जीपीएस के जरिए समंदरी कछुओं की रक्षा | ताना बाना | DW | 11.08.2017
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ताना बाना

जीपीएस के जरिए समंदरी कछुओं की रक्षा

समुद्री कछुओं की लगभग सभी प्रजातियों के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है. और इसकी बड़ी वजह इंसानी गतिविधियां हैं. उत्तरी साइप्रस में जीवविज्ञानी जीपीएस और जागरूकता बढ़ाकर उन्हें बचाने में जुटे हैं.

Flash-Galerie Luxus-Resorts (Olga Khoroshunova - Fotolia)

यहां कछुए करते हैं इंसानों का स्वागत

स्पेन के नाविक पहली बार 1535 में गालापागोस द्वीपों पर पहुंचे थे. इंसान इस सुंदर इलाके के वन्यजीवन के लिए खतरा रहे हैं, लेकिन अब संरक्षण की कोशिशें रंग ला रही हैं. यहां सैलानी भी आ रहे हैं और इस द्वीप को खतरा भी नहीं है.

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