हजारों अफगान शरणार्थी अभी भी अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर फंसे | दुनिया | DW | 05.10.2021
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दुनिया

हजारों अफगान शरणार्थी अभी भी अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर फंसे

जर्मनी में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर 9,000 से अधिक अफगान शरणार्थी अभी भी फंसे हुए हैं. कुछ अफगानों में अमेरिका पहुंचने पर खसरे का पता चला था, जिसके बाद वॉशिंगटन ने उनकी उड़ानें निलंबित कर दी थीं.

बर्लिन में संघीय आंतरिक मंत्रालय ने बताया कि 9,139 अफगान शरणार्थी अभी भी जर्मनी में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर फंसे हुए हैं क्योंकि अमेरिकी प्रशासन ने उड़ानों को निलंबित कर दिया है. जर्मन विदेश मंत्रालय ने भी इसकी पुष्टि की है.

जर्मन विदेश मंत्रालय ने कहा कि अफगान शरणार्थियों को निकालने के लिए उड़ानें निर्धारित की गई थीं, लेकिन सितंबर में अमेरिका पहुंचे ऐसे अफगान शरणार्थियों में खसरे के कुछ मामले सामने आने के बाद उड़ानें रद्द कर दी गईं.

बर्लिन ने साफ किया है कि फिलहाल में रामश्टाइन एयर बेस और राइन आर्डनेंस बैरक जो कि काइजरलॉउटर्न में स्थित है, वहां फंसे अफगान शरणार्थियों में से किसी को भी जर्मनी में शरण का वादा नहीं किया गया है.

अमेरिकी रक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक सैन्य ठिकानों पर फंसे शरणार्थियों को अब खसरा, गल गंड रोग, रूबेला और चेचक जैसी बीमारियों के खिलाफ टीका लगाया गया है. अधिकारियों के मुताबिक 3 अक्टूबर को तय समय से पहले 8,800 से अधिक लोगों को टीका लगाया गया. यह काम संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए अमेरिकी एजेंसी के दिशा-निर्देशों के मुताबिक पूरा किया गया है.

Deutschland Ramstein Airbase | Flüchtende aus Afghanistan

9 हजार से अधिक शरणार्थी फंसे हुए हैं

15 अगस्त को तालिबान द्वारा काबुल पर कब्जा करने के बाद अमेरिका ने अपनी सेना और अपने अफगान सहयोगियों की वापसी में तेजी लाई थी. इसके तहत ऐसे लोगों को पहले कतर, पाकिस्तान और जर्मनी समेत आसपास के कई देशों में ले जाया गया और फिर अमेरिका ले जाया गया.

फिलहाल अफगानिस्तान में फंसे अफगानों को भी सीधे अमेरिका ले जाने से पहले जर्मनी में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर लाया गया था.

अमेरिका की इस शुक्रवार से उड़ानें फिर से शुरू करने की संभावना है. रामश्टाइन अफगानिस्तान के बीच वॉशिंगटन के मुख्य उड़ान केंद्रों में से एक के रूप में काम करता है. इस बेस के अधिकारियों ने पुष्टि की कि अफगानिस्तान से लाए गए लोगों में से केवल में खसरा मिला.

86वें यूएस एयर लिफ्ट विंग ने सोमवार को एक बयान में कहा, "एक बार मंजूरी मिलने के बाद रामश्टाइन बेस तेजी से उड़ानें फिर से शुरू करने के लिए पूरी तरह से तैयार है."

यह एयर बेस यूरोप और अफ्रीका में अमेरिकी वायु सेना और नाटो सहयोगी वायु कमान के मुख्यालय के रूप में काम करता है.

एए/वीके (एपी, डीपीए)

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