मील का पत्थरः पहला निजी अभियान दल स्पेस स्टेशन पहुंचा | विज्ञान | DW | 11.04.2022

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विज्ञान

मील का पत्थरः पहला निजी अभियान दल स्पेस स्टेशन पहुंचा

इतिहास का पहला ऐसा दल इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर पहुंच गया है, जिसमें सभी सदस्य किसी संस्था या देश के भेजे नहीं हैं बल्कि एक निजी अभियान पर गए हैं. शनिवार को यह दल अंतरिक्ष में पहुंचा.

स्पेस एक्स का फाल्कन 9 रॉकेट

स्पेस एक्स का फाल्कन 9 रॉकेट

एक हफ्ते के अभियान पर चार सदस्यों वाला एक निजी दल अंतरिक्ष में पहुंचा है. यह दल ह्यूस्टन की एक स्टार्टअप कंपनी एग्जिओम स्पेस इंक की तरफ से अंतरिक्ष में रिसर्च करने के लिए भेजा गया है. शुक्रवार को अमेरिका के कैनेडी स्पेस सेंटर से इस दल ने स्पेस एक्स के एक रॉकेट से उड़ान भरी थी और 21 घंटे की उड़ान के बाद ये लोग स्पेस स्टेशन पहुंच गए.

आखिरी पलों में माहौल तब तनावपूर्ण हो गया था जब एक तकनीकी खामी के कारण अंतरिक्ष यान के इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन तक पहुंचने में 45 मिनट की देरी हुई. इसके अलावा उड़ान में सब कुछ ठीकठाक रहा.

एग्जिओम के इस दल में चार देशों के लोग हैं, जो आठ दिन तक इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर रहकर शोध करेंगे. इस दल का नेतृत्व स्पेन के जन्मे नासा एस्ट्रोनॉट माइकल लोपेज-अल्जीरिया कर रहे हैं. 63 वर्षीय लोपेज-अल्जीरिया कंपनी के वाइस प्रेजीडेंट भी हैं.

उनके डिप्टी लैरी कॉनर हैं जो ओहायो स्थित उद्योगपति और पायलट हैं. वही इस अभियान के मुख्य पायलट भी हैं. कॉनर 70 को पार कर चुके हैं. अभियान दल में निवेशक और पूर्व इस्राएली फाइटर पायलट 64 वर्षीय एतान स्टीबे और कनाडा के उद्योगपति 64 वर्षीय मार्क पैथी भी शामिल हैं.

मुस्कुराहटों से स्वागत

दल का स्वागत इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर मौजूत सात वैज्ञानिकों ने किया. ये सातों वैज्ञानिक इंटरनेशल स्पेस स्टेशन पर नियमित रूप से रहने वाले दल का हिस्सा हैं. इनमें तीन अमेरिकी, एक जर्मन और तीन रूसी अंतरिक्ष यात्री हैं.

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इस पूरी यात्रा का लाइव प्रसारण अमेरिकी अंतरिक्ष अनुसंधान एजेंसी नासा ने किया था. प्रसारण में चारों एग्जिओम अंतरिक्ष यात्रियों को मुस्कुराते हुए कैप्सूल से बाहर निकलते देखा जा सकता था. आईएसएस के क्रू ने गले लगाकर उनका स्वागत किया. उसके बाद एक औपचारिक स्वागत समारोह हुआ जिसमें दल के प्रमुख लोपेज-अल्जीरिया ने एस्ट्रोनॉट होने की निशानी को बाकी सदस्यों के कंधों पर लगाया गया.

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स्टीबे अंतरिक्ष की यात्रा करने वाले दूसरे इस्राएली हैं. इससे पहले इलान रामोन 2003 में अंतरिक्ष गए थे. वह भारतीय मूल की कल्पना चावला वाले उसी दल का हिस्सा थे जिसका विमान उतरते वक्त हादसे का शिकार हो गया था और सभी छह सदस्य मारे गए थे.

वैज्ञानिक अभियान

एग्जिओम दल अंतरिक्ष में दो दर्जन से ज्यादा वैज्ञानिक परीक्षण करने वाला है. इनमें बायोमेडिकल और अन्य परीक्षण शामिल हैं. मुख्य परीक्षणों में मस्तिष्क की सेहत, स्टेम सेल, कैंसर और उम्र का बढ़ना जैसे विषय होंगे. मिसाल के तौर पर इस्राएल की कंपनी ब्रेन डॉट स्पेस का बनाया एक विशेष हेल्मेट अंतरिक्ष में प्रयोग के लिए ले जाया गया है. इसमें खास तरह की तकनीक इस्तेमाल की गई है जो अंतरिक्ष यात्रियों की मस्तिष्क गतिविधियों का आंकलन करेगी.

यह अभियान इलॉन मस्क की कंपनी स्पेस एक्स, नासा और एग्जिओम का साझा अभियान है जिसे अंतरिक्ष में व्यवयसायिक गतिविधियों की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है. नासा अधिकारियों ने कहा कि निजी अभियानों के अंतरिक्ष में जाने का यह चलन सुनिश्चित करेगा कि उसके संसाधनों का इस्तेमाल ज्यादा से ज्यादा वैज्ञानिक अनुसंधानों के लिए किया जाए.

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वैसे तो इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर पहले भी निजी क्षमता में कई आम नागरिक गए हैं, लेकिन एग्जिओम का अभियान पहला ऐसा दल है जिसमें सभी सदस्यों को एक निजी कंपनी ने, अपने ही विशेष मकसद से भेजा है. दो साल के भीतर यह स्पेस एक्स का अंतरिक्ष में छठा अभियान है.

वीके/सीके (रॉयटर्स, एपी)

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