हवा में मौजूद कोरोना वायरस को मारने वाली लेजर डिवाइस | विज्ञान | DW | 05.07.2021
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विज्ञान

हवा में मौजूद कोरोना वायरस को मारने वाली लेजर डिवाइस

संयुक्त राष्ट्र के साथ काम कर रहे एक वैज्ञानिक अनुसंधान केंद्र ने इटली की एक टेक कंपनी के साथ मिलकर एक ऐसी डिवाइस बनाई है जो कोरोनावायरस के कणों को लेजर से कत्ल कर सकती है.

वैज्ञानिकों ने एक ऐसी लेजर डिवाइस बनाई है, जो चार दीवारी के भीतर मौजूद कोनोवायरस कणों को मार सकती है. उत्तरी इटली के शहर ट्रिस्टे में स्थित इंटरनेशनल सेंटर फॉर जेनेटिक इंजीनियरिंग एंड बायोटेक्नोलजी (ICGEB) और लेजर उपकरण बनाने वाली स्थानीय कंपनी एल्टेक के-लेजर ने मिलकर ये प्रयास पिछले साल शुरू किया था, जब इटली कोविड-19 की मार झेल रहा था.

उन्होंने एक ऐसी डिवाइस बनाई है जिसमें से निकलने वाली हवा को लेजर बीम से होकर गुजारा जाता है और वह वायरस और बैक्टीरिया को खत्म कर देती है. ICGEB में कार्डियोवस्कुलर बायोलॉजी ग्रुप की प्रमुख सेरेना जकिन्या बताती हैं, "मैं तो सोचती थी कि लेजर नीम हकीमों के लिए होती हैं, डॉक्टरों के लिए नहीं. लेकिन मुझे अपनी राय बदलनी पड़ी. इस डिवाइस ने 50 मिलीसेकंड में वायरस को खत्म कर दिया.”

खतरनाक तो नहीं?

कोविड-19 महामारी के दौरान चारदीवारी के भीतर की जगहों को संक्रमण से मुक्त रखना एक बड़ी चुनौती साबित हुआ है. और इस महामारी को फैलने से रोकने में अंदर वायरस-मुक्त माहौल एक जरूरत बन गया है. जकीन्या ने इटली के इंजीनियर फ्रैंचेस्को जनाटा के साथ करार किया है, जो एल्टेक के-लेजर के संस्थापक हैं. उनकी कंपनी चिकित्सा में उपयोग होने वाले लेजर उत्पाद बनाती है.

हालांकि इस शोध को लेकर कई वैज्ञानिकों ने चेतावनी भी दी है. उनका कहना है कि कोरोनावायरस को मारने के लिए लाइट आधारित तकनीक सुरक्षित नहीं होगी. जर्नल ऑफ फोटोकेमिस्ट्री एंड फोटोबायोलॉजी में पिछले साल नवंबर में एक अध्ययन छपा था जिसमें लाइट आधारित डिवाइस से कैंसर का खतरा बताया गया था.

वीडियो देखें 06:36

बमों को बेकार करने वाली लेजर लाइट

लेकिन जकिन्या और जानाटा ने इन खतरों को खारिज करते हुए कहा है कि लेजर कभी इन्सान की त्वचा के संपर्क में नहीं आती. जनाटा ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया, "हमारी डिवाइस कुदरत के खिलाफ कुदरत को इस्तेमाल करती है. यह सौ फीसदी सुरक्षित है और इसे पूरी तरह रीसाइकल किया जा सकता है.”

खामियां भी हैं

लेकिन इस तकनीक की एक खामी यह है कि वायरस और बैक्टीरिया हवा में ही खत्म किए जा सकते हैं. अगर वे हवा से फर्श या किसी सतह पर गिर जाएं तो लेजर काम नहीं करेगी. इसके अलावा यदि वायरस छींक से या किसी के ऊंचा बोलने से दूसरे व्यक्ति तक पहुंचा तो यह लेजर उसका कुछ नहीं बिगाड़ पाएगी. एल्टेक को इस डिवाइस के लिए पेटेंट मिल गया है और अब कंपनी इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लेजाने की कोशिश कर रही है.

यह डिवाइस आसानी से एक से दूसरी जगह ले जायी जा सकती है. इसकी ऊंचाई पांच फुट 9 इंच और वजन लगभग 25 किलोग्राम है. कंपनी का कहना है कि इस से एयरकंडिशनिंग यूनिट में भी लगाया जा सकता है. कंपनी को ग्राहक भी मिलने लगे हैं. डिवाइस में दिलचस्पी दिखाने वालों में जर्मनी की ईकोकेयर कंपनी शामिल है, जो वैक्सीनेशन की टेस्टिंग के क्षेत्र में काम करती है. ईकोकेयर के प्रवक्ता ने बताया, "हमारी कंपनी जर्मनी और यूएई के बाजार के लिए इस डिवाइस का लाइसेंस लेना चाहती है.”

वीके/सीके (रॉयटर्स)

देखिए, भारत में कितने कोरोना

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