पाकिस्तान विमान दुर्घटना: कोरोना के वजह से चिंतित था पायलट! | दुनिया | DW | 24.06.2020
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दुनिया

पाकिस्तान विमान दुर्घटना: कोरोना के वजह से चिंतित था पायलट!

पीआईए विमान दुर्घटना के ठीक एक महीने बाद इस पर रिपोर्ट जारी की गई है, जिसमें विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने की वजह दोनों पायलटों के बीच कोरोना को ले कर चल रही बातचीत को बताया गया है.

22 मई को कराची में हुई इस दुर्घटना में 97 लोग मारे गए थे. विमान ने दूसरी बार लैंड करने की कोशिश की थी और रनवे पहुंचने से ठीक पहले हवाईअड्डे के पास के रिहाइशी इलाके में वह क्रैश हो गया था. इस दुर्घटना में विमान में सवार केवल दो लोगों की जान बच पाई थी. संसद में अपनी रिपोर्ट पेश करते हुए पाकिस्तान के उड्डयन मंत्री गुलाम सरवर खान ने कहा कि लैंडिंग की पहली कोशिश में इंजन सही सलामत था. उन्होंने बताया कि फ्लाइट डाटा रिकॉर्डर दिखाता है कि विमान को पहले दस नॉटिकल माइल पर उतारा गया और फिर अचानक ही पांच नॉटिकल माइल पर फिर से उठा लिया गया, जो कि उनके अनुसार "समझ के बाहर" है. उन्होंने कहा कि विमान में किसी तरह की तकनीकी खराबी नहीं थी और वह उड़ान के लिए 100 फीसदी फिट था लेकिन विमान के दोनों पायलटों का "ध्यान भटका हुआ" था.

खान ने बताया कि उन्होंने कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर में दोनों पायलटों की बातचीत को सुना, "वे पूरा वक्त कोरोना के बारे में बात कर रहे थे. कोरोना उनके दिमाग पर छाया हुआ था. उनके परिवार इससे प्रभावित थे और वे इसी पर चर्चा करते जा रहे थे." हालांकि समाचार एजेंसी रॉयटर्स को प्राप्त रिपोर्ट की कॉपी में कोरोना का कोई जिक्र नहीं है. उसमें लिखा गया है कि पायलटों ने प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया. रिपोर्ट में लिखा गया है, "ओवर स्पीड, लैंडिंग गियर का नीचे होना और विमान के जमीन से बहुत करीब होने जैसी कई चेतावनियों को नजरअंदाज किया गया. लैंडिंग के दौरान लैंडिंग गियर बंद किया हुआ था, विमान अपने इंजन पर लैंड हुआ."

पायलटों के बारे में खान ने कहा है, "कैप्टन और को-पायलट दोनों अनुभवी थे और चिकित्सीय रूप से फिट थे." पर साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वे ओवर-कॉन्फिडेंट थे और दोनों ने ही एयर ट्रैफिक कंट्रोल के नियमों का उल्लंघन किया. उन्होंने कहा कि रनवे से 16 किलोमीटर की दूरी पर फ्लाइट जमीन से 7,220 फीट ऊपर थी, जबकि उस वक्त उसे 2,500 फीट पर होना चाहिए था. एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने पायलटों का इस ओर ध्यान दिलाया और उन्हें लैंड ना करने की चेतावनी दी. उन्हें कहा गया कि वे एक बार घूम कर नीचे आएं लेकिन पायलट ने कहा, "मैं कर लूंगा" और इसके बाद दोनों फिर से कोरोना पर बात करने लगे. खान ने यह भी कहा कि जांच रिपोर्ट बताती है कि पायलटों ने अंत तक किसी तकनीकी खराबी की बात नहीं की थी. खान के अनुसार पायलट के आखिरी शब्द थे, "ओह गॉड, ओह गॉड, ओह गॉड."

इस दुर्घटना की पूरी रिपोर्ट इस साल के अंत तक आने की उम्मीद है. इससे पहले 2010 में पाकिस्तान में एक निजी कंपनी का विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था जिसमें 152 लोगों की जान गई थी. उस वक्त भी पायलट को ही दोषी बताया गया था. रिपोर्ट में कहा गया था कि पायलट कॉकपिट के माहौल की वजह से असमंजस में था.

आईबी/एके (एएफपी, रॉयटर्स)

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