बीते दशकों में आधुनिक खेती से फलों-सब्जियों की विविधता पर बुरा असर देखा गया है. भारत में देसी फल-सब्जियों की बहुत सी प्रजातियां हाल के वर्षों में लुप्त हो गई हैं. तमिलनाडु के कुछ युवा किसान पुराने बीजों को बचाने के लिए कोशिशें कर रहे हैं. उन्हें शुरुआती स्तर पर सफलता मिली है.