, बाल शोषकों, आतंकवादियों और अपराधी गैंग के सदस्यों" को अमेरिकी समुदायों से निकालने में ट्रंप की मदद की. पोस्ट में अमेरिकी समुदाय को सुरक्षित बनाने के लिए उनके प्रति आभार जताया गया है.
ल्योन्स के इस्तीफे के पीछे की वजह के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है. फॉक्स न्यूज के मुताबिक ल्योन्स ने गुरुवार को अपना इस्तीफा सौंपा और अपना समय परिवार के साथ बिताने की बात कही है.
ट्रंप ने ल्योन्स को मार्च 2025 में नियुक्त किया था. इससे पहले 20 वर्ष ल्योन्स ने आईसीई में ही काम करते हुए बिताए थे. आईसीई को लोगों को देश से बाहर निकालने के अभियान की वजह से काफी आलोचना झेलनी पड़ी है. खासतौर से शिकागो और मिनियापोलिस में आप्रवासियों के खिलाफ जहां मास्क लगाए संघीय एजेंटों की तैनाती की गई थी.
जनवरी में जब दो लोगों को आईसीई एजेंटों ने गोली मार दी तो उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज हो गया. पूरे देश में विरोध प्रदर्शनों के बाद होमलैंड सिक्योरिटी विभाग की भी काफी आलोचना हुई. उसके बाद मार्च की शुरुआत में तत्कालीन होमलैंड सिक्योरिटी विभाग की मंत्री क्रिस्टी नोएम को हटा दिया गया. उनकी जगह आए मार्कवायन मुलिन को काम संभाले अभी एक महीने से कम ही हुआ है. उन पर विभाग को लेकर चल रहे तनाव को घटाने की जिम्मेदारी है.
इंडोनेशिया में हेलीकॉप्टर हादसे का शिकार, 8 की मौत
इंडोनेशिया के बोर्नियो द्वीप पर गुरुवार को एक निजी हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने से दो क्रू सदस्यों समेत छह यात्रियों की मौत हो गई. परिवहन मंत्रालय के अनुसार, वेस्ट कालीमंतान प्रांत से उड़ान भरने के करीब पांच मिनट बाद हेलीकॉप्टर का एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क टूट गया था. एयरबस का हेलीकॉप्टर स्थानीय कंपनी मैथ्यू एयर नुसंतारा का था.
नागरिक उड्डयन महानिदेशक लुकमान एफ. लाइसा ने बताया कि हेलीकॉप्टर में सवार सभी आठ लोग पुरुष थे, जिनमें एक मलेशियाई नागरिक भी शामिल था. उन्होंने कहा, "संयुक्त खोज और बचाव दल ने दुर्घटनास्थल का पता लगा लिया है और मौके से मिली जानकारी के अनुसार सभी यात्रियों और क्रू सदस्यों की मौत हो चुकी है." राहत दल ने गुरुवार शाम घने जंगल और खड़ी ढलानों वाले क्षेत्र में शव बरामद किए.