स्विट्जरलैंड ने समलैंगिक विवाह को दो-तिहाई बहुमत से दी मंजूरी | दुनिया | DW | 27.09.2021
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दुनिया

स्विट्जरलैंड ने समलैंगिक विवाह को दो-तिहाई बहुमत से दी मंजूरी

स्विट्जरलैंड की जनता ने समलैंगिक जोड़ों की शादी को लेकर कराए गए जनमत संग्रह में मंजूरी दे दी है. मतदाताओं ने लगभग दो तिहाई मतों से समलैंगिक जोड़ों की शादी को मंजूरी दी.

स्विट्जरलैंड ने रविवार को हुए एक जनमत संग्रह में समलैंगिक जोड़ों को शादी करने और बच्चे गोद लेने की अनुमति देने के पक्ष में ऐतिहासिक फैसला दिया. मतदाताओं ने बड़े बहुमत से समलैंगिक शादी के पक्ष में मतदान किया. इसी साल समलैंगिक शादियों के विरोधियों ने जनमत संग्रह की मांग की थी. इस मांग के समर्थन में उन्होंने इतने लोगों के दस्तखत जुटा लिए थे कि सरकार को जनमत संग्रह कराना पड़ा. अल्पाइन देश अब एलजीबीटीक्यू+ शादियों को मान्यता देने वाला नवीनतम पश्चिमी यूरोपीय देश बन गया है.

आधिकारिक नतीजों के मुताबिक स्विट्जरलैंड के 64.1 फीसदी मतदाताओं ने इसके पक्ष में मत दिया जबकि 36 प्रतिशत ने समलैंगिक शादियों के विरोध में मतदान किया.

हालांकि, समर्थकों ने कहा है कि इस तरह की शादियां होने में महीनों लग सकते हैं. इसका कारण देश की प्रशासनिक और विधायी प्रक्रिया बताया जा रहा है.

स्विस संसद का समर्थन

मतदान से पहले सरकार और सांसदों ने मतदाताओं से "सभी के लिए शादी" का समर्थन करने और एलजीबीटीक्यू+ जोड़ों के मौजूदा "असमान व्यवहार" को खत्म करने का आग्रह किया था. पिछले साल देश के सांसदों ने समलैंगिक विवाह को वैध बनाने के लिए मतदान किया था. लेकिन कानून का विरोध करने वाले रूढ़िवादी नेताओं ने इस मुद्दे पर जनमत संग्रह कराने के लिए जरूरी 50,000 हस्ताक्षर जुटा लिए थे.

कुछ ईसाई समूह के सदस्यों और दक्षिणपंथी स्विस पीपुल्स पार्टी (एसवीपी) जो कि स्विट्जरलैंड की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी है, उसने ऐसी शादियों का पुरजोर विरोध किया था.

स्विट्जरलैंड ने 1942 में समलैंगिकता को अपराध मुक्त कर दिया था, लेकिन स्थानीय और क्षेत्रीय पुलिस के पास 1990 के दशक तक "समलैंगिक रजिस्टर" थे.

एक नई शुरूआत

2007 के बाद से समलैंगिक जोड़ों को साथ रहने का अधिकार मिला था. लेकिन उन्हें उस वक्त शादी का अधिकार नहीं दिया गया था. हर साल करीब 700 लोग साथ रहने के लिए रजिस्टर कराते हैं. हालांकि इस तरह से रहने वाले लोगों को उस तरह का अधिकार नहीं मिलता जैसा कि शादीशुदा जोड़ों को मिलता है. वे बच्चों को गोद लेने से वंचित रह जाते थे.

दिसंबर में सांसदों ने सिविल यूनियन के बजाय समलैंगिक, उभयलिंगी, ट्रांसजेंडर और क्वीर लोगों को शादी करने की अनुमति देने के लिए मतदान किया था.

जनमत संग्रह के परिणाम की पुष्टि होने के बाद विवाह विधेयक को कानून बनने की अनुमति मिल जाएगी. समान लिंग वाले जोड़े साथ मिलकर बच्चे गोद ले पाएंगे और वे नागरिकता के लिए भी सरल प्रक्रिया के तहत आवेदन कर पाएंगे.

एए/सीके (एएफपी, एपी)

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