ट्रंप-मेलोनी की गहरी दोस्ती से टैरिफ पर ईयू को होगा फायदा?
प्रकाशित १८ अप्रैल २०२५आखिरी अपडेट १८ अप्रैल २०२५
आपके लिए अहम जानकारी
- थामे गए वक्फ कानून के कई प्रावधान
- यौन शोषण के आरोपों के बाद जेएनयू प्रोफेसर पर कार्रवाई
- अमेरिका ने कहा कि वह यूक्रेन शांति प्रक्रिया छोड़ सकता है
जर्मन ट्रेन स्टाफ पर हमले 2024 में 6 फीसदी बढ़े
जर्मनी की राष्ट्रीय रेलवे कंपनी डॉयचे बान के कर्मचारियों पर 2024 में हिंसक हमलों में करीब 6 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. कंपनी के सीईओ रिचर्ड लुत्स ने शुक्रवार को यह जानकारी दी. उन्होंने टी-ऑनलाइन न्यूज पोर्टल को बताया, “पिछले साल लगभग 3,300 शारीरिक हमले हुए, जो बीते वर्ष की तुलना में 6 फीसदी ज्यादा हैं. कर्मचारियों के खिलाफ किसी भी प्रकार की हिंसा पूरी तरह अस्वीकार्य है.”
इनमें से लगभग आधे हमले क्षेत्रीय ट्रेन सेवाओं में काम करने वाले कर्मचारियों पर हुए. अन्य निशाना बनने वालों में सफाईकर्मी, ग्राहक सेवा कर्मचारी और बस ड्राइवर शामिल थे. लुत्स ने कहा, "हम दुर्भाग्य से समाज में हो रहे बदलावों का आईना बन चुके हैं."
कंपनी अब उन कर्मचारियों को बॉडी कैमरे मुहैया करा रही है जो यात्रियों के सीधे संपर्क में रहते हैं. लुत्स ने कहा, “सुरक्षा सेवाओं और ट्रेन स्टाफ के लिए ये कैमरे काफी प्रभावी साबित हुए हैं.” इसके अलावा कर्मचारियों को तनाव कम करने और विवाद टालने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है और ट्रेनों में आपातकालीन अलार्म भी लगाए जा रहे हैं, जिससे जरूरत पड़ने पर तुरंत मदद मिल सके. हाल ही में खबर आई थी कि जर्मनी के ट्रेन स्टेशनों पर अपराधों में भी वृद्धि हुई है.
27 साल में पहली बार एक वरिष्ठ सऊदी नेता ईरान के दौरे पर
सऊदी अरब के रक्षा मंत्री प्रिंस खालिद बिन सलमान अल सऊद गुरुवार को ईरान की राजधानी तेहरान पहुंचे, जो पिछले करीब तीन दशकों में किसी वरिष्ठ सऊदी शाही की ईरान यात्रा का एक दुर्लभ उदाहरण है. 2016 में एक शिया धर्मगुरु को फांसी देने के बाद ईरान में सऊदी दूतावास पर हमले के चलते रियाद और तेहरान के बीच कूटनीतिक संबंध टूट गए थे.
ईरानी समाचार एजेंसी आईएसएनए के अनुसार, प्रिंस खालिद ने ईरानी सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ मेजर जनरल मोहम्मद बाघेरी से मुलाकात की. बैठक में क्षेत्रीय शांति, आतंकवाद से लड़ाई और रक्षा सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई.
इससे पहले अंतिम बार किसी वरिष्ठ सऊदी शाही सदस्य ने 1997 में ईरान का दौरा किया था, जब मोहम्मद खातमी ईरान के राष्ट्रपति थे. प्रिंस खालिद मौजूदा सऊदी किंग सलमान के बेटे हैं.
यह ऐतिहासिक दौरा उस वक्त हो रहा है जब ईरान और अमेरिका के बीच नए परमाणु समझौते को लेकर वार्ताएं चल रही हैं. अमेरिका और इस्राएल पहले ही चेतावनी दे चुके हैं कि वार्ता विफल होने पर ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला किया जा सकता है, जबकि ईरान ने पलटवार में क्षेत्रीय युद्ध की चेतावनी दी है.
अगर शांति संभव नहीं दिखी तो हट सकते हैं पीछेः अमेरिका
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने शुक्रवार को कहा कि अगर जल्द ही यूक्रेन युद्धविराम को लेकर कोई ठोस रास्ता नहीं निकलता, तो अमेरिका इन प्रयासों से पीछे हट सकता है. यह बयान उन्होंने पेरिस में यूरोपीय और यूक्रेनी अधिकारियों से मुलाकात के बाद दिया.
रुबियो ने कहा, “हमें अगले कुछ दिनों में यह तय करना होगा कि क्या यह (शांति समझौता) निकट भविष्य में संभव है. अगर नहीं, तो हमें आगे बढ़ना होगा. हमारे सामने और भी प्राथमिकताएं हैं.”
यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप द्वारा शुरू की गई शांति वार्ता को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के लगातार पूर्ण युद्धविराम से इनकार के चलते झटका लगा है.
पेरिस में हुई बैठक में रुबियो के साथ अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ, फ्रांस, ब्रिटेन, जर्मनी और यूक्रेन के शीर्ष अधिकारी शामिल थे. रुबियो ने कहा, “यूरोपीय साझेदारों ने रचनात्मक सुझाव दिए हैं. हमें उम्मीद है कि ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में मदद कर सकते हैं.”
अगली अहम बैठक अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन, जर्मनी और यूक्रेन के प्रतिनिधियों के साथ अगले सप्ताह लंदन में होने की संभावना है, जिसमें अमेरिका को “अधिक स्पष्ट जवाब” मिलने की उम्मीद है.
ट्रंप-मेलोनी की गहरी दोस्ती से टैरिफ पर ईयू को होगा फायदा?
अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कहा है कि यूरोपीय संघ (ईयू) के साथ व्यापारिक समझौते की शत-प्रतिशत संभावना है. 17 अप्रैल को इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ मुलाकात के दौरान ट्रंप ने यह आश्वासन दिया. मेलोनी ने भी समझौते की संभावना पर पूरा भरोसा जताया. पढ़िए, पूरी खबर.
भारत को दो बुलेट ट्रेन गिफ्ट करेगा जापान
भारत के हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट के लिए जापान दो बुलेट ट्रेन गिफ्ट करेगा. इन ट्रेनों का इस्तेमाल परीक्षण और जांच के लिए किया जाएगा. ये दोनों जापान की मशहूर शिनकानसेन ट्रेन होंगी. इनका इस्तेमाल मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर में ट्रायल रन करने के लिए किया जाएगा. इस कॉरिडोर में अभी निर्माण कार्य चल रहा है.
इनमें से एक ट्रेन ई-5 और दूसरी ट्रेन ई-3 सीरीज की होगी. इनमें निरीक्षण उपकरण फिट करके इन्हें 2026 की शुरुआत में भारत भेजा जाएगा. ये ट्रेनें ड्राइविंग की स्थितियों से जुड़ा डेटा भी इकट्ठा करेंगी, जिसमें उच्च तापमान और धूल का प्रभाव भी शामिल होगा. इंडिया टुडे वेबसाइट ने द जापान टाइम्स के हवाले से यह जानकारी दी है.
निर्माण पूरा होने के बाद मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर भारत की पहली हाई-स्पीड रेल लाइन होगी जहां ट्रेनें 320 किलोमीटर/घंटे की अधिकतम स्पीड से चल सकेंगी. इसका निर्माण भारतीय रेलवे की सहायक कंपनी नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन द्वारा किया जा रहा है.
दो लाख युवाओं को आग बुझाने का प्रशिक्षण देगी यूपी सरकार
उत्तर प्रदेश सरकार दो लाख युवाओं को आग बुझाने का प्रशिक्षण देगी ताकि ये युवा निजी अस्पतालों, स्कूलों, मॉल और अन्य व्यावसायिक इमारतों में अग्नि सुरक्षा अधिकारी और कर्मचारी के रूप में काम कर सकें. इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, राज्य के अग्निशमन सेवा विभाग द्वारा यह प्रशिक्षण दिया जाएगा.
अग्निशमन सेवा विभाग की अतिरिक्त महानिदेशक पद्मजा चौहान ने कहा कि पात्रता मानदंड निर्धारित कर दिए गए हैं और एक से चार सप्ताह तक के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. उन्होंने आगे कहा कि निजी इमारतों में अग्नि सुरक्षा अधिकारियों और कर्मचारियों की अनिवार्य तैनाती सुनिश्चित करने के लिए यह कार्य योजना तैयार की गई है.
एक अन्य अधिकारी ने कहा कि इस पहल से युवाओं को नौकरी तो मिलेगी ही, लेकिन साथ ही राज्य की आपदाओं से निपटने की तैयारी और सुरक्षा के लिए जरूरी बुनियादी ढांचे में भी बढ़ोतरी होगी. सरकार का कहना है कि इसके साथ ही यूपी युवाओं को आग बुझाने से संबंधित कार्यों का व्यवस्थित प्रशिक्षण देने वाला पहला राज्य बन जाएगा.
दुनिया की 17 फीसदी कृषि भूमि भारी धातुओं से प्रदूषित, 1.4 अरब लोगों पर खतरा
एक नए वैश्विक अध्ययन में खुलासा हुआ है कि दुनिया की लगभग 17 फीसदी कृषि योग्य भूमि कम से कम एक प्रकार की विषैली भारी धातु (हेवी मेटल) से प्रदूषित है, जिससे करीब 1.4 अरब लोगों की सेहत खतरे में पड़ सकती है. यह अध्ययन प्रतिष्ठित जर्नल साइंस में प्रकाशित हुआ है और यह अपनी तरह की पहली ग्लोबल स्टडी है. इसमें लगभग 8 लाख सैंपल्स के डेटा पर आधारित मेटा-एनालिसिस किया गया है. इसमें उन प्रदूषित इलाकों से लिए गए सैंपल्स को बाहर रखा गया, जिनके बारे में पहले से पता है, ताकि निष्कर्ष भरोसेमंद हो.
चीन की त्सिंगुआ यूनिवर्सिटी के पर्यावरण विशेषज्ञ देई होउ के नेतृत्व में की गई इस रिसर्च में आर्सेनिक, कैडमियम, कोबाल्ट, क्रोमियम, कॉपर, निकल और सीसा जैसी सात धातुओं पर ध्यान केंद्रित किया गया. ये सभी मानव, पशु और पौधों के लिए घातक हो सकती हैं.
एआई और मशीन लर्निंग की मदद से विश्लेषण करने पर शोधकर्ताओं ने पाया कि 14 से 17 फीसदी कृषि भूमि में कम से कम एक भारी धातु सुरक्षित सीमा से अधिक पाई गई. इन इलाकों में रहने वाले 90 करोड़ से 1.4 अरब लोग “उच्च जोखिम” वाले क्षेत्रों में आते हैं. ये धातुएं भोजन और जल के जरिए पूरे पारिस्थितिकी तंत्र में फैल सकती हैं, जिससे स्वास्थ्य, खाद्य सुरक्षा और पर्यावरण पर गंभीर असर पड़ सकता है. वैज्ञानिकों ने वैश्विक स्तर पर तत्काल ध्यान देने और नीतिगत बदलावों की जरूरत पर जोर दिया है.
प्रधानमंत्री मोदी ने की इलॉन मस्क से बात
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को अमेरिकी अरबपति और टेस्ला-एक्स के सीईओ इलॉन मस्क से बातचीत की और भारत-अमेरिका के बीच तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में साझेदारी की संभावनाओं पर चर्चा की. यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वैंस अगले सप्ताह भारत दौरे पर आने वाले हैं. इसके साथ ही भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर भी वार्ताएं जारी हैं.
बातचीत के बाद पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा,“इलॉन मस्क से बातचीत की और कई मुद्दों पर चर्चा हुई, जिनमें वॉशिंगटन डीसी में इस साल हुई हमारी पिछली मुलाकात में उठाए गए विषय भी शामिल थे. हमने तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में सहयोग की विशाल संभावनाओं पर चर्चा की. भारत इन क्षेत्रों में अमेरिका के साथ अपनी साझेदारी को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है.”
मोदी और मस्क की यह डिजिटल मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब भारत ग्लोबल टेक्नोलॉजी हब बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और मस्क की टेस्ला और स्पेसएक्स जैसी कंपनियां भारत में निवेश की संभावनाएं तलाश रही हैं.
दिल्ली के सीलमपुर में नाबालिग दलित की हत्या के बाद तनाव
दिल्ली के सीलमपुर इलाके में गुरुवार को एक दलित लड़के की चाकू घोंपकर हत्या कर दी गई. स्थानीय लोग इसके खिलाफ गुरुवार रात से प्रदर्शन कर रहे हैं और लड़के के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं. पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और उन्होंने अपराधी की पहचान करने और उसे पकड़ने के लिए टीमें लगा दी हैं.
न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, मृतक की मां का कहना है कि पुलिस की ओर से उन्हें कोई अपडेट नहीं दी गई है. मृतक की मां ने आरोप लगाया है कि अपराधियों को पकड़ने में पुलिस अधिकारियों की मिलीभगत रही है और अपराधियों को इलाके से भागने दिया गया. उन्होंने दावा किया कि लड़के का इलाज करने वाले डॉक्टर को भी कुछ लोगों द्वारा पीटा गया.
दिल्ली में विपक्ष की नेता आतिशी मार्लेना ने इस हत्या के बाद दिल्ली की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने एक्स पर लिखा, “सीलमपुर में हुई हत्या दिल्ली की बिगड़ती कानून-व्यवस्था का एक और उदाहरण है. दिल्ली पुलिस क्या कर रही है? गृह मंत्री अमित शाह और डबल इंजन वाली सरकार क्या कर रही है?”
वहीं, बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने आरोपियों की गिरफ्तारी होने का भरोसा दिलाया है. उन्होंने एक्स पर लिखा, “ज्यादातर अपराधियों की पहचान हो चुकी है और बाकियों के खिलाफ गहन जांच जारी है. अपराधी कहीं भी छिपने की कोशिश कर लें लेकिन उन्हें जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा और उन्हें कड़ी सजा मिलेगी.”
अमेरिका में भारतीय छात्रों के वीजा रद्द होने पर कांग्रेस ने जताई चिंता
कांग्रेस सांसद और पार्टी के संचार महासचिव जयराम रमेश ने अमेरिका में भारतीय छात्रों के वीजा रद्द होने पर चिंता जताई है. उन्होंने एक्स पर लिखा, “अमेरिकन इमिग्रेशन लॉयर्स एसोसिएशन द्वारा जारी किया गया बयान भारत के लिए चिंता का विषय है. संगठन द्वारा अब तक अंतरराष्ट्रीय छात्रों के वीजा रद्द होने के 327 मामले इकट्ठे किए गए हैं, जिनमें से आधे भारतीय हैं.”
उन्होंने आगे लिखा, “वीजा रद्द होने की वजहें असंगत और अस्पष्ट हैं. इससे छात्रों में लगातार डर और आशंका बढ़ रही है. क्या विदेश मंत्री एस. जयशंकर इस मामले को संज्ञान में लेकर अपने अमेरिकी समकक्ष के सामने यह मुद्दा उठाएंगे?”
संगठन ने प्रेस रिलीज में कहा है कि उसने छात्रों, विश्वविद्यालयों और वकीलों से वीजा रद्द होने और सेवीज (स्टूडेंट एंड एक्चेंज विजिटर इन्फॉर्मेशन सिस्टम) खत्म होने के 327 मामले इकट्ठे किए हैं. इनमें से आधे छात्र भारतीय हैं और 14 फीसदी चीन से हैं. इनमें नेपाल, बांग्लादेश और दक्षिण कोरिया के छात्रों की भी बड़ी संख्या है. इनमें से आधे विद्यार्थी ऑप्टिकल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग कर रहे थे यानी वे ग्रैजुएट हो चुके थे और अमेरिका में नौकरी कर रहे थे.
1971 की जंग के दौरान किए गए अत्याचारों के लिए माफी मांगे पाकिस्तान: बांग्लादेश
बांग्लादेश ने गुरुवार को पाकिस्तान के साथ “ऐतिहासिक रूप से अनुसुलझे मुद्दों” को उठाया. बांग्लादेश ने 1971 की जंग के दौरान, पाकिस्तान द्वारा किए गए अत्याचारों के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है. न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, ऑपरेशन सर्चलाइट के दौरान पाकिस्तानी सेना ने करीब तीस लाख बंगालियों की हत्या की थी और दस लाख से ज्यादा महिलाओं के साथ बलात्कार किया था.
बांग्लादेश और पाकिस्तान के बीच गुरुवार को 15 साल में पहली बार विदेश कार्यालय परामर्श (एफओसी) बैठक हुई थी. इस दौरान बांग्लादेश ने पाकिस्तान से संयुक्त परिसंपत्तियों में से उसके हिस्से के रूप में 4.3 अरब डॉलर के भुगतान की भी मांग की. यह मांग इसलिए उठी क्योंकि पहले बांग्लादेश पाकिस्तान का ही हिस्सा हुआ करता था. 1971 की जंग के बाद पूर्वी पाकिस्तान, पश्चिमी पाकिस्तान से अलग हो गया था और बांग्लादेश बना था.
बांग्लादेश ने 1971 के युद्ध के बाद से कई शिविरों में रह रहे तीन लाख से ज्यादा पाकिस्तानी नागरिकों की वापसी की भी मांग की. एएनआई के मुताबिक, इन नागरिकों ने बांग्लादेश की नागरिकता लेने से मना कर दिया और अपने देश पाकिस्तान वापस जाना चाहते हैं. बांग्लादेश के विदेश सचिव ने कहा कि हमारे संबंधों की मजबूत नींव रखने के लिए इन मुद्दों का सुलझना जरूरी है.
बांग्लादेश ने मुर्शिदाबाद हिंसा पर चिंता जताई, भारत ने कहा, अपने देश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर ध्यान दें
भारतीय विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में वक्फ (संशोधन) अधिनियम 2025 के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा पर बांग्लादेश सरकार की टिप्पणी को सख्त शब्दों में खारिज कर दिया. मंत्रालय ने कहा कि बांग्लादेश को भारत पर टिप्पणी करने के बजाय अपने देश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर ध्यान देना चाहिए. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जैसवाल ने मीडिया से बातचीत में कहा, “हम मुर्शिदाबाद की घटनाओं पर बांग्लादेश की ओर से दिए गए बयान को पूरी तरह खारिज करते हैं.”
उन्होंने आगे कहा, “यह एक चालाकी भरा और भ्रामक प्रयास है. भारत द्वारा बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों पर जताई गई चिंता से ध्यान भटकाने की कोशिश है. जबकि वहां अपराधी आजादी से घूम रहे हैं और उन्हें कोई सजा नहीं मिल रही.”
मुर्शिदाबाद में हाल ही में वक्फ संशोधन कानून को लेकर विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़क गई थी, जिस पर बांग्लादेश सरकार ने सार्वजनिक रूप से चिंता जताई थी.
पेरिस में यूक्रेन युद्ध पर उच्चस्तरीय वार्ता, फ्रांस ने कहा “सकारात्मक प्रक्रिया की शुरुआत”
फ्रांस ने गुरुवार को पेरिस में अमेरिका और यूरोप के शीर्ष अधिकारियों के बीच हुई यूक्रेन युद्ध से संबंधित बातचीत को “एक सकारात्मक प्रक्रिया की शुरुआत” बताया है. यह पहल ऐसे समय में हो रही है जब यूरोपीय देश तीन साल से जारी युद्ध को समाप्त करने की कोशिशों में सक्रिय भूमिका निभाना चाहते हैं.
बैठक में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की ओर से तैयार किए गए अमेरिकी शांति प्रस्ताव को दोबारा पेश किया. इस बैठक में फ्रांस के राष्ट्रपति इमानुएल माक्रों, अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ, ब्रिटेन के विदेश मंत्री डेविड लैमी, जर्मन अधिकारी और यूक्रेन के मंत्री शामिल हुए.
हालांकि, राष्ट्रपति ट्रंप युद्ध को समाप्त करने के प्रयासों में तेजी लाना चाहते हैं, लेकिन रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अब तक पूर्ण युद्धविराम के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है. फ्रांसीसी राष्ट्रपति कार्यालय ने बयान में कहा, “आज पेरिस में हमने एक सकारात्मक प्रक्रिया की शुरुआत की, जिसमें यूरोपीय देश भी सक्रिय रूप से शामिल हुए.” अगली बैठक अगले हफ्ते लंदन में अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन, जर्मनी और यूक्रेन के दूतों के बीच होगी.
जर्मनी: दस्तावेज धोखाधड़ी के शक में कुछ अफगान नागरिकों के खिलाफ जांच शुरू
जर्मन संघीय पुलिस ने उन कुछ अफगान नागरिकों के खिलाफ जांच शुरू की है, जो हाल ही में सरकारी चार्टर्ड विमान से पाकिस्तान के इस्लामाबाद से जर्मनी पहुंचे थे. इन नागरिकों पर दस्तावेजों की जालसाजी का संदेह है. पुलिस ने बताया कि अब तक कुल आठ मामलों में दस्तावेज धोखाधड़ी की प्रारंभिक जांच शुरू कर दी गई है. समाचार एजेंसी डीपीए के अनुसार, इनमें से अधिकतर मामले फर्जी या बदले गए दस्तावेजों से जुड़े हैं.
बुधवार शाम 138 अफगानों को लेकर आया विमान पूर्वी जर्मनी के शहर लाइपत्सिग में उतरा था. इन सभी को पहले से जर्मनी में प्रवेश की अनुमति दी गई थी, क्योंकि ये लोग तालिबान शासन में उत्पीड़न के शिकार माने गए हैं. जर्मन गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने बिल्ड अखबार से कहा, "सभी यात्रियों की गहन जांच की गई है और कुछ मामलों में जांच की प्रक्रिया शुरू की गई है." हालांकि जर्मन विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता ने कहा, "फ्लाइट में सवार सभी लोगों की पहचान की स्पष्ट पुष्टि की गई थी. हमारी प्रक्रिया में सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है."
जर्मनी कई कार्यक्रमों के तहत अफगान नागरिकों को शरण दे रहा है. इनमें वे लोग शामिल हैं जिन्होंने पहले जर्मन सेना, संस्थाओं या मानवाधिकार से जुड़े पेशों (जैसे पत्रकार, वकील) में काम किया है और अब तालिबान से खतरा महसूस कर रहे हैं.
वक्फ विधेयक के लिए बनी संसदीय समिति के अध्यक्ष ने क्यों कही इस्तीफा देने की बात
सुप्रीम कोर्ट द्वारा वक्फ संशोधन कानून के कुछ प्रावधानों पर सवाल उठाने के बाद बीजेपी सांसद जगदंबिका पाल ने संशोधित कानून का बचाव किया है. जगदंबिका पाल वक्फ विधेयक की जांच के लिए बनाई गई संयुक्त संसदीय समिति के अध्यक्ष भी थे. उन्होंने न्यूज एजेंसी एएनआई से कहा कि अगर हमारी रिपोर्ट असंवैधानिक है या धार्मिक स्वतंत्रता में हस्तक्षेप करती है तो मैं इस्तीफा दे दूंगा.
केंद्रीय वक्फ परिषद और वक्फ बोर्डों में गैर-मुस्लिमों के शामिल होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड एक धार्मिक ईकाई नहीं बल्कि वैधानिक और प्रशासनिक इकाई है, इसलिए इसमें अन्य समुदायों के सदस्यों को शामिल करने पर कोई संवैधानिक रोक नहीं है.
उन्होंने कहा, “सुप्रीम कोर्ट यह कह चुका है कि वक्फ बोर्ड एक धार्मिक ईकाई नहीं बल्कि कानूनी ईकाई है जो वक्फ संपत्तियों की देखरेख करती है. एक अन्य आदेश में, कोर्ट ने कहा था कि वक्फ एक वैधानिक और प्रशासनिक ईकाई है. इसलिए यह धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं है. अगर यह प्रशासनिक ईकाई है तो इसमें मुस्लिम और गैर-मुस्लिम दोनों सदस्यों का होना पूरी तरह से ठीक है.”