जर्मनी में पढ़ने वाले अंतरराष्ट्रीय छात्रों में सबसे बड़ी संख्या भारतीयों की है. जर्मनी की सरकारी यूनिवर्सिटियों में अच्छी पढ़ाई काफी सस्ती है, लेकिन वहां दाखिला आसानी से नहीं मिलता. ऐसे में कई निजी कॉलेज और एजेंट, भारतीय छात्रों को चमकीले सपने दिखाकर गुमराह कर रहे हैं.