आईएस के खिलाफ अमेरिका का साथ नहीं देगा तालिबान | दुनिया | DW | 11.10.2021
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दुनिया

आईएस के खिलाफ अमेरिका का साथ नहीं देगा तालिबान

अमेरिकी सैनिकों की वापसी के बाद अमेरिका और अफगानिस्तान के नए शासक वर्ग के बीच पहली बैठक कतर की राजधानी दोहा में हुई. दो दिवसीय वार्ता के दौरान अमेरिकी वार्ता दल में विभिन्न सरकारी एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए.

तालिबान के साथ लंबी बातचीत में शामिल जलमई खलीलजाद मौजूदा अमेरिकी टीम का हिस्सा नहीं हैं. खलीलजाद अफगानिस्तान के लिए अमेरिका के विशेष प्रतिनिधि हैं. अमेरिकी वार्ता दल में अमेरिकी विदेश विभाग, अमेरिकी सहायता एजेंसियों और खुफिया एजेंसियों के सदस्य शामिल थे. विदेश विभाग के उप विशेष प्रतिनिधि टॉम वेस्ट और यूएसएआईडी अधिकारी सारा चार्ल्स प्रतिनिधिमंडल में विशेष रूप से प्रमुख हैं.

बातचीत के दौरान दोनों पक्षों ने आतंकी समूह इस्लामिक स्टेट को नियंत्रित करने को मौजूदा अफगान सरकार के लिए अहम मुद्दा बताया. अफगानिस्तान में विदेशियों की निकासी को भी वार्ता में शामिल किया गया. तालिबान विदेशियों को निकालने में लचीला होने पर सहमत हो गया है.

इस्लामिक स्टेट की चुनौती

तालिबान ने शनिवार को अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक से पहले यह स्पष्ट कर दिया कि बैठक से अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल को यह स्पष्ट हो जाएगा कि वे जिहादी समूह इस्लामिक स्टेट (आईएस) को नियंत्रित करने के मुद्दे को खुद हल करेंगे.

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इस मौके पर तालिबान के प्रवक्ता सोहेल शाहीन ने कहा कि उनकी सरकार इस्लामिक स्टेट को नियंत्रित करने में पूरी तरह सक्षम है. तालिबान सरकार का बयान तब आया जब इस्लामिक स्टेट ने शुक्रवार 8 अक्टूबर को उत्तरी अफगान शहर कुंदुज में एक शिया मस्जिद में नमाजियों पर आत्मघाती हमले की जिम्मेदारी ली. आत्मघाती हमलावर ने कम से कम 60 लोगों की जान ले ली और दर्जनों अन्य घायल हो गए.

दोहा बैठक में तालिबान प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख और अंतरिम विदेश मंत्री आमिर खान मुत्तकी ने अमेरिका से अपने देश की फ्रीज हुई संपत्ति को तुरंत बहाल करने का आह्वान किया ताकि उनके उपयोग से देश और उसके लोगों की आर्थिक स्थिति में सुधार हो सके. अफगानिस्तान के अंतरिम विदेश मंत्री का बयान कतर स्थित अरब टेलीविजन स्टेशन अल जजीरा द्वारा प्रसारित किया गया था.

कोरोना वैक्सीन की पेशकश

अफगानिस्तान में तालिबान सरकार के अंतरिम विदेश मंत्री आमिर खान मुत्तकी ने भी कहा कि अमेरिका ने काबुल सरकार को कोरोना वैक्सीन की पेशकश की थी. यह बात मुत्तकी ने बैठक के बाद अल जजीरा संवाददाता से कही. उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों ने दोनों देशों के बीच संबंधों में एक नया अध्याय शुरू करने पर भी ध्यान केंद्रित किया.

इससे पहले अमेरिका से उनके जाने पर अमेरिकी अधिकारियों ने अफगानिस्तान को मानवीय सहायता में सुधार करने का संकेत दिया था. अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ने यह भी कहा कि वह तालिबान सरकार के प्रतिनिधियों से लोगों की बेहतरी के लिए प्राथमिकता के आधार पर कदम उठाने को कहेगा. अमेरिका और अन्य पश्चिमी देश तालिबान सरकार को मानवीय सहायता देने के मुद्दे पर एक भी बिंदु पर सहमत नहीं हैं.

एए/वीके (एएफपी, एपी)

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