नहीं मिला उत्तर कोरिया और ईरान के खिलाड़ियों को तोहफा | दुनिया | DW | 07.02.2018
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दुनिया

नहीं मिला उत्तर कोरिया और ईरान के खिलाड़ियों को तोहफा

दक्षिण कोरिया में हो रहे शीत ओलंपिक खेलों में हिस्सा लेने वाले सभी खिलाड़ियों को सैमसंग कंपनी ने अपने आधुनिक फोन तोहफे में दिए. लेकिन यूएन के प्रतिबंधों की वजह से ईरान और उत्तर कोरिया के खिलाड़ी इस तोहफे से महरूम रहे.

दक्षिण कोरियाई कंपनी सैमसंग प्योंगचांग में हो रहे शीत ओलंपिक खेलों की प्रायोजक है. उसने खेलों में हिस्सा ले रहे दुनिया भर के चार हजार खिलाड़ियों और अधिकारियों को गैलेक्सी नोट 8 फोन तोहफे में दिए. लेकिन प्योंगचांग खेलों की आयोजन समिति के प्रवक्ता ने एएफपी को बताया, "उत्तर कोरिया और ईरान के खिलाड़ियों को संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों के कारण इसमें शामिल नहीं किया जाएगा." सैमसंग के इस फोन की कीमत लगभग 920 डॉलर है.

उत्तर कोरिया ने अपने 22 खिलाड़ी शीत ओलंपिक में हिस्सा लेने के लिए भेजे हैं. इसमें से सिर्फ दस ही अपने देश के लिए खेलेंगे. बाकी 12 खिलाड़ी संयुक्त कोरिया महिला आइस हॉकी टीम के रोस्टर पर हैं.

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उत्तर कोरिया के खिलाड़ियों की 2018 के शीत ओलंपिक में भागीदारी से कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव घटने के संकेत हैं. लेकिन कई आलोचकों का कहना है कि उत्तर कोरिया अपने ऊपर लगे प्रतिबंधों को कमजोर करने के लिए प्योंगचांग खेलों का सहारा ले रहा है. परमाणु हथियारों और रॉकेट परीक्षणों के चलते उत्तर कोरिया पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगे हैं.

इससे पहले रिपोर्टें मिली थी कि आयोजन समिति इस बात को लेकर कशमकश का शिकार है कि उत्तर कोरिया और ईरान के खिलाड़ियों को सैमसंग फोन दिए जाए या नहीं. वैसे अंततराष्ट्रीय ओलंपिक समिति ने आयोजकों को मशविरा दिया था कि उत्तर कोरिया के खिलाड़ी खेलों के दौरान फोन इस्तेमाल कर सकते हैं लेकिन उन्हें अपने देश वापस जाते समय ये फोन लौटाने होंगे.

दक्षिण कोरिया बेहद सावधानी के साथ उत्तर कोरियाई खिलाड़ियों का स्वागत कर रहा है. एक तरफ वह तनाव को कम करने के लिए शांति का संदेश देना चाहता है, तो दूसरी तरफ उसके लिए यह भी जरूरी है कि ऐसा कोई कदम न उठाए जिससे उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम से परेशान उसके पश्चिम सहयोगी खफा हों.

एके/एमजे (एपी एएफपी)

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