सौर ऊर्जा में होने लगी हैं नौकरियों की ′बरसात′ | विज्ञान | DW | 16.07.2021
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विज्ञान

सौर ऊर्जा में होने लगी हैं नौकरियों की 'बरसात'

सौर ऊर्जा क्षेत्र में हो रहे विश्वव्यापी अपार निवेश को देखते हुए नौकरियों के बड़े अवसर खुल गए हैं. जानकारों का मानना है कि इससे लाखों कामगारों को ही नहीं बल्कि पर्यावरण का भी लाभ होगा, लेकिन कुछ चुनौतियां भी हैं.

फाबियान रोखास कहते हैं, "मुझे अपना जॉब वाकई अच्छा लगता है. मैं रोमांचित हूं और बहुत कुछ सीखने को मिल रहा है.” 26 साल के अर्जेंटीनी इंजीनियर, फाबियान पश्चिमी जर्मनी के कोलोन शहर में एक छोटी कंपनी में पिछले अक्टूबर से काम कर रहे हैं. यह कंपनी छतों पर सौर पैनल लगाती है.

खुद बिजली बनाने का रोमांच

2008 से सौर पैनल बेच रही कंपनी के सीईओ रेने हेगेल ने रोखास को नौकरी पर रखा था. उस समय वो जर्मनी घूमने आए थे. इस तरह कंपनी इलाके में तेजी से बढ़ रही मांग का कुछ हिस्सा पूरा करने में सक्षम हो पा रही है.

रोखास ने डीडब्ल्यू को बताया, "हमारे पास बहुत सारी इन्क्वायरी आयी हुई हैं. मैं एक हफ्ते में कम से कम छह ऑफर सामने रखता हूं. हमारे पास अगले चार से पांच महीनों के लिए पहले से ही ऑर्डर पड़े हैं. ग्राहक अपनी बिजली खुद पैदा करना चाहते हैं, अपनी इलेक्ट्रिक कारों को चार्ज करना चाहते हैं और ग्रिड की खपत को कम करना चाहते हैं. जलवायु बचाने में ये सब काम ही आता है.”

तस्वीरों मेंः अब ऐसे बनेंगे हवाई जहाज

रोखास ग्राहकों से बात करते हैं, सौर पैनलों को उनकी जरूरत के हिसाब से बनाते हैं. कभी-कभार वह छतों पर उन्हें लगाने में भी मदद करते हैं. हेगेल के मुताबिक, "फाबियान तेजी से सीख रहे हैं. अगले कुछ महीनों में उन्हें कुछ और व्यवहारिक अनुभव हासिल हो पाएगा. और तब चीजें और बेहतर हो जाएंगी.”

जर्मन सौर इंडस्ट्रीः मदद चाहिए

सौर ऊर्जा की बढ़ती मांग को देखते हुए हेगेल को अपनी चार सदस्यों वाली टीम का विस्तार करना है. यह मांग 2000 के शुरुआती दिनों में जिस तेजी के साथ उभर कर आयी थी, वही स्थिति अब लौट आई है. जर्मनी में पांच गीगावाट वाले सौर ऊर्जा सिस्टम 2020 में लगाए गए थे. ऊर्जा क्षमता और बढ़ने की उम्मीद है. अध्ययन बताते हैं कि इस शताब्दी में वैश्विक तापमान को डेढ़ डिग्री सेल्सियस तक रखने के लिए सौर ऊर्जा में छह गुना विस्तार करना होगा, यानी हर साल 30 गीगावाट.

म्युनिख की बेवा आर.ई. कंपनी में सीओओ ग्युंटर हॉग कहते हैं कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए सोलर इंडस्ट्री में ज्यादा लोग चाहिए. तेजी से बढ़ती ये कंपनी दुनिया भर में विशाल सोलर और विंड फार्म बना रही है. 2017 में कंपनी में 1100 कर्मचारी थे, आज 2700 हैं.

हॉग कहते हैं, "हमें इंजीनियरों, वित्त विशेषज्ञों, प्रोजेक्ट डेवलेपमेंट के लिए योग्य कर्मचारियों और कस्टमर सर्विस के लिए टेक्निकल ट्रेनिंग वाले लोगों की ज़रूरत है.” कर्मचारियों की तलाश और उन्हें नौकरी पर रखने के लिए हॉग कहते हैं कि "कंपनी अच्छा-खासा निवेश करने को तैयार है और अभ्यर्थियों को खुद ही ट्रेनिंग देने की भी इच्छुक है क्योंकि इस फील्ड में कुशल कारीगर नाकाफी हैं.”

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बर्लिन में यूनिवर्सिटी ऑफ अप्लाइड साइंसेस में रिन्युएबल एनर्जी के प्रोफेसर फोल्कर क्वाशनिंग कहते हैं, "जर्मनी में इस समय फोटोवोल्टेयिक्स में करीब 50 हजार नौकरियां हैं.” वह कहते हैं कि कई लोग कोरोना संकट के चलते नयी नौकरियों की तलाश कर रहे हैं हैं. क्वाशनिंग ने डीडब्ल्यू को बताया, "इसे लेकर अपनी अप्रोच में हमें और स्मार्ट होना होगा, कुशल कारीगरों की कमी पूरी करने के लिए हमें ट्रेनिंग कार्यक्रम शुरू करने होंगे. वरना ये ऊर्जा रूपान्तरण कामगारों की कमी की वजह से फेल हो जाएगा.”

छह करोड़ से ज्यादा नौकरियां

इंटरनेशनल रिन्युएबल एनर्जी एजेंसी (आईरेना) की एक रिपोर्ट के मुताबिक 2019 में करीब एक करोड़ 15 लाख लोग पूरी दुनिया में रिन्युएबल एनर्जी सेक्टर में काम कर रहे थे. इनमें से हर तीसरा व्यक्ति सौर ऊर्जा में था.

आईरेना का मानना है कि कोरोना संकट से उबरते देशों को अर्थव्यवस्था और जॉब मार्केट की बहाली के लिए होने वाले निवेशों में नयी ऊर्जा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए. आईरेना के महानिदेशक फ्रांसेस्को ला कामेरा कहते हैं, "हमारा अनुमान है कि इस फील्ड में खर्च होने वाला हर डॉलर, फॉसिल ईंधन वाले ऊर्जा सेक्टर के मुकाबले तीन गुना ज़्यादा रोजगार सृजित करता है. बहुत सारे नीति-निर्माता, इस सेक्टर की जॉब देने की सामर्थ्य को पहचानने लगे हैं.”

सौर ऊर्जा अब बिजली उत्पादन का सबसे सस्ता माध्यम है. इसीलिए शोधकर्ताओं को उम्मीद है कि भविष्य में ये ऊर्जा के प्राथमिक स्रोत के रूप में वैश्विक जगह बना लेगी. पूरी दुनिया में इस समय करीब 850 गीगावॉट की कुल क्षमता वाले फोटोवोल्टेइक सिस्टम लगे हैं. अनुमानतः वे 190 एटमी ऊर्जा संयंत्रों जितनी बिजली पैदा करते हैं.

देखिएः सौर ऊर्जा के चैंपियन देश

अध्ययनों का अनुमान ये भी है कि वैश्विक, जलवायु-निरपेक्ष ऊर्जा आपूर्ति के लक्ष्य को हासिल करने के लिए कम से कम 60 हजार गीगावॉट सौर ऊर्जा की जरूरत होगी. इस लिहाज से सौर ऊर्जा इंडस्ट्री को मॉड्यूल उत्पादन और असेंबली के अलावा सिस्टम की देखरेख और मरम्मत के लिए अगले दशक में छह करोड़ से ज्यादा नौकरियां निकालनी होंगी.

उत्सुक बनिए और यहां नौकरी पाइये

कोलोन में कार्यरत इंजीनियर फाबियान रोखास, सोलर और विंड पावर के साथ साथ ऊर्जा बचाने वाली नयी प्रौद्योगिकियों से खासे प्रभावित हैं. वह नियमित रूप से इन विषयों पर अपने एक अर्जेंटीनी दोस्तों के साथ वीडियो कॉल पर बातचीत करते हैं जो अमेरिका में सोलर पावर सिस्टम लगाने जा रहा है.

रोखास कहते हैं, "सौर ऊर्जा की जरूरत पूरी दुनिया में हैं और इसीलिए इस फील्ड में काम करने वालों की दुनिया भर में मांग बढ़ी हैं.” उनके मुताबिक यूरोप के अलावा ये बात एशिया और दक्षिण अमेरिका के लिए भी उतनी ही सच है. 

इस इंडस्ट्री में काम करने के इच्छुक लोगों के लिए रोखास की सलाह है- प्रोएक्टिव बनने की. कहते हैं, "खुद को शिक्षित करो, इंटर्नशिप करो. खुशकिस्मती से इंटरनेट पर भी बहुत सारी जानकारी है.” दुनिया में दूसरी जगहों में भी वह सोलर सेक्टर में बहुत से मौके देखते हैं और अपना ज्ञान और अनुभव बांटने को भी तैयार हैं: "मैं यह देखने को बेताब हूं कि हमारे दरवाजे पर अगली दस्तक कौन देगा.”

रिपोर्टः  गेरो रुइटर

वीडियो देखें 04:04

सोलर एनर्जी से फूलों की खेती

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