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राजनीतिफलीस्तीन

अमेरिका के बाद जर्मनी ने भी नेतन्याहू को चेताया

१८ मार्च २०२४

इस्राएल के प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतन्याहू मिस्र के बॉर्डर से सटे राफा शहर पर सैन्य कार्रवाई करना चाहते हैं. नेतन्याहू के रुख से अब मित्र देश भी नाराज हो रहे हैं.

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साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शॉल्त्स (बाएं) और नेतन्याहू
तस्वीर: Kay Nietfeld/dpa/picture alliance

अल-शिफा गाजा का सबसे बड़ा अस्पताल है. इस्राएली सेना ने सोमवार को एक बयान में कहा कि सैनिक "शिफा अस्पताल के इलाके में बहुत ही सटीक ऑपरेशन कर रहे हैं. हमास के सीनियर आतंकवादी अस्पताल का इस्तेमाल कर रहे हैं, ऐसा इशारा करने वाली खुफिया जानकारी के आधार पर ही यह ऑपरेशन किया जा रहा है."

दुनिया में विस्थापित लोगों की संख्या रिकॉर्ड स्तर पर

चश्मदीदों के मुताबिक इस्राएली टैंकों ने अस्पताल की घेराबंदी की है. एक प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक इस्राएली सेना ने अस्पताल के आस पास रॉकेट हमले किए हैं. गाजा में काम करने वाले हमास के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, अस्पताल परिसर में हजारों की संख्या में विस्थापित लोगों ने शरण ली है.

इस्राएली सेना का कहना है कि अरबी बोलने वाले अनुवादकों की मदद से अस्पताल में भर्ती मरीजों और मेडिकल स्टाफ से बातचीत की जा रही है. सेना के मुताबिक, "मरीजों और स्वास्थ्य कर्मियों के सामने जगह खाली करने की बाध्यता नहीं है."

नवंबर 2023 में अल-शिफा अस्पताल के बाहर इस्राएली सेना
नवंबर 2023 में अल-शिफा अस्पताल के बाहर इस्राएली सेनातस्वीर: Victor R. Caivano/AP Photo/picture alliance

30 हजार से ज्यादा लोगों की मौत

इस्राएली सेना ने नवंबर 2023 में भी अल-शिफा अस्पताल पर सैन्य कार्रवाई की थी. अंतरराष्ट्रीय मंच पर इसकी काफी आलोचना हुई. समाचार एजेंसियों से मिली जानकारी के मुताबिक सात अक्टूबर को इस्राएल पर हमास के हमले के बाद से ही इस्राएली सेना गाजा में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े प्रतिष्ठानों पर हमले करती आ रही है. न्यूज एजेंसी एएफपी ने बताया कि हमास के हमले में इस्राएल में करीब 1,160 लोगों मौत हुई और इनमें ज्यादातर आम नागरिक थे.

कौन हैं हूथी और क्यों कर रहे हैं जहाजों पर हमले?

हमले के दौरान फलीस्तीनी उग्रवादियों ने करीब 250 इस्राएलियों और विदेशियों को बंधक भी बनाया. नवंबर में एक हफ्ते की शांति के दौरान इनमें से दर्जनों बंधकों को रिहा किया गया. लेकिन इस्राएल का आरोप है कि 130 बंधक अब भी गाजा में कैद हैं. इनमें से 25 आम नागरिकों और आठ सैनिकों की मौत का अंदेशा है.

हमास के आतंकी हमले के बाद से ही इस्राएल, फलीस्तीन में बड़े स्तर पर सैन्य कार्रवाई कर रहा है. संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक गाजा में 155 हेल्थ फैसिलिटीज को नुकसान पहुंचा है. फलस्तीनी क्षेत्र के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक इस्राएली कार्रवाई में अब तक कम से कम 31,645 लोग मारे जा चुके हैं. मृतकों में महिलाओं और बच्चों की संख्या सबसे ज्यादा है.

राफा में रमजान के दौरान खाने को तरसते लोग
राफा में रमजान के दौरान खाने को तरसते लोगतस्वीर: Mohammed Salem/REUTERS

अमेरिकी चेतावनी के बाद जर्मनी की नसीहत

इस्राएल की सैन्य कार्रवाई, तेल अवीव के कई भरोसेमंद दोस्तों को भी परेशान कर रही है. अमेरिका समेत इस्राएल के अन्य पश्चिमी साझेदार भी इस्राएली प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतन्याहू को चेतावनी दे रहे हैं कि वह मिस्र की सीमा से सटे फलीस्तीनी इलाके, राफा में पूरी ताकत से सैन्य ऑपरेशन ना करें. राफा गाजा का अकेला ऐसा शहर है, जहां अभी तक इस्राएली थल सेना नहीं पहुंची है.

जर्मन चांसलर ओलाफ शॉल्त्स ने इस्राएल से गाजा तक बड़े पैमाने पर मानवीय मदद करने की फिर से अपील की है. शनिवार को शॉल्त्सदो दिवसीय दौरे पर पहले जॉर्डन पहुंचे. जॉर्डन के राजा किंग अब्दुल्लाह से मुलाकात के बाद जर्मन चांसलर इस्राएल रवाना हुए.

साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शॉल्त्स (बाएं) और नेतन्याहू
साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शॉल्त्स (बाएं) और नेतन्याहूतस्वीर: Michael Kappeler/dpa/picture alliance

इस्राएल में प्रधानमंत्री नेतन्याहू के साथ एक साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान चांसलर शॉल्त्स ने भी राफा का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इस तरह के अभियान में "बड़ी संख्या में लोग हताहत होंगे" और "इससे इलाके में शांति स्थापित करने की कोई भी कोशिश बहुत ही मुश्किल हो जाएगी."

प्रेस कॉन्फ्रेंस में शॉत्ल्स और उनके बगल में खड़े नेतन्याहू के बीच तल्खी भी साफ दिखी. नेतन्याहू ने कहा, "राफा से आतंकवादियों की बटालियनों को खत्म करने के साथ ही हमारा मकसद आम नागरिकों को राफा छोड़ने का मौका देना भी है."

इस्राएली पीएम के मुताबिक, "हम आबादी को एक जगह पर कैद करके ऐसा नहीं करने जा रहे हैं."

इस दावे के बाद जर्मन चांसलर ने पत्रकारों के सामने ही नेतन्याहू से पूछा कि, "वे कहां जाएंगे?"

वॉशिंगटन भी चेतावनी देते हुए कह चुका है कि राफा में कार्रवाई करने से पहले इस्राएल को "साफ और लागू करने लायक योजना" पेश करनी होगी, ताकि आम नागरिकों को किसी तरह का नुकसान ना पहुंचे.

ओएसजे/आरपी (डीपीए, एएफपी)